असम में भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्य के विकास के लिए सबसे पहली शर्त शांति है। उन्होंने कहा कि राज्य लंबे समय तक अस्थिता से जूझा है, लेकिन पिछले दशक में चीजें बदल गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने पूर्वोत्तर में विभिन्न संगठनों के साथ 12 शांति समझौते किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को लोगों को यह याद दिलाना चाहिए कि कांग्रेस सरकार सिर्फ सुर्खियां बटोरने और लोगों को गुमराह करने के लिए कागजों पर ही समझौते करती थी।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमने वह दौर देखा है जब असम हिंसा की आग में जल रहा था। असम में लंबे समय तक अस्थिरता रही, लेकिन पिछले दशक में स्थितियां बदली हैं। आज भाजपा की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से राज्य में नया आत्मविश्वास देखने को मिल रहा है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान शांति समझौतों को नजरअंदाज किया गया और युवाओं को भटकने के लिए छोड़ दिया गया।उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस शासन में उग्रवादी और छात्र संगठनों के साथ कोई भी समझौता सफल नहीं हुआ। कांग्रेस ने बोडो समुदाय के साथ विश्वासघात किया।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने शांति स्थापित करने और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए काम किया है तथा शांति समझौतों को जमीनी स्तर पर ईमानदारी से लागू किया जा रहा है।प्रधानमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्होंने पहली बार वोट करने जा रहे मतदाताओं को पूर्व की कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल को याद दिलाने की जरूरत है और एक छोटी सी गलती राज्य को पीछे धकेल सकती है। पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भाजपा-एनडीए की सरकार की जीत की हैट्रिक के लिए कड़ी मेहनत करने की अपील की।प्रधानमंत्री ने य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
PM Modi: 'राज्य में विकास के लिए शांति पहली शर्त', असम में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद में बोले पीएम मोदी
असम में भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्य के विकास के लिए सबसे पहली शर्त शांति है। उन्होंने कहा कि राज्य लंबे समय तक अस्थिता से जूझा है, लेकिन पिछले दशक में चीजें बदल गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने पूर्वोत्तर में विभिन्न संगठनों के साथ 12 शांति समझौते किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को लोगों को यह याद दिलाना चाहिए कि कांग्रेस सरकार सिर्फ सुर्खियां बटोरने और लोगों को गुमराह करने के लिए कागजों पर ही समझौते करती थी।प्रधानमंत्री ने कहा, 'हम