West Bengal: क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक गठजोड़ ही सत्ता की चाबी; पहचान बनाम राष्ट्रीयता के बीच सिमटी असली लड़ाई

बंगाल में विधानसभा की कुल सीटें 294 हैं। 2021 में तृणमूल ने 213 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा को 77 सीटें मिली थीं। चार सीटें निर्दलीयों के खाते में गई थीं। यह महज एक समग्र आंकड़ा नहीं है। इसकी असली ताकत तब समझ आती है, जब भौगोलिक क्षेत्रों में बांटकर देखते हैं। 2026 का चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का चुनाव नहीं, बल्कि दो अलग-अलग राजनीतिक मॉडल वेलफेयर और क्षेत्रीय पहचान बनाम विकास और राष्ट्रीय राजनीति के बीच सीधी टक्कर है। जिसने क्षेत्रीय गणित साध लिया, वही बंगाल की सत्ता पर काबिज होगा।एक ओर तृणमूल कांग्रेस है, जो अपनी कल्याणकारी योजनाओं व बंगाली अस्मिता के मुद्दे को केंद्र में रखकर चुनाव लड़ रही है। पार्टी महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, मुफ्त राशन, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं के सहारे सीधे मतदाताओं तक पहुंच बनाने में जुटी है। साथ ही बाहरी बनाम स्थानीय की बहस को भी धार दे रही है।वहीं, दूसरी ओर भाजपा विकास, निवेश और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के एजेंडे के साथ मैदान में है। वह रोजगार, उद्योग और कानून-व्यवस्था को मुख्य मुद्दा बना रही है। साथ ही बांग्लादेशी घुसपैठियों के जरिये राष्ट्रीयता के मुद्दे को हवा दे रही है, तो केंद्रीय योजनाओं और डबल इंजन सरकार के जरिए तेज विकास का दावा कर रही है। विश्लेषक कहते हैं बंगाल का चुनाव फिर यह साफ कर रहा है कि यहां सत्ता का फैसला किसी एक मुद्दे से नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संतुलन और वोट ट्रांसफर से होता है।उत्तर बंगाल में कुल 54 सीटें हैं। यह भाजपा का गढ़ माना जाता है। 2021 में उसे 30 सीटें मिली थीं, जबकि तृणमूल को 24। सीमावर्ती व पहाड़ी इलाकों में भाजपा ने मजबूत पकड़ बनाई। यही वह क्षेत्र था, जिसने उसे बंगाल में मुख्य विप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

Delhi Budget: 24 मार्च को आएगा बजट, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ली किन्नर समुदाय से राय; कई मुद्दों पर बात

बजट से पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को किन्नर समुदाय से उनकी समस्याएं और सुझाव लिए। सरकार ने भरोसा दिया कि इन सुझावों को बजट में जगह दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में किन्नर समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक की। इसमें समुदाय के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए और रोजगार, स्वास्थ्य, आवास व बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने पूरी बात सुनी और भरोसा दिया कि किन्नर समुदाय के सुझावों को आगामी बजट में प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ऐसा बजट बनाना चाहती है, जो हर वर्ग की जरूरतों को पूरा करे और सभी को साथ लेकर चले। बैठक में प्रतिनिधियों ने सहेली पिंक कार्ड के जरिए डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा के फैसले का स्वागत किया और इसे बड़ी राहत बताया। उनका कहना था कि इससे रोजमर्रा की जिंदगी आसान होगी और आर्थिक बोझ भी कम होगा।समुदाय ने सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा संवेदनशील बनाने और कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने की मांग रखी। बेहतर आवास, साफ-सफाई और जरूरी सुविधाओं पर भी जोर दिया गया। पहचान पत्र और दस्तावेज से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की मांग की।इससे पहले, बजट सत्र की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से मुलाकात की। 23 मार्च से सत्र शुरू होगा और तय हुआ कि 24 मार्च को दिल्ली का बजट पेश किया जाएगा। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिस्ट और मुख्य सचेतक अभय वर्मा भी मौजूद रहे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

'हालात वैसे ही हैं': अब्बास अराघची का अमेरिका पर निशाना, वियतनाम युद्ध और फाइव ओ क्लॉक फॉलीज का किया जिक्र

