बंगाल में सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक: 72 घंटे का नियम, किन दिनों नहीं देख सकेंगे निजी मरीज?

उन्होंने बताया कि यह रोक तुरंत लागू कर दी गई है। इस तरह कुल 72 घंटे तक निजी प्रैक्टिस पर रोक रहेगी। इसका मकसद यह है कि डॉक्टर सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध रहें।अधिकारी ने कहा, यह रोक मरीज के भर्ती होने वाले दिन से लागू होगी। इसके बाद अगले 48 घंटे तक भी जारी रहेगी। इसका मकसद यह है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज लगातार होता रहे। मरीज का इलाज करने वाले डॉक्टर जरूरत पड़ने पर अस्पताल में मौजूद रहें। इस आदेश का सीधा असर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में काम करने वाले डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर पड़ेगा।सरकारी डॉक्टरों के लिए आमतौर पर हर हफ्ते मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने का एक तय दिन होता है। नई व्यवस्था के तहत डॉक्टर उस दिन निजी मरीज नहीं देख सकेंगे। इसके बाद अगले दो दिन भी निजी मरीज नहीं देख पाएंगे। इससे हफ्ते में निजी मरीज देखने के लिए उनके पास कम दिन बचेंगे। कुछ डॉक्टरों की हफ्ते में दो दिन मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की ड्यूटी होती है। ऐसे डॉक्टरों के लिए यह रोक हफ्ते के ज्यादातर कामकाजी दिनों तक लागू हो सकती है।कुछ डॉक्टरों ने अचानक लगी इस रोक को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि इससे उन मरीजों पर असर पड़ सकता है, जिनका सरकारी डॉक्टरों की देखरेख में निजी अस्पतालों में पहले से इलाज चल रहा है।हालांकि, कुछ मरीजों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में मरीज के भर्ती होने के बाद डॉक्टर अस्पताल में मौजूद रहेंगे। इससे मरीज का लगातार उपचार होता रहेगा। इलाज की गुणवत्ता भी बेहतर हो सकती है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 25, 2026 · 2 min · National Desk

सूरत में पीएम मोदी के नाम पर मछली बाजार: बिना मंजूरी लगा बोर्ड, कारोबारियों ने जताई आपत्ति; क्यों हुआ विवाद?

क्यों लगा पीएम मोदी के नाम का बोर्ड? सूरत शहर के नानपुरा इलाके में लक्कड़कोट में एक नया मछली बाजार बनाया गया है। इसे सूरत नगर निगम (एसएमसी) ने बनाया है। बाजार के प्रवेश द्वार पर एक बड़ा बोर्ड लगाया गया है। इस पर लिखा है- श्री नरेंद्र मोदी थोक मछली बाजार। बोर्ड के एक कोने में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर भी है। इस बोर्ड के लगने के बाद कुछ मछली कारोबारियों ने इसका विरोध किया। पीएम के नाम पर क्यों जताई आपत्ति? मछली कारोबारी सुरेंद्र लश्करी ने बाजार के नाम पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाकाहारी हैं। इसलिए उनका नाम मछली बाजार से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। लश्करी ने कहा, नरेंद्र मोदी ने अपनी जिंदगी में कभी समुद्री भोजन (सी फूड) नहीं खाया है। वह पूरी तरह शाकाहारी हैं। इसलिए यह बोर्ड नहीं लगाया जाना चाहिए। ये भी पढ़ें: एसएफएमए ने नाम का समर्थन क्यों किया? हालांकि, सूरत फिश मर्चेंट एसोसिएशन (एसएफएमए) के अध्यक्ष कल्पेश नवसारीवाला ने इस कदम का बचाव किया। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने अपने स्तर पर एक प्रस्ताव पारित किया था। इसमें बाजार का नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने की बात कही गई थी। बोर्ड पर मछली कारोबारियों की एसोसिएशन का नाम भी लिखा है। बाजार के लिए केंद्र ने कितने रुपये दिए? नवसारीवाला ने कहा कि केंद्र सरकार ने बाजार बनाने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 3 करोड़ रुपये दिए हैं। उन्होंने मछुआरों के कल्याण के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई कई योजनाओं और कामों का भी जिक्र किया। नवसारीवाला ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने यह योजना शुरू की थी। इसके तहत एसएमसी को इस बाजार को बनाने के लिए 3 करोड़ रु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 25, 2026 · 2 min · National Desk

US ने देशों को दी चेतावनी: स्कॉट बेसेंट बोले- ईरान से तोड़ें संबंध या लगाएंगे प्रतिबंध; चीन को लेकर क्या कहा?

