यूपी: प्रदेश में शुरू हुई गेहूं की खरीद, सवा लाख किसानों ने किया पंजीकरण; इस बार 48 घंटे में हो जाएगा भुगतान

प्रदेश में गेहूं खरीद सोमवार से शुरू हो गई है। 2.24 लाख से अधिक किसानों ने बिक्री के लिए पंजीकरण करा लिया है। प्रदेश में अब तक 3574 क्रय केंद्र भी स्थापित कर लिए गए हैं। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। खरीद 15 जून तक चलेगी। खाद्य विभाग की विपणन शाखा सहित कुल 8 एजेंसियों के 6500 क्रय केंद्र स्थापित होंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मौसम को देखते हुए किसानों के लिए छाया, पानी व बैठने समेत हर जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर लेने के निर्देश दिए हैं। उतराई, छनाई व सफाई के लिए किसानों को अलग से 20 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाएंगे। खाद्य व रसद विभाग ने 30 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया। सीएम ने 48 घंटे में डीबीटी के माध्यम से किसानों को भुगतान के भी निर्देश दिए हैं।बिचौलियों का हस्तक्षेप न रहे, इसलिए सारा सिस्टम ऑनलाइन कर दिया गया है। जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे fcs.up.gov.in या यूपी किसान मित्र एप के माध्यम से पंजीकरण या नवीनीकरण कर सकते हैं। समस्या होने पर टोल-फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क किया जा सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 30, 2026 · 2 min · National Desk

LPG Crisis: पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा पुख्ता, जानिए सरकार मौजूदा हालात पर क्या बोली

पश्चिम एशिया में जारी मौजूदा तनाव के बीच भारत सरकार ने देशवासियों और उद्योग जगत को ईंधन की निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक हालात के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। कुछ स्थानों पर ग्राहकों द्वारा घबराहट में की जा रही खरीदारी (पैनिक बाइंग) की खबरों के बीच, सरकार ने देश के ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए कई स्तरों पर त्वरित उपाय किए हैं। कीमतों को नियंत्रित करने और आपूर्ति बनाए रखने के रणनीतिक उपाय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी दी। उन्होंने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के बावजूद आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। सरकार ने इस संबंध में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। एलपीजी आपूर्ति की स्थिति शर्मा ने बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। रिफाइनरियां सामान्य रूप से कार्य कर रही हैं और कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है। कुछ स्थानों पर घबराहट में खरीदारी देखी गई है, लेकिन नागरिकों को आश्वस्त किया गया है। घरेलू बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सरकार ने उत्पाद शुल्क में कमी की है।पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क दस रुपये घटाया गया है। सरकार ने डीजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए निर्यात शुल्क भी लगाया है। उन्होंने अफवाहों पर विश्वास न करने और जरूरत के हिसाब से ईंधन इस्तेमाल करने का अनुरोध किया। प्राकृतिक गैस की घरेलू उपयोग के लिए शत प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। एलपीजी वितरकों के पास आपूर्ति की कोई …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 30, 2026 · 2 min · National Desk

कौन थे ईरान के नौसेना प्रमुख?: हमले के कितने दिन बाद मौत की पुष्टि हुई, तेहरान के अगले फैसले पर नजरें

सरकारी टेलीविजन पर सोमवार को रिवोल्यूशनरी गार्ड की ओर से जारी एक बयान में मौत की पुष्टि की गई। इस बयान में कहा गया कि तंगसीरी अपनी चोटों की गंभीरता के कारण जन्नतनशीं हो गए।आईआरजीसी के बयान में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उनकी भूमिका की तारीफ की गई। आईआरजीसी ने बताया कि तंगसीरी ने खासतौर से होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी। बयान में कहा गया, “हर लड़ाका एक तंगसीरी है। हम देखेंगे कि वे आने वाले दिनों और महीनों में क्या आश्चर्य लाएंगे।“तंगसीरी की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल अब ये है कि ईरान की ओर से किसे अगला नौसेना प्रमुख बनाया जाता है। दरअसल, ईरान ने होर्मुज जलजमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखने का दावा किया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा करने का इशारा कर दिया है। ऐसे में सभी की नजरें ईरान के इस फैसले पर होगी कि वो किसे अगला नौसेना प्रमुख बनाएगा।इस्राइल ने 26 मार्च की रात को आईडीएफ के एक सटीक और खतरनाक अभियान में आईआरजीसी के नौसेना कमांडर तंगसीरी और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों को मार गिराने का दावा किया था। इससे पहले इस्राइली मीडिया ने एक अज्ञात सूत्र के हवाले से बताया था कि तंगसीरी हवाई हमले में मार गए हैं। हालांकि, तब ईरान ने आधिकारिक तौर पर उनकी मौत की पुष्टि नहीं की थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 30, 2026 · 2 min · National Desk