अब्बास अराघची ने अपने बयान में फाइव ओ क्लॉक फॉलीज का जिक्र किया, जो 1960 के दशक में साइगॉन में अमेरिकी सेना की दैनिक प्रेस ब्रीफिंग को कहा जाता था। इन ब्रीफिंग में युद्ध में जीत का दावा किया जाता था, जबकि वास्तविक स्थिति इसके उलट थी। वियतनाम युद्ध में अमेरिका के 50 हजार से अधिक सैनिक मारे गए थे और कुल मिलाकर करीब 30 लाख लोगों की जान गई थी।ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि उस समय भी अमेरिकी जनरल विलियम वेस्टमोरलैंड ने देश लौटकर यह भरोसा दिलाया था कि युद्ध में प्रगति हो रही है और जीत करीब है। लेकिन जनवरी 1968 में टेट ऑफेंसिव के बाद यह धारणा पूरी तरह टूट गई, जब उत्तर वियतनाम और वियतकॉन्ग ने एक साथ 100 से ज्यादा शहरों पर हमला किया।अराघची ने मौजूदा हालात की तुलना करते हुए कहा कि आज भी अमेरिकी सरकार और जमीनी सच्चाई में अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि जहां अमेरिका ईरान की वायु रक्षा प्रणाली के खत्म होने की बात कह रहा है, वहीं एक एफ 35 लड़ाकू विमान को ईरानी हमले के बाद इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।इस घटना पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि एक एफ 35 विमान ने ईरान के ऊपर मिशन के बाद क्षेत्रीय एयरबेस पर सुरक्षित लैंडिंग की है और मामले की जांच की जा रही है।अराघची ने यह भी कहा कि अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती को लेकर किए जा रहे दावों के विपरीत, यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड और यूएसएस अब्राहम लिंकन जैसे विमानवाहक पोत अपने अग्रिम मोर्चों से पीछे हटे हैं। हालांकि, जानकारी के अनुसार यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड में आग लगने के बाद उसे मरम्मत के लिए ग्रीस के क्रेट द्वीप की ओर ले जाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह घटना युद्ध से जुड़ी नहीं थी।ईरान का द …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal: मतदाता सूची विवादों के निपटारे के लिए चुनाव आयोग ने बनाए अपीलीय ट्रिब्यूनल, 19 पूर्व जज नियुक्त

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से जुड़े आरोपों के समाधान के लिए बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने विभिन्न जिलों में अपीलीय ट्रिब्यूनल गठित किए हैं, जहां मतदाताओं का नाम जोड़ने या हटाने से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाएगी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 10 मार्च 2026 के आदेश और कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश के आधार पर लिया गया है। The Election Commission of India constitutes the following Appellate Tribunal(s) for hearing appeals against orders passed by the designated Judicial Officers in respect of inclusion or exclusion of prospective electors in the electoral roll of the State of West Bengal : pic.twitter.com/kVBRNLgmQg — ANI (@ANI) March 20, 2026 आयोग द्वारा गठित इन ट्रिब्यूनलों में कई पूर्व न्यायाधीशों को शामिल किया गया है। इनमें टी.एस. शिवज्ञानम, प्रदीप्त राय, तपन सेन, प्रणब कुमार देब समेत कुल 19 सदस्य शामिल हैं। ये सभी विभिन्न जिलों में अपीलों की सुनवाई करेंगे। इन ट्रिब्यूनलों में वे अपीलें सुनी जाएंगी, जो नाम जोड़ने या हटाने से संबंधित आदेशों के खिलाफ दायर की जाएंगी। यानी अगर किसी मतदाता को सूची में शामिल नहीं किया गया है या नाम हटा दिया गया है, तो वह यहां अपील कर सकेगा।आयोग ने इन ट्रिब्यूनलों को राज्य के अलग-अलग जिलों जैसे 24 परगना, हावड़ा, दार्जिलिंग, मुर्शिदाबाद, मालदा और बीरभूम में तैनात किया है, ताकि स्थानीय स्तर पर ही मामलों का तेजी से निपटारा हो सके। 23 मार्च को जारी हो सकती है पहली पूरक मतदाता सूची, अंतिम तैयारियां तेज पश्चिम बंगाल में पहली पूरक मतदाता सूची 23 मार्च को जारी होने की संभावना है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी न …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Crisis: मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका-इस्राइल पर जीत का किया दावा; परमाणु हथियारों पर बोले पेजेशकियन

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने नवरोज पर ईरान की जनता को शुभकामना संदेश देते हुए बड़ा दावा किया है। उनके अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इस्राइल पर जीत हासिल कर ली है। उनके मुताबिक, देश के अंदर अलग-अलग विचारों के बावजूद लोगों की एकता से दुश्मन कमजोर पड़ा है। अमेरिका और इस्राइल को लगा था कि बड़े नेताओं को मारकर सरकार गिरा देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 21, 2026 · 1 min · National Desk

दिल्ली दंगा आरोपी ताहिर हुसैन को जमानत: इलाज के लिए कोर्ट से मिली राहत, 15 दिन में सर्जरी कराने का निर्देश

