प्रदेश की 19 मिलें लगातार दाम बढ़ाती जा रही हैं, जिससे चीनी के दाम आठ दशक के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए हैं। डेढ़ माह के भीतर 17 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है और पिछले एक पखवाड़े से रोजाना एक से दो रुपये दाम बढ़ रहा है। बुधवार को अलीगढ़ में चीनी 61 रुपये प्रति किलोग्राम में बिक रही थी। जुलाई में छह रुपये किलो तक भाव बढ़े थे, तब से कम नहीं हुए हैं। डेढ़ माह में 17 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। चीनी मिलों में एथनॉल उत्पादन बढ़ाए जाने चीनी उत्पादन कम हुआ है और भाव बढ़े हैं। -विशाल भगत, थोक व्यापारी। चीनी की कीमत रोजाना बढ़ने से अब ग्राहक बहस कर रहे हैं। उन्हें समझाना मुश्किल हो रहा है। सावन और त्योहारी सीजन में चीनी की मांग बढ़ने का भी असर है।-मनोज कुमार, फुटकर व्यापारी। चीनी की कीमतें अपने रिकाॅर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। महंगाई से परेशान आम आदमी के लिए यह एक और बड़ा झटका है। अब घर पर भी कुछ मीठा बनाना मुश्किल हो रहा है। -सुभाष राजा, फुटकर व्यापारी। कुछ व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में चीनी की कीमत 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। रोजाना बढ़ रहे दाम से बाजारों में दुकानदार-ग्राहकों के बीच बहस भी शुरू हो गई है। चीनी की इस महंगाई की वजह गन्ना से अधिकाधिक मात्रा में एथनॉल के निर्माण को बताया जा रहा है। थोक व्यापारियों के अनुसार चीनी के भाव को नियंत्रित करने और घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार अक्तूबर से एथनॉल उत्पादन में गन्ना के इस्तेमाल को सीमित करने पर विचार कर रही है, जिससे आपूर्ति बढ़ेगी और भाव नियंत्रित होंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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