एक्शन में शुभेंदु सरकार: तिलजला अग्निकांड के बाद कोलकाता में चला बुलडोजर, अवैध फैक्ट्री जमींदोज

जीजे खान रोड स्थित एक बहुमंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर मंगलवार दोपहर आग लगी थी। अवैध रूप से चल रही इस चमड़ा फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का अभाव था। हादसे में दो मजदूरों की मौत और पांच के घायल होने की रिपोर्ट मिलते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जांच कमेटी गठित की। बुधवार दोपहर रिपोर्ट सामने आते ही मुख्यमंत्री ने अवैध ढांचे को तुरंत ध्वस्त करने का आदेश दिया। मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों की भारी तैनाती की गई है।इस बीच दमकल एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना में पर्यवेक्षण, निरीक्षण और सुरक्षा नियमों को लागू करने में गंभीर लापरवाही पाए जाने के कारण प्रगति मैदान फायर स्टेशन के स्टेशन ऑफिसर और ऑफिसर-इन-चार्ज गौतम दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आदेश के अनुसार, उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है जिसे एक महीने के भीतर पूरा करना होगा, और निलंबन अवधि के दौरान वे फायर मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे।कार्रवाई के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पिछली सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ‘यह सब नीयत का खेल है। पिछली तृणमूल सरकार की मंशा कभी जनता की सुरक्षा की नहीं थी। उन्होंने अवैध ऊंची इमारतें बनाने वाले उपद्रवियों को संरक्षण दिया।’ पॉल ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि इन अवैध निर्माणों के पीछे टेबल के नीचे भारी लेन-देन हुआ है, जिससे तृणमूल के नेताओं ने फायदा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इन गरीब मजदूरों की मौत का जवाब कौन देगा?भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने भी सरकार के कदम का समर्थन करते हुए कहा कि तृणमूल ने कट-मनी संस्कृति से पूरे सिस्टम को तबाह कर दिया था। अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिका …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 14, 2026 · 2 min · National Desk

BJP में पीढ़ी परिवर्तन की तैयारी: नितिन नवीन की टीम में युवाओं को कमान, कैबिनेट में भी बड़ी सर्जरी के संकेत

सूत्रों के मुताबिक नितिन के 20 जनवरी को अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद नई टीम पर प्रारंभिक स्तर पर बातचीत शुरू तो हुई, लकिन इसके बाद पार्टी विधानसभा चुनावों में व्यस्त हो गई। जीत वाले राज्यों में सरकारों के गठन के बाद अब नई टीम पर फिर से बातचीत शुरू हुई है। उक्त सूत्र के मुताबिक चूंकि नई टीम में केंद्रीय मंत्रिमंडल के भी कुछ चेहरों को जगह मिलेगी, ऐसे में नई टीम के गठन के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल का भी विस्तार होगा।पार्टी नेतृत्व और संघ दोनों चाहते हैं कि इसमें राज्यों के ऐसे ऊर्जावान युवाओं को मौका मिले, जिससे पार्टी आगामी डेढ़ से दो दशक तक नए नेतृत्व का सूखा न झेले। वैसे भी नितिन के रूप में अब तक के सबसे युवा को संगठन की कमान देकर पार्टी में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत दिया जा चुका है। सूत्रों का कहना है कि नई टीम का गठन 26 मई (मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने) से पहले किया जा सकता है।पूरी संभावना है कि 9 जून को तीसरे कार्यकाल का दो साल पूरा होने के आसपास मंत्रिमंडल विस्तार की रूपरेखा भी तय हो जाए। चूंकि अगले साल यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, गोवा, गुजरात और हिमाचल में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में नेतृत्व चुनावी राज्यों को संदेश देने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार में देरी नहीं करेगी। विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच जिस प्रकार कई अहम मंत्रालयों की नौकरशाही में अचानक और भारी बदलाव हुए हैं, उससे मंत्रिमंडल में भी बड़ी सर्जरी के संदेश छिपे हैं। वैसे भी मोदी सरकार का हर विस्तार बड़े चेहरे का विकेट गिरने के कारण चर्चा में रहा है। नौकरशाही में बदलाव से संदेश गया है कि पीएम कई अहम मंत्रालयों के कामकाज से खुश नहीं हैं। इसके अलावा आप के सात राज्यसभा सांसदों के पाला बदल के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 14, 2026 · 2 min · National Desk

