भाजपा की नशा विरोधी यात्रा: रवनीत बिट्टू के काफिले पर हमला, बोले-मुझे कुछ हुआ तो सीएम-डीजीपी जिम्मेदार

वहीं यात्रा में शामिल होने आ रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने काफिले पर हमले का आरोप लगाया है। रवनीत बिट्टू के ऑफिस की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार उनकी सुरक्षा टीम ने कथित तौर पर आम आदमी पार्टी से जुड़े तीन लोगों को पकड़ा है। बिट्टू ने कहा कि अगर मुझे कुछ भी होता है, तो पंजाब के डीजीपी और पंजाब के सीएम जिम्मेदार होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे आप विधायक कलसी का हाथ है। ऐसी घटनाएं लोकतंत्र और राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। नेताओं ने की निंदा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने रवनीत सिंह बिट्टू पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। ढिल्लों ने कहा कि नशा मुक्त यात्रा शुरू होने से पहले ही आम आदमी पार्टी घबरा गई है। आप कार्यकर्ताओं ने सिंह बिट्टू के काफिले पर हमला कर दिया। उनके काफिले की गाड़ियों पर अंडे और टमाटर फेंके गए और गाड़ियों की खिड़कियां तोड़ दी गईं। ढिल्लों ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता आप के ड्रग माफिया द्वारा की गई ऐसी कायरतापूर्ण हरकतों से डरने वाले नहीं हैं। हम नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई को उसके सही अंजाम तक पहुंचाकर रहेंगे। सुनील जाखड़ ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सिर्फ रवनीत बिट्टू की बात नहीं है, आज सुबह अमृतसर में नाइट पेट्रोलिंग के दौरान एक एएसआई की हत्या कर दी गई। बिट्टू पर हुआ हमला राजनीतिक कारणों से प्रेरित है। यह पंजाब में हालात को अस्थिर करने की कोशिश है। भगवंत मान सिर्फ एक कठपुतली हैं। असली भूमिका केजरीवाल और मनीष सिसोदिया निभाते हैं। वे हत्यारों को आजाद कर रहे हैं और उन्हें पार्टी में शामिल कर रहे हैं। बिट्टू के काफिले पर हमले पर बीजेपी नेता विजय सांपला ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 18, 2026 · 2 min · National Desk

होर्मुज में ईरान का बड़ा एक्शन: टोगो के तेल टैंकर को बनाया निशाना, इलाके में बढ़ा तनाव

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में टोगो के झंडे के नीचे चल रहे एक तेल टैंकर पर हमला किया। इसके बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। यह जानकारी ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार है। अमेरिका और इस्राइल की ओर से फरवरी के अंत में ईरान पर हमला करने के बाद से तेहरान ने जलडमरूमध्य की प्रभावी नाकाबंदी कर रखी है। दरअसल, इस्लामी गणराज्य आवागमन के लिए शुल्क लगाना चाहता है और उन जहाजों पर हमला करता है, जिन पर वह अपने पसंदीदा मार्ग को दरकिनार करने का प्रयास करने का आरोप लगाता है।बयान में कहा गया है, ‘टोगो के झंडे वाले तेल टैंकर ‘ट्रेंड’ को उस समय निशाना बनाया गया और हिरासत में लिया गया जब उसमें आग लग गई।’ यह बयान महत्वपूर्ण जलमार्ग से अवैध रूप से गुजरने के प्रयास का जिक्र करते हुए दिया गया था।यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने गुरुवार को ओमान के खासब से 16 समुद्री मील (29.6 किमी) उत्तर-पूर्व में होर्मुज जलडमरूमध्य में एक सुरक्षा घटना की घोषणा की।यूकेएमटीओ ने शामिल पोत के बारे में कोई जानकारी नहीं दिया। इसके साथ ही यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह वही पोत है जिसका जिक्र रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने किया था।होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है क्योंकि यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है। दुनिया के तेल परिवहन का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यह लगभग 30 मील चौड़ा है और ईरान और ओमान के बीच स्थित है। इस मार्ग से होकर हर दिन दर्जनों टैंकर गुजरते हैं, जिनका संचालन एक सुव्यवस्थित ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम (TSS) के जरिए किया जाता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 18, 2026 · 2 min · National Desk

