Mann ki Baat LIVE: 'ऑपरेशन सिंदूर हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक बन गया', मन की बात में बोले पीएम मोदी

11:41 AM, 28-Dec-2025 ‘हमारा दायित्व है कि हम अपनी विरासत को न भूलें’ साथियो, ये हमारा दायित्व है कि हम अपनी विरासत को ना भूलें। हम आजादी दिलाने वाले नायक-नायिकाओं की महान गाथा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाएं | आपको याद होगा जब हमारी आजादी के 75 वर्ष हुए थे, तब सरकार ने एक विशेष website तैयार की थी | इसमें एक विभाग ‘Unsung Heroes’ को समर्पित किया गया था | आज भी आप इस website पर visit करके उन महान विभूतियों के बारे में जान सकते हैं जिनकी देश को आजादी दिलाने में बहुत बड़ी भूमिका रही है। साथियो, ये हमारा दायित्व है कि हम अपनी विरासत को ना भूलें। हम आजादी दिलाने वाले नायक-नायिकाओं की महान गाथा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाएं | आपको याद होगा जब हमारी आजादी के 75 वर्ष हुए थे, तब सरकार ने एक विशेष website तैयार की थी | इसमें एक विभाग ‘Unsung Heroes’ को समर्पित किया गया था | आज भी आप इस website पर visit करके उन महान विभूतियों के बारे में जान सकते हैं जिनकी देश को आजादी दिलाने में बहुत बड़ी भूमिका रही है। 11:39 AM, 28-Dec-2025 स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि जी को पीएम मोदी ने किया याद साथियो, अगले महीने हम देश का 77वाँ गणतंत्र दिवस मनाएंगे। जब भी ऐसे अवसर आते हैं, तो हमारा मन स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता के भाव से भर जाता है | हमारे देश ने आजादी पाने के लिए लंबा संघर्ष किया है | आजादी के आंदोलन में देश के हर हिस्से के लोगों ने अपना योगदान दिया है | लेकिन, दुर्भाग्य से आजादी के अनेकों नायक-नायिकाओं को वो सम्मान नहीं मिला, जो उन्हें मिलना चाहिए था | ऐसी ही एक स्वतंत्रता सेनानी हैं - ओडिशा की पार्वती गिरि जी | जनवरी 2026 में उनकी जन्म-शताब्दी मनाई जाएगी | उन्होंने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 28, 2025 · 2 min · National Desk

विनय त्यागी की कहानी: पत्नी को तीसरी बार चुनाव लड़ाने की तैयारी, पहला अपहरण..आखिरी चोरी; इस केस से बढ़ी मुसीबत

1 of 15 vinay tyagi attack - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स उत्तराखंड की सीमा पर बसे खाईखेड़ी के किसान परिवार में जन्मा विनय त्यागी का बचपन मेरठ में बीता। पिता सेवाराम मेडिकल कॉलेज में क्लर्क थे। छात्र जीवन से ही इकलौता बेटा अपराध की राह पर चल पड़ा। वर्ष 1985 से अब तक कई मुकदमे दर्ज हुए लेकिन कभी अदालत में आरोप साबित नहीं हुआ। दिल्ली से देहरादून के बीच चार दशक तक मुजफ्फरनगर के खाईखेड़ी गांव के विनय त्यागी उर्फ टिंकू की दहशत रही। पढ़ाई के दौरान 1985 में मेरठ के सिविल लाइन थाने में अपहरण का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। आखिरी बार देहरादून में डॉ. प्रमोद त्यागी के घर खड़ी कार से जेवर, रुपये और कीमती सामान चोरी के मामले में नाम आया। पुरकाजी ब्लॉक से पत्नी निशी त्यागी को दो बार ब्लॉक प्रमुख बनाया और तीसरी बार चुनाव की तैयारी चल रही थी। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 15 गैंगस्टर विनय त्यागी का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी ‘विनय ने सौ से ज्यादा अपराध किए’ वर्ष 1992 और 1993 में रुड़की में लूट, डकैती और जानलेवा हमले के मुकदमे दर्ज हुए। इसके बाद विनय ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। आखिरी मुकदमा दर्ज कराने वाले देहरादून में रह रहे हापुड़ के डॉ. प्रमोद त्यागी ने बयान में यह भी दावा किया कि विनय ने सौ से ज्यादा अपराध किए हैं। 3 of 15 गैंगस्टर विनय त्यागी के अंतिम यात्रा के दौरान विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी आरोप लगाया कि टिंकू हत्या कर लाश गायब कर देता है। उधर, अदालत में जमानत पर सुनवाई के दौरान टिंकू के अधिवक्ता ने कहा कि वह 12 मुकदमों में दोषमुक्त हो चुका है। 4 of 15 एम्स ऋषिकेश की मोर्चरी के बाहर बैठे विनय त्यागी के परिजन - फो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 28, 2025 · 2 min · National Desk

