मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आयोजित पहली बैठक में मंत्रियों और अधिकारियों को आगामी छह माह तक अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर विदेश यात्राओं से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोलियम पदार्थों की खपत कम करने के आह्वान का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने अपने वाहनों की संख्या आधी करने की बात कही। जनप्रतिनिधियों को मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, साझा वाहन व्यवस्था और साइकिल जैसे विकल्प अपनाने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन में डिजिटल तथा आभासी माध्यमों का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि अनावश्यक यात्रा और ईंधन की खपत कम हो सके। अंतरजनपदीय बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विधानसभा तथा विधान परिषद की समितियों की बैठकों को मिश्रित व्यवस्था में आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।योगी ने सचिवालय और निदेशालय स्तर पर बिजली बचत के लिए वातानुकूलन यंत्र और लिफ्ट के सीमित उपयोग का निर्देश दिया। उन्होंने तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने तथा प्राकृतिक प्रकाश का अधिक उपयोग करने की बात कही। सार्वजनिक परिवहन और रेल यात्रा को बढ़ावा देने के साथ 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन घर से कार्य व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
तेल संकट: सीएम योगी के निर्देश, छह महीने तक विदेश यात्रा से परहेज करें मंत्री-अधिकारी; कार पूलिंग पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आयोजित पहली बैठक में मंत्रियों और अधिकारियों को आगामी छह माह तक अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर विदेश यात्राओं से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोलियम पदार्थों की खपत कम करने के आह्वान का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से सप्ताह मे