ईरान पर अमेरिका का बड़ा वार: 23 सितंबर से दुनियाभर में एयरलाइंस पर रोक, तेहरान ने दी हमले की चेतावनी

दर्दनाक हमलों से दहला देंगे : ईरान दूसरी ओर, ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि उसने ईरान के खिलाफ कोई भी नई सैन्य कार्रवाई शुरू की तो पूरे पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर बेहद दर्दनाक हमले किए जाएंगे। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी इरना की ओर से जारी बयान में ईरान ने दावा किया कि अमेरिका क्षेत्रीय देशों के सहयोग से सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। सेना ने कहा कि यदि अमेरिका ने कोई भी चूक की, तो बिना किसी विचार के जवाबी कार्रवाई की जाएगी। ईरान की तरफ से यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की उस धमकी के बाद आया है कि अगर ईरान ने अपना रुख नहीं बदला, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उधर, समुद्री निगरानी एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने बताया कि होर्मुज में अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से एक तेल टैंकर पर हमला किया गया है। हमले में चालक दल के दो सदस्य घायल हुए हैं। यह भी पढ़ें: हूतियों के हमलों से सऊदी बेहाल: ब्रिटेन ने बढ़ाया मदद का हाथ; आरएएफ भरेगा लड़ाकू विमानों में ईंधन दूसरी ओर, ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि उसने ईरान के खिलाफ कोई भी नई सैन्य कार्रवाई शुरू की तो पूरे पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर बेहद दर्दनाक हमले किए जाएंगे। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी इरना की ओर से जारी बयान में ईरान ने दावा किया कि अमेरिका क्षेत्रीय देशों के सहयोग से सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।सेना ने कहा कि यदि अमेरिका ने कोई भी चूक की, तो बिना किसी विचार के जवाबी कार्रवाई की जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 22, 2026 · 2 min · National Desk

UNGA: बहुपक्षवाद पर जयशंकर की दो-टूक, बोले- मानदंडों का पालन हो; ईसी प्रमुख ने वैश्विक टकराव पर जताई चिंता

81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के इतर बहुपक्षवाद शिखर सम्मेलन में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक चुनौतियों पर जोर दिया। भारत ने सह-प्रायोजक के रूप में बहुपक्षवाद को मजबूत करने और संयुक्त राष्ट्र में सुधार की वकालत की। सम्मेलन में वैश्विक चुनौतियों से निपटने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने इस पहल की सह-मेजबानी ऑस्ट्रेलिया, बारबाडोस, ब्राजील, कनाडा, भारत और केन्या के साथ की। उन्होंने सभी महाद्वीपों से अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एक व्यापक और विविध प्रतिनिधित्व पर प्रसन्नता व्यक्त की। कोस्टा ने कहा कि हम सभी विभिन्न क्षेत्रों, संस्कृतियों और इतिहासों से आते हैं, फिर भी हम समान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। विश्व इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है, जहां संघर्ष लगातार फैल रहा है। अंतरराष्ट्रीय कानून का बार-बार उल्लंघन किया जा रहा है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य भी शामिल हैं। बहुपक्षीय प्रणाली इस समय भारी तनाव में है। जलवायु परिवर्तन, महामारी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आर्थिक असुरक्षा जैसी चुनौतियां इतनी व्यापक हैं कि कोई भी देश, चाहे वह बड़ा हो या छोटा, उनका अकेले सामना नहीं कर सकता।इसलिए हमें टकराव को सहयोग में बदलना चाहिए। उन्होंने बहुपक्षीय सहयोग, आपसी सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित एक वैश्विक नेटवर्क बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस पहल को शुरू करने के लिए राष्ट्रपति एंटोनियो कोस्टा को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, भारत सह-प्रायोजक के रूप में इस पहल म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 22, 2026 · 2 min · National Desk

