उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि हर उम्मीदवार केरलम के लोगों की आवाज, उनकी उम्मीदों और उनके भरोसे को दर्शाता है। इस टीम में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ बदलाव लाने वाले युवा चेहरे भी शामिल हैं। यह पुरुषों और महिलाओं का एक ऐसा मजबूत समूह है, जो अपने चुनाव क्षेत्र की बारीकियों और समस्याओं को बहुत अच्छी तरह समझते हैं।वायनाड के पूर्व सांसद राहुल गांधी ने केरल से अपने खास लगाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए केरलम एक घर की तरह है और वहां के लोग मेरा परिवार हैं। केरल के लोगों ने मुझे जो कुछ भी सिखाया है और मुझे जितना प्यार और अपनापन दिया है, उसके लिए मैं उनका कर्जदार हूं। मैं हमेशा आपका साथी बनकर रहूंगा।‘लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि केरलम से मिलने वाला संदेश बिल्कुल साफ है। जनता अब बदलाव चाहती है। वे एक ऐसी सरकार की तलाश में हैं जो उनकी बात सुने, उनकी समस्याओं को समझे और ईमानदारी के साथ काम करके दिखाए। उन्होंने वादा किया कि आने वाली यूडीएफ सरकार के साथ मिलकर वे इस खूबसूरत राज्य के बेहतर भविष्य के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि केरल जीतेगा और यूडीएफ नेतृत्व करेगा।राहुल गांधी का यह संदेश कांग्रेस की ओर से 92 उम्मीदवारों की सूची जारी होने के एक दिन बाद आया है। केरल में नौ अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं। सत्ताधारी एलडीएफ को कड़ी टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने इस बार किसी भी सांसद को विधानसभा चुनाव के मैदान में नहीं उतारने का फैसला किया है।पार्टी ने अंदरूनी दबाव के बावजूद अपने राज्य स्तर के नेतृत्व पर ही भरोसा जताया है। कांग्रेस कुल 92 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बाकी सीटें यूडीएफ के अन्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें