Greenland: 'ग्रीनलैंड पर ट्रंप के साथ...', रुबियो-वेंस संग बैठक के बाद डेनमार्क के विदेश मंत्री का बड़ा बयान

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों के बीच डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों अमेरिका के दो शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद शीर्ष डेनिश अधिकारी ने बुधवार को कहा कि वॉशिंगटन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ हुई बातचीत के बाद भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ग्रीनलैंड को लेकर ‘मौलिक असहमति’ बनी हुई है। हालांकि, दोनों पक्ष मतभेदों को दूर करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए एक कार्य समूह बनाने पर सहमत हुए, क्योंकि ट्रंप लगातार डेनमार्क के आर्कटिक क्षेत्र ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की मांग कर रहे हैं।डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने एक बहुप्रतीक्षित बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘हमारे विचार में समूह को अमेरिकी सुरक्षा चिंताओं को दूर करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, साथ ही डेनमार्क साम्राज्य की सीमा रेखाओं का भी सम्मान करना चाहिए।’ इस बैठक में ग्रीनलैंड के विदेश मंत्री ने भी हिस्सा लिया था।अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप यह तर्क देने की कोशिश कर रहे हैं कि नाटो को दुनिया के सबसे बड़े द्वीप को हासिल करने में अमेरिका की मदद करनी चाहिए और उनका कहना है कि अमेरिकी नियंत्रण के अलावा कुछ भी अस्वीकार्य है।वहीं, डेनमार्क ने आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक में देश की सैन्य उपस्थिति बढ़ाने की योजना की घोषणा की है, क्योंकि ट्रंप बार-बार यह दावा करके विशाल क्षेत्र पर अमेरिकी कब्जे के अपने आह्वान को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन और रूस की ग्रीनलैंड पर अपनी नजरें हैं।वेंस और रुबियो ने नाटो सहयोगी डेनमार्क के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड पर चर्चा करने के लिए लोके रासमुसेन और ग्रीनलैंड क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 15, 2026 · 2 min · National Desk

Iran Unrest: तनाव के बीच ईरान को आई भारत की याद, ईरानी विदेश मंत्री ने लगाया जयशंकर को फोन; क्या हुई बात?

Received a call from Iranian Foreign Minister Seyed Abbas Araghchi. @araghchi We discussed the evolving situation in and around Iran. — Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 14, 2026 ईरान में दो हफ्तों से अधिक समय से हिंसा और आगजनी के जरिए विरोध प्रदर्शन चरम पर है। सड़कों पर जनता सुप्रीम लीडर खामेनेई के खिलाफ नारेबाजी कर रही है। बढ़ते तनाव के मद्देनजर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एस जयशंकर को फोन किया और संभावित अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ईरान की स्थिति पर चर्चा की।अपने एक्स पोस्ट में विदेश जयशंकर ने बताया कि ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। हमने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर चर्चा की। हालांकि उन्होंने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की, लेकिन यह फोन कॉल कहीं ना कही ईरान की बिगड़ते स्थिति का संकेत माना जा रहा है।विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (आईओआरए) के महासचिव संजीव रंजन से मुलाकात की। इस दौरान आईओआरए के सदस्य देशों के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों की समीक्षा की गई। बातचीत में सरकारों, कारोबार जगत और शैक्षणिक संस्थानों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, आईओआरए के महासचिव संजीव रंजन से मुलाकात हुई। इस दौरान सदस्य देशों के साथ प्राथमिक सहयोग जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य संगठन के ढांचे के भीतर सहयोग को आगे बढ़ाना और हिंद महासागर क्षेत्र में टिकाऊ व समावेशी विकास को प्रोत्साहित करना है। यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब क्षेत्रीय सहयोग को नई प्राथमिकता दी जा रही है। ताकि साझा आर्थिक, विकासात्मक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 15, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर: अमेरिका ने कतर समेत कई सैन्य बेस से हटाए सैनिक, क्या ईरान में कुछ बड़ा होगा?

ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। एक तरफ अमेरिका की तरफ से प्रदर्शनकारियों को खुला समर्थन और फिर ईरान पर सैन्य कार्रवाई की धमकी। तो दूसरी तरफ ईरान की ओर से कतर, सऊदी और यूएई जैसे देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले की चेतावनी ने वैश्विक चिंताओं को और बढ़ा दिया है। इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने कतर के अल उदैद एयर बेस समेत पश्चिम एशिया के कुछ प्रमुख बेसों से अपने सैनिकों को निकालने का फैसला किया है। यह कदम क्षेत्र में बढ़ते तनाव और ईरान से खतरे के चलते उठाया गया है। वहीं इस कदम के बाद कतर ने कहा कि यह कदम क्षेत्रीय तनाव के मद्देनजर उठाया गया है और वह अपने नागरिकों और महत्वपूर्ण ढांचों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है। हालांकि अधिकारी ने सुरक्षा कारणों से यह नहीं बताया कि यह निकासी अनिवार्य है या स्वैच्छिक। यह भी साफ नहीं किया गया कि इसमें सैनिक शामिल हैं या नागरिक कर्मचारी और कितने लोगों को वहां से जाने के लिए कहा गया है।बता दें कि अमेरिका की ओर से यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब ईरान ने उसके क्षेत्रिए देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले की चेतावनी दी। दूसरी ओर अमेरिका के चौकन्ने होने का बड़ा कारण यह भी है कि ईरान ने इससे पहले भी कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया था। बीते महीने जून में अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद ईरान ने इस बेस पर मिसाइल से हमला किया था।इस पूरे मामले को ऐसे समझा जा सकता है कि, ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शन को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का खुला समर्थन मिल रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 15, 2026 · 2 min · National Desk

Iran Unrest: तनाव के बीच ईरान को आई भारत की याद, ईरानी विदेश मंत्री ने लगाया जयशंकर को फोन; क्या हुई बात?

Received a call from Iranian Foreign Minister Seyed Abbas Araghchi. @araghchi We discussed the evolving situation in and around Iran.— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 14, 2026 ईरान में दो हफ्तों से अधिक समय से हिंसा और आगजनी के जरिए विरोध प्रदर्शन चरम पर है। सड़कों पर जनता सुप्रीम लीडर खामेनेई के खिलाफ नारेबाजी कर रही है। बढ़ते तनाव के मद्देनजर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एस जयशंकर को फोन किया और मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।अपने एक्स पोस्ट में विदेश जयशंकर ने बताया कि ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। हमने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर चर्चा की। हालांकि उन्होंने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की, लेकिन यह फोन कॉल कहीं ना कही ईरान की बिगड़ते स्थिति का संकेत माना जा रहा है।दोनों देश के नेताओं के बीच यह फोन पर बात ऐसे वक्त भी हुई, जब ईरान में अंदर बिगड़ती स्थिति के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को तुरंत देश छोड़ने की एडवाइजरी जारी है। भारत की ओर से जारी सलाह में कहा गया कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों (छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों) को वाणिज्यिक उड़ानों सहित उपलब्ध किसी भी परिवहन साधनों का उपयोग करके ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है। इसी के साथ सतर्क रहने और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की भी अपील की गई।गौरतलब है कि दो हफ्तों से ज्यादा समय से ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शन में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 2,571 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा बीते कई दशकों में ईरान के किसी भी आंदोलन से कहीं अधिक है और 1979 की इस्लामी क्रांति के समय की स्थिति की याद दिलाता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 14, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान में बिगड़े हालात: MEA ने भारतीयों को तुरंत देश छोड़ने की सरकार ने दी सलाह, नई एडवाइजरी जारी

ईरान में पिछले दो सप्ताह के अधिक समय से जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारत सरकार ने ईरान में बदलती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। ईरान में ये विरोध प्रदर्शन पिछले महीने के आखिर में तब शुरू हुए थे, जब ईरानी मुद्रा रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई थी। इसके बाद ये आंदोलन धीरे-धीरे देश के सभी 31 प्रांतों में फैल गया। शुरुआत में आर्थिक मुद्दों को लेकर शुरू हुए ये प्रदर्शन अब राजनीतिक बदलाव की मांग में बदल चुके हैं। दूतावास ने सोशल मीडिया पर जारी एक सलाह में कहा, ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों (छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों) को वाणिज्यिक उड़ानों सहित उपलब्ध किसी भी परिवहन साधनों का उपयोग करके ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है।सरकार ने दोहराया है कि ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिक और पीआईओ पूरी सतर्कता बरतें। उन्हें किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन या अशांत क्षेत्रों से दूर रहने, स्थानीय हालात पर नजर बनाए रखने और ईरान स्थित भारतीय दूतावास के नियमित संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने यात्रा और इमिग्रेशन से जुड़े दस्तावेज, जैसे पासपोर्ट और पहचान पत्र, हर समय अपने पास सुरक्षित और तैयार रखें।विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की सहायता या जानकारी के लिए भारतीय नागरिक तेहरान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले 5 जनवरी को जारी एडवाइजरी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 14, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान की चेतावनी पर चौकन्ने हुए ट्रंप: कतर में अलर्ट पर अमेरिकी सैन्य अड्डा, कुछ कर्मियों को खाली करने की सलाह

ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। दूसरी ओर अमेरिका की तरफ से प्रदर्शनकारियों को खुला समर्थन और फिर ईरान पर सैन्य कार्रवाई की धमकी ने वैश्विक चिंताओं को और बढ़ा दिया है। इसी बीच कतर में मौजूद अमेरिका के एक प्रमुख सैन्य अड्डे पर सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि वहां तैनात कुछ कर्मियों को बुधवार शाम तक अड्डा खाली करने की सलाह दी गई है। यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 14, 2026 · 1 min · National Desk

Maharashtra: फडणवीस का दावा- 29 में से इतने निगमों पर होगा महायुति का कब्जा, बताया BMC में अगला मेयर कौन

महाराष्ट्र में कल यानी गुरुवार को 29 नगर निगमों पर चुनाव होने है, जिसको लेकर राज्य की सियासत में गर्माहट तेज है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी सातवें आसमान पर है। इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कई राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर अपना रुख साफ किया। इस दौरान उन्होंने मुंबई और महाराष्ट्र की राजनीति, मराठी जनता को लेकर बातें की। इसके साथ ही शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर जोरदार निशाना साधा। सबसे पहले उन्होंने नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। सीएम फडणवीस ने कहा कि राज्य के 29 में से 26 या 27 नगर निगमों पर भाजपा, एनसीपी और शिवसेना का कब्जा होगा। दूसरी ओर उन्होंने मुंबई में मराठी महापौर को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। मुंबई में मराठी महापौर को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जैसे पंजाब में पंजाबी, राजस्थान में राजस्थानी और तमिलनाडु में तमिल महापौर होते हैं, तो मुंबई में भी मराठी महापौर भी होना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह केवल मराठी जनता के लिए नहीं, बल्कि मराठी संस्कृति और पहचान के लिए जरूरी है।इस दौरान फडणवीस ने महाराष्ट्र में होने वाले नगर निकाय चुनाव में मनसे प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधा। सीएम ने कहा कि मुंबई में लड़ाई सिर्फ मराठी जनता की नहीं, बल्कि यह इन दो पार्टी नेताओं के अस्तित्व की भी लड़ाई है। उनका कहना है कि इस चुनाव में राज ठाकरे सबसे बड़े हारने वाले होंगे, जबकि उद्धव ठाकरे को इसका फायदा मिलेगा।उन्होंने उद्धव पर आरोप लगाया कि यदि उद्धव मुंबई में वापस आए तो मस्जिदों में लाउडस्पीकर लगाए जाएंगे। साथ ही कहा कि उद्धव मुस्लिम समुदाय के सामने झुकते हैं और उनकी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 14, 2026 · 2 min · National Desk

BMC कितनी पुरानी?: छोटे अपराधों की सुनवाई के लिए 218 साल पहले बनी, कभी सिर्फ टैक्स देने वाले ही देते थे वोट

1990: बीएमसी का चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष कर दिया गया। इसके साथ ही कुल सीटों में से तीस प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी गईं। 1991: एकल सदस्य निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या 221 निर्धारित की गई थी। वहीं, वडाला स्थित एकवर्थ कुष्ठ रोग अस्पताल को बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने अधीन ले लिया गया। 1994: महिलाओं (अनुसूचित जाति/जनजाति आदि सहित) के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित की गईं। वहीं, कुल सीटों में से 27 प्रतिशत सीटें पिछड़े वर्ग के सदस्यों के लिए आरक्षित हुईं। 1996: महापौर के पद में पिछड़े वर्ग के नागरिकों के लिए आरक्षण के प्रावधान के तहत, पहली बार महापौर की नियुक्ति की गई। इसके साथ ही महाराष्ट्र अधिनियम संख्या 25, 1996 के अनुसार, ‘बॉम्बे’ के स्थान पर ‘मुंबई’ नाम को पुनर्स्थापित किया गया। 1999: 1999 में महापौर-परिषद को समाप्त कर दिया गया। महाराष्ट्र अधिनियम 27वीं, 1999 के तहत नगर निगम की पुरानी व्यवस्था को पुनर्जीवित किया गया। इसके साथ ही उप महापौर और विपक्ष के नेता के पद की शुरुआत की गई। इसके साथ ही महापौर को कुछ शक्तियां प्रदान की गईं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 14, 2026 · 1 min · National Desk

