गुजरात के दौरे पर पीएम मोदी: जामनगर में किया रोड शो; बोले- बंगाल के नतीजे से देशभर के लोगों को मिली राहत

और पढ़ें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दौरे पर पहुंच गए हैं। इस दौरान उन्होंने जामनगर में एक रोड-शो भी किया। बता दें कि, पीएम मोदी पीएम मोदी सोमवार, 11 मई को सुबह करीब 10:15 बजे सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव में शामिल होंगे। यह मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और भारत की अटूट आस्था तथा सभ्यतागत विरासत का प्रतीक है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें ...

May 11, 2026 · 1 min · National Desk

'अब नहीं हंसेगा ईरान': ट्रंप ने दी 47 साल का हिसाब चुकता करने की धमकी; कहा-अमेरिका का मजाक उड़ा रहा है तेहरान

ट्रंप ने ईरान पर पिछले 47 साल से ‘देरी करो, देरी करो और देरी करो’ की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान अब अमेरिका और पूरी दुनिया के साथ खेल नहीं खेल पाएगा। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में लिखा कि ईरान हमारे महान देश पर हंस रहा था, लेकिन अब ऐसा और नहीं होगा। ट्रंप का यह बयान सीधे तौर पर ईरान के उस जवाब के बाद आया है, जिसे पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है।ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने अपने जवाब में युद्ध रोकने की बात कही है। ईरान चाहता है कि लेबनान सहित सभी मोर्चों पर संघर्ष विराम हो। साथ ही, उसने होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की शर्त रखी है। अमेरिका ने पहले यह प्रस्ताव दिया था कि अन्य संवेदनशील मुद्दों जैसे परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करने से पहले दोनों देश शत्रुता समाप्त करें। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक ईरान के इस जवाब पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।इस दौरान ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि ओबामा प्रशासन के दौरान हुआ परमाणु समझौता ईरान के लिए जीवनदान जैसा था। ट्रंप के अनुसार, उस वक्त की नीतियों ने ईरान को बहुत शक्तिशाली बना दिया था। अब ट्रंप इस स्थिति को पूरी तरह बदलने के मूड में दिख रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान 47 साल से अमेरिका और बाकी दुनिया के साथ खेल खेल रहा है और आखिरकार उसे तब बड़ी सफलता मिली जब ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति बने। वह न सिर्फ उनके लिए अच्छे थे, बल्कि बहुत ही बेहतरीन थे; असल में वह उन्हीं के पक्ष में चले गए। इस्राइल और बाकी सहयोगियों को नजरअंदाज कर दिया। सैकड़ों अरब डॉलर, और 1.7 अरब डॉलर की नकद रकम विमान से तेहरान भेजी गई, और उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 11, 2026 · 2 min · National Desk

'कर्नाटक में कोई कुर्सी नहीं हिल रही': पीएम के बयान पर डीके शिवकुमार का पलटवार; सत्ता संघर्ष को भी किया खारिज

कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर सत्ता संघर्ष की चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस सरकार पर आंतरिक खींचतान और नेतृत्व संकट का आरोप लगाए जाने के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने साफ शब्दों में इन दावों को खारिज कर दिया। रायचूर जिले के लिंगसुगुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक सरकार पूरी तरह स्थिर है और किसी भी पद को लेकर कोई अस्थिरता नहीं है। उन्होंने कहा “कर्नाटक में कोई कुर्सी नहीं हिल रही है। सभी कुर्सियां स्थिर हैं। मुझे नहीं पता कि प्रधानमंत्री किस संदर्भ में यह बात कह रहे हैं।“दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगलूरू में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में सरकार जनता की समस्याओं को सुलझाने के बजाय अंदरूनी सत्ता संघर्ष में उलझी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार का अधिकतर समय आपसी विवादों और नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता में बीता है।प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उसे परजीवी पार्टी तक करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है क्योंकि पार्टी के नेता सत्ता के बंटवारे में ही व्यस्त हैं।इसी बीच, कर्नाटक कांग्रेस में कथित सत्ता समझौते की चर्चाएं भी फिर तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से यह चर्चा है कि 2023 में कांग्रेस सरकार बनने के दौरान सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर एक अनौपचारिक समझ बनी थी।रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया था, जबकि य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 11, 2026 · 2 min · National Desk

'कर्नाटक में कोई कुर्सी नहीं हिल रही': पीएम के बयान पर डीके शिवकुमार का पलटवार; सत्ता संघर्ष को भी किया खारिज

कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर सत्ता संघर्ष की चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस सरकार पर आंतरिक खींचतान और नेतृत्व संकट का आरोप लगाए जाने के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने साफ शब्दों में इन दावों को खारिज कर दिया। रायचूर जिले के लिंगसुगुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक सरकार पूरी तरह स्थिर है और किसी भी पद को लेकर कोई अस्थिरता नहीं है। उन्होंने कहा “कर्नाटक में कोई कुर्सी नहीं हिल रही है। सभी कुर्सियां स्थिर हैं। मुझे नहीं पता कि प्रधानमंत्री किस संदर्भ में यह बात कह रहे हैं।“दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगलूरू में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में सरकार जनता की समस्याओं को सुलझाने के बजाय अंदरूनी सत्ता संघर्ष में उलझी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार का अधिकतर समय आपसी विवादों और नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता में बीता है।प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उसे परजीवी पार्टी तक करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है क्योंकि पार्टी के नेता सत्ता के बंटवारे में ही व्यस्त हैं।इसी बीच, कर्नाटक कांग्रेस में कथित सत्ता समझौते की चर्चाएं भी फिर तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से यह चर्चा है कि 2023 में कांग्रेस सरकार बनने के दौरान सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर एक अनौपचारिक समझ बनी थी।रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया था, जबकि य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 10, 2026 · 2 min · National Desk

बंगाल: 'TMC नेता कतार में, अभी दरवाजे बंद'; BJP का दावा; समिक भट्टाचार्य बोले- पार्टी में फिल्टर सिस्टम लागू

कोलकाता की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। निलंबित टीएमसी नेता रिजु दत्ता के बयान के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिससे सत्ता और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सुवेंदु अधिकारी को नेचुरल लीडर बताते हुए कहा कि उन्होंने ममता बनर्जी को दो बार चुनावी मुकाबले में मात दी है। इस बयान ने बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। #WATCH | Kolkata | On suspended TMC leader Riju Dutta praising West Bengal CM Suvendu Adhikari, West Bengal BJP President Samik Bhattacharya says, “… Suvendu Adhikari is a natural leader. He defeated Mamata Banerjee twice. And he (Riju) will praise him more because he also… https://t.co/FeszerYkrD pic.twitter.com/qGJQOyATiv — ANI (@ANI) May 10, 2026 भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि टीएमसी के कई नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि फोन कॉल्स की लंबी कतार लगी है, लेकिन पार्टी फिलहाल किसी को भी शामिल नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि “आप सोच भी नहीं सकते कि कितने फोन कॉल्स आ रहे हैं और कितनी लंबी लाइन लगी होगी। लेकिन हम अभी किसी को नहीं ले रहे हैं। हमारे पास एक फिल्टर सिस्टम भी है।“भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी को लेकर पहले भी कई टिप्पणियां की गई हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि पार्टी एक सख्त प्रक्रिया और संगठन के आधार पर चलती है। उन्होंने कहा “हमारी पार्टी के बारे में बहुत कुछ कहा गया है। हमारी पार्टी को वॉशिंग मशीन कहा गया… BJP ‘मां गंगा’ है। लेकिन हमारे पास घाटों पर लोग तैनात हैं, जो चुनते हैं कि किसे डुबकी लगाने देना है… अभी, किसी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 10, 2026 · 2 min · National Desk

Ashok Kharat Case: अशोक खरात मामले में SIT के सामने पेश हुईं NCP नेता रुपाली, कहा- जांच में करूंगी पूरा सहयोग

इस पूरे विवाद के बीच रुपाली चाकणकर को राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद और एनसीपी महिला विंग के प्रमुख पद से इस्तीफा देना पड़ा था। एसआईटी के सामने पेश होने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस जांच में पूरा सहयोग करेंगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12.30 बजे उनसे पूछताछ शुरू हुई। दरअसल, नासिक पुलिस ने 18 मार्च को अशोक खरात को एक महिला से तीन साल तक बार-बार दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने गहराई से जांच की, तो यौन शोषण, जमीन हड़पने, वित्तीय धोखाधड़ी और काले जादू के नाम पर ठगी जैसे कई खौफनाक अपराधों का एक बड़ा जाल सामने आया। महाराष्ट्र सरकार ने इस बाबा के खिलाफ दर्ज 12 मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।रुपाली चाकणकर के खिलाफ यह कार्रवाई तब तेज हुई जब उनके और अशोक खरात के बीच गहरे संबंधों का खुलासा हुआ। जानकारी के मुताबिक, रुपाली ने खरात के साथ कुछ धार्मिक अनुष्ठान किए थे। यह बाबा श्री ईशानेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष भी है और रुपाली इस ट्रस्ट की सदस्य हैं। एसआईटी मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन दोनों के बीच किस तरह के संबंध थे। इसके अलावा, जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपी बाबा खरात ने कथित तौर पर रुपाली चाकणकर की बहन के बैंक खाते का इस्तेमाल क्यों और कैसे किया। चाकणकर ने कहा है कि वह एसआईटी के सभी सवालों का जवाब देने के लिए वहां आई हैं।इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने रुपाली चाकणकर की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। दमानिया ने कॉल रिकॉर्ड्स का हवाला देते हुए दावा किया था कि एनसीपी नेता रुपाली ने बाबा खरात को कुल 177 बार कॉल किए थे। इसमें एक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 10, 2026 · 2 min · National Desk

