बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत और वी4 देशों ने आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए हर साल विदेश मंत्रियों की बैठक करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही एक वार्षिक कारोबारी मंच बनाने की भी बात तय हुई है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ भारत के रिश्ते लगातार गहरे हो रहे हैं, ऐसे में वी4 देशों के साथ भी सहयोग बढ़ाने की गुंजाइश है।विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि बैठक में अर्थव्यवस्था के अलावा तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में साथ काम करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। भारत के वी4 देशों के साथ रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से संबंध हैं। अब दोनों पक्ष इस सहयोग को फिर से मजबूत करने और आगे बढ़ाने पर काम करना चाहते हैं।बैठक में अंतरिक्ष, संपर्क और लोगों के बीच आवाजाही जैसे मुद्दे भी उठे। जयशंकर ने कहा कि वी4 के चारों देशों में भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं। इसलिए लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना भी सहयोग का अहम हिस्सा है। विदेश मंत्रियों ने दुनिया में चल रहे बड़े संकटों पर भी विचार साझा किए। इनमें यूक्रेन का संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र में मौजूदा घटनाक्रम शामिल रहे। जयशंकर ने बैठक को उपयोगी और काफी उत्पादक बताया।भारत के लिए वी4 के राजनीतिक महत्व के सवाल पर जयशंकर ने कहा कि भारत के चारों देशों के साथ अच्छे संबंध हैं। उन्होंने कहा कि ये देश औद्योगिक अर्थव्यवस्था वाले हैं और इनमें तकनीक व नवाचार की मजबूत क्षमता है। वी4 किस तरह आगे साथ काम करता है, यह इन देशों को तय करना है, लेकिन भारत उनके साथ काम करने के अवसर का स्वागत करता है।बैठक के बाद स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वी4 देशों की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
जयशंकर की वी4 देशों के साथ पहली बैठक: रक्षा-कारोबार पर बनी बात; यूएनएससी की स्थायी सीट पर भारत को समर्थन
बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत और वी4 देशों ने आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए हर साल विदेश मंत्रियों की बैठक करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही एक वार्षिक कारोबारी मंच बनाने की भी बात तय हुई है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ भारत के रिश्ते लगातार गहरे हो रहे हैं, ऐसे में वी4 देशों के साथ भी सहयोग बढ़ाने की गुंजाइश है।विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि बैठक में अर्थव्यवस्था के अलावा तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में साथ काम करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। भारत के वी4 देशों के साथ रक्षा क्षेत्र