Iran Unrest: 'ईरान को तुरंत छोड़ दें, जरूरी कागजात साथ रखें'; MEA की भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी

ईरान में पिछले दो सप्ताह के अधिक समय से जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारत सरकार ने ईरान में बदलती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। ईरान में ये विरोध प्रदर्शन पिछले महीने के आखिर में तब शुरू हुए थे, जब ईरानी मुद्रा रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई थी। इसके बाद ये आंदोलन धीरे-धीरे देश के सभी 31 प्रांतों में फैल गया। शुरुआत में आर्थिक मुद्दों को लेकर शुरू हुए ये प्रदर्शन अब राजनीतिक बदलाव की मांग में बदल चुके हैं। दूतावास ने सोशल मीडिया पर जारी एक सलाह में कहा, ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों (छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों) को वाणिज्यिक उड़ानों सहित उपलब्ध किसी भी परिवहन साधनों का उपयोग करके ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है।सरकार ने दोहराया है कि ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिक और पीआईओ पूरी सतर्कता बरतें। उन्हें किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन या अशांत क्षेत्रों से दूर रहने, स्थानीय हालात पर नजर बनाए रखने और ईरान स्थित भारतीय दूतावास के नियमित संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने यात्रा और इमिग्रेशन से जुड़े दस्तावेज, जैसे पासपोर्ट और पहचान पत्र, हर समय अपने पास सुरक्षित और तैयार रखें।विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की सहायता या जानकारी के लिए भारतीय नागरिक तेहरान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले 5 जनवरी को जारी एडवाइजरी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 14, 2026 · 2 min · National Desk

Bengal ED Raids Row: ईडी ने की सुनवाई टालने की अपील, TMC ने कलकत्ता हाईकोर्ट से मांगी डेटा की सुरक्षा

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वकील कल्याण बनर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय की सुनवाई टालने की अपील पर आपत्ति जताई। दरअसल, केंद्रीय जांच एजेंसी ने हाई कोर्ट में अपनी याचिका में मुख्यमंत्री को भी एक पक्ष बनाया है। ईडी की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने जस्टिस सुव्रा घोष की बेंच के सामने कहा कि एजेंसी हाई कोर्ट में मामलों को टालने की मांग कर रही है, क्योंकि उसने इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि जब कोई मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग हो, तो हाई कोर्ट को उस पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए।इससे पहले इस मामले की सुनवाई तय तारीख पर नहीं हो सकी थी, क्योंकि अदालत परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई थी। जिसके चलते 9 जनवरी को अदालत ने सुनवाई को स्थगित कर दिया था।9 जनवरी को ईडी ने अपनी याचिका में दावा किया है कि इस घटना में राज्य के सर्वोच्च राजनीतिक नेतृत्व की सीधी भागीदारी थी और पुलिस बल का दुरुपयोग किया गया। एजेंसी ने अदालत से आग्रह किया है कि वह सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने और मुख्यमंत्री सहित सभी संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच करने का निर्देश दे। एजेंसी ने कहा कि सीबीआई की जांच जरूरी है, क्योंकि कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने लगातार यह माना है कि जहां राज्य में ऊंचे और शक्तिशाली लोग संज्ञेय अपराधों को करने में शामिल होते हैं, वहां जांच सीबीआई को ट्रांसफर कर दी जानी चाहिए।ईडी ने सर्च वाली जगहों से अवैध रूप से और जबरदस्ती ले जाए गए सभी डिजिटल उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, स्टोरेज मीडिया और दस्तावेजों को तत्काल जब्त करने, सील करने, फोरेंसिक संरक्षण और ईडी की कानूनी हिरासत में वापस करने की भी मांग की थी।इस मामले को लेकर टीएमसी न …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 14, 2026 · 2 min · National Desk