हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट हुई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 961.42 अंक या 1.17 प्रतिशत गिरकर 81,287.19 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसमें 1,089.46 अंक या 1.32 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 81,159.15 पर पहुंचा। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 317.90 अंक या 1.25 प्रतिशत गिरकर 25,178.65 पर बंद हुआ। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे गिरकर 90.99 पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों का हाल सेंसेक्स पैक में, सन फार्मा, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन, महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। एचसीएल टेक, ट्रेंट, इंफोसिस और इटरनल को लाभ हुआ। निवेशकों के डूबे 4.98 लाख करोड़ रुपये भारी गिरावट के चलते शुक्रवार को निवेशकों की संपत्ति में 4.98 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण एक ही दिन में 4,98,603.42 करोड़ रुपये घटकर 4,63,50,671.27 करोड़ रुपये (5.10 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) हो गया। क्या है बाजार में गिरावट के कारण? जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि वैश्विक बाजार के कमजोर संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के बीच भारतीय बाजारों में स्थिरता बनी रही, निवेशकों का नजरिया तेजी से सतर्क हो गया। अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता में प्रगति न होने से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं। वहीं कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी अनिश्चितता भी सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित हो रही है। उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर, आय सत्र समाप्त होने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
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