टीएमसी के नाम-चुनाव चिह्न पर रोक: कांग्रेस ने ईसी को घेरा, कहा- ज्ञानेश कुमार ने पीएम को दिया जन्मदिन का तोहफा

कांग्रेस ने यह भी कहा कि टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को रोकना मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘देर रात जन्मदिन का तोहफा’ है।निर्वाचन आयोग ने टीएमसी के प्रतिद्वंद्वी दोनों गुटों को उपचुनाव के दौरान पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया है। आयोग ने दोनों गुटों से शुक्रवार सुबह तक अपने पसंदीदा नाम और चुनाव चिह्न बताने को कहा है। गुरुवार रात जारी अंतरिम आदेश में आयोग ने ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के नेताओं की सुनवाई के बाद कहा कि इस मामले में चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के प्रावधानों के तहत विस्तृत फैसला जरूरी है।कांग्रेस महासचिव और संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘भाजपा द्वारा खुले तौर पर असंवैधानिक तरीके से किए गए कब्जे के बाद एआईटीसी के नाम और चुनाव चिह्न को रोकना मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से पीएम मोदी को देर रात जन्मदिन का तोहफा है।‘उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में भाजपा के खिलाफ लड़ने वालों को अब उनके खिलाफ बगावत करने और निर्वाचन आयोग की मदद से दल-बदल का असंवैधानिक पाप करने के लिए लाल कालीन बिछाकर मौका दिया जा रहा है।वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह ‘भाजपा के हाथों की कठपुतली’ और ‘लोकतंत्र को धीरे-धीरे नष्ट करने का औजार’ है। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और अब एआईटीसी के मामले में ऐसा किया है। जो भी भाजपा का विरोध करता है, उसे करारा झटका दिया जाता है और उसका पूरा चुनावी अस्तित्व छीन लिया जाता है।‘वेणुगोपाल ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 18, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: सेमीकॉन इंडिया 2026 क्यों खास, देश में कितना बढ़ा सेमीकंडक्टर उद्योग, दुनिया के मुकाबले हम कहां?

नीति आयोग के रोडमैप के पांच रणनीतिक स्तंभ क्या है? 2035 रोडमैप में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए पांच रणनीतिक स्तंभ रखे गए हैं। पायनियरिंग: नई और उन्नत डिजाइन क्षमता विकसित करना। नीति और निवेश: लंबे समय के निवेश और स्थिर नीतिगत वातावरण को मजबूत करना। उत्पादन: फैब, पैकेजिंग और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम का विस्तार करना। लोग: सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना। साझेदारी: वैश्विक कंपनियों और देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाना। सेमीकंडक्टर के लिए कितनी बड़ी ट्रेनिंग व्यवस्था बनाई जा रही है? सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की रणनीति केवल फैक्ट्री लगाने तक सीमित नहीं है। चिप्स टू स्टार्टअप यानी सी2एस कार्यक्रम के तहत 332 शैक्षणिक संस्थानों को अत्याधुनिक चिप डिजाइन टूल्स मुफ्त उपलब्ध कराए गए हैं। इन टूल्स का इस्तेमाल 240 लाख घंटे से ज्यादा हो चुका है और करीब 68,000 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। एससीएल मोहाली से 175 डिजाइन टेप-आउट भी किए जा चुके हैं। इसके अलावा सरकार ने एनआईईएलआईटी कालीकट में स्मार्ट लैब के जरिए वीएलएसआई, एम्बेडेड सिस्टम और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे क्षेत्रों में 1 लाख इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने की पहल की है। 12 अगस्त को लोकसभा में सरकार ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत 1 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया जा चुका था। एनआईईएलआईटी गुवाहाटी में एटीएमपी के लिए ट्रेनिंग लैब स्थापित करने की परियोजना भी मंजूर की गई है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और लैम रिसर्च की साझेदारी के तहत नैनोफैब्रिकेशन और प्रोसेस इंजीनियरिंग में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका लक्ष्य 10 वर्षों में 60,000 प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है। उद्योग के साथ भी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 17, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: यूपीआई पर शुल्क से खत्म हुआ मुफ्त डिजिटल भुगतान का दौर, पर इसकी असली कीमत आखिर चुकाएगा कौन?

