कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर सत्ता संघर्ष की चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस सरकार पर आंतरिक खींचतान और नेतृत्व संकट का आरोप लगाए जाने के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने साफ शब्दों में इन दावों को खारिज कर दिया। रायचूर जिले के लिंगसुगुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक सरकार पूरी तरह स्थिर है और किसी भी पद को लेकर कोई अस्थिरता नहीं है। उन्होंने कहा “कर्नाटक में कोई कुर्सी नहीं हिल रही है। सभी कुर्सियां स्थिर हैं। मुझे नहीं पता कि प्रधानमंत्री किस संदर्भ में यह बात कह रहे हैं।“दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगलूरू में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में सरकार जनता की समस्याओं को सुलझाने के बजाय अंदरूनी सत्ता संघर्ष में उलझी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार का अधिकतर समय आपसी विवादों और नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता में बीता है।प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उसे परजीवी पार्टी तक करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है क्योंकि पार्टी के नेता सत्ता के बंटवारे में ही व्यस्त हैं।इसी बीच, कर्नाटक कांग्रेस में कथित सत्ता समझौते की चर्चाएं भी फिर तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से यह चर्चा है कि 2023 में कांग्रेस सरकार बनने के दौरान सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर एक अनौपचारिक समझ बनी थी।रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया था, जबकि य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें