बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले आम चुनाव से पहले छात्र आंदोलन से उभरी नेशनल सिटिजन पार्टी में गंभीर आंतरिक संकट सामने आ गया है। जमात-ए-इस्लामी के साथ संभावित चुनावी गठबंधन को लेकर पार्टी के भीतर तीखा विरोध शुरू हो गया है। हालात इतने बिगड़ गए कि पार्टी के 30 नेताओं ने संयुक्त पत्र जारी कर गठबंधन का विरोध किया, जबकि दो वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। एनसीपी के संयुक्त सदस्य-सचिव मुशफिक उस सालेहीन ने बताया कि यह पत्र पार्टी संयोजक नाहिद इस्लाम को भेजा गया है। पत्र में कहा गया है कि जमात के साथ गठबंधन पार्टी की घोषित विचारधारा, ‘जुलाई विद्रोह’ की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। नेताओं ने जमात के 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान कथित भूमिका और उसके विवादित इतिहास का भी उल्लेख किया है।पत्र में यह आरोप भी लगाया गया है कि जमात की छात्र इकाई छात्र शिबिर ने बीते समय में अन्य दलों में घुसपैठ कर एनसीपी को बदनाम करने और गलत सूचना फैलाने की कोशिश की। नेताओं का कहना है कि ऐसे गठबंधन से पार्टी की विश्वसनीयता को गहरी चोट पहुंचेगी और युवा समर्थकों में निराशा फैलेगी। इस विवाद के बीच पार्टी की वरिष्ठ संयुक्त सदस्य-सचिव तसनीम जारा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और आगामी चुनाव स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर लड़ने का एलान किया। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का हवाला दिया, हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर जमात गठबंधन को इस्तीफे का कारण नहीं बताया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनके पति और पार्टी के संयुक्त संयोजक खालिद सैफुल्लाह ने भी संगठन छोड़ दिया है।स्थानीय अखबारों के मुताबिक, पार्टी की कई महिला नेता भी धार्मिक दलों से गठब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें