नोएडा में इंजीनियर की मौत का मामला: CM योगी ने मामले का लिया संज्ञान, CEO हटाए गए, तीन सदस्यीय SIT करेगी जांच

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार समेत डूबने से हुई दर्दनाक मौत की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह टीम पांच दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपेगी। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं नोएडा प्राधिकरण के सीईओ हटाए गए इसके साथ ही नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटा दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को पद से हटा दिया है। इसे प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सीएम ने साफ निर्देश दिए हैं कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 1 min · National Desk

अखिलेश यादव बोले: भाजपा नेता अपराधियों और भ्रष्टाचारियों से मिले, इस सरकार में नहीं खत्म होगा अपराध

सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और अपराध चरम पर हैं। हत्या, लूट, चोरी, डकैती और बलात्कार की घटनाएं हर दिन हो रही हैं। हर विभाग और हर कार्य में लूट मची है। भाजपा सरकार अपराध और भ्रष्टाचार को रोकने में पूरी तरह से विफल है। अखिलेश ने जारी बयान में कहा कि कानून-व्यवस्था, अपराध और भ्रष्टाचार पर सरकार का जीरो टॉलरेंस का दावा जीरो है। सीतापुर में सेवानिवृत लेखपाल के घर परिवार को बंधक बनाकर 17 लाख की डकैती हो गई। अम्बेडकरनगर में अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित गांधी आश्रम में दिनदहाड़े एक महिला की गला रेता कर हत्या कर दी गई।पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार के रहते न अपराध रुक सकता है और न भ्रष्टाचार, क्योंकि भाजपा के नेता अपराधियों और भ्रष्टाचारियों से मिले हुए हैं। भाजपा सरकार में जल जीवन मिशन में भारी भ्रष्टाचार हुआ। कई जिलों में पानी की टंकियां टूट कर ध्वस्त हो गईं। चित्रकूट में कोषागार में 43 करोड़ से ज्यादा का घोटाला हुआ।उन्होंने कहा कि गोंडा में यूपी कोऑपरेटिव बैंक में 21 करोड़ से ज्यादा रुपये का घोटाला हुआ। कोडीन कफ सिरप का मामला देशव्यापी है। भाजपा सरकार जब से सत्ता में आई चौतरफा भ्रष्टाचार, घोटाला और सरकारी बजट की लूट चल रही है।उधर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से सोमवार को मुजफ्फरनगर व शामली के दो नौजवान पहलवानों मोंटी मलिक और नवीन बालियान ने मुलाकात की। दोनों ने कहा कि सपा सरकार में पहलवानों को खेल पुरस्कार और यश भारती से सम्मानित किया गया था। इस अवसर पर सांसद हरेंद्र मलिक और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी भी उपस्थित रहे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

BMC Reservation: मुंबई मेयर पद के लिए सियासत जारी, 22 जनवरी को लॉटरी से तय किया जाएगा महानगरपालिका का आरक्षण

मुंबई महानगरपालिका में मेयर पद को लेकर चल रही राजनीतिक सरगर्मियों के बीच अब तस्वीर साफ होने की दिशा में कदम बढ़ गया है। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई समेत राज्य की 29 नगर निगमों में मेयर चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत 22 जनवरी को मुंबई के मेयर पद के आरक्षण को लेकर लॉटरी निकाली जाएगी। इस फैसले के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है। 15 जनवरी को हुए बीएमसी चुनाव में भाजपा ने 227 में से 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। लगभग 30 वर्षों बाद ठाकरे परिवार के गढ़ से सत्ता भाजपा गठबंधन के हाथ से निकल गई। भाजपा की सहयोगी, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी 65 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) को कुल छह सीटें प्राप्त हुईं। शहरी विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह लॉटरी राज्य सचिवालय में होगी। महाराष्ट्र में मेयर का चुनाव पार्षदों द्वारा किया जाता है और यह पद रोटेशन के आधार पर आरक्षित होता है। लॉटरी के जरिए यह तय होगा कि मेयर पद सामान्य वर्ग, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।आरक्षण की श्रेणी तय होने के बाद उसी वर्ग के योग्य उम्मीदवार मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। इसके बाद नगर निगम की विशेष बैठक में चुनाव कराया जाएगा। जिस उम्मीदवार को सदन की कुल संख्या के आधे से ज्यादा पार्षदों का समर्थन मिलेगा, वही मेयर चुना जाएगा। यदि किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो गठबंधन निर्णायक भूमिका निभाते हैं। अन्य दलों की स्थिति और प्रतीकात्मक अहमियत कांग्रेस को 24, एआईएमआईएम को आठ, अज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

Nitin Nabin: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन रहे नितिन नवीन के बारे में 5 खास बातें; कहां से शुरू हुआ था सफर?

भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अकेला नामांकन भरा। वह बिहार से पहले ऐसे नेता हैं, जिन्हें भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की इस प्रक्रिया में भाग होने के लिए भाजपा के सभी मुख्यमंत्री, पार्टी की राज्य इकाइयों के प्रमुख और अन्य प्रमुख नेता पार्टी मुख्यालय में एकत्रित हुए। एक ही नामांकन हुआ। इस तरह नितिन 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुन लिए जाएंगे, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी नेतृत्व इस पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि “नितिन नवीन जी ने एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। वह एक युवा और कर्मठ नेता हैं, जिन्हें संगठनात्मक अनुभव का भरपूर लाभ है और बिहार में विधायक और मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल प्रभावशाली रहा है। उन्होंने जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अथक परिश्रम किया है। वह अपने विनम्र स्वभाव और व्यावहारिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। मुझे विश्वास है कि उनकी ऊर्जा और समर्पण आने वाले समय में हमारी पार्टी को मजबूती प्रदान करेंगे।” वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव हो, या बिहार में प्रदेश युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष या छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी, उन्होंने संगठन के हर दायित्व को पूरी निष्ठा और सफलता से निभाया है। बिहार में पांच बार विधायक एवं प्रदेश सरकार में मंत्री के रूप में उनके पास जनता के बीच लम्बे समय से कार्य करने का अनुभव है।नितिन नवीन भाजपा के बड़े नेताओं से एक और जेपी आंदोलन से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

आतंक पर जयशंकर की दो टूक: पोलैंड के शीर्ष नेतृत्व के साथ की बैठक, कहा- पड़ोस में आतंकी ढांचे को बढ़ावा न दें

जयशंकर ने पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से स्पष्ट बात रखी। उन्होंने कहा कि पोलैंड भारत के क्षेत्र और उसकी सुरक्षा चुनौतियों से भली-भांति परिचित है। सीमा पार आतंकवाद पर पोलैंड से साफ और संतुलित रुख अपनाने की अपेक्षा जताई। भारत के पड़ोस में सक्रिय आतंकी ढांचे को किसी भी तरह का समर्थन न देने पर जोर दिया। राजनीतिक या कूटनीतिक स्तर पर आतंक से जुड़े ढांचों को समर्थन अस्वीकार्य बताया। जयशंकर का यह संदेश उस पृष्ठभूमि में आया है, जब पिछले साल अक्तूबर में पोलैंड और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में कश्मीर का उल्लेख किया गया था। इसे लेकर भारत ने असंतोष जताया। बैठक में जयशंकर ने न सिर्फ आतंकवाद पर चिंता रखी, बल्कि यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत पर हो रहे चुनिंदा और अनुचित हमलों पर भी नाराजगी जताई।बैठक में विदेश मंत्री ने यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत पर हो रही आलोचना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर भारत को बार-बार निशाना बनाया जाना न तो उचित है और न ही न्यायसंगत। इस पर पोलैंड के विदेश मंत्री ने भी सहमति जताते हुए माना कि कुछ मामलों में भारत को चुनिंदा तौर पर टारगेट किया गया है।जयशंकर ने दोनों देशों के रिश्तों में आई मजबूती को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि अगस्त 2024 में नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला। व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वच्छ तकनीक और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। भारत-पोलैंड व्यापार करीब 7 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है और भारतीय निवेश से पोलैंड में रोजगार के नए अवसर बने हैं।जयशंकर ने भारत और पोलैंड के ऐतिहासिक मानवीय संबंधों का भी जिक्र किय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

Union Budget 2026: बजट के हर एक रुपये की पाई-पाई का हिसाब, आंकड़ों से समझिए क्या है कमाई-खर्च का पूरा गणित