Nepal: बालेन शाह बने नेपाल में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार, आम चुनाव के लिए आरएसपी के साथ हुआ समझौता

काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बलेंद्र शाह, जिन्हें लोकप्रिय रूप से बालेन के नाम से जाना जाता है, को रविवार को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नामित किया गया, क्योंकि उन्होंने और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने 5 मार्च को होने वाले नेपाल चुनावों में संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। रात भर चली लंबी बातचीत के बाद हुए सात सूत्रीय समझौते के तहत 35 वर्षीय बालेन को संसदीय दल का नेता और प्रधानमंत्री पद का चेहरा नामित किया गया। वहींस रबी लामिछाने भंग हो चुकी प्रतिनिधि सभा में चौथी सबसे बड़ी पार्टी, RSP के अध्यक्ष के रूप में बने रहेंगे। समझौते के अनुसार बालेन और उनका समूह चुनाव आयोग की ओर से दिए गए आरएसपी के चुनाव चिन्ह ‘घंटी’ पर चुनाव लड़ेगा। बालेन की ओर से अपनी टीम का आरएसपी में विलय करने पर सहमति जताने के बाद पार्टी का नाम, झंडा और चुनाव चिन्ह अपरिवर्तित रहेंगे।समझौते के बाद लामिछाने ने कहा कि आम सहमति में व्यक्तिगत नेताओं की महत्वाकांक्षाओं के बजाय देश की जरूरतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने रविवार सुबह फेसबुक पोस्ट में ये बातें साझा कीं। समझौते में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ युवा पीढ़ी की ओर से शुरू किए गए आंदोलन की जिम्मेदारी ली है। आंदोलन के दौरान घायल हुए लोगों सहित जेनरेशन जेड के प्रदर्शनकारियों की उठाई गई मांगों को पूरा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह समझौता उन उभरती हुई युवा नेतृत्व वाली राजनीतिक ताकतों को एकजुट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिन्होंने सितंबर आंदोलन का नेतृत्व किया था, जिसके कारण केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 28, 2025 · 2 min · National Desk

Digvijaya Singh: 'मैं आरएसएस की संगठन क्षमता का प्रशंसक', दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस की इस कमी को किया उजागर

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं दिग्विजय सिंह ने फिर की संघ की संगठन क्षमता की तारीफ दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘मैं शुरुआत से ही कहता आ रहा हूं कि मैं संघ की विचारधारा का विरोधी हूं। वे न पूरी तरह से संविधान को मानते हैं और न ही देश के कानून को, और यह एक अपंजीकृत संगठन है। लेकिन मैं संघ की संगठन क्षमता का प्रशंसक हूं। यह ऐसा संगठन है, जो पंजीकृत भी नहीं है और फिर भी इतना ताकतवर बन गया कि देश के प्रधानमंत्री लालकिले से कहते हैं कि यह दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है। अगर ये एनजीओ है तो फिर कहां हैं इसके नियम और कायदे कहां गए? लेकिन मैं उनकी संगठन क्षमता का कायल हूं।’ कांग्रेस पार्टी की कमजोरी भी बताई दिग्विजय सिंह से जब कांग्रेस की संगठन क्षमता को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘मैं इतना ही कह सकता हूं कि कांग्रेस पार्टी में सुधार की गुंजाइश है और हर संगठन में सुधार की गुंजाइश होती है। कांग्रेस पार्टी आधारभूत तौर पर आंदोलन की पार्टी है और कई बार कांग्रेस पार्टी ने आंदोलन किए और हमेशा कांग्रेस आंदोलन की पार्टी रहेगी, लेकिन आंदोलन को वोटों में बदलने में कांग्रेस पार्टी चूक जाती है।’ ये भी पढ़ें- दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी की तस्वीर की थी साझा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक शुरू होने से ठीक पहले अचनाक चर्चा में आ गए। कारण था उनका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किया गया पोस्ट, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की एक पुरानी तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में पीएम मोदी लालकृष्ण आडवाणी के पैरों …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 28, 2025 · 2 min · National Desk