India Sugar Export Ban: भारत ने चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई, फैसला सितंबर तक रहेगा प्रभावी

भारत सरकार ने बुधवार को तत्काल प्रभाव से चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। निर्यात पर यह रोक 30 सितंबर या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। सरकार ने यह कदम देश में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और इसकी कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उठाया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। इसके अनुसार, यह प्रतिबंध कच्ची, सफेद और परिष्कृत चीनी पर लागू होता है। सरकार ने नीति में बदलाव करते हुए चीनी को निषिद्ध श्रेणी में रख दिया है। सरकार ने कहा कि यह प्रतिबंध मौजूदा टैरिफ-दर कोटा और व्यवस्थाओं के तहत यूरोपीय संघ और अमेरिका को चीनी निर्यात पर लागू नहीं होगा।रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने स्थानीय कीमतों को नियंत्रित करने के लिए चीनी निर्यात पर प्रतिबंध लगाया है। सरकार का यह कदम वैश्विक सफेद और कच्ची चीनी की कीमतों को सहारा दे सकता है। इससे ब्राजील और थाईलैंड जैसे प्रतिद्वंद्वी उत्पादकों को एशियाई और अफ्रीकी खरीदारों को अधिक शिपमेंट भेजने का अवसर मिलेगा। भारत, ब्राजील के बाद दुनिया का सबसे बड़ा चीनी निर्यातक है।गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पहले मिलों को 1.59 मिलियन टन चीनी निर्यात की अनुमति दी थी। लेकिन अब उत्पादन लगातार दूसरे वर्ष खपत से कम रहने की उम्मीद है। प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में गन्ने की पैदावार कमजोर हुई है। अल नीनो मौसम की स्थिति इस वर्ष के मानसून को बाधित कर सकती है। इससे अगले सीजन का उत्पादन शुरुआती अनुमानों से कम रहने का जोखिम बढ़ गया है।निर्यात के लिए स्वीकृत 1.59 मिलियन टन में से व्यापारियों ने लगभग 800,000 टन के अनुबंध किए थे। इसमें से 600,000 टन से अधिक चीनी पहले ही …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 14, 2026 · 2 min · National Desk

US से जंग के 75 दिन बाद दिल्ली पहुंचे अराघची: भारत-ईरान संबंध पर हुकूमत की सोच क्या? BRICS समिट पर नजरें

ब्रिक्स बैठक से ठीक पहले ईरान ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि संगठन के भीतर किसी भी बड़े मतभेद का संदेश दुनिया में नहीं जाना चाहिए। ईरान पूरी तरह से ब्रिक्स घोषणा के पक्ष में है। तेहरान चाहता है कि समूह के सदस्य देश पश्चिम एशिया संकट पर एक सुर में बात करें। यह बयान उन अटकलों के बीच आया है जिनमें ब्रिक्स देशों के बीच आंतरिक मतभेदों की चर्चा हो रही थी।ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भारत की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने के लिए यदि भारत कोई भी पहल करता है, तो ईरान उसका दिल खोलकर स्वागत करेगा। ईरान भारत को एक ऐसे विश्वसनीय देश के रूप में देख रहा है, जिसके संबंध सभी पक्षों से बेहतर हैं। ईरान का यह रुख भारत की बढ़ती वैश्विक साख और विश्वबंधु की छवि पर मुहर लगाता है।ईरानी पक्ष ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। ईरान ने कहा किया कि वह इस समुद्री रास्ते में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत के लिए यह बयान बेहद राहत भरा है। भारत की तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर आता है। यहां शांति रहने से न केवल भारत बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।भारत इस समय बेहद सधे हुए कदमों से आगे बढ़ रहा है। देश के सामने एक तरफ ईरान के साथ अपने पुराने और रणनीतिक रिश्तों को बनाए रखने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ अमेरिका और खाड़ी देशों के साथ संबंधों को संतुलित करना है। यही कारण है कि भारत ने अभी तक किसी एक पक्ष का खुलकर समर्थन नहीं किया है। सबकी नजरें अब ब्रिक्स के संयुक्त बयान पर हैं कि सदस्य देश इस संकट पर क्या रुख अपनात …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 14, 2026 · 2 min · National Desk