डिजिटल इंडिया की रीढ़ बन चुका यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) अब अपनी पूरी तरह से मुफ्त सेवाओं के दौर से बाहर निकलकर एक नए वित्तीय मॉडल में कदम रख रहा है। 15 अक्तूबर से 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट पेमेंट्स पर 0.4% का नया शुल्क लागू किया जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर यह दावा किया गया है कि यह शुल्क आम उपभोक्ताओं की रसीद में नहीं जोड़ी जाएगा। लेकिन देश में अब तक का आर्थिक अनुभव यह साफ दिखाता है कि यह शुल्क प्रत्यक्ष नहीं तो अप्रत्यक्ष रूप से हर नागरिक की जेब पर ही असर डालेगा। यूपीआई पर नया शुल्क क्या है और यह कब से लागू हो रहा है? 15 अक्तूबर से लागू होने वाले नए नियमों के तहत 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) या शुल्क वसूला जाएगा। बड़े भुगतानों के लिए राहत देते हुए 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर इस फीस की अधिकतम सीमा (कैप) 300 रुपये तय की गई है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के अनुसार, इस राशि का उपयोग डिजिटल पेमेंट के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, धोखाधड़ी रोकने और साइबर सुरक्षा को बेहतर बनाने में किया जाएगा। उद्योग ने क्या मांग की थी और सरकार/एनपीसीआई ने क्या तय किया? इस नए शुल्क को लागू करने में बैंकिंग और फिनटेक सेक्टर की अहम भूमिका रही है। बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (पीएसपी) और फिनटेक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को पत्र लिखकर बड़े व्यापारियों पर 0.3% एमडीआर लगाने और रूपे (रूपे) डेबिट कार्ड के लिए एमडीआर में समानता की सिफारिश की थी। इस शुल्क संरचना का असली गणित क्या है? …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 17, 2026 · 2 min · National Desk

बंगाल एसटीएफ को बड़ी सफलता: शीर्ष माओवादी नेता असीम मंडल गिरफ्तार, पैसे जुटाने के लिए पहुंचा था ससुराल

64 वर्षीय आकाश पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना के फूलचक गांव का रहने वाला है। वह 1980 के दशक में अतिवामपंथी राजनीति से जुड़ा और बाद में पीपुल्स वार ग्रुप में शामिल हुआ। सीपीआई (माओवादी) के गठन के बाद उसने पश्चिम बंगाल और झारखंड में संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। लालगढ़ आंदोलन के दौरान भी उसकी अहम भूमिका बताई जाती है। 2010 में तत्कालीन बंगाल राज्य सचिव की गिरफ्तारी के बाद आकाश को संगठन की राज्य स्तरीय जिम्मेदारी मिली थी।माओवादी संगठन पर सुरक्षा बलों का दबाव बढ़ने के बाद आकाश झारखंड के जंगलों में सक्रिय रहा। हाल के वर्षों में उसके क्षेत्रीय कमांडरों के एक के बाद एक आत्मसमर्पण करने के बाद उसने कुछ समय सारंडा इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के साथ बिताया। मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद आकाश अपने छोटे दस्ते के साथ बंगाल लौट रहा था। इस दौरान उसके तीन सहयोगियों के भी पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।सूत्रों के मुताबिक, दस्ते के पास मौजूद पैसे भी पुलिस के हाथ लग गए थे। इसके बाद आर्थिक तंगी के कारण आकाश पोटाशपुर स्थित अपने ससुराल पहुंचा था। उसकी पत्नी के भी माओवादी संगठन से जुड़े होने की बात सामने आई है। एसटीएफ लंबे समय से इस ठिकाने पर नजर रख रही थी। सूचना मिलते ही तड़के करीब तीन बजे कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, आकाश के पास से संगठन से जुड़े दस्तावेज और माओवादी साहित्य बरामद हुआ है। पुलिस उससे पूछताछ कर बंगाल और झारखंड में माओवादी नेटवर्क की मौजूदा स्थिति की जानकारी जुटा रही है। राज्य सरकार ने कहा है कि बंगाल में माओवादी गतिविधियों को दोबारा सिर नहीं उठाने दिया जाएगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 17, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: प्रधानमंत्री मोदी के नाम कितने कीर्तिमान, उपलब्धियां क्या; नेहरू-इंदिरा के कौन से रिकॉर्ड अभी दूर?

