पश्चिम एशिया में जारी मौजूदा तनाव के बीच भारत सरकार ने देशवासियों और उद्योग जगत को ईंधन की निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक हालात के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। कुछ स्थानों पर ग्राहकों द्वारा घबराहट में की जा रही खरीदारी (पैनिक बाइंग) की खबरों के बीच, सरकार ने देश के ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए कई स्तरों पर त्वरित उपाय किए हैं। कीमतों को नियंत्रित करने और आपूर्ति बनाए रखने के रणनीतिक उपाय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी दी। उन्होंने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के बावजूद आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। सरकार ने इस संबंध में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। एलपीजी आपूर्ति की स्थिति शर्मा ने बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। रिफाइनरियां सामान्य रूप से कार्य कर रही हैं और कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है। कुछ स्थानों पर घबराहट में खरीदारी देखी गई है, लेकिन नागरिकों को आश्वस्त किया गया है। घरेलू बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सरकार ने उत्पाद शुल्क में कमी की है।पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क दस रुपये घटाया गया है। सरकार ने डीजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए निर्यात शुल्क भी लगाया है। उन्होंने अफवाहों पर विश्वास न करने और जरूरत के हिसाब से ईंधन इस्तेमाल करने का अनुरोध किया। प्राकृतिक गैस की घरेलू उपयोग के लिए शत प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। एलपीजी वितरकों के पास आपूर्ति की कोई …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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