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट लोकसभा में पेश किया था। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के इस पहले पूर्ण बजट पर पूरे देश की निगाहें टिकी थीं। सरकार ने आयकर को लेकर बड़े एलान किए थे, जिससे मध्यम और वेतनभोगी वर्ग को राहत मिलने की बात कही गई थी। इन सबके बीच लोग अक्सर बजट को लेकर चर्चा तो करते रहे, लेकिन बजट में पैसा कहां से आता है और कहां जाता है, यह हिसाब ठीक से नहीं समझ पाते थे। सरकार के पास आने वाले हर एक रुपये में कितना पैसा कहां से आया? सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में आम लोगों के लिए क्या था, इसे सही तरीके से समझने के लिए उसके पाई-पाई के हिसाब को समझना जरूरी है। आइए पूर्व के आंकड़ों से समझते हैं सरकार पैसा कहां से लाती है और कहां खर्च करती है… वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी को 50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पेश किया था। इस बजट को आधार बना कर देखें तो हम यह समझ सकेंगे कि बजट के हर एक रुपये का कितना पैसा कहां से आया और कहां गया… एक रुपये का कितना पैसा कहां से आया? बजट में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने एक रुपये का 24 पैसा उधारी और अन्य प्रकार की देयताओं (Borrowings & Other Liabilities) के जरिए जुटाया था। उधारी के बाद सरकार के खाते में सबसे ज्यादा राशि आयकर (Income Tax) से आई थी। इस मद से सरकार को एक रुपये के 22 पैसे मिले थे। इसके बाद माल और सेवा कर (GST) और अन्य करों की वसूली से सरकार को 18 पैसे से अधिक की आमदनी हुई थी। कंपनियों पर लगने वाले कर यानी निगम कर (Corporation Tax) के जरिए सरकार ने एक रुपये के 17 पैसे जुटाए थे। बजट 2024 के आंकड़ों के अनुसार, करों के अलावा अन्य स्रोतों (Non-Tax …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

Supreme Court: विजय शाह मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा- मुकदमा चलाने की मंजूरी देनी है या नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी पर दो हफ्ते के भीतर फैसला करे। यह मामला कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ उनके आपत्तिजनक बयानों से जुड़ा है। कोर्ट ने कहा कि विशेष जांच टीम ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट जमा कर दी है। अब राज्य सरकार की मंजूरी का इंतजार है, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 196 (साम्प्रदायिक नफरत फैलाना) के तहत कार्रवाई के लिए जरूरी है। एसआईटी ने शाह के अन्य कथित आपत्तिजनक बयानों का भी हवाला दिया है और कोर्ट ने इसके लिए भी रिपोर्ट मांगी है। सुप्रीम कोर्ट में शाह के वरिष्ठ वकील ने कहा कि शाह ने अपनी माफी दर्ज कराई है और जांच में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, कोर्ट ने माफी को रिकॉर्ड पर स्वीकार नहीं किया और कहा कि यह बहुत देर से दी गई है। इससे पहले, कोर्ट ने उनकी सार्वजनिक माफी को ‘घड़ियाली आंसू’ बताते हुए इसे कानूनी जिम्मेदारी से बचने का तरीका माना था। गौरतलब है कि यह मामला ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद उठकर सामने आया, जब शाह ने कर्नल कुरैशी के खिलाफ विवादित बयान दिए। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद शाह ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने उनके बयानों की निंदा करते हुए SIT जांच के आदेश दिए और फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।सुप्रीम कोर्ट में आज शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की याचिका पर सुनवाई होगी। मजीठिया ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें असमान संपत्ति मामले में जमानत नहीं दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हाईकोर्ट के फै …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

कौन बनेगा बीएमसी मेयर?: महाराष्ट्र में शिवसेना पार्षदों की किलेबंदी, होटल पॉलिटिक्स पर राउत ने पूछा- डर किसे?

#WATCH | Mumbai: At a press conference, Shiv Sena (UBT) Leader Sanjay Raut says, “… Narendra Modi wants BJP’s Mayor, but he did not explain how. The BJP does not have a complete mandate. Shinde Sena’s winning candidates are being kept in the Taj Lands End Hotel, almost like… pic.twitter.com/MPq7GQ9cfQ — ANI (@ANI) January 19, 2026 चुनाव आयोग और बीएमसी के अनुसार भाजपा ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की भाजपा को कुल 11,79,273 वोट यानी 21.58% वोट शेयर मिला जीतने वाले उम्मीदवारों में भाजपा का वोट शेयर 45.22% रहा भाजपा बीएमसी की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा की सहयोगी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने 29 सीटें जीतीं भाजपा-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन बना बीएमसी का सबसे बड़ा ब्लॉक शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट)-मनसे गठबंधन को कुल 71 सीटें कांग्रेस ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की एआईएमआईएम को 8 सीटें मिलीं एनसीपी ने 3 सीटें जीतीं समाजवादी पार्टी को 2 सीटें एनसीपी (शरद पवार गुट) को 1 सीट मिली बीएमसी चुनाव में 227 सदस्यीय सदन में भाजपा के पास सबसे अधिक 89 सीटें है। हालांकि मेयर बनाने के लिए 114 पार्षदों की जरूरत होती है। इस गणित के चलते मेयर पद को लेकर राजनीतिक जोड़-तोड़ तेज हो गई है।नतीजों के तुरंत बाद शिंदे गुट की शिवसेना ने अपने सभी 29 पार्षदों को मुंबई के एक पांच सितारा होटल में भेज दिया। पार्टी की ओर से इसे ओरिएंटेशन वर्कशॉप बताया गया, ताकि पार्षदों को देश की सबसे अमीर नगर पालिका बीएमसी के कामकाज की जानकारी दी जा सके।इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि भाजपा भी अपने पार्षदों को सुरक्षित जगह ले जाने की तैयारी में है, जो यह दिखाता है कि अंदरखाने राजनीतिक अस्थिरत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

