और पढ़ें गोपनीय सूचना के आधार पर जांच शुरू एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि ओपीजेएस विश्वविद्यालय से बैकडेट में बीएड और एमएससी एग्रीकल्चर की फर्जी मार्कशीट तैयार कर अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में अवैध लाभ पहुंचाया गया। एसओजी थाने में मुकदमा दर्ज इस मामले में 5 मार्च 2026 को एसओजी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान सबसे पहले अनिता चौधरी का नाम सामने आया, जो फागी के एक सरकारी विद्यालय में कृषि विज्ञान व्याख्याता के पद पर कार्यरत थी। जांच में पाया गया कि उसने फर्जी एमएससी एग्रीकल्चर मार्कशीट के आधार पर नौकरी हासिल की थी। पूछताछ से बचने के लिए उसके फरार होने के बाद मामला और गंभीर हो गया। ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से फर्जी मार्कशीट तैयार होती थी इसके बाद एसओजी ने सीकर जिले के श्रीमाधोपुर क्षेत्र के दिवराला स्थित राजकीय विद्यालय में कार्यरत कृषि विज्ञान व्याख्याता अशोक कुमार यादव को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि उसने भी ओपीजेएस विश्वविद्यालय से फर्जी बीएड और एमएससी एग्रीकल्चर की अंकतालिकाएं तैयार करवाई थीं। आवश्यक योग्यता नहीं होने के बावजूद उसने गलत जानकारी देकर आवेदन किया और भर्ती परीक्षा की मेरिट में तीसरा स्थान हासिल कर लिया। अंक देखकर एसओजी को हुआ संदेह जांच में यह भी सामने आया कि अशोक यादव की शैक्षणिक क्षमता सामान्य थी। सामान्य ज्ञान के पेपर में उसे 150 में से केवल 68 अंक मिले, जबकि कृषि विज्ञान विषय में 300 में से 239 अंक हासिल हुए। दोनों पेपरों के अंकों में भारी अंतर ने एसओजी को संदेह की ओर अग्रसर किया। सात लाख रूपये में खरीदा था स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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