हूतियों के हमलों से सऊदी बेहाल: ब्रिटेन ने बढ़ाया मदद का हाथ; आरएएफ भरेगा लड़ाकू विमानों में ईंधन

ब्रिटेन आरएफ के जरिए सऊदी विमानों को हवा में ईंधन भरने की सुविधा देगा। यह सहायता शुरुआती तौर पर कुछ हफ्तों के लिए होगी और इसकी समीक्षा की जाएगी। आरएएफ का एक वॉयजर विमान सऊदी विमानों को ईंधन देने के लिए इस्तेमाल होगा। ब्रिटिश अधिकारियों के मुताबिक विमान सऊदी के ‘रक्षात्मक’ अभियानों में मदद करेगा। हूतियों ने रियाद समेत सऊदी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। हूतियों ने लाल सागर और बाब अल-मंदेब में सऊदी जहाजों को निशाना बनाने की बात कही है। सऊदी अरब ने अपने सहयोगी देशों से हवाई रक्षा सहायता देने का अनुरोध किया है। यमन में हूतियों और सऊदी समर्थित सरकार के बीच संघर्ष फिर तेज हो गया है। हूती विद्रोही सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहे हैं। शनिवार को सऊदी राजधानी रियाद को निशाना बनाकर भी हमला किया गया था, जिसे बीच में ही रोक दिया गया। हूतियों ने लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सऊदी शिपिंग के खिलाफ नाकाबंदी का एलान भी किया है।हूतियों ने सऊदी से जुड़े जहाजों और सऊदी अरब के भीतर तेल प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया है। सऊदी अरब दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है। इसी बीच हूतियों ने यमन में आगे बढ़ते हुए इस महीने की शुरुआत में महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर मोक्का और लाल सागर के कुछ अहम द्वीपों पर कब्जा कर लिया। इससे उन्हें बाब अल-मंदेब से गुजरने वाले जहाजों पर नजर रखने में मदद मिल सकती है। इस रास्ते से सामान्य तौर पर दुनिया के करीब 12 प्रतिशत व्यापार की आवाजाही होती है।प्रधानमंत्री बर्नहम ने कहा कि ब्रिटेन यह कदम अपने और पूरे क्षेत्र के हितों को सुरक्षित रखने के लिए उठा रहा है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब हमलों का सामना कर रहा है और आगे और …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 22, 2026 · 2 min · National Desk

जयशंकर की वी4 देशों के साथ पहली बैठक: रक्षा-कारोबार पर बनी बात; यूएनएससी की स्थायी सीट पर भारत को समर्थन

बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत और वी4 देशों ने आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए हर साल विदेश मंत्रियों की बैठक करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही एक वार्षिक कारोबारी मंच बनाने की भी बात तय हुई है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ भारत के रिश्ते लगातार गहरे हो रहे हैं, ऐसे में वी4 देशों के साथ भी सहयोग बढ़ाने की गुंजाइश है।विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि बैठक में अर्थव्यवस्था के अलावा तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में साथ काम करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। भारत के वी4 देशों के साथ रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से संबंध हैं। अब दोनों पक्ष इस सहयोग को फिर से मजबूत करने और आगे बढ़ाने पर काम करना चाहते हैं।बैठक में अंतरिक्ष, संपर्क और लोगों के बीच आवाजाही जैसे मुद्दे भी उठे। जयशंकर ने कहा कि वी4 के चारों देशों में भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं। इसलिए लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना भी सहयोग का अहम हिस्सा है। विदेश मंत्रियों ने दुनिया में चल रहे बड़े संकटों पर भी विचार साझा किए। इनमें यूक्रेन का संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र में मौजूदा घटनाक्रम शामिल रहे। जयशंकर ने बैठक को उपयोगी और काफी उत्पादक बताया।भारत के लिए वी4 के राजनीतिक महत्व के सवाल पर जयशंकर ने कहा कि भारत के चारों देशों के साथ अच्छे संबंध हैं। उन्होंने कहा कि ये देश औद्योगिक अर्थव्यवस्था वाले हैं और इनमें तकनीक व नवाचार की मजबूत क्षमता है। वी4 किस तरह आगे साथ काम करता है, यह इन देशों को तय करना है, लेकिन भारत उनके साथ काम करने के अवसर का स्वागत करता है।बैठक के बाद स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वी4 देशों की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 22, 2026 · 2 min · National Desk

