वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट लोकसभा में पेश किया था। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के इस पहले पूर्ण बजट पर पूरे देश की निगाहें टिकी थीं। सरकार ने आयकर को लेकर बड़े एलान किए थे, जिससे मध्यम और वेतनभोगी वर्ग को राहत मिलने की बात कही गई थी। इन सबके बीच लोग अक्सर बजट को लेकर चर्चा तो करते रहे, लेकिन बजट में पैसा कहां से आता है और कहां जाता है, यह हिसाब ठीक से नहीं समझ पाते थे। सरकार के पास आने वाले हर एक रुपये में कितना पैसा कहां से आया? सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में आम लोगों के लिए क्या था, इसे सही तरीके से समझने के लिए उसके पाई-पाई के हिसाब को समझना जरूरी है। आइए पूर्व के आंकड़ों से समझते हैं सरकार पैसा कहां से लाती है और कहां खर्च करती है… वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी को 50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पेश किया था। इस बजट को आधार बना कर देखें तो हम यह समझ सकेंगे कि बजट के हर एक रुपये का कितना पैसा कहां से आया और कहां गया… एक रुपये का कितना पैसा कहां से आया? बजट में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने एक रुपये का 24 पैसा उधारी और अन्य प्रकार की देयताओं (Borrowings & Other Liabilities) के जरिए जुटाया था। उधारी के बाद सरकार के खाते में सबसे ज्यादा राशि आयकर (Income Tax) से आई थी। इस मद से सरकार को एक रुपये के 22 पैसे मिले थे। इसके बाद माल और सेवा कर (GST) और अन्य करों की वसूली से सरकार को 18 पैसे से अधिक की आमदनी हुई थी। कंपनियों पर लगने वाले कर यानी निगम कर (Corporation Tax) के जरिए सरकार ने एक रुपये के 17 पैसे जुटाए थे। बजट 2024 के आंकड़ों के अनुसार, करों के अलावा अन्य स्रोतों (Non-Tax …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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