मुंबई महानगरपालिका में मेयर पद को लेकर चल रही राजनीतिक सरगर्मियों के बीच अब तस्वीर साफ होने की दिशा में कदम बढ़ गया है। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई समेत राज्य की 29 नगर निगमों में मेयर चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत 22 जनवरी को मुंबई के मेयर पद के आरक्षण को लेकर लॉटरी निकाली जाएगी। इस फैसले के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है। 15 जनवरी को हुए बीएमसी चुनाव में भाजपा ने 227 में से 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। लगभग 30 वर्षों बाद ठाकरे परिवार के गढ़ से सत्ता भाजपा गठबंधन के हाथ से निकल गई। भाजपा की सहयोगी, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी 65 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) को कुल छह सीटें प्राप्त हुईं। शहरी विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह लॉटरी राज्य सचिवालय में होगी। महाराष्ट्र में मेयर का चुनाव पार्षदों द्वारा किया जाता है और यह पद रोटेशन के आधार पर आरक्षित होता है। लॉटरी के जरिए यह तय होगा कि मेयर पद सामान्य वर्ग, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।आरक्षण की श्रेणी तय होने के बाद उसी वर्ग के योग्य उम्मीदवार मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। इसके बाद नगर निगम की विशेष बैठक में चुनाव कराया जाएगा। जिस उम्मीदवार को सदन की कुल संख्या के आधे से ज्यादा पार्षदों का समर्थन मिलेगा, वही मेयर चुना जाएगा। यदि किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो गठबंधन निर्णायक भूमिका निभाते हैं। अन्य दलों की स्थिति और प्रतीकात्मक अहमियत कांग्रेस को 24, एआईएमआईएम को आठ, अज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
BMC Reservation: मुंबई मेयर पद के लिए सियासत जारी, 22 जनवरी को लॉटरी से तय किया जाएगा महानगरपालिका का आरक्षण
मुंबई महानगरपालिका में मेयर पद को लेकर चल रही राजनीतिक सरगर्मियों के बीच अब तस्वीर साफ होने की दिशा में कदम बढ़ गया है। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई समेत राज्य की 29 नगर निगमों में मेयर चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत 22 जनवरी को मुंबई के मेयर पद के आरक्षण को लेकर लॉटरी निकाली जाएगी। इस फैसले के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है। 15 जनवरी को हुए बीएमसी चुनाव में भाजपा ने 227 में से 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। लगभग 30 वर्षों बाद ठाकरे परिवार के गढ़ से सत्ता भाजपा गठ