स्कॉट बेसेंट ने कहा, “हमारा उद्देश्य इस तानाशाही शासन को बनाए रखने वाली हर आर्थिक जीवनरेखा को काटना है, जब तक कि तेहरान पूरी तरह अलग-थलग न पड़ जाए।” उन्होंने कहा कि अमेरिकी ‘ऑपरेशन इकनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत वित्त विभाग ने उन सभी माध्यमों, मददगारों और नेटवर्क की पहचान कर ली है, जिनका इस्तेमाल ईरान तेल की तस्करी और प्रतिबंधों से बचने के लिए करता रहा है।अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट ने कहा कि ट्रेजरी विभाग की ओर से चिन्हित गतिविधियों को बंद करने के लिए प्रत्येक देश के लिए तय समयसीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा, “ट्रेजरी, विदेश विभाग और अमेरिकी सेना की टीमें अब दुनियाभर में अपने समकक्षों से मुलाकात कर रही हैं और उन्हें बता रही हैं कि अमेरिका कार्रवाई की उम्मीद करता है।” उन्होंने कहा, “घड़ी की सुई अब चलना शुरू हो गई है।“बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनियाभर के नेताओं को फोन कर रहे हैं और उनसे तेहरान के साथ अपने संबंध खत्म करने का “विशेष अनुरोध” कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका को सप्ताहांत में ही इसके परिणाम दिखाई देने लगे हैं। हालांकि, उन्होंने इन परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।उन्होंने ने कहा, “जो लोग अमेरिका के साथ खड़े होंगे, उन्हें हमारी साझेदारी का लाभ मिलेगा। जो लोग ईरानी शासन से खुद को जोड़ेंगे, उन्हें कमजोर पड़ रहे शासन के साथ बढ़ते अलगाव का सामना करने की उम्मीद करनी चाहिए।“चीनी बैंकों को कुछ लक्षित संस्थानों की सूची में शामिल नहीं किए जाने के सवाल पर बेसेंट ने कहा, “हम आज यहां यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि कोई भी अमेरिकी प्रतिबंधों की पहुंच से बाहर नहीं है।” उन्होंने कहा, “हम पाते हैं कि देशों के साथ जुड़ने क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 25, 2026 · 2 min · National Desk

Amit Shah: अमित शाह का घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस का आदेश, आतंकवाद से लड़ाई में AI भी अहम; सरकार की क्या तैयारी?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में नौवें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन 2026 का उद्घाटन किया। सम्मेलन में देशभर से करीब 850 अधिकारी शामिल हुए। अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को घुसपैठ और अवैध आव्रजन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में एजेंसियों को ज्यादा समन्वित और सख्त तरीके से काम करना होगा। आतंकवाद के खिलाफ AI का इस्तेमाल कैसे बढ़ेगा? अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को मल्टी-एजेंसी सेंटर यानी MAC पर उपलब्ध खुफिया जानकारी के विश्लेषण में AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने AI की मदद से राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP तैयार करने पर भी जोर दिया। उनका निर्देश है कि तकनीक का इस्तेमाल केवल जानकारी जुटाने तक सीमित न रहे, बल्कि उसके विश्लेषण और कार्रवाई में भी किया जाए। सम्मेलन में किन सुरक्षा चुनौतियों पर हुई चर्चा? सम्मेलन के पहले दिन आतंकवाद, कट्टरपंथ, साइबर अपराध और पाकिस्तान की प्रॉक्सी वॉर जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। अमित शाह ने आतंकवाद और कट्टरपंथ से निपटने के लिए गृह मंत्रालय की ‘प्रहार’ पहल के प्रभावी क्रियान्वयन और सुरक्षा कर्मियों के प्रशिक्षण पर जोर दिया। उन्होंने विदेशों में छिपे भगोड़ों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया तेज करने और उनके मुकदमों में तेजी लाने का भी निर्देश दिया। भगोड़ों और यूएपीए मामलों पर क्या रणनीति होगी? अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को फरार आरोपियों के खिलाफ अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने यानी ट्रायल इन एब्सेंटिया के प्रावधान का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया। गै …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 24, 2026 · 2 min · National Desk

तस्वीरों में बारिश का कहर: दिल्ली-NCR में जनजीवन अस्त-व्यस्त, गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम, कई जगह जलभराव