Rahul Gandhi In Kerala: चुनाव प्रचार में राहुल ने मेड इन इंडिया पर पूछे सवाल; भाजपा को 'छिपी हुई ताकत' बताया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी केरल दौरे पर सबरीमाला मुद्दे पर चुप रहे। यह भाजपा और एलडीएफ के मिलकर काम करने का संकेत है। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि कांग्रेस केरल विधानसभा चुनावों में माकपा और भाजपा के “संयोजन” का सामना कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा यूडीएफ को नहीं चाहती। उन्हें पता है कि देश में कांग्रेस ही उन्हें चुनौती दे सकती है। भाजपा समझती है कि एलडीएफ उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर चुनौती नहीं दे सकता। दिल्ली में सत्ता में होने पर केरल में कोई भी एलडीएफ सरकार उनके नियंत्रण में रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से लड़ने वालों पर हमला होता है। राहुल ने बताया कि उन पर 36 मामले हैं और 55 घंटे लगातार पूछताछ हुई। केरल के मुख्यमंत्री के खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई नहीं होती। एलडीएफ नेतृत्व भ्रष्ट है, लेकिन भाजपा का उन पर कोई दबाव नहीं है। प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं, मंदिरों और धर्म की बात करते हैं। लेकिन पलक्कड़ दौरे पर वे सबरीमाला की घटना को भूल गए।राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि एलडीएफ नेताओं ने अयप्पा मंदिर से सोना चुराया। उन्होंने पीतल से उसे बदल दिया। प्रधानमंत्री भाजपा को नुकसान से बचाने के लिए चुप रहे। यह दर्शाता है कि भाजपा और एलडीएफ साथ काम कर रहे हैं। यह भी दिखाता है कि नरेंद्र मोदी को धर्म या मंदिरों की परवाह नहीं है। यूडीएफ सरकार मंदिर से संबंधित कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करेगी।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एलडीएफ अब वामपंथी पार्टी जैसा व्यवहार नहीं करता। उनकी नीतियां भाजपा की तरह ही कॉर्पोरेट-समर्थित हैं। यूडीएफ ने अतीत में रबर किसान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 30, 2026 · 2 min · National Desk

IBC: संसद में बोलीं वित्त मंत्री- कानून के दुरुपयोग पर जुर्माना लगेगा, दिवालियेपन के आवेदन पर 14 दिन में फैसला

केंद्र सरकार ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) में बड़े बदलावों का प्रस्ताव रखते हुए स्पष्ट किया है कि प्रक्रिया में देरी की मुख्य वजह अत्यधिक मुकदमेबाजी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि प्रस्तावित संशोधनों के जरिए इस दुरुपयोग पर लगाम लगाने के लिए दंडात्मक प्रावधान लाए जा रहे हैं। इन्सॉल्वेंसी आवेदन को 14 दिनों के भीतर करना होगा स्वीकार वित्त मंत्री ने बताया कि नए बिल के तहत, किसी कंपनी में डिफॉल्ट स्थापित होने के बाद इन्सॉल्वेंसी आवेदन को 14 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से स्वीकार करना होगा। इससे मामलों के निपटान में तेजी आएगी और लंबित मामलों का बोझ कम होगा। आईबीसी प्रक्रिया श्रमिकों के हित में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आईबीसी प्रक्रिया में श्रमिकों के हित सुरक्षित हैं और उनके बकाया भुगतान को प्राथमिकता दी जाती है। सरकार का कहना है कि संशोधन इस सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करेंगे। आईबीसी में 12 संशोधन करने का प्रस्ताव सदन में पेश प्रस्ताव के अनुसार, आईबीसी में कुल 12 संशोधन किए जा रहे हैं। इनमें ग्रुप इन्सॉल्वेंसी और क्रॉस-बॉर्डर इन्सॉल्वेंसी के लिए सक्षम प्रावधान शामिल हैं, जिससे बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मामलों के समाधान में भी स्पष्टता आएगी। क्या है आईबीसी का उद्देश्य? वित्त मंत्री ने आईबीसी को बैंकिंग सेक्टर की सेहत सुधारने का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि इससे कंपनियों की क्रेडिट रेटिंग बेहतर हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी दोहराया कि आईबीसी का उद्देश्य कर्ज वसूली का साधन बनना नहीं था, बल्कि समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। बैंकिंग क्षेत्र के स्वास्थ्य में सुधार लाने में एक प्रमुख कारक सीतारामन ने कहा कि आईबीसी देश क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 30, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi: 'राज्य में विकास के लिए शांति पहली शर्त', असम में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद में बोले पीएम मोदी