एक्सप्लेनर: प्रधानमंत्री मोदी के नाम कितने कीर्तिमान, उपलब्धियां क्या; नेहरू-इंदिरा के कौन से रिकॉर्ड अभी दूर? उनके कीर्तिमानों मे सबसे लंबे समय तक अलग-अलग स्तरों पर सरकार चलाने वाले नेता के साथ-साथ सबसे लंबे समय तक गैर-कांग्रेसी पीएम रहने तक की उपलब्धि शामिल है। इसी साल पीएम मोदी ने भारत पर लगातार सबसे लंबा शासन करने वाले प्रधानमंत्री बनने का कीर्तिमान भी अपने नाम किया। वे लगातार शासन के मामले में पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के लगातार 4398 दिन शासन (चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर) करने के रिकॉर्ड को जून में तोड़ चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। केंद्र की सत्ता में रहते हुए यह उनका 13वां जन्मदिन है। गुरुवार सुबह से ही उन्हें देश-विदेश से बधाई मिलने का सिलसिला जारी है। अगर मोदी के पीएम के तौर पर कार्यकाल को देखा जाए तो बीते 12 वर्षों के अपने शासन में प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। फिर चाहे देश की अर्थव्यवस्था को गति देने की बात हो या इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने का विषय। इन पहलुओं के साथ पीएम मोदी ने निजी तौर पर भी कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। हालांकि, यह सिर्फ कुछ रिकॉर्ड हैं, जिन्हें पीएम मोदी ने छुआ है। अभी कई और कीर्तिमान उनकी झोली में गिरना बाकी है। वहीं, कुछ और रिकॉर्ड ऐसे भी हैं, जो फि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 17, 2026 · 2 min · National Desk

यूपीआई शुल्क: 0.4% एमडीआर पर लगेगा 18 फीसदी जीएसटी भी; केंद्र ने कहा- वापस नहीं लेंगे फैसला

वहीं, बुधवार को टैक्स विशेषज्ञों ने यह खुलासा भी किया कि व्यापारियों को 0.4 फीसदी एमडीआर पर 18 फीसदी जीएसटी भी देना होगा। हालांकि, इसके बदले वे इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर पाएंगे जिससे उनका कुल टैक्स बोझ कम हो जाएगा। एनपीसीआई ने मंगलवार को यूपीआई भुगतान पर एमडीआर शुल्क की घोषणा की थी जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये है। यह 15 अक्तूबर से लागू होगा।सरकारी सूत्रों ने कहा, एमडीआर को वापस नहीं लिया जाएगा। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी से जब पूछा गया कि क्या सरकार एमडीआर को वापस लेने पर विचार कर रही है, तो उन्होंने कहा, फैसला लिया जा चुका है और इसे पलटने का सवाल नहीं है। अधिकारी ने कहा, संसद की वित्त मामलों की स्थायी समिति ने 32वीं रिपोर्ट में चेतावनी दी कि शून्य एमडीआर व्यवस्था सरकारी खजाने पर दबाव डालती है और इन्फ्रा में निवेश की क्षमता को सीमित करती है। इसलिए एक टिकाऊ राजस्व व्यवस्था बनाना जरूरी है।रेलवे, टेलीकॉम सर्विस, इंश्योरेंस व फ्यूल जैसी खास श्रेणियों के कारोबारियों के लिए 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर भी सिर्फ 5 रुपये का रियायती एमडीआर रेट लागू होगा। स्कूल फीस भुगतान भी 2000 से ज्यादा होने पर सिर्फ 5 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन एमडीआर लागू होगा।यूपीआई से 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर एमडीआर लगाने के केंद्र के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका अधिवक्ता अंजन दत्ता ने दाखिल की है। उन्होंने कोर्ट से कहा कि नई व्यवस्था मनमानी व भेदभावपूर्ण है और इससे देश में कारोबारियों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।एमडीआर के खिलाफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने वित्त मंत्री को पत्र लिखकर इस फैसले से पेट्रो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 17, 2026 · 2 min · National Desk