1 of 9 दिल्ली एनसीआर में बारिश का कहर - फोटो : PTI खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें दिल्ली-एनसीआर में सावन के आखिरी सोमवार को सुबह से ही बारिश की झड़ी लग गई। जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई जगह जलभराव और पेड़ गिरने से आवागमन ठप हो गया। इसके कारण विभिन्न स्थानों पर यातायात जाम की स्थिति बन गई। सबसे ज्यादा आफत गुरुग्राम में देखने को मिली। कई इलाकों में सड़कें झील में तब्दील हो गईं। करीब दो से तीन फीट तक पानी भर जाने से हालात बदतर हो गए। जिलाधिकारी गुरुग्राम ने इस स्थिति को देखते हुए सभी कॉर्पोरेट कार्यालयों को घर से काम करने का निर्देश दिया है। यह यह निर्देश 25 अगस्त 2026 के लिए प्रभावी होगी। 2 of 9 दिल्ली एनसीआर में बारिश का कहर - फोटो : वीडियो ग्रैब: ANI/PTI गुरुग्राम जिलाधिकारी ने सरकारी और निजी स्कूलों/संस्थानों को भी अपने कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की भीड़ को कम करना है। साथ ही, नागरिक एजेंसियों को सड़कों और नालियों की मरम्मत व रखरखाव के काम में सुविधा मिलेगी। 3 of 9 दिल्ली एनसीआर में बारिश का कहर - फोटो : वीडियो ग्रैब: ANI/PTI गुरुग्राम में हुई भारी बारिश के कारण सोहना रोड पर व्यापक जलभराव देखा गया। इस्लामपुर गांव के पास करीब 4 किलोमीटर लंबा यातायात जाम लग गया। इससे वाहन चालकों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्कूल बसें भी जलभराव वाली सड़कों पर बच्चों को लेकर फंसी रहीं। VIDEO | Gurugram: Heavy ra …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 24, 2026 · 2 min · National Desk

इमरान खान के लिए छलका कपिल देव का दर्द: पूर्व कप्तान के साथ मानवीय व्यवहार की अपील, बोले- मिले चिकित्सा सुविधा

इमरान खान के लिए छलका कपिल देव का दर्द: पूर्व कप्तान के साथ मानवीय व्यवहार की अपील, बोले- मिले चिकित्सा सुविधा भारत के महान क्रिकेटर कपिल देव ने पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान के साथ सोमवार को मानवीय व्यवहार किए जाने की अपील की। इससे पहले रविवार को कपिल सहित 22 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पिछले छह महीने में दूसरी बार पत्र लिख कर इमरान के उचित इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं का ध्यान रखने की अपील की थी। इमरान के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई इस वर्ष फरवरी में सुनील गावस्कर समेत 14 पूर्व कप्तानों ने अदियाला जेल में इमरान के स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता जताई थी। इमरान पर जेल में उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने और चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। कपिल देव ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान के कानून की जानकारी नहीं है, लेकिन वह अधिकारियों से इमरान के लिए एक कैदी के तौर पर भी बुनियादी सुविधाएं और मानवीय व्यवहार की अपील करते हैं। पीजीटीआई के अध्यक्ष कपिल ने डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप के लॉन्च के मौके पर कहा, हम उस देश के कानून से परिचित नहीं हैं, यह अपनी जगह है। लेकिन हर कैदी के साथ विनम्रता और मानवीय व्यवहार होना चाहिए तथा उसे बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए, चाहे वह कोई भी हो। इमरान उस देश …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 24, 2026 · 2 min · National Desk

'गुजरात के CM को दी मंजूरी, मुझे क्यों रोका?': रेवंत रेड्डी का केंद्र से सवाल, US दौरे के मामले पर कही ये बात

ब्रिटेन की यात्रा से हैदराबाद लौटने के कुछ घंटे बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेवंत रेड्डी ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछना चाहता हूं कि अगर मेरी विदेश यात्रा में कुछ भी राजनीतिक नहीं था, तो इंग्लैंड के लिए अनुमति क्यों दी गई और अमेरिका के लिए अनुमति क्यों नहीं दी गई?“सीएम रेवंत रेड्डी ने सवाल किया कि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को 17 से 24 अगस्त तक निवेश आकर्षित करने के लिए ‘वाइब्रेंट गुजरात 2047’ पहल के तहत अमेरिका और कनाडा जाने की अनुमति दी गई, जबकि ‘तेलंगाना राइजिंग 2047’ के तहत उनकी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को मंजूरी नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा “नहीं चाहती कि कोई भी राज्य एक सीमा से आगे विकास करे।“उन्होंने कहा कि केंद्र तेलंगाना के साथ भेदभाव कर रहा है और कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में उठाएगी। रेवंत रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेता राहुल गांधी संसद में उन्हें अमेरिका जाने की अनुमति नहीं दिए जाने का मुद्दा उठाएंगे। रेवंत रेड्डी सोमवार को ब्रिटेन की तीन दिवसीय यात्रा के बाद हैदराबाद लौटे। वह 20 अगस्त को ब्रिटेन के लिए रवाना हुए थे और इसके बाद अमेरिका जाने की योजना थी।हालांकि, केंद्र ने उनकी यात्रा के अमेरिका वाले चरण के लिए अनुमति नहीं दी। इसके बाद रेवंत रेड्डी ने अपनी यात्रा बीच में ही समाप्त करने और लंदन से वापस लौटने का फैसला किया। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा था कि रेवंत रेड्डी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं दी गई, क्योंकि यात्रा का प्रस्तावित कार्यक्रम “उपयुक्त” नहीं था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 24, 2026 · 2 min · National Desk

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे: पांच स्थानों पर दबी सड़क, बोल्डर भी टूटा; अंडरपास के पास बनी नाली 24 घंटे में उखड़ी

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे: पांच स्थानों पर दबी सड़क, बोल्डर भी टूटा; अंडरपास के पास बनी नाली 24 घंटे में उखड़ी वहीं बोल्डर भी टूट गया है। अंडरपास के पास बनी नाली 24 घंटे भी नहीं चल पाई है। लगातार किरकिरी झेल रहे एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था पीएनसी ने दिन के साथ अब रात में भी मरम्मत शुरू कराई है। इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 13 जुलाई को 4200 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए थे। 14 जुलाई से इस पर वाहनों का आवागमन शुरू हुआ था। यातायात शुरू होते ही एक्सप्रेसवे टूटने और धंसने लगा। वहीं बोल्डर भी टूट गया है। अंडरपास के पास बनी नाली 24 घंटे भी नहीं चल पाई है। लगातार किरकिरी झेल रहे एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था पीएनसी ने दिन के साथ अब रात में भी मरम्मत शुरू कराई है।इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 13 जुलाई को 4200 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए थे। 14 जुलाई से इस पर वाहनों का आवागमन शुरू हुआ था। यातायात शुरू होते ही एक्सप्रेसवे टूटने और धंसने लगा। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (एनई-6) पर सफर अब सुरक्षित नहीं रह गया है। लोकार्पण के एक माह दस दिन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 24, 2026 · 2 min · National Desk

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे: पांच स्थानों पर दबी सड़क, बोल्डर भी टूटा; अंडरपास के पास 24 घंटे में उखड़ गई नाली

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे: पांच स्थानों पर दबी सड़क, बोल्डर भी टूटा; अंडरपास के पास 24 घंटे में उखड़ गई नाली वहीं बोल्डर भी टूट गया है। अंडरपास के पास बनी नाली 24 घंटे भी नहीं चल पाई है। लगातार किरकिरी झेल रहे एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था पीएनसी ने दिन के साथ अब रात में भी मरम्मत शुरू कराई है। इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 13 जुलाई को 4200 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए थे। 14 जुलाई से इस पर वाहनों का आवागमन शुरू हुआ था। यातायात शुरू होते ही एक्सप्रेसवे टूटने और धंसने लगा। वहीं बोल्डर भी टूट गया है। अंडरपास के पास बनी नाली 24 घंटे भी नहीं चल पाई है। लगातार किरकिरी झेल रहे एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था पीएनसी ने दिन के साथ अब रात में भी मरम्मत शुरू कराई है।इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 13 जुलाई को 4200 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए थे। 14 जुलाई से इस पर वाहनों का आवागमन शुरू हुआ था। यातायात शुरू होते ही एक्सप्रेसवे टूटने और धंसने लगा। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (एनई-6) पर सफर अब सुरक्षित नहीं रह गया है। लोकार्पण के एक माह दस दिन बा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 24, 2026 · 2 min · National Desk

Ajit Doval: एनएसए अजीत डोभाल पहुंचे बीजिंग, LAC पर शांति से सीमा विवाद तक होगी बात; भारत-चीन के बीच अहम वार्ता

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल सोमवार को दो दिवसीय चीन दौरे पर बीजिंग पहुंच गए। वह भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत के 25वें दौर में हिस्सा लेंगे। इस दौरान सीमा पर शांति और स्थिरता के साथ दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डोभाल चीन के विदेश मंत्री और भारत-चीन सीमा मुद्दे पर चीन के विशेष प्रतिनिधि वांग यी के निमंत्रण पर बीजिंग पहुंचे हैं। LAC पर शांति और स्थिरता पर जोर विदेश मंत्रालय के मुताबिक, डोभाल और वांग यी मंगलवार को सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता करेंगे। अपने चीन दौरे के दौरान अजीत डोभाल चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात करेंगे। यात्रा को भारत-चीन संबंधों में सीमा से जुड़े लंबित मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले 6 अगस्त को नई दिल्ली में भारत और चीन के बीच सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय के लिए बने कार्य तंत्र (WMCC) की 36वीं बैठक हुई थी। इसमें सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन, विभिन्न समन्वय तंत्र और सीमा पार सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की स्थिति की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने स्पष्ट किया कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत-चीन संबंधों के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है। गलतफहमी रोकने के लिए संवाद जारी रखने पर सहमति बैठक के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने लंबित मुद्दों के समाधान के लिए मौजूदा कूटनीतिक और सैन्य संवाद के माध्यमों का इस्तेमाल जारी रखने पर सहमति जताई। इसमें WMCC, स्थानीय कमा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 24, 2026 · 2 min · National Desk