इस पूरे विवाद के बीच रुपाली चाकणकर को राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद और एनसीपी महिला विंग के प्रमुख पद से इस्तीफा देना पड़ा था। एसआईटी के सामने पेश होने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस जांच में पूरा सहयोग करेंगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12.30 बजे उनसे पूछताछ शुरू हुई। दरअसल, नासिक पुलिस ने 18 मार्च को अशोक खरात को एक महिला से तीन साल तक बार-बार दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने गहराई से जांच की, तो यौन शोषण, जमीन हड़पने, वित्तीय धोखाधड़ी और काले जादू के नाम पर ठगी जैसे कई खौफनाक अपराधों का एक बड़ा जाल सामने आया। महाराष्ट्र सरकार ने इस बाबा के खिलाफ दर्ज 12 मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।रुपाली चाकणकर के खिलाफ यह कार्रवाई तब तेज हुई जब उनके और अशोक खरात के बीच गहरे संबंधों का खुलासा हुआ। जानकारी के मुताबिक, रुपाली ने खरात के साथ कुछ धार्मिक अनुष्ठान किए थे। यह बाबा श्री ईशानेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष भी है और रुपाली इस ट्रस्ट की सदस्य हैं। एसआईटी मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन दोनों के बीच किस तरह के संबंध थे। इसके अलावा, जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपी बाबा खरात ने कथित तौर पर रुपाली चाकणकर की बहन के बैंक खाते का इस्तेमाल क्यों और कैसे किया। चाकणकर ने कहा है कि वह एसआईटी के सभी सवालों का जवाब देने के लिए वहां आई हैं।इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने रुपाली चाकणकर की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। दमानिया ने कॉल रिकॉर्ड्स का हवाला देते हुए दावा किया था कि एनसीपी नेता रुपाली ने बाबा खरात को कुल 177 बार कॉल किए थे। इसमें एक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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