Vijay Thanks PM: सीएम की कुर्सी संभालते ही विजय ने पीएम मोदी को कहा धन्यवाद, राज्य के विकास के लिए मांगा सहयोग

दरअसल, अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने वाले विजय अब तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। उनका पूरा नाम चंद्रशेखर जोसेफ विजय है। आज चेन्नई के विशाल और मशहूर जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में यह बड़ा शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने विजय को उनके पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस बड़े मौके पर कई अलग-अलग राजनीतिक दलों के बड़े नेता, फिल्मी हस्तियां और भारी संख्या में उनके चाहने वाले समर्थक स्टेडियम में मौजूद रहे। नई सरकार के गठन में विजय के साथ-साथ उनकी पार्टी टीवीके के नौ अन्य बड़े नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली है।शपथ ग्रहण समारोह के पूरा होने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर नए मुख्यमंत्री विजय को अपनी बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि वह जोसेफ सी विजय को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देते हैं और उनके अच्छे कार्यकाल की कामना करते हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार लोगों का जीवन सुधारने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करती रहेगी। इसके जवाब में मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी का दिल से आभार जताया। विजय ने लिखा कि उनका इकलौता लक्ष्य अपनी जनता की भलाई और तरक्की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु के लगातार विकास के लिए वे केंद्र सरकार के सक्रिय समर्थन और सहयोग की पूरी उम्मीद करते हैं।शपथ लेने के बाद इंडोर स्टेडियम में वहां मौजूद भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कई बड़ी और अहम बातें कहीं। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ जोर देकर कहा कि उनकी नई सरकार राज्य में एक बिल्कुल ‘नई शुरुआत’ करेगी। उन्होंने जनता को यह पक्का भर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 10, 2026 · 2 min · National Desk

शपथ लेते ही विवादों में विजय सरकार: राज्य गान से पहले वंदे मातरम् बजाने पर CPI ने जताई आपत्ति, उठाए कई सवाल

दरअसल, रविवार को चेन्नई में टीवीके प्रमुख जोसेफ सी विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। विवाद तब शुरू हुआ जब इस शपथ ग्रहण समारोह में गानों का क्रम तय किया गया। समारोह की शुरुआत में सबसे पहले ‘वंदे मातरम’ बजाया गया। इसके बाद देश का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बजाया गया और सबसे अंत में तीसरे नंबर पर तमिलनाडु का राज्य गान ‘तमिल थाई वजथु’ बजाया गया। इसी क्रम को लेकर सीपीआई के राज्य सचिव एम वीरपांडियन ने नाराजगी जताते हुए इसे राज्य की स्थापित परंपराओं के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि सरकारी कार्यक्रम हमेशा ‘तमिल थाई वजथु’ से शुरू होते हैं और राष्ट्रगान के साथ खत्म होते हैं।इस विवाद में ‘वंदे मातरम’ को लेकर भी सीपीआई ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सीपीआई नेता वीरपांडियन ने दावा किया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ही यह तय हो गया था कि ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रगान के रूप में काम नहीं कर सकता है। उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया है कि यह गीत एक विशिष्ट देवता को समर्पित है और इसका स्वरूप कुछ हद तक सांप्रदायिक और धार्मिक है। इसलिए, राज्य के सबसे बड़े सरकारी समारोह में इसे पहली जगह देना और राज्य गान को तीसरे नंबर पर धकेलना पूरी तरह से गलत है। यह कदम राज्य की सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।इस पूरे मामले में राजभवन यानी लोक भवन की भूमिका पर भी सीधे तौर पर निशाना साधा गया है। सीपीआई ने आरोप लगाया है कि तमिलनाडु सरकार द्वारा आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह के एजेंडे में बदलाव जानबूझकर किया गया है। वीरपांडियन का कहना है कि लोक भवन के कथित निर्देशों के तहत ही ‘वंदे मातरम’ को प्राथमिक स्थान दिया गया और तमिल वंदना को तीसरे स्थान पर रखा गया है। यह पूरी तरह से राज्य की स्थाप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 10, 2026 · 2 min · National Desk

Congress: ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर जयराम रमेश ने पर्यावरण मंत्रालय को लिखा पत्र, बोले-ईआई प्रक्रिया मजाक बनी

