एआई टोकन हब क्या है और इसमें 19 अरब डॉलर की कमाई कैसे होगी? जवाब: केंद्र सरकार विदेशी कंपनियों को भारत में एआई इन्फरेंस हब या टोकन कारखाने लगाने के लिए 20 साल की टैक्स छूट दे रही है। पश्चिमी देशों की दिग्गज टेक कंपनियां चीनी विकल्पों से मुकाबले के लिए भारत की सस्ती सौर ऊर्जा का उपयोग कर रही हैं, जिससे भारत एक आकर्षक वर्चुअल बैटरी बन गया है। उदाहरण के लिए, आंध्र प्रदेश ने 15 अरब डॉलर के डेटा-सेंटर के लिए गूगल को 2.4 अरब डॉलर का इंसेंटिव ऑफर किया है। एक अनुमान के मुताबिक, 2030 तक भारत सालाना 12 क्वाड्रिलियन टोकन का उत्पादन करेगा, जिसका 80 प्रतिशत हिस्सा निर्यात करके डेटा सेंटर्स 19 अरब डॉलर (रुपये में करीब 1.74 लाख यानी दो लाख करोड़ रुपये ) का भारी राजस्व प्राप्त कर सकते हैं। आईटी क्षेत्र पर एआई के असर पर बाजार क्या कह रहा? जानकारों का कहना है कि कृत्रित बुद्धिमत्ता (एआई) की वजह से आईटी शेयरों में बिकवाली तेजी से बढ़ रही है। अकेले फरवरी के महीने में निफ्टी आईटी शेयरों में 19.13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। जिसकी वजह से आईटी इंडेक्स का मार्केट कैप 6.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया है। फरवरी का महीना आईटी कंपनियों के लिए सबसे खराब महीने में से एक रहा, क्योंकि नए और अधिक उन्नत एआई उपकरणों, एंथ्रोपिक जैसे स्टार्टअप से आने वाले नए उपकरणों के वजह आईटी कंपनियों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिसकी वजह से निवेशकों ने आईटी शेयरों में बिकवाली करना शुरू कर दिया है। ब्रोकरेज फर्मस के विशेषज्ञों के अनुसार एआई व्यवधान की आंशकाओं के चलते निफ्टी में आईटी शेयरों में 19 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। इसी महीने अब निफ्टी में अब तक आईटी इंडेक्स का मार्केट कैप 6.4 लाख करोड़ रुपये से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
AI का प्रहार: आईटी की 60 लाख नौकरियां खतरे में, क्या ₹2 लाख करोड़ का नया टोकन हब बनने से भारत को मिलेगी राहत?
एआई टोकन हब क्या है और इसमें 19 अरब डॉलर की कमाई कैसे होगी? जवाब: केंद्र सरकार विदेशी कंपनियों को भारत में एआई इन्फरेंस हब या टोकन कारखाने लगाने के लिए 20 साल की टैक्स छूट दे रही है। पश्चिमी देशों की दिग्गज टेक कंपनियां चीनी विकल्पों से मुकाबले के लिए भारत की सस्ती सौर ऊर्जा का उपयोग कर रही हैं, जिससे भारत एक आकर्षक वर्चुअल बैटरी बन गया है। उदाहरण के लिए, आंध्र प्रदेश ने 15 अरब डॉलर के डेटा-सेंटर के लिए गूगल को 2.4 अरब डॉलर का इंसेंटिव ऑफर किया है। एक अनुमान के मुताबिक, 2030 तक भारत सालाना 12 क्