ईरान में पिछले कुछ हफ्तों से जारी हिंसक प्रदर्शन और विरोध-प्रदर्शन अब भी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सरकारी दमन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बीच अब तक कम से कम 5,000 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग गिरफ्तार हैं। देश में इंटरनेट और मीडिया पर सख्त पाबंदियों के बावजूद विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच, सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खमनेई और सरकार ने विदेशी ताकतों को इस हिंसा का जिम्मेदार ठहराया है, वहीं अमेरिका और अन्य देशों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि देश के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खमनेई पर हमला किया गया, तो इसे पूरे ईरान के खिलाफ संपूर्ण युद्ध के बराबर माना जाएगा। यह बयान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर साझा किया। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा किसी भी अन्यायपूर्ण आक्रमण का हमारा जवाब कठोर और गंभीर होगा। सुप्रीम लीडर पर हमला ईरानी जनता के खिलाफ पूर्ण युद्ध के समान होगा।हालांकि ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट में ईरानी नेताओं का धन्यवाद भी किया, क्योंकि उन्होंने 800 बंदियों की फांसी रोक दी। दूसरी तरफ, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने कहा कि इन दंगों और तबाही के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वह मुख्य जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने कहा कि अशांति फैलाने वाले कुछ लोग ऐसे थे, जिन्हें अमेरिकी और इजरायली एजेंसियों ने पहचाना, प्रशिक्षित किया और भर्ती किया था। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी बाहरी दबाव या धमकी से नहीं डरेगा और अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनलों को एक विरोधी समूह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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