₹900 करोड़ की दौलत, राष्ट्रपति ट्रंप के बेहद करीबी: कौन हैं केविन वार्श, जो बने फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष?

केविन वार्श का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। न्यूयॉर्क के अल्बानी में जन्मे वार्श ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड लॉ स्कूल जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से शिक्षा प्राप्त की। वे महज 35 साल की उम्र में फेडरल रिजर्व के गवर्नर बन गए थे, जो अमेरिकी इतिहास में एक रिकॉर्ड है। लेकिन उनकी पहचान सिर्फ एक बैंकर की नहीं, बल्कि एक ऐसे रणनीतिकार की है जिसके तार राजनीति और बेतहाशा दौलत, दोनों से जुड़े हैं। केविन वार्श की नियुक्ति के पीछे तीन बड़े पहलू हैं, जो उन्हें विवादों के केंद्र में रखते हैं।वार्श के पास लगभग 100 मिलियन डॉलर करीब 900 करोड़ रुपये से अधिक की निजी संपत्ति है। उनके निवेश एलन मस्क की स्पेसएक्स, प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म पॉलीमार्केट और कई एआई स्टार्टअप्स में हैं। सीनेट में उन पर आरोप लगे कि इतने बड़े निवेशों के साथ वे निष्पक्ष फैसले कैसे लेंगे? हालांकि उन्होंने वादा किया है कि वे पद संभालने के 90 दिनों के भीतर अपने सारे शेयर बेच देंगे, लेकिन विपक्ष उन्हें वॉल स्ट्रीट का दलाल कहकर निशाना बनाता रहा है।वार्श की शादी जेन लॉडर से हुई है, जो मशहूर कॉस्मेटिक्स कंपनी एस्टी लॉडर की वारिस हैं। जेन की अपनी निजी संपत्ति 18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है।जेन के पिता रोनाल्ड लॉडर, डोनाल्ड ट्रंप के पुराने और करीबी दोस्तों में गिने जाते हैं। यही कारण है कि वार्श की नियुक्ति को योग्यता से ज्यादा पारिवारिक रसूख और ट्रंप की निजी पसंद के तौर पर देखा जा रहा है।वार्श ने 2011 में फेड के गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया था क्योंकि वे तत्कालीन नीतियों के सख्त खिलाफ थे। अब वे सत्ता परिवर्तन के वादे के साथ लौटे हैं।विपक्षी सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने उन्हें ट्रंप का ‘सॉक पपेट’ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 14, 2026 · 2 min · National Desk

UP Weather: उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश ने मचाई तबाही, अलग-अलग जिलों में 96 की मौत; कई घायल

प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई। पेड़ व बिजली के खंभे गिर गए, जिससे कई जगह बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। अलग-अलग जिलों में 96 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हो गए। सबसे ज्यादा वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर मंडल में लोगों की मौत हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकान और टीन शेड उड़ गए, वहीं, फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। तेज बारिश और धूल भरी आंधी के कारण सड़कों पर आवाजाही प्रभावित रही। कई जगह पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। मरने वालों में भदोही में 18, मिर्जापुर में 15, प्रयागराज में 17, प्रतापगढ़ और बरेली में 4-4, फतेहपुर में 10, उन्नाव और बदायूं में 6-6, सीतापुर, रायबरेली, चंदौली, कानपुर देहात, हरदोई और संभल में दो-दो, कौशांबी, शाहजहांपुर, सोनभद्र और लखीमपुर खीरी में एक-एक लोग शामिल हैं।आंधी की वजह से दिल्ली-हावड़ा रूट करीब डेढ़ घंटे के लिए बाधित हो गया। फतेहपुर में पेड़ गिरने से ओएचई लाइन टूट गई। इससे कानपुर होकर आने-जाने वाली 22 ट्रेनें प्रभावित हुई। प्रयागराज-जौनपुर रेल खंड पर थरवई और सरायचंडी रेलवे स्टेशन के बीच एक भारी-भरकम पेड़ गिर गया, जिससे ट्रेनों का ठप हो गया। लखनऊ और प्रतापगढ़ रूट पर भी असर पड़ा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बेमौसम बारिश, आंधी और बिजली गिरने से हुए नुकसान पर पीड़ितों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को राहत पहुंचाने का काम 24 घंटे में पूरा किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों समेत अन्य विभागों के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि इस काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 14, 2026 · 2 min · National Desk