Pakistan: 'ऑपरेशन सिंदूर के समय बंकरों में छिपी थी PAK सेना', जरदारी का कबूलनामा; फिर हुई पाकिस्तान की किरकिरी

आतंकियों के पनाहगार पाकिस्तान को हमेशा से ही अपनी बुजदिल हरकतों के चलते वैश्विक मंच पर शर्मसार होना पड़ता है। ऐसे में एक बार फिर ऐसी स्थिति तब आई जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपनी ताकत का झूठा बखान करने वाला नापाक पड़ोसी पाकिस्तान की सेना और उसके हालात को लेकर नया और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। ये खुलासा किसी और ने नहीं खुद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने किया है। Breaking News Pakistan’s President Asif Ali Zardari aka Zarwari admitted in a public gathering that his military was hiding in the bunkers and advised him to hide inside the bunkers. Reply to India Prime Minister Modi"s @narendramodi remarks " Roti Khau Warna Goli Tho Hai He"… pic.twitter.com/RRwxtfwErF— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) December 27, 2025 पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी ने बताया कि कैसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना बंकर में छिपी हुई थी। एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान जरदारी ने यह स्वीकार किया कि तनाव के हालात में पाकिस्तान की सेना बंकरों में छिपी हुई थी और उन्हें खुद भी बंकर में रहने की सलाह दी गई थी।बता दें कि राष्ट्रपति जरदारी का यह बयान पाकिस्तान की कमजोर स्थिति को उजागर करता है। गंभीर आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और कर्ज में डूबे पाकिस्तान के पास न तो मजबूत अर्थव्यवस्था है और न ही लंबी सैन्य तैयारी की क्षमता। ऐसे में पाकिस्तानी सेना के बंकरों में छिपने की बात यह दिखाती है कि पाकिस्तान अंदर से असुरक्षित और दबाव में है।पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने 6-7 मई की दरमियानी रात को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 28, 2025 · 2 min · National Desk

Russia-Ukraine War: 'यूक्रेन ने नहीं माना शांति समझौता तो..', ट्रंप-जेलेंस्की की बैठक से पहले पुतिन की चेतावनी

रूस और यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने को लेकर रविवार को फ्लोरिडा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अहम बातचीत करने वाले है। ऐसे में इस बैठक से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की को दो टूक अंदाज में बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन शांति के रास्ते से युद्ध खत्म करने में कोई खास रुचि नहीं दिखा रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो रूस अपने विशेष सैन्य अभियान के सभी लक्ष्य सैन्य ताकत के जरिए पूरे करेगा। पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस ने यूक्रेन पर हमले और तेज कर दिए हैं और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फ्लोरिडा में अहम बैठक होने वाली है। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक पुतिन ने कहा कि अगर कीव के अधिकारी इस मुद्दे को शांति से हल नहीं करना चाहते, तो हम अपने सामने रखे गए सभी काम सैन्य तरीके से पूरे करेंगे।पुतिन ने आगे कहा कि यूक्रेन की मौजूदा सरकार शांति समझौते को लेकर कोई जल्दी नहीं दिखा रही है। उन्होंने बताया कि वह इस बारे में एक साल पहले भी रूस के विदेश मंत्रालय में दिए गए भाषण में कह चुके हैं। उनका कहना था कि आज भी दुर्भाग्य से हम देख रहे हैं कि कीव के नेता इस संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म करने के लिए गंभीर नहीं हैं।बता दें कि पुतिन का यह बयान एक बड़े रूसी हमले के बाद आया है। रूस ने रातभर में करीब 500 ड्रोन और 40 मिसाइलें कीव और आसपास के इलाकों पर दागीं। इस हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और करीब 27 लोग घायल हुए हैं। ऐसे में यूक्रेन के राष्ट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 28, 2025 · 2 min · National Desk

Bangladesh: बांग्लादेश चुनाव से पहले छात्र-नेतृत्व वाली एनसीपी में दरार, जमात से गठबंधन पर फूट खुलकर आई सामने

बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले आम चुनाव से पहले छात्र आंदोलन से उभरी नेशनल सिटिजन पार्टी में गंभीर आंतरिक संकट सामने आ गया है। जमात-ए-इस्लामी के साथ संभावित चुनावी गठबंधन को लेकर पार्टी के भीतर तीखा विरोध शुरू हो गया है। हालात इतने बिगड़ गए कि पार्टी के 30 नेताओं ने संयुक्त पत्र जारी कर गठबंधन का विरोध किया, जबकि दो वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। एनसीपी के संयुक्त सदस्य-सचिव मुशफिक उस सालेहीन ने बताया कि यह पत्र पार्टी संयोजक नाहिद इस्लाम को भेजा गया है। पत्र में कहा गया है कि जमात के साथ गठबंधन पार्टी की घोषित विचारधारा, ‘जुलाई विद्रोह’ की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। नेताओं ने जमात के 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान कथित भूमिका और उसके विवादित इतिहास का भी उल्लेख किया है।पत्र में यह आरोप भी लगाया गया है कि जमात की छात्र इकाई छात्र शिबिर ने बीते समय में अन्य दलों में घुसपैठ कर एनसीपी को बदनाम करने और गलत सूचना फैलाने की कोशिश की। नेताओं का कहना है कि ऐसे गठबंधन से पार्टी की विश्वसनीयता को गहरी चोट पहुंचेगी और युवा समर्थकों में निराशा फैलेगी। इस विवाद के बीच पार्टी की वरिष्ठ संयुक्त सदस्य-सचिव तसनीम जारा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और आगामी चुनाव स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर लड़ने का एलान किया। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का हवाला दिया, हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर जमात गठबंधन को इस्तीफे का कारण नहीं बताया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनके पति और पार्टी के संयुक्त संयोजक खालिद सैफुल्लाह ने भी संगठन छोड़ दिया है।स्थानीय अखबारों के मुताबिक, पार्टी की कई महिला नेता भी धार्मिक दलों से गठब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 28, 2025 · 2 min · National Desk

Bangladesh: 'यह सपना नहीं, बांग्लादेश के लिए योजना...', 17 साल बाद वतन वापसी पर तारिक रहमान ने लिखा खुला पत्र

बांग्लादेश की राजनीति में एक भावनात्मक और ऐतिहासिक पल तब देखने को मिला, जब पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और शहीद राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे तथा बीएनपी नेता तारिक रहमान ने 17 वर्षों बाद देश वापसी के बाद बांग्लादेश की जनता के नाम एक खुला पत्र लिखा। यह पत्र उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया। Dear friends, sisters, and brothers across Bangladesh, Last Thursday is a day I will carry in my heart forever, the day I returned to the soil of my homeland after 17 long years. The warmth of your welcome, the sea of faces along the roads of Dhaka, and the prayers of millions… pic.twitter.com/3N6JFY7xMj — Tarique Rahman (@trahmanbnp) December 27, 2025 अपने संदेश में तारिक रहमान ने लिखा कि मातृभूमि की मिट्टी पर लौटना उनके जीवन का सबसे भावुक क्षण है। उन्होंने कहा कि ढाका की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, लोगों की दुआएं और अपनापन वह कभी नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने जनता के प्यार और सम्मान के लिए आभार जताते हुए कहा कि यह स्वागत उनके और उनके परिवार के लिए अविस्मरणीय है।तारिक रहमान ने अपने समर्थकों, नागरिक समाज, युवाओं, किसानों, श्रमिकों और विभिन्न पेशेवर वर्गों का धन्यवाद करते हुए कहा कि बांग्लादेश की असली ताकत उसकी एकजुट जनता में है। उन्होंने मीडिया की भूमिका की भी सराहना की और सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले प्रशासनिक तंत्र को धन्यवाद दिया। पत्र में उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों और आंदोलनों के नेताओं के प्रति भी आभार जताया, जिन्होंने उनकी वापसी का स्वागत किया। तारिक रहमान ने लोकतंत्र, बहुदलीय व्यवस्था और बदले की राजनीति से ऊपर उठकर शांतिपूर्ण …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 28, 2025 · 2 min · National Desk

Kogilu Demolition: कर्नाटक में 400 घर गिराने पर घिरी कांग्रेस, सिद्धारमैया-शिवकुमार को दिल्ली से गया फोन

