शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने सोमवार को कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली महायुति सरकार को जनता को धमकाने के बजाय पारदर्शिता के साथ देश के ऊर्जा भंडार की जानकारी देनी चाहिए। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में आरोप लगाया गया कि वर्तमान ईंधन संकट की अफवाहें गुजरात से शुरू हुईं, जो प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का गृह राज्य है। संपादकीय में कहा गया कि गुजरात में पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों पर कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहां लोग नीले पानी के ड्रम में ईंधन जमा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह भय और असुरक्षा की भावना नोटबंदी और कोविड-19 लॉकडाउन जैसी पिछली घटनाओं से उत्पन्न हुई है। इसका असर महाराष्ट्र में भी देखा जा रहा है, जहां लोग मान रहे हैं कि लॉकडाउन की संभावना बढ़ रही है।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा दिलाया कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। मुंबई और महाराष्ट्र के कई होटलों और ढाबों में गैस की कमी के कारण लगभग 50% बंद हो गए हैं। पश्चिमी महाराष्ट्र की फाउंड्री इंडस्ट्री पूरी तरह ठप है, वहीं गुजरात के मोरबी में 500 टाइल बनाने वाली कंपनियों ने उत्पादन रोक दिया है। कुछ उद्योग सीमित संचालन के लिए लकड़ी और कोयला का उपयोग करने पर मजबूर हैं।संपादकीय के अनुसार, संकट का मुख्य कारण ईरान-इस्राइल संघर्ष है, जिसने होर्मुज जलसंधि को प्रभावित किया है, जो भारत के 60% एलपीजी आयातों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। हालांकि सरकार दावा करती है कि उसके पास 60 दिन का ईंधन और एक महीने की एलपीजी आपूर्ति है, लेकिन जनता का भरोसा कम है।संपादकीय में कहा गया मुख्यमंत्री फडणवीस स्थिति को सामान्य बता रहे हैं, जबकि खाद्य व नागरिक आपूर् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
उद्धव गुट की दो टूक: ईंधन संकट और लॉकडाउन की अफवाह के बीच भरोसा कायम रखना चुनौती, सरकार पारदर्शिता पर दे ध्यान
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने सोमवार को कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली महायुति सरकार को जनता को धमकाने के बजाय पारदर्शिता के साथ देश के ऊर्जा भंडार की जानकारी देनी चाहिए। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में आरोप लगाया गया कि वर्तमान ईंधन संकट की अफवाहें गुजरात से शुरू हुईं, जो प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का गृह राज्य है। संपादकीय में कहा गया कि गुजरात में पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों पर कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहां लोग नीले पानी के ड्रम में ईंधन जमा करने की क