Halwa Ceremony: बजट पेश होने से पहले क्यों मनाई जाती है हलवा सेरेमनी, क्या है परंपरा का महत्व? जानें सबकुछ

Halwa Ceremony: केंद्रीय बजट से पहले हर साल वित्त मंत्रालय में एक खास परंपरा निभाई जाती है, जिसे हलवा सेरेमनी कहा जाता है। यह समारोह केंद्रीय वित्त मंत्री की मौजूदगी में नॉर्थ ब्लॉक में आयोजित होता है और बजट तैयार करने की अंतिम प्रक्रिया की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। हलवा सेरेमनी दरअसल बजट तैयार करने की ‘लॉक-इन’ प्रक्रिया शुरू होने से पहले आयोजित की जाती है। इसका मतलब यह होता है कि बजट को अंतिम रूप दे दिया गया है और अब इसकी छपाई का काम शुरू होने जा रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 1 min · National Desk

अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ: ग्रहों की बदलती चाल, हाथों की लकीरें और पत्ते खोलेंगे राज, होंगे तीन विशेष सत्र

8वें अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ में ग्रहों की बदलती चाल, हाथों की लकीरें और पत्ते भविष्य के राज खोलेंगे। महाकुंभ में तीन विशेष सत्र होंगे, जिनमें अलग-अलग विधाओं के माहिर ज्योतिषाचार्य मंथन करेंगे और अपनी बात रखेंगे। 24 जनवरी को सुबह नौ बजे ज्योतिष महाकुंभ का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। पहले दिन ग्रहों की स्थिति समय की बदलती परिस्थिति विषय पर विशेष सत्र होगा, जिसमें देश के नामी ज्योतिषाचार्य ग्रहों की चाल से बदलने वाले हालातों पर जानकारी देने के साथ ही सवालों के जवाब भी देंगे। दूसरे दिन, समापन समारोह में प्रदेश के राज्यपाल ले. जन. गुरमीत सिंह(सेवानिवृत्त) बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इसी दिन हाथों की चंद लकीरें और पत्तों के साथ पलटेगी किस्मत विषय पर विशेष सत्र होंगे, जिनमें विषयों के विशेषज्ञ सवालों के जवाब देंगे। अगर आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है तो खबर में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके जल्द करा लें। दोनों दिन निशुल्क ज्योतिषीय परामर्श का मौका मिलेगा। ऐसे कराएं पंजीकरण 8वें ज्योतिष महाकुंभ में निशुल्क ज्योतिषीय परामर्श के लिए निशुल्क पंजीकरण शुरू हो गया है। आप भी खबर में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करें। लिंक पर क्लिक करने के बाद एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलेगा। इसमें मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराएं और सबमिट कर दें। आपका पंजीकरण हो जाएगा। ये भी पढे़ं…Mussoorie Snowfall: ट्रेंडिंग में आज पहाड़ों की रानी, बर्फ की पहली चादर के साथ लौटा जादू, रील्स-वीडियो वायरल यह हैं सहयोगी : ज्योतिष महाकुंभ में मुख्य सहयोगी ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, हॉस्पिटैलिटी पार्टनर होटल सैफरन लीफ और विशेष सहयोगी एमडीडीए, कमल ज्वैलर्स, सुविधा सुपर मार् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk

EU-India: अमेरिका-चीन ने खड़ी की समस्या, यूरोप से मिलेगा समाधान! भारत के लिए क्यों जरूरी है ये समझौता?