वेणुगोपाल ने कहा, मैंने अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) की ओर से गंभीर चिंता जताई कि इस तरह की कार्रवाई कहीं अधिक सावधानी, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ की जानी चाहिए थी, ताकि लोगों पर प्रभाव को केंद्र में रखा जा सके। उन्होंने आगे कहा, मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि वे स्वयं प्रभावित परिवारों से बात करें, शिकायतों के समाधान के लिए उचित व्यवस्था बनाएंगे और प्रभावितों के पुनर्वास व राहत को सुनिश्चित करेंगे। विवादों में घिरी सिद्धरमैया सरकार राजधानी बंगलूरू में 400 से ज्यादा घरों को गिराने के बाद कांग्रेस की सिद्धरमैया सरकार विवादों में घिर गई है। घर गिराए जाने से सैकड़ों लोग, बेघर हो गए हैं, जिनमें अधिकतर मुस्लिम समुदाय के लोग हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में हुई बेदखली की इस कार्रवाई ने कर्नाटक की कांग्रेस और केरल की वाम सरकार के बीच जुबानी जंग छेड़ दी है। केरल की विजयन सरकार ने कांग्रेस पर बुलडोजर राज का आरोप लगाया है। 22 दिसंबर को सुबह 4 बजे बंगलूरू के कोगिलु गांव में फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट में कथित अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिससे करीब 400 परिवार बेघर हो गए। बंगलूरू सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड की ओर से चलाए गए इस अभियान में 4 जेसीबी और 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे। कर्नाटक की सिद्धरमैया सरकार ने कहा कि ये घर एक झील के किनारे सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए थे। हालांकि, स्थानीय लोगों ने दावा किया कि उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं मिला था और पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती बेदखल कर दिया। ये भी पढ़ें: Politics: बीएमसी चुनाव में सीट बंटवारे पर नहीं बनी सहमति, बैठकों का दौर जारी; अब तक जमा हुए 44 नामांकन पत्र कर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 28, 2025 · 2 min · National Desk

Kogilu Demolition: कर्नाटक में 400 घर गिराने पर घिरी कांग्रेस, सिद्धारमैया-शिवकुमार को दिल्ली से गया फोन

वेणुगोपाल ने कहा, मैंने अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) की ओर से गंभीर चिंता जताई कि इस तरह की कार्रवाई कहीं अधिक सावधानी, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ की जानी चाहिए थी, ताकि लोगों पर प्रभाव को केंद्र में रखा जा सके। उन्होंने आगे कहा, मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि वे स्वयं प्रभावित परिवारों से बात करें, शिकायतों के समाधान के लिए उचित व्यवस्था बनाएंगे और प्रभावितों के पुनर्वास व राहत को सुनिश्चित करेंगे। विवादों में घिरी सिद्धरमैया सरकार राजधानी बंगलूरू में 400 से ज्यादा घरों को गिराने के बाद कांग्रेस की सिद्धरमैया सरकार विवादों में घिर गई है। घर गिराए जाने से सैकड़ों लोग, बेघर हो गए हैं, जिनमें अधिकतर मुस्लिम समुदाय के लोग हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में हुई बेदखली की इस कार्रवाई ने कर्नाटक की कांग्रेस और केरल की वाम सरकार के बीच जुबानी जंग छेड़ दी है। केरल की विजयन सरकार ने कांग्रेस पर बुलडोजर राज का आरोप लगाया है। 22 दिसंबर को सुबह 4 बजे बंगलूरू के कोगिलु गांव में फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट में कथित अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिससे करीब 400 परिवार बेघर हो गए। बंगलूरू सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड की ओर से चलाए गए इस अभियान में 4 जेसीबी और 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे। कर्नाटक की सिद्धरमैया सरकार ने कहा कि ये घर एक झील के किनारे सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए थे। हालांकि, स्थानीय लोगों ने दावा किया कि उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं मिला था और पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती बेदखल कर दिया। ये भी पढ़ें: Politics: बीएमसी चुनाव में सीट बंटवारे पर नहीं बनी सहमति, बैठकों का दौर जारी; अब तक जमा हुए 44 नामांकन पत्र कर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 27, 2025 · 2 min · National Desk