Home Ministry: केंद्र से पांच केंद्र शासित प्रदेशों को अधिकार, अब औषधि-जादुई उपचार कानून के तहत होगी कार्रवाई

ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक ) अधिनियम, 1954 और इसके नियमों के तहत भ्रामक ों और दवाओं व औषधीय पदार्थों के बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावों पर रोक का प्रावधान है। इसमें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित आयुष दवाओं से जुड़े दावे भी शामिल हैं। यह कानून राज्य सरकारों की ओर से अधिकृत राजपत्रित अधिकारियों को अधिकार देता है कि वे किसी भी परिसर में प्रवेश कर सकें, तलाशी ले सकें, रिकॉर्ड की जांच या जब्ती कर सकें और भ्रामक या अनुचित ों के मामलों में कार्रवाई शुरू कर सकें। अब इन पांच केंद्र शासित प्रदेशों में यह अधिकार उपराज्यपालों या प्रशासकों के माध्यम से लागू होगा। हाल ही में गृह मंत्रालय की ओर से राजपत्र में अधिसूचित आदेश में यह अधिकार जम्मू-कश्मीर, लक्षद्वीप, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली व दमन और दीव तथा पुडुचेरी के उपराज्यपालों और प्रशासकों को दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि इन केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक, राष्ट्रपति के नियंत्रण के अधीन रहते हुए और अगले आदेश तक औषधि एवं जादुई उपचार (आपत्तिजनक ) अधिनियम, 1954 के तहत राज्य सरकार को प्राप्त शक्तियों और दायित्वों का अपने-अपने क्षेत्रों में इस्तेमाल करेंगे।अधिनियम के तहत 54 बीमारियों और विकारों, जिनमें डायबिटीज, मोटापा और कैंसर शामिल हैं, के इलाज के लिए दवाओं के पर प्रतिबंध है। ये बीमारियां अधिनियम की निषिद्ध अनुसूची में शामिल हैं। कानून कंपनियों को इन बीमारियों के इलाज के लिए किसी दवा को चमत्कारी इलाज के रूप में प्रचारित करने या बाजार में उतारने से रोकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान हिंसा में अब तक क्या हुआ?: 5000 मौतों के बाद भी नहीं थम रहा बवाल, जानें हिंसक प्रदर्शनों की 10 बड़ी बातें

ईरान में पिछले कुछ हफ्तों से जारी हिंसक प्रदर्शन और विरोध-प्रदर्शन अब भी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सरकारी दमन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बीच अब तक कम से कम 5,000 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग गिरफ्तार हैं। देश में इंटरनेट और मीडिया पर सख्त पाबंदियों के बावजूद विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच, सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खमनेई और सरकार ने विदेशी ताकतों को इस हिंसा का जिम्मेदार ठहराया है, वहीं अमेरिका और अन्य देशों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि देश के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खमनेई पर हमला किया गया, तो इसे पूरे ईरान के खिलाफ संपूर्ण युद्ध के बराबर माना जाएगा। यह बयान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर साझा किया। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा किसी भी अन्यायपूर्ण आक्रमण का हमारा जवाब कठोर और गंभीर होगा। सुप्रीम लीडर पर हमला ईरानी जनता के खिलाफ पूर्ण युद्ध के समान होगा।हालांकि ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट में ईरानी नेताओं का धन्यवाद भी किया, क्योंकि उन्होंने 800 बंदियों की फांसी रोक दी। दूसरी तरफ, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने कहा कि इन दंगों और तबाही के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वह मुख्य जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने कहा कि अशांति फैलाने वाले कुछ लोग ऐसे थे, जिन्हें अमेरिकी और इजरायली एजेंसियों ने पहचाना, प्रशिक्षित किया और भर्ती किया था। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी बाहरी दबाव या धमकी से नहीं डरेगा और अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनलों को एक विरोधी समूह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk