विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर. महाजन ने बताया कि सऊदी अरब, ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। सरकार का पूरा जोर इस वक्त उन परिवारों को राहत पहुंचाने पर है। लापता भारतीय की सुरक्षित बरामदगी के लिए भी स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ ‘सर्च ऑपरेशन’ तेज कर दिए गए हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के पांच प्रभावशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बात कर भारत का रुख स्पष्ट किया है।प्रधानमंत्री ने ओमान के सुल्तान से भी बात की। पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को केवल ‘संवाद और कूटनीति’ के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। भारत का प्राथमिक उद्देश्य फिलहाल तनाव को कम करना और क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति की बहाली करना है।इस कूटनीतिक संवाद का एक बड़ा हिस्सा वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ा रहा। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संरचना पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। दरअसल, तेल और गैस के ठिकानों पर हमले वैश्विक बाजार में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं, जिससे भारत सहित पूरी दुनिया प्रभावित होगी। इसके साथ ही, पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’से जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही का समर्थन किया है।विदेश मंत्रालय में खाड़ी देशों के संयुक्त सचिव असीम महाजन ने कहा कि कल देर रात हमें 18 मार्च को रियाद में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मृत्यु की सूचना मिली। हम मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। रियाद स्थित हमारा दूतावास परिवार के संपर्क में है। हम शव को जल्द से जल्द …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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