ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। एक तरफ अमेरिका की तरफ से प्रदर्शनकारियों को खुला समर्थन और फिर ईरान पर सैन्य कार्रवाई की धमकी। तो दूसरी तरफ ईरान की ओर से कतर, सऊदी और यूएई जैसे देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले की चेतावनी ने वैश्विक चिंताओं को और बढ़ा दिया है। इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने कतर के अल उदैद एयर बेस समेत पश्चिम एशिया के कुछ प्रमुख बेसों से अपने सैनिकों को निकालने का फैसला किया है। यह कदम क्षेत्र में बढ़ते तनाव और ईरान से खतरे के चलते उठाया गया है। वहीं इस कदम के बाद कतर ने कहा कि यह कदम क्षेत्रीय तनाव के मद्देनजर उठाया गया है और वह अपने नागरिकों और महत्वपूर्ण ढांचों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है। हालांकि अधिकारी ने सुरक्षा कारणों से यह नहीं बताया कि यह निकासी अनिवार्य है या स्वैच्छिक। यह भी साफ नहीं किया गया कि इसमें सैनिक शामिल हैं या नागरिक कर्मचारी और कितने लोगों को वहां से जाने के लिए कहा गया है।बता दें कि अमेरिका की ओर से यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब ईरान ने उसके क्षेत्रिए देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले की चेतावनी दी। दूसरी ओर अमेरिका के चौकन्ने होने का बड़ा कारण यह भी है कि ईरान ने इससे पहले भी कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया था। बीते महीने जून में अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद ईरान ने इस बेस पर मिसाइल से हमला किया था।इस पूरे मामले को ऐसे समझा जा सकता है कि, ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शन को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का खुला समर्थन मिल रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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