जीजे खान रोड स्थित एक बहुमंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर मंगलवार दोपहर आग लगी थी। अवैध रूप से चल रही इस चमड़ा फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का अभाव था। हादसे में दो मजदूरों की मौत और पांच के घायल होने की रिपोर्ट मिलते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जांच कमेटी गठित की। बुधवार दोपहर रिपोर्ट सामने आते ही मुख्यमंत्री ने अवैध ढांचे को तुरंत ध्वस्त करने का आदेश दिया। मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों की भारी तैनाती की गई है।इस बीच दमकल एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना में पर्यवेक्षण, निरीक्षण और सुरक्षा नियमों को लागू करने में गंभीर लापरवाही पाए जाने के कारण प्रगति मैदान फायर स्टेशन के स्टेशन ऑफिसर और ऑफिसर-इन-चार्ज गौतम दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आदेश के अनुसार, उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है जिसे एक महीने के भीतर पूरा करना होगा, और निलंबन अवधि के दौरान वे फायर मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे।कार्रवाई के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पिछली सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ‘यह सब नीयत का खेल है। पिछली तृणमूल सरकार की मंशा कभी जनता की सुरक्षा की नहीं थी। उन्होंने अवैध ऊंची इमारतें बनाने वाले उपद्रवियों को संरक्षण दिया।’ पॉल ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि इन अवैध निर्माणों के पीछे टेबल के नीचे भारी लेन-देन हुआ है, जिससे तृणमूल के नेताओं ने फायदा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इन गरीब मजदूरों की मौत का जवाब कौन देगा?भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने भी सरकार के कदम का समर्थन करते हुए कहा कि तृणमूल ने कट-मनी संस्कृति से पूरे सिस्टम को तबाह कर दिया था। अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिका …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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