2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के आरोपी पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को कोर्ट ने मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत दी है। उन्होंने इनगुइनल हर्निया के इलाज के लिए स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जमानत की मांग की थी। कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली सरकार को उनकी सर्जरी 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। ताहिर हुसैन ने कड़कड़डूमा कोर्ट में याचिका दायर कर इनगुइनल हर्निया का हवाला दिया था। उन्हें जल्द सर्जरी और विशेष देखभाल की आवश्यकता है। संक्रमण से बचाव व रिकवरी के लिए जेल से बाहर रहना जरूरी बताया गया। कोर्ट ने दिल्ली सरकार को हुसैन की सर्जरी के बाद अस्पताल व जेल दोनों जगह पूरी देखभाल सुनिश्चित करने का आदेश दिया।यह आदेश अंतरिम जमानत की अर्जी पर आया है। 2020 फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी। यह हिंसा नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़की थी। जांच एजेंसियों ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है, जिसमें ताहिर हुसैन मुख्य आरोपी हैं। जनवरी 2026 में उनकी नियमित जमानत भी खारिज हुई थी।ताहिर हुसैन ने अपनी याचिका में इनगुइनल हर्निया से पीड़ित होने की जानकारी दी थी। उन्होंने जल्द सर्जरी और विशेष देखभाल की आवश्यकता पर जोर दिया था। सर्जरी के बाद संक्रमण से बचाव और उचित रिकवरी के लिए जेल से बाहर रहना जरूरी बताया गया। इन्हीं स्वास्थ्य आधारों पर उन्होंने कोर्ट से अंतरिम जमानत की मांग की थी।कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली सरकार को ताहिर हुसैन की हर्निया सर्जरी 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि उन्हें सर्जरी के बाद अस्पताल और जेल दोनों जगह पूरी देखभाल मिले। यह सुनिश्चित करना दि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 20, 2026 · 2 min · National Desk

US-Israel Attack: इस्राइली हमले में IRGC प्रवक्ता और खुफिया मंत्री की मौत, तेहरान में हड़कंप

इतना ही नहीं, अभी ईरान इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि देश के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की भी एक हमले में मौत हो गई। सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने खतीब की मौत पर शोक व्यक्त किया है। जानकारी के मुताबिक, ब्रिगेडियर जनरल नैनी को निशाना बनाकर किए गए हमले में अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। नैनी केवल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता ही नहीं थे, बल्कि वे ईरान के मनोवैज्ञानिक युद्ध के मास्टरमाइंड भी माने जाते थे।वहीं, खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की मौत ईरान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। खतीब पर देश के भीतर और बाहर जासूसी नेटवर्क को मजबूत करने की जिम्मेदारी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही समय में सैन्य प्रवक्ता और खुफिया प्रमुख का मारा जाना इस बात का संकेत है कि हमलावरों के पास ईरान के सुरक्षा घेरे की सटीक जानकारी थी।इन हाई-प्रोफाइल मौतों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। तेहरान के गलियारों में बदले की मांग तेज हो गई है। सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई का शोक संदेश न केवल दुख प्रकट करता है, बल्कि यह ईरान के भविष्य के कड़े रुख का संकेत भी माना जा रहा है। इस्राइल और अमेरिका ने फिलहाल इन रिपोर्ट्स पर आधिकारिक तौर टिप्पणी नहीं की है, लेकिन ईरान ने सीधे तौर पर इन दोनों देशों को जिम्मेदार ठहराया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि यह कासिम सुलेमानी की मौत के बाद ईरान के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा संकट है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 20, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Conflict: 6 भारतीयों की मौत, 3 लाख की वतन वापसी; खाड़ी देशों में फंसे लोगों पर MEA की पैनी नजर

विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर. महाजन ने बताया कि सऊदी अरब, ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। सरकार का पूरा जोर इस वक्त उन परिवारों को राहत पहुंचाने पर है। लापता भारतीय की सुरक्षित बरामदगी के लिए भी स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ ‘सर्च ऑपरेशन’ तेज कर दिए गए हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के पांच प्रभावशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बात कर भारत का रुख स्पष्ट किया है।प्रधानमंत्री ने ओमान के सुल्तान से भी बात की। पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को केवल ‘संवाद और कूटनीति’ के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। भारत का प्राथमिक उद्देश्य फिलहाल तनाव को कम करना और क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति की बहाली करना है।इस कूटनीतिक संवाद का एक बड़ा हिस्सा वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ा रहा। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संरचना पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। दरअसल, तेल और गैस के ठिकानों पर हमले वैश्विक बाजार में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं, जिससे भारत सहित पूरी दुनिया प्रभावित होगी। इसके साथ ही, पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’से जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही का समर्थन किया है।विदेश मंत्रालय में खाड़ी देशों के संयुक्त सचिव असीम महाजन ने कहा कि कल देर रात हमें 18 मार्च को रियाद में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मृत्यु की सूचना मिली। हम मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। रियाद स्थित हमारा दूतावास परिवार के संपर्क में है। हम शव को जल्द से जल्द …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 20, 2026 · 2 min · National Desk

