कांग्रेस ने यह भी कहा कि टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को रोकना मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘देर रात जन्मदिन का तोहफा’ है।निर्वाचन आयोग ने टीएमसी के प्रतिद्वंद्वी दोनों गुटों को उपचुनाव के दौरान पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया है। आयोग ने दोनों गुटों से शुक्रवार सुबह तक अपने पसंदीदा नाम और चुनाव चिह्न बताने को कहा है। गुरुवार रात जारी अंतरिम आदेश में आयोग ने ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के नेताओं की सुनवाई के बाद कहा कि इस मामले में चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के प्रावधानों के तहत विस्तृत फैसला जरूरी है।कांग्रेस महासचिव और संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘भाजपा द्वारा खुले तौर पर असंवैधानिक तरीके से किए गए कब्जे के बाद एआईटीसी के नाम और चुनाव चिह्न को रोकना मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से पीएम मोदी को देर रात जन्मदिन का तोहफा है।‘उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में भाजपा के खिलाफ लड़ने वालों को अब उनके खिलाफ बगावत करने और निर्वाचन आयोग की मदद से दल-बदल का असंवैधानिक पाप करने के लिए लाल कालीन बिछाकर मौका दिया जा रहा है।वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह ‘भाजपा के हाथों की कठपुतली’ और ‘लोकतंत्र को धीरे-धीरे नष्ट करने का औजार’ है। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और अब एआईटीसी के मामले में ऐसा किया है। जो भी भाजपा का विरोध करता है, उसे करारा झटका दिया जाता है और उसका पूरा चुनावी अस्तित्व छीन लिया जाता है।‘वेणुगोपाल ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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