नीति आयोग के रोडमैप के पांच रणनीतिक स्तंभ क्या है? 2035 रोडमैप में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए पांच रणनीतिक स्तंभ रखे गए हैं। पायनियरिंग: नई और उन्नत डिजाइन क्षमता विकसित करना। नीति और निवेश: लंबे समय के निवेश और स्थिर नीतिगत वातावरण को मजबूत करना। उत्पादन: फैब, पैकेजिंग और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम का विस्तार करना। लोग: सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना। साझेदारी: वैश्विक कंपनियों और देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाना। सेमीकंडक्टर के लिए कितनी बड़ी ट्रेनिंग व्यवस्था बनाई जा रही है? सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की रणनीति केवल फैक्ट्री लगाने तक सीमित नहीं है। चिप्स टू स्टार्टअप यानी सी2एस कार्यक्रम के तहत 332 शैक्षणिक संस्थानों को अत्याधुनिक चिप डिजाइन टूल्स मुफ्त उपलब्ध कराए गए हैं। इन टूल्स का इस्तेमाल 240 लाख घंटे से ज्यादा हो चुका है और करीब 68,000 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। एससीएल मोहाली से 175 डिजाइन टेप-आउट भी किए जा चुके हैं। इसके अलावा सरकार ने एनआईईएलआईटी कालीकट में स्मार्ट लैब के जरिए वीएलएसआई, एम्बेडेड सिस्टम और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे क्षेत्रों में 1 लाख इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने की पहल की है। 12 अगस्त को लोकसभा में सरकार ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत 1 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया जा चुका था। एनआईईएलआईटी गुवाहाटी में एटीएमपी के लिए ट्रेनिंग लैब स्थापित करने की परियोजना भी मंजूर की गई है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और लैम रिसर्च की साझेदारी के तहत नैनोफैब्रिकेशन और प्रोसेस इंजीनियरिंग में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका लक्ष्य 10 वर्षों में 60,000 प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है। उद्योग के साथ भी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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