उन्होंने अपने पत्र में कहा कि 1 मई को सरकार ने ‘ग्रेट निकोबार परियोजना: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न’ जारी कर दावा किया था कि परियोजना के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों का व्यापक अध्ययन किया गया है और उन्हें प्रभावी तरीके से मैनेज किया जा रहा है। जयराम रमेश ने कहा कि उन्होंने 3 मई को इन पूछे जाने वाले प्रश्न का जवाब दिया था, लेकिन अब वे कुछ और महत्वपूर्ण तथ्य सामने रखना चाहते हैं।जयराम रमेश ने कहा कि कानून के मुताबिक अंडमान-निकोबार जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बनने वाले बड़े पोर्ट प्रोजेक्ट्स के लिए व्यापक ईआईए जरूरी होता है। इसके तहत कम से कम तीन मौसमों का विस्तृत अध्ययन किया जाना चाहिए ताकि पर्यावरण और जैव विविधता पर पड़ने वाले असर का सही आकलन हो सके। उन्होंने 3 नवंबर 2009 के पर्यावरण मंत्रालय के ऑफिस मेमोरेंडम का हवाला देते हुए कहा कि 50 लाख टन प्रति वर्ष से बड़े पोर्ट प्रोजेक्ट्स के लिए व्यापक ईआईए, गणितीय मॉडलिंग और जमीनी सत्यापन अनिवार्य है।जयराम रमेश ने कहा कि मंत्रालय की क्षेत्र-विशिष्ट ईआईए नियमावली भी कम से कम दो मौसमों के भौतिक, रासायनिक और जैविक आधारभूत डेटा की मांग करती है। उन्होंने दावा किया कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट में इन मानकों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इसरो की 2021 मैपिंग में गलाथिया बे के बड़े हिस्से को इरोजन जोन बताया गया था। ऐसे में तटीय विनियमन क्षेत्र नियमों के तहत और ज्यादा विस्तृत अध्ययन जरूरी था।जयराम रमेश ने दावा किया कि ग्रेट निकोबार परियोजना की फाइनल ईआईए रिपोर्ट खुद यह स्वीकार करती है कि आधारभूत अध्ययन सिर्फ दिसंबर 2020 से फरवरी 2021 तक यानी केवल एक मौसम में की गई थीं। उन्होंने कहा कि परिस्थितिकी और जैव विविधता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 10, 2026 · 2 min · National Desk

60 लाख में बिका कृषि विज्ञान का पेपर: पूर्व आरपीएससी सदस्य समेत तीन गिरफ्तार, एसओजी के खुलासे से मचा हड़कंप

और पढ़ें गोपनीय सूचना के आधार पर जांच शुरू एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि ओपीजेएस विश्वविद्यालय से बैकडेट में बीएड और एमएससी एग्रीकल्चर की फर्जी मार्कशीट तैयार कर अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में अवैध लाभ पहुंचाया गया। एसओजी थाने में मुकदमा दर्ज इस मामले में 5 मार्च 2026 को एसओजी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान सबसे पहले अनिता चौधरी का नाम सामने आया, जो फागी के एक सरकारी विद्यालय में कृषि विज्ञान व्याख्याता के पद पर कार्यरत थी। जांच में पाया गया कि उसने फर्जी एमएससी एग्रीकल्चर मार्कशीट के आधार पर नौकरी हासिल की थी। पूछताछ से बचने के लिए उसके फरार होने के बाद मामला और गंभीर हो गया। ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से फर्जी मार्कशीट तैयार होती थी इसके बाद एसओजी ने सीकर जिले के श्रीमाधोपुर क्षेत्र के दिवराला स्थित राजकीय विद्यालय में कार्यरत कृषि विज्ञान व्याख्याता अशोक कुमार यादव को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि उसने भी ओपीजेएस विश्वविद्यालय से फर्जी बीएड और एमएससी एग्रीकल्चर की अंकतालिकाएं तैयार करवाई थीं। आवश्यक योग्यता नहीं होने के बावजूद उसने गलत जानकारी देकर आवेदन किया और भर्ती परीक्षा की मेरिट में तीसरा स्थान हासिल कर लिया। अंक देखकर एसओजी को हुआ संदेह जांच में यह भी सामने आया कि अशोक यादव की शैक्षणिक क्षमता सामान्य थी। सामान्य ज्ञान के पेपर में उसे 150 में से केवल 68 अंक मिले, जबकि कृषि विज्ञान विषय में 300 में से 239 अंक हासिल हुए। दोनों पेपरों के अंकों में भारी अंतर ने एसओजी को संदेह की ओर अग्रसर किया। सात लाख रूपये में खरीदा था स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 10, 2026 · 2 min · National Desk