रूस पर शिकंजा कसने वाला बिल अमेरिकी संसद से पास: भारत-चीन पर 100% तक टैरिफ का खतरा; क्या है मामला?

राष्ट्रपति को रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदने वाले तीसरे देशों पर 100 फीसदी तक शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुसार, यह प्रावधान 2025 के विधेयक में प्रस्तावित 500 फीसदी शुल्क के मुकाबले अधिक सीमित है। रूस के प्राकृतिक गैस निर्यात का 15 फीसदी से कम आयात करने वाले और रूसी ऊर्जा पर निर्भरता घटाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने वाले देशों के लिए छूट का प्रावधान है। अटलांटिक काउंसिल के अनुसार, चीन अगर रूसी तेल खरीदना जारी रखता है तो उसके सामान पर राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर 100 फीसदी तक शुल्क लगाया जा सकता है। विधेयक में रूसी सरकारी अधिकारियों, अरबपतियों, उनके परिवार के कुछ सदस्यों और रूसी वित्तीय संस्थानों को भी निशाना बनाने का प्रावधान है। ट्रंप के अनुरोध पर विधेयक में ईरान के हथियार और ऊर्जा क्षेत्रों की फंडिंग कम करने के उद्देश्य से प्रतिबंध लगाने के अधिकार को भी बढ़ाया गया है। भारत पर अभी 100 फीसदी शुल्क नहीं लगाया गया है। विधेयक राष्ट्रपति को परिस्थितियों के अनुसार ऐसा शुल्क लगाने का अधिकार देता है। विधेयक का सबसे अहम निशाना रूस का ऊर्जा क्षेत्र है। इसका मकसद रूस से तेल और गैस खरीदने वाले बड़े देशों पर आर्थिक दबाव बनाकर उसकी ऊर्जा से होने वाली कमाई घटाना है। इस कानून के तहत राष्ट्रपति को रूस से बड़ी मात्रा में तेल और गैस खरीदने वाले तीसरे देशों के सामान पर शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है। इनमें चीन और भारत जैसे देश भी प्रभावित हो सकते हैं। अमेरिकी प्रतिबंधों का घोषित उद्देश्य रूस की उन आय के स्रोतों को कम करना है, जिनसे यूक्रेन के खिलाफ 2022 से जारी युद्ध को फंड किया जा रहा है।भारत और च …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 17, 2026 · 2 min · National Desk

दिल्ली: अति सुरक्षित पंडारा रोड स्टाफ क्वार्टर में डिलीवरी ब्वॉय की हत्या, बॉक्स में मिला शव; पड़ताल शुरू

नए संसद भवन से कुछ ही दूरी पर अति सुरक्षित माने जाने वाले पंडारा रोड स्थित स्टाफ क्वार्टर में डिलीवरी ब्वॉय की हत्या कर शव लोहे के बक्से में बंद करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक की पहचान सन्नी (26) के रूप में हुई है। उसका शव कई दिनों तक क्वार्टर में पड़ा रहा। मंगलवार रात बदबू आने के बाद पड़ोसियों ने रात 12.56 बजे पुलिस को पीसीआर कॉल कर सूचना दी। मामले में मृतक के दोस्त और एक अन्य युवक की भूमिका सामने आई है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 17, 2026 · 1 min · National Desk