India-Thailand Ties: पीएम मोदी ने थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन को दी बधाई, कहा- और मजबूत करेंगे साझेदारी

थाईलैंड के निचले सदन ने गुरुवार को अनुतिन चर्नविराकुल को देश का नया प्रधानमंत्री चुना। उन्हें कुल 293 वोट मिले। 59 साल के अनुतिन को 8 फरवरी के आम चुनाव के बाद संसदीय मतदान में चुना गया है। उनके प्रतिद्वंद्वी नत्थाफोंग रुआंगपान्यवुत को सिर्फ 119 वोट मिले। मतदान के दौरान 86 सदस्यों ने हिस्सा नहीं लिया। अनुतिन की पार्टी ‘भूमजईथाई’ ने 500 सीटों वाले सदन में 191 सीटें जीती थीं। उन्होंने पीपुल्स पार्टी को पीछे छोड़ दिया, जिसे 120 सीटें मिली थीं। इसके बाद अनुतिन ने 16 पार्टियों का एक गठबंधन बनाया। इसमें फेउ थाई पार्टी भी शामिल है। इस गठबंधन के पास कुल 292 सीटें हैं।अनुतिन पिछले दो दशकों में दोबारा सत्ता में लौटने वाले पहले थाई प्रधानमंत्री बने हैं। हालांकि, उनके सामने कई चुनौतियां भी हैं। उन्हें साल 2022 में भांग (कैनबिस) को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के लिए जाना जाता है। अगस्त 2025 में पैतोंगतार्न शिनावात्रा को पद से हटा दिया गया था। कंबोडियाई नेता हुन सेन के साथ उनकी फोन कॉल लीक होने के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया था। इसके बाद अनुतिन ने अल्पसंख्यक सरकार का नेतृत्व किया था।थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद भी एक बड़ी समस्या है। दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम के बाद फिर से लड़ाई शुरू हो गई थी। इस संघर्ष ने अनुतिन को अपनी राष्ट्रवादी छवि मजबूत करने और बहुमत हासिल करने का मौका दिया। अनुतिन के पिता चवरत चर्नविराकुल ने एक बड़ी निर्माण कंपनी ‘सिनो-थाई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन’ की स्थापना की थी। अनुतिन ने साल 2004 में अरबपति थाक्सिन शिनावात्रा के प्रशासन से राजनीति में कदम रखा था। साल 2007 में कोर्ट ने थाक्सिन की पार्टी को भंग कर दिया था। इसके बाद अनुतिन पर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 20, 2026 · 2 min · National Desk

Kerala Elections: केरल में राहुल गांधी बोले- जनता को यूडीएफ पर पूरा भरोसा, जनता बदलाव के लिए तैयार

उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि हर उम्मीदवार केरलम के लोगों की आवाज, उनकी उम्मीदों और उनके भरोसे को दर्शाता है। इस टीम में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ बदलाव लाने वाले युवा चेहरे भी शामिल हैं। यह पुरुषों और महिलाओं का एक ऐसा मजबूत समूह है, जो अपने चुनाव क्षेत्र की बारीकियों और समस्याओं को बहुत अच्छी तरह समझते हैं।वायनाड के पूर्व सांसद राहुल गांधी ने केरल से अपने खास लगाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए केरलम एक घर की तरह है और वहां के लोग मेरा परिवार हैं। केरल के लोगों ने मुझे जो कुछ भी सिखाया है और मुझे जितना प्यार और अपनापन दिया है, उसके लिए मैं उनका कर्जदार हूं। मैं हमेशा आपका साथी बनकर रहूंगा।‘लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि केरलम से मिलने वाला संदेश बिल्कुल साफ है। जनता अब बदलाव चाहती है। वे एक ऐसी सरकार की तलाश में हैं जो उनकी बात सुने, उनकी समस्याओं को समझे और ईमानदारी के साथ काम करके दिखाए। उन्होंने वादा किया कि आने वाली यूडीएफ सरकार के साथ मिलकर वे इस खूबसूरत राज्य के बेहतर भविष्य के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि केरल जीतेगा और यूडीएफ नेतृत्व करेगा।राहुल गांधी का यह संदेश कांग्रेस की ओर से 92 उम्मीदवारों की सूची जारी होने के एक दिन बाद आया है। केरल में नौ अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं। सत्ताधारी एलडीएफ को कड़ी टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने इस बार किसी भी सांसद को विधानसभा चुनाव के मैदान में नहीं उतारने का फैसला किया है।पार्टी ने अंदरूनी दबाव के बावजूद अपने राज्य स्तर के नेतृत्व पर ही भरोसा जताया है। कांग्रेस कुल 92 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बाकी सीटें यूडीएफ के अन्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 20, 2026 · 2 min · National Desk