तेल संकट: सीएम योगी के निर्देश, छह महीने तक विदेश यात्रा से परहेज करें मंत्री-अधिकारी; कार पूलिंग पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आयोजित पहली बैठक में मंत्रियों और अधिकारियों को आगामी छह माह तक अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर विदेश यात्राओं से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोलियम पदार्थों की खपत कम करने के आह्वान का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने अपने वाहनों की संख्या आधी करने की बात कही। जनप्रतिनिधियों को मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, साझा वाहन व्यवस्था और साइकिल जैसे विकल्प अपनाने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन में डिजिटल तथा आभासी माध्यमों का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि अनावश्यक यात्रा और ईंधन की खपत कम हो सके। अंतरजनपदीय बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विधानसभा तथा विधान परिषद की समितियों की बैठकों को मिश्रित व्यवस्था में आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।योगी ने सचिवालय और निदेशालय स्तर पर बिजली बचत के लिए वातानुकूलन यंत्र और लिफ्ट के सीमित उपयोग का निर्देश दिया। उन्होंने तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने तथा प्राकृतिक प्रकाश का अधिक उपयोग करने की बात कही। सार्वजनिक परिवहन और रेल यात्रा को बढ़ावा देने के साथ 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन घर से कार्य व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 13, 2026 · 2 min · National Desk

कल होगा केरल के नए CM का एलान: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दी जानकारी; कई दौर की बैठक के बाद मंथन पूरा

केरल में नए मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी सभी चर्चाएं और आंतरिक बैठकें पूरी कर ली हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जानकारी दी कि इस मुद्दे पर अब अंतिम निर्णय कल घोषित किया जाएगा। जयराम रमेश ने कहा कि केरल कांग्रेस विधायक दल (CLP) के सदस्यों की मंजूरी के बाद पार्टी हाईकमान ने सभी जरूरी विचार-विमर्श पूरे कर लिए हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा कल सार्वजनिक रूप से की जाएगी। इसके साथ ही केरल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने की संभावना है।कांग्रेस नेतृत्व के अनुसार, केरल में मुख्यमंत्री के चयन को लेकर पार्टी के भीतर व्यापक चर्चा हुई है। अब यह निर्णय पूरी तरह अंतिम चरण में पहुंच चुका है। पार्टी का कहना है कि सभी संबंधित नेताओं से विचार-विमर्श के बाद एक नाम पर अंतिम सहमति बनाई गई है, जिसकी आधिकारिक घोषणा कल की जाएगी।सीएम की रेस में तीन बड़े नाम सबसे आगे चल रहे हैं। इनमें रमेश चेन्निथला, वीडी सतीशन और एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल शामिल हैं। राहुल गांधी ने इन नामों पर राय जानने के लिए वीएम सुधीरण, एमएम हसन और के सुधाकरण जैसे आठ पूर्व अध्यक्षों से वन-टू-वन बात की है। मुल्लापल्ली रामचंद्रन से फोन पर चर्चा की गई। दिल्ली में लगातार बैठकों का दौर मुख्यमंत्री चयन को लेकर कांग्रेस नेतृत्व लगातार बैठकों में जुटा हुआ है। मंगलवार को राहुल गांधी ने दिल्ली में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के पूर्व अध्यक्षों से मुलाकात कर राज्य की राजनीतिक स्थिति और जनता के मूड पर चर्चा की। वरिष्ठ नेता वीएम सुधीरन ने कहा कि पार्टी को ऐसा फैसला लेना चाहिए जो जनता की भावना के अनुरूप हो। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 13, 2026 · 2 min · National Desk