असम में भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्य के विकास के लिए सबसे पहली शर्त शांति है। उन्होंने कहा कि राज्य लंबे समय तक अस्थिता से जूझा है, लेकिन पिछले दशक में चीजें बदल गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने पूर्वोत्तर में विभिन्न संगठनों के साथ 12 शांति समझौते किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को लोगों को यह याद दिलाना चाहिए कि कांग्रेस सरकार सिर्फ सुर्खियां बटोरने और लोगों को गुमराह करने के लिए कागजों पर ही समझौते करती थी।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमने वह दौर देखा है जब असम हिंसा की आग में जल रहा था। असम में लंबे समय तक अस्थिरता रही, लेकिन पिछले दशक में स्थितियां बदली हैं। आज भाजपा की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से राज्य में नया आत्मविश्वास देखने को मिल रहा है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान शांति समझौतों को नजरअंदाज किया गया और युवाओं को भटकने के लिए छोड़ दिया गया।उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस शासन में उग्रवादी और छात्र संगठनों के साथ कोई भी समझौता सफल नहीं हुआ। कांग्रेस ने बोडो समुदाय के साथ विश्वासघात किया।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने शांति स्थापित करने और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए काम किया है तथा शांति समझौतों को जमीनी स्तर पर ईमानदारी से लागू किया जा रहा है।प्रधानमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्होंने पहली बार वोट करने जा रहे मतदाताओं को पूर्व की कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल को याद दिलाने की जरूरत है और एक छोटी सी गलती राज्य को पीछे धकेल सकती है। पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भाजपा-एनडीए की सरकार की जीत की हैट्रिक के लिए कड़ी मेहनत करने की अपील की।प्रधानमंत्री ने य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 30, 2026 · 2 min · National Desk

उद्धव गुट की दो टूक: ईंधन संकट और लॉकडाउन की अफवाह के बीच भरोसा कायम रखना चुनौती, सरकार पारदर्शिता पर दे ध्यान

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने सोमवार को कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली महायुति सरकार को जनता को धमकाने के बजाय पारदर्शिता के साथ देश के ऊर्जा भंडार की जानकारी देनी चाहिए। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में आरोप लगाया गया कि वर्तमान ईंधन संकट की अफवाहें गुजरात से शुरू हुईं, जो प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का गृह राज्य है। संपादकीय में कहा गया कि गुजरात में पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों पर कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहां लोग नीले पानी के ड्रम में ईंधन जमा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह भय और असुरक्षा की भावना नोटबंदी और कोविड-19 लॉकडाउन जैसी पिछली घटनाओं से उत्पन्न हुई है। इसका असर महाराष्ट्र में भी देखा जा रहा है, जहां लोग मान रहे हैं कि लॉकडाउन की संभावना बढ़ रही है।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा दिलाया कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। मुंबई और महाराष्ट्र के कई होटलों और ढाबों में गैस की कमी के कारण लगभग 50% बंद हो गए हैं। पश्चिमी महाराष्ट्र की फाउंड्री इंडस्ट्री पूरी तरह ठप है, वहीं गुजरात के मोरबी में 500 टाइल बनाने वाली कंपनियों ने उत्पादन रोक दिया है। कुछ उद्योग सीमित संचालन के लिए लकड़ी और कोयला का उपयोग करने पर मजबूर हैं।संपादकीय के अनुसार, संकट का मुख्य कारण ईरान-इस्राइल संघर्ष है, जिसने होर्मुज जलसंधि को प्रभावित किया है, जो भारत के 60% एलपीजी आयातों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। हालांकि सरकार दावा करती है कि उसके पास 60 दिन का ईंधन और एक महीने की एलपीजी आपूर्ति है, लेकिन जनता का भरोसा कम है।संपादकीय में कहा गया मुख्यमंत्री फडणवीस स्थिति को सामान्य बता रहे हैं, जबकि खाद्य व नागरिक आपूर् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 30, 2026 · 2 min · National Desk

Nitish Kumar: 25 से 30... फिर से नीतीश क्यों नहीं? जानिए, कब से कब तक सीएम रहे, कब पाला बदला और क्यों?