केतन अग्रवाल हत्याकांड: क्या सिया गोयल के परिवार के लोग भी साजिश में शामिल थे? पिता ने जताया शक

विशाल अग्रवाल ने कहा है कि उन्हें अभी भी सिया के परिवार के कई सदस्यों के केतन की हत्या की साजिश में शामिल होने का शक है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्होंने अभी आरोपपत्र पढ़ा नहीं है। इसलिए वह आरोपपत्र की सामग्री देखने के बाद ही इस बारे में विस्तार से टिप्पणी करेंगे।विशाल अग्रवाल के मुताबिक, उन्हें सिया के पिता, मां, भाई, चाचा और चाची के भी कथित तौर पर हत्या की साजिश में शामिल होने का संदेह है। उन्होंने कहा कि आरोपपत्र पढ़ने के बाद ही वह इस बारे में आगे बात करेंगे।केतन के पिता ने बताया कि उन्होंने अदालत का रुख कर मामले में दाखिल आरोपपत्र की प्रति मांगी है। उनका कहना है कि अभी उन्होंने आरोपपत्र नहीं पढ़ा है, इसलिए उस पर अंतिम टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।केतन के पिता ने उन खबरों पर भी सवाल उठाया, जिनमें सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी की गुपचुप शादी होने की बात कही गई थी। उन्होंने सवाल किया कि अगर दोनों की शादी पहले ही हो चुकी थी तो सिया के परिवार ने कथित तौर पर उनके बेटे के साथ उसकी शादी कराने की कोशिश क्यों की।विशाल अग्रवाल ने कहा कि अगर सिया और चेतन की कथित शादी की बात सही है, तो यह सवाल उठता है कि उसके परिवार ने केतन के साथ उसकी शादी कराने की कोशिश क्यों की।केतन के पिता ने कहा कि हत्या मामले की जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, परिवार के अन्य सदस्यों की कथित भूमिका को लेकर उनका शक अभी बना हुआ है।विशाल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक तरीके से कराने और उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की मांग की थी। उनका कहना है कि अभी तक इन दोनों मांगों पर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 22, 2026 · 2 min · National Desk

राजस्थान: किस नेता के गढ़ में किसका चला सिक्का? अजमेर से झालावाड़ तक निकाय चुनाव ने बदले सियासी संकेत

अजमेर में भाजपा के प्रमुख चेहरों में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी और भाजपा नेता अनिता भदेल शामिल हैं। विधानसभा चुनाव में जिले की आठ में से सात सीटें कांग्रेस के खाते में गई थीं। निकाय चुनाव में भी कांग्रेस ने वार्ड स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत रखी। नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस ने 37, भाजपा ने 32 और निर्दलीयों ने 11 सीटें जीतीं। लेकिन मेयर चुनाव में भाजपा की अनामिका शर्मा को 43 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की किरण गढ़वाल को 37 वोट मिले। यानी कांग्रेस छह वार्ड ज्यादा जीतने के बावजूद मेयर की कुर्सी नहीं ले सकी।पाली भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का प्रमुख राजनीतिक क्षेत्र है। कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत और पूर्व केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी भी यहां भाजपा की राजनीति के प्रमुख चेहरे हैं। इसके बावजूद पाली नगर निगम में कांग्रेस 29 वार्डों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही। भाजपा को 21 और निर्दलीयों को 15 सीटें मिलीं। इसके बाद भी भाजपा की नमिता बुबकिया मेयर चुनी गईं। पाली का नतीजा इसलिए खास है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के राजनीतिक क्षेत्र में कांग्रेस ने वार्डों में बढ़त बनाई, लेकिन बोर्ड की शीर्ष कुर्सी भाजपा के पास रही।केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा की राजनीतिक जमीन माने जाने वाले बीकानेर में कांग्रेस ने निकाय चुनाव में स्पष्ट बढ़त हासिल की। 80 वार्डों में कांग्रेस ने 42 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। भाजपा को 27 और निर्दलीयों को 10 सीटें मिलीं, जबकि एक सीट आरएलपी के खाते में गई। इसके बाद कांग्रेस के अनिल कल्ला मेयर चुने गए। वे पूर्व मंत्री बीडी कल्ला के भतीजे हैं। यहां वार्डों का जनादेश सीधे नगर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk

मेरठ: अवैध निर्माण की जद में आया पूरा शहर, 16,726 मकान होंगे सील, बेगमपुल, ब्रह्मपुरी समेत यहां गिरेगी गाज

मेरठ: अवैध निर्माण की जद में आया पूरा शहर, 16,726 मकान होंगे सील, बेगमपुल, ब्रह्मपुरी समेत यहां गिरेगी गाज शास्त्रीनगर में चल रही ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई अब केवल सेंट्रल मार्केट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरा शहर इसकी जद में आ सकता है। सेंट्रल मार्केट मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने अवैध निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि अवैध निर्माण 25 साल पुराना हो या 50 साल पुराना, वह अवैध ही रहेगा। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की ओर से सुनवाई के दौरान जोन ए की सर्वे रिपोर्ट दाखिल की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि शहर के जोन ए (बेगमपुल, लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी, भगवतपुरा, तारापुरी समेत कई इलाके) में 16,726 भवन अनाधिकृत हैं। इस पर जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने इन सभी निमार्ण को सील करने के आदेश दिए। वहीं, बाकी तीन जोन बी, सी और डी की रिपोर्ट दाखिल नहीं किए जाने पर अदालत ने मेडा सचिव अर्पित गुप्ता पर नाराजगी जताई। मामले में 9 दिसंबर की तारीख तय करते हुए तब तक अनुपालन आख्या दाखिल करने के निर्देश दिए गए। आवास एवं विकास परिषद के अधिवक्ता की ओर से 44 सील भवनों की अनुपालन आख्या भी दाखिल की गई। याचिकाकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और सरकारी वकील नवीन पाहवा ने प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk

एफटीए: भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौता 20 अक्तूबर से होगा लागू, गोयल बोले- व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्तूबर से लागू हो जाएगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। यह समझौता दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के कारोबार तथा निवेश को बढ़ावा देगा। भारत को क्या लाभ मिलेगा? यह महत्वपूर्ण समझौता 27 अप्रैल को हस्ताक्षरित किया गया था। गोयल ने बताया कि यह समझौता दशहरा के दिन से प्रभावी होगा। इस समझौते से भारत के निर्यात को न्यूजीलैंड में 100 फीसदी शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी।वर्तमान में न्यूजीलैंड भारतीय सामान पर 10 फीसदी तक का उच्चतम शुल्क लगाता है। इनमें सिरेमिक, कालीन, ऑटोमोबाइल और ऑटो कलपुर्जे जैसे प्रमुख उत्पाद शामिल हैं। न्यूजीलैंड ने भारत में 15 वर्षों में 20 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह कदम दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा। इससे द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े अवसर खोलेगा। न्यूजीलैंड के बाजार में भारतीय उत्पादों को अब कोई शुल्क नहीं देना होगा। इससे भारतीय सामान की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी। सिरेमिक, कालीन और ऑटो कलपुर्जे जैसे क्षेत्रों को विशेष फायदा होगा। यह भारत के व्यापार संतुलन के लिए सकारात्मक कदम है। न्यूजीलैंड का निवेश क्या मायने रखता है? न्यूजीलैंड भारत में अगले 15 वर्षों में 20 अरब अमेरिकी डॉलर का बड़ा निवेश करेगा। यह निवेश भारत के विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करेगा। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। यह दोनों देशों के बीच गहरे होते आर्थिक संबंधों का प्रतीक है। यह समझौता आपसी विश्वास और सहयोग को भी मजबूत करेगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk

सुनाम मामले में पलटा पूरा खेल: जग्गा सिंह पर पहले से दुष्कर्म-एनडीपीएस समेत नाै एफआईआर दर्ज, चार में दोषी भी

एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल ने कहा कि कल डीसी ऑफिस में जग्गा सिंह नाम के एक व्यक्ति ने कोई जहरीली चीज खा ली। जग्गा सिंह के खिलाफ 9 एफआईआर दर्ज हैं। 4 मामलों में वह दोषी ठहराया जा चुका है। इनमें आबकारी और एनडीपीएस से जुड़े मामले शामिल हैं। चार अन्य मामलों में उस पर केस चल रहा है। उस पर दुष्कर्म का भी एक मामला है।12 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था जिसमें उसने पुलिस को धमकी दी थी कि अगर उसके मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आत्महत्या कर लेगा। इस संबंध में 12 सितंबर को ही मामला दर्ज किया गया था। पंचायत का कहना है कि जग्गा सिंह को राजनीतिक रूप से उकसाया जा रहा है। उनका कहना है कि गांव में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को वह रोकता है। जग्गा सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है और उसे राजनीतिक रूप से उकसाया जा रहा है। इस मामले से जुड़े तथ्य जांच का विषय हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 1 min · National Desk

बिहार: गया से पहले पुनपुन क्यों जाते हैं श्रद्धालु? भगवान राम से जुड़ी है मोक्ष के प्रथम द्वार की मान्यता

बिहार को इतिहास, धर्म और आध्यात्मिक परंपराओं की धरती कहा जाता है। यही वह भूमि है जहां राजनीति के गुरु चाणक्य हुए और भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई। बिहार में एक ऐसी जगह भी है, जिसे पितरों के मोक्ष की धरती माना जाता है। हम बात कर रहे हैं पटना जिले से सटे पुनपुन नदी घाट की। आमतौर पर पितृपक्ष में पिंडदान के लिए गया का नाम सबसे पहले लिया जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि पुनपुन में भी पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि गया में पिंडदान से पहले पुनपुन में तर्पण करने की परंपरा रही है। इसी वजह से पुनपुन को मोक्ष का प्रथम द्वार भी कहा जाता है। इस बार 26 सितंबर से पुनपुन पितृपक्ष मेला 2026 की शुरुआत होगी, जो 10 अक्टूबर तक चलेगा। मेले को लेकर जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। पुनपुन नदी घाट से जुड़ी कई पौराणिक मान्यताएं हैं। गरुड़ पुराण में पुनपुन नदी को आदि गंगा के नाम से भी बताया गया है। मान्यता है कि भगवान राम अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए माता जानकी के साथ पुनपुन नदी घाट पहुंचे थे। उन्होंने यहां सबसे पहले अपने पूर्वजों के लिए पिंड का तर्पण किया था। इसके बाद भगवान राम गया पहुंचे और फल्गु नदी के तट पर पूरे विधि-विधान से पिंडदान और तर्पण किया। इसी मान्यता के कारण पुनपुन को गया से पहले पिंडदान का स्थान और मोक्ष का पहला द्वार माना जाता है।हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार आश्विन माह के कृष्ण पक्ष में 15 दिनों तक पितरों का तर्पण और श्राद्ध किया जाता है। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना से पिंडदान करते हैं। इस बार पुनपुन में पितृपक्ष मेला 26 सितंबर से शुरू होक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 2 min · National Desk