PM Reduces Convoy: प्रधानमंत्री मोदी के काफिले में वाहनों की संख्या हुई कम; दो गाड़ियों के साथ जाते दिखें पीएम

दुनियाभर में बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने काफिले को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी किए बिना प्रधानमंत्री के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या घटा दी गई है। एक वीडियो में पीएम मोदी के काफिले में सिर्फ 2 गाड़ियां दिखी। सरकार के इस कदम को ईंधन बचत और खर्च नियंत्रण की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। #WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi has reduced his convoy size significantly. Reduction in vehicles was done while maintaining essential security components as per SPG protocol. pic.twitter.com/kuC9OfyAxN — ANI (@ANI) May 13, 2026 सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला सुरक्षा एजेंसियों और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के मानकों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब केवल जरूरी सुरक्षा और संचालन से जुड़े वाहन ही प्रधानमंत्री के काफिले का हिस्सा होंगे।अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह पूरी तरह मजबूत रहेगी। एसपीजी प्रोटोकॉल में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है और सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पहले की तरह लागू रहेंगे। हालांकि, अनावश्यक वाहनों को हटाकर काफिले को अधिक व्यवस्थित और ऊर्जा-कुशल बनाने पर जोर दिया गया है।सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी सुझाव दिया है कि जहां संभव हो, काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाया जाए। हालांकि इसके लिए नए वाहन खरीदने के बजाय मौजूदा संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया है। सरकार के इस कदम को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल का …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 13, 2026 · 2 min · National Desk

तमिलनाडु: विरोध के बाद झुकी विजय सरकार, मुख्यमंत्री के ज्योतिषी रिकी राधन पंडित की ओएसडी नियुक्ति हुई रद्द

सरकार के प्रधान सचिव ने 13 मई को एक आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि रिकी राधन पंडित की ओएसडी के रूप में नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है। रिकी राधन पंडित न केवल एक ज्योतिषी हैं, बल्कि वे टीवीके पार्टी के प्रवक्ता भी हैं। चुनाव प्रचार के दौरान वे मुख्यमंत्री के बेहद करीबी सहयोगी रहे।इस नियुक्ति को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखे हमले किए थे। एआईएडीएमके (AIADMK) के राज्यसभा सांसद आईएस इनबदुरई ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि ज्योतिषी अपनी खुद की किस्मत का अंदाजा नहीं लगा पाए और विजय सरकार के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। वहीं, डीएमके (DMK) के प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि एक ज्योतिषी केवल भविष्यवाणी कर सकता है, लेकिन सरकार चलाने के लिए नियमों और शक्तियों की समझ रखने वाले सलाहकार की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी पार्टी से ज्यादा ज्योतिषी पर भरोसा है।विधानसभा में भी इस मुद्दे पर काफी हंगामा हुआ। डीएमके के सहयोगी दल एमजेके (MJK) के अध्यक्ष थमीमुन अंसारी ने कहा कि सरकार में ज्योतिष के फार्मूले शामिल नहीं होने चाहिए। व्यक्तिगत विश्वास अलग बात है, लेकिन इसे सरकारी कामकाज में नहीं लाना चाहिए। डीएमडीके (DMDK) की महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने भी इस नियुक्ति की कड़ी निंदा की।इन विवादों के बीच, टीवीके सरकार ने बुधवार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया। फ्लोर टेस्ट के दौरान सरकार को 144 विधायकों का समर्थन मिला। हालांकि पार्टी और उसके सहयोगियों के पास सदन में 120 विधायक थे, लेकिन एआईएडीएमके के बागी विधायकों के समर्थन से सरकार ने यह जीत हासिल की। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 13, 2026 · 2 min · National Desk