नीतीश कुमार पहली बार केंद्र की राजनीति करने नहीं जा रहे हैं। वह 30 साल से ज्यादा समय से राजनीति की मुख्य धारा में हैं। पहले बिहार की राजनीति की, फिर केंद्र की। बिहार में मंत्री कभी नहीं बने और मुख्यमंत्री बनने से पहले वह केंद्रीय मंत्री की ताकत हासिल कर चुके थे। 2005 से अब तक वह कुछ समय को छोड़ बाकी समय मुख्यमंत्री रहे। जिस समय सीएम नहीं थे, उस समय भी सारी शक्तियां उनके पास ही समाहित नजर आ रही थीं। सत्ता में कोई रहा, सीएम नीतीश कुमार ही रहे। अब वह सीएम की कुर्सी छोड़ने वाले हैं। इसके लिए उन्होंने विधान परिषद् की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। आइए, जानते हैं कि कब-कब नीतीश कुमार का राजनीतिक जीवन कैसा रहा और उन्होंने कब-क्या बदलाव किए? Nitish Kumar : विधान परिषद नहीं पहुंचे नीतीश कुमार, MLC पद से इस्तीफा भिजवाया; अब भी सीएम हैं नीतीश ने पहली बार 1977 का बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 1985 में फिर से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 1987 में लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष बने। 1989 में बिहार की बाढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। अप्रैल 1990 से नवंबर 1990 तक केंद्रीय कृषि और सहकारिता मंत्री रहे। 1991 में दूसरी बार सांसद चुने गए। 1995 में बिहार विधानसभा चुनाव में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ लड़ाई लड़ी। जॉर्ज फर्नांडीस के साथ समता पार्टी की शुरुआत की। तब चुनाव में उनकी पार्टी केवल छह सीटें ही जीत सकी थी। 1996 में लोकसभा चुनाव लड़ा और सांसद चुने गए। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय रेल मंत्री, भूतल परिवहन मंत्री और कृषि मंत्री रहे। दो अगस्त 1999 में गैसल ट्रेन दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए नीतीश कुमार ने केंद्रीय रेल मंत्री के पद से इस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 30, 2026 · 2 min · National Desk

TOP News: UPPCS में बेटियों का जलवा; आज MLC पद से नीतीश का इस्तीफा? शिकंजे में बम की धमकी का मेल भेजने वाला

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने रविवार आधी रात सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) परीक्षा-2024 का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया। 947 पदों के मुकाबले 932 पदों पर चयनित हुए अभ्यर्थियों में नेहा पांचाल टॉपर रहीं। उत्तर प्रदेश की अनन्या त्रिवेदी को दूसरा स्थान मिला। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को बिहार विधान परिषद (एमएलसी) के पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। यह जानकारी जेडीयू विधायक अनंत कुमार सिंह ने दी है। उन्होंने बताया कि पार्टी के कई नेता चाहते थे कि नीतीश कुमार ऐसा कदम न उठाएं, लेकिन मुख्यमंत्री अपने फैसले पर अडिग रहे। दरअसल, हाल ही में नीतीश कुमार को जनता दल (यूनाइटेड) का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी चुना गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में स्कूलों, हाईकोर्ट और सरकारी दफ्तरों में बम की धमकी देकर दहशत फैलाने वाला शातिर श्रीनिवास लुईस (47) मैसूर से पकड़ा गया। आरोपी ने धमकी के 1,100 से ज्यादा ई-मेल किए थे। दिल्ली पुलिस ने उसे कर्नाटक पुलिस के सहयोग से दबोचा। ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस उसे दिल्ली लेकर आ रही है। उसके पास से एक लैपटॉप और कई सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर… यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 30, 2026 · 2 min · National Desk

अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच बढ़ता टकराव: अफगान सरकार का आरोप- PAK की गोलाबारी में एक की मौत, 16 घायल

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रविवार को अफगान सरकार ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना ने पूर्वी अफगानिस्तान के एक शहर के बाहरी इलाकों में गोलाबारी की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 16 लोग घायल हो गए। घायलों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। अफगान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत के मुताबिक पाकिस्तान का यह हमला भारी हथियारों और मोर्टार से किया गया। फितरत ने अपने बयान में यह भी बताया कि यह हमला कुनार प्रांत के असदाबाद शहर के आसपास हुआ। इसमें कई घरों को नुकसान पहुंचा। हालांकि, इस आरोप पर पाकिस्तान की ओर से तुरंत कोई जवाब नहीं आया है।बता दें कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान आतंकियों को पनाह देता है, खासकर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी)) को। यह संगठन अफगान तालिबान से जुड़ा माना जाता है, जिसने 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता संभाली थी। दूसरी ओर अफगानिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है।कई महीनों से दोनों देशों के बीच जारी गहमागहमी के बाद फरवरी से दोनों देशों के बीच लड़ाई तेज हुई है, जो दशकों में सबसे गंभीर मानी जा रही है। इस दौरान दोनों देशों की ओर से कई बार सीमा पार हमले और हवाई हमले हुए हैं। अफगानिस्तान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने काबुल में एयरस्ट्राइक की, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए, हालांकि पाकिस्तान ने इसे खारिज किया। दूसरी ओर पिछले महीने पाकिस्तान ने इसे खुला युद्ध जैसा बताया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है क्योंकि इस क्षेत्र में अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठन सक्रिय हैं।गौरतलब है कि हाल ही में सऊदी अरब, तुर्किये और …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 30, 2026 · 2 min · National Desk