अमेरिका के द्वारा लगाए गए टैरिफ का भारत ने सफलतापूर्वक सामना किया है। इस टैरिफ के बाद भी भारत 2025-26 में तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनने में सफल रहा है। लेकिन आर्थिक विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिकी टैरिफ ने भारत के व्यापार को प्रभावित किया है। यदि अमेरिकी अड़ंगा न होता तो भारत इससे भी बेहतर बढ़त हासिल करने में सफल हो सकता था। इसी तरह चीन ने भी ‘रेयर अर्थ मेटल’ की सप्लाई रोककर भारत सहित पूरी दुनिया के सामने संकट खड़ा कर दिया था। लेकिन भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच होने जा रहे समझौते से अमेरिका-चीन की समस्याओं का दीर्घकालिक समाधान मिल सकता है। यदि भारत-यूरोपीय यूनियन के बीच डील सही तरीके से अपने अंजाम पर पहुंची तो इससे अमेरिका पर भी दबाव पड़ने की संभावना है। 27 जनवरी को उच्च स्तरीय बैठक भारत और यूरोपीय यूनियन के उच्चाधिकारियों की एक शीर्ष बैठक 27 जनवरी को नई दिल्ली में होगी। इस बैठक में भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिस्सा लेंगे। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर येलेन इसमें हिस्सा लेंगे। ये दोनों मेहमान गणतंत्र दिवस समारोह पर मुख्य अतिथि भी होंगे। उर्सुला ने यूरोपीय यूनियन और भारत के बीच होने वाले व्यापार समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा है। इससे यह संकेत मिलते हैं कि दोनों व्यापारिक साझेदार बड़े व्यापारिक समझौते कर सकते हैं जो दोनों पक्षों के हित में होंगे। हालांकि, केवल इसी दौरे में सब कुछ हो जाएगा, इस तरह की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। उर्सुला वॉन डेर येलेन ने कहा है कि दोनों देशों के बीच समझौते में अभी भी कई अहम उपाय किए जाने शेष हैं, लेकिन एक बेहतर समझौते तक पहुंचने में यह बैठक मील क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk

SC: थिरुपरनकुंद्रम के मुरुगन मंदिर का नियंत्रण केंद्र को सौंपने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

हिंदू धर्म परिषद नामक संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की है। याचिका में मांग की गई है कि तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह मदुरै के थिरुपरनकुंद्रम भगवान मुरुगन सुब्रमण्य स्वामी मंदिर का पूरा नियंत्रण केंद्र सरकार को सौंप दे। साथ ही थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित दीपथून (पत्थर का प्राचीन दीप) में रोजाना 24 घंटे दीप प्रज्वल्लित करने की इजाजत दी जाए। याचिका में ये भी मांग की गई है कि कार्तिगई के दिन पूरी थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर दीप जलाने और भगवान मुरुगन के भक्तों को पूजा करने की मंजूरी दी जाए। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने याचिका पर केंद्र सरकार, एएसआई (पुरातत्व विभाग) तमिलनाडु सरकार, मदुरै जिला प्रशासन, मदुरै पुलिस आयुक्त और सुब्रमण्य स्वामी मंदिर के पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा है। मद्रास उच्च न्यायालय ने बीती 1 दिसंबर को मंदिर प्रबंधन को थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी की चोटी पर दीपक जलाने का आदेश दिया था। तमिलनाडु सरकार ने आदेश को लागू करने में बाधा डालने की कोशिश की, जिसके लिए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार भी लगाई। तमिलनाडु सरकार द्वारा अदालत के आदेश का पालन न करने पर अवमानना याचिका भी दायर की गई, जिस पर हाईकोर्ट ने 3 दिसंबर को सीआईएसएफ की सुरक्षा में भक्तों को पहाड़ी पर दीप प्रज्वलित करने की अनुमति दी। आदेश का पालन न करने पर अदालत ने अवमानना आदेश जारी किया और राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को हाईकोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया। तमिलनाडु सरकार ने अवमानना आदेश के खिलाफ अपील दायर की, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi: 'प्रधानमंत्री इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने में सबसे माहिर', कांग्रेस ने क्यों लगाए ये आरोप?

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला कांग्रेस संचार प्रभारी और महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में आरोप लगाया कि पीएम मोदी व्यवस्थागत तरीके से महात्मा गांधी की यादों और विरासत को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। जयराम रमेश ने पोस्ट में लिखा, ‘बीते महीने संसद में राष्ट्रगीत पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी और उनके सहयोगी बेनकाब हो गए। राष्ट्रगान के इतिहास से भी छेड़छाड़ की कोशिश की गई और इस दौरान गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का भी अपमान का प्रयास किया गया।’ ‘आज 23 जनवरी 2026 के दिन देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती मना रहा है, जिन्होंने 1937 में वंदे मातरम की पंक्तियों को लेकर हुए विवाद को सुलझाने में मुख्य भूमिका निभाई, जिसका पीएम मोदी ने जानबूझकर जिक्र नहीं किया।’ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शुक्रवार को तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने में सबसे माहिर हैं। कांग्रेस ने ये भी कहा कि राष्ट्रगान के इतिहास से भी छेड़छाड़ की कोशिश की गई और बीते महीने संसद में वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान रवींद्रनाथ टैगोर का भी अपमान करने का प्रयास किया गया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 1 min · National Desk

