नीतीश कुमार पहली बार केंद्र की राजनीति करने नहीं जा रहे हैं। वह 30 साल से ज्यादा समय से राजनीति की मुख्य धारा में हैं। पहले बिहार की राजनीति की, फिर केंद्र की। बिहार में मंत्री कभी नहीं बने और मुख्यमंत्री बनने से पहले वह केंद्रीय मंत्री की ताकत हासिल कर चुके थे। 2005 से अब तक वह कुछ समय को छोड़ बाकी समय मुख्यमंत्री रहे। जिस समय सीएम नहीं थे, उस समय भी सारी शक्तियां उनके पास ही समाहित नजर आ रही थीं। सत्ता में कोई रहा, सीएम नीतीश कुमार ही रहे। अब वह सीएम की कुर्सी छोड़ने वाले हैं। इसके लिए उन्होंने विधान परिषद् की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। आइए, जानते हैं कि कब-कब नीतीश कुमार का राजनीतिक जीवन कैसा रहा और उन्होंने कब-क्या बदलाव किए? Nitish Kumar : विधान परिषद नहीं पहुंचे नीतीश कुमार, MLC पद से इस्तीफा भिजवाया; अब भी सीएम हैं नीतीश ने पहली बार 1977 का बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 1985 में फिर से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 1987 में लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष बने। 1989 में बिहार की बाढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। अप्रैल 1990 से नवंबर 1990 तक केंद्रीय कृषि और सहकारिता मंत्री रहे। 1991 में दूसरी बार सांसद चुने गए। 1995 में बिहार विधानसभा चुनाव में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ लड़ाई लड़ी। जॉर्ज फर्नांडीस के साथ समता पार्टी की शुरुआत की। तब चुनाव में उनकी पार्टी केवल छह सीटें ही जीत सकी थी। 1996 में लोकसभा चुनाव लड़ा और सांसद चुने गए। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय रेल मंत्री, भूतल परिवहन मंत्री और कृषि मंत्री रहे। दो अगस्त 1999 में गैसल ट्रेन दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए नीतीश कुमार ने केंद्रीय रेल मंत्री के पद से इस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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