PM Modi: पीएम मोदी ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, तो सीएम ममता बनर्जी ने कर दी ये मांग

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं पीएम मोदी ने श्रद्धांजलि संदेश में क्या लिखा? एक्स पर साझा कई पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा , ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर, जिसे पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है, हम उनके अदम्य साहस, संकल्प और राष्ट्र के प्रति अद्वितीय योगदान को याद करते हैं। वे निडर नेतृत्व और अटूट देशभक्ति की मिसाल थे। उनके आदर्श एक मजबूत भारत बनाने के लिए पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बोस ने उन्हें हमेशा बहुत प्रेरित किया है, और नेताजी को सम्मानित करने के लिए उन्होंने 23 जनवरी, 2009 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में ई-ग्राम विश्वग्राम योजना शुरू की थी। पीएम मोदी ने लिखा ‘यह गुजरात के आईटी परिदृश्य को बदलने के उद्देश्य से एक अग्रणी योजना थी। यह योजना हरिपुरा से शुरू की गई थी, जिसका नेताजी बोस के जीवन में एक विशेष स्थान था। मैं कभी नहीं भूलूंगा कि हरिपुरा के लोगों ने मेरा कैसे स्वागत किया और उसी सड़क पर जुलूस निकाला जिस पर नेताजी बोस चले थे।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 2012 में, अहमदाबाद में आजाद हिंद फौज दिवस मनाने के लिए एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें बोस से प्रेरित लोग शामिल हुए थे, जिसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी ए संगमा भी शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि बोस के शानदार योगदान को याद करना उन लोगों के एजेंडे में फिट नहीं बैठता था जिन्होंने दशकों तक देश पर शासन किया। इसलिए, उन्हें भुलाने की कोशिश की गई। लेकिन हमारी मान्यताएं अलग हैं। हर संभव मौके पर, हमने उनके जीवन और आदर्शों को लोकप्रिय बनाया है।’ पीएम मोदी ने कहा कि उनसे संबंधित फाइलों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करना एक ऐ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk

Dhar Bhojshala Dispute Live: थोड़ी देर में निकलेगा लालबाग से जुलूस, केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर भी पहुंचीं

10:50 AM, 23-Jan-2026 आने वाले भक्तों के लिए लगे भोजन के स्टॉल गौशाला में आने वाले भक्तों के लिए धार के सामाजिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा भोजन के स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को पूड़ी-आलू की सब्जी, पोहा और चाय उपलब्ध कराई जा रही है। गौशाला में आने वाले भक्तों के लिए धार के सामाजिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा भोजन के स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को पूड़ी-आलू की सब्जी, पोहा और चाय उपलब्ध कराई जा रही है। 10:45 AM, 23-Jan-2026 थोड़ी देर में निकलेगा लालबाग से जुलूस लालबाग से कुछ ही देर में अब एक जुलूस निकलेगा जो भोजशाला तक पहुंचेगा। जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल होंगे। लालबाग से कुछ ही देर में अब एक जुलूस निकलेगा जो भोजशाला तक पहुंचेगा। जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल होंगे। 10:37 AM, 23-Jan-2026 बड़ी संख्या में लोग भोजशाला पहुंच रहे हैं 10:33 AM, 23-Jan-2026 केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भोजशाला पहुंचीं केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भाजपा जिलाध्यक्ष महंत निलेश भारती के साथ भोजशाला में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचीं हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भाजपा जिलाध्यक्ष महंत निलेश भारती के साथ भोजशाला में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचीं हैं। 10:08 AM, 23-Jan-2026 पीजी कॉलेज में अस्थाई जेल, तीन बड़े हॉल रिजर्व किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए इस बार पीजी कॉलेज में अस्थाई जेल तैयार की गई है। विधिक कक्षा संचालित परिसर में तीन बड़े हॉल रिजर्व किए गए हैं। 21 से 27 जनवरी तक कॉलेज को अस्थाई जेल के रूप में उपयोग करने के लिखित आदेश भी जारी किए गए हैं। 09:51 AM, 23-Jan-2 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk

Pakistan: शांति बोर्ड में शामिल होकर अपने ही घर में घिरे शहबाज, विपक्ष का तंज- क्या अब नेतन्याहू संग बैठेंगे

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं अमेरिका के साथ गलबहियां करने के चक्कर में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपने ही घर में सवालों के बीच घिर गए हैं। उन्हें विपक्ष की कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड की अध्यक्षता में बने शांति बोर्ड में शामिल होने के लिए शरीफ ने शरीफ ने गुरुवार को हस्ताक्षर किए। पाकिस्तान समेत 19 देशों के नेताओं ने दावोस में इस समूह के चार्टर के रूप में अपना-अपना नाम दर्ज कराया। इस दौरान जब शहबाज का हस्ताक्षर करने का वक्त आया तो वह ट्रंप के बगल में बैठक मुस्कुराते नजर आए। हालांकि, इस फैसले ने पाकिस्तान के अंदर बवाल मचा दिया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 1 min · National Desk

Trump: दावोस में कार्नी के भाषण से नाराज हुए ट्रंप? बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का आमंत्रण कनाडा से वापस लिया

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं ट्रंप ने क्या कहा? डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, ‘प्रिय प्रधानमंत्री कार्नी: कृपया इस पत्र को इस बात का सबूत मानें कि कनाडा के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के संबंध में आपको दिया गया आमंत्रण वापस ले रहा है, जो अब तक का सबसे प्रतिष्ठित बोर्ड ऑफ लीडर्स होगा।’ इससे पहले गुरुवार को भी ट्रंप ने मार्क कार्नी के भाषण को लेकर नाराजगी जाहिर की थी और कनाडा के प्रधानमंत्री को एहसान फरामोश बता दिया था। ट्रंप ने कहा था, ‘कनाडा को अमेरिका से बहुत चीजों का फायदा मिला है। ऐसे में उन्हें (कार्नी) अमेरिका का एहसानमंद होना चाहिए, लेकिन वे नहीं हैं। मैंने कल आपके प्रधानमंत्री को देखा और वे बहुत आभारी नहीं थे।’ मार्क कार्नी ने क्या कहा था कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में दावोस में एक धमाकेदार बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि दुनिया की मौजूदा व्यवस्था संकट में है और अमेरिकी वर्चस्व खत्म हो रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री ने अमेरिका के वर्चस्व को चुनौती देते हुए ग्रीनलैंड मुद्दे पर डेनमार्क का समर्थन किया। कार्नी ने कहा कि दुनिया की मौजूदा व्यवस्था बदलाव के दौर से नहीं गुजर रही है, बल्कि पूरी व्यवस्था ही संकट में है। ऐसे में मध्य ताकत वाले देशों को एकजुट होना चाहिए। कार्नी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक व्यवस्था पर अमेरिका की पकड़ थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन में अमेरिका द्वारा तानाशाही की जा रही है, जिसके चलते वैश्विक व्यवस्था संकट में है। उन्होंने कहा कनाडा जैसे देश पहले से जानते थे कि अंतरराष्ट्रीय नियम आधारित व्यवस्था का विचार सिर्फ काल्पनिक है। दावोस में विश्व आर्थिक सम्मेलन के दौरान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 2 min · National Desk

TOP News: रूस-यूक्रेन जंग पर महामंथन आज; तमिलनाडु में पीएम मोदी भरेंगे चुनावी हुंकार; पहाड़ से मैदान तक अलर्ट

Census 2027: गृह मंत्रालय ने पहले चरण की जनगणना के लिए जारी की अधिसूचना,पारिवारिक जानकारी के साथ देने होंगे इन 33 सवालों के जवाब देश में जनगणना 2027 का पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच किया जाएगा। पहले चरण में घरों की सूची तैयार की जाएगी, जिसके लिए प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की ओर से निर्धारित 30 दिनों की अवधि में अभियान चलाया जाएगा। इस अधिसूचना में वे 33 सवाल दिए गए हैं, जो गणना अधिकारियों द्वारा जनता से पूछे जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर… …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 23, 2026 · 1 min · National Desk