शाह के बुलावे पर दिल्ली गए यूसुफ पठान?: बगावत की आहट के बीच ममता के गुट का दावा, जानें कल्याण बनर्जी क्या बोले

कल्याण बनर्जी ने क्या बड़ा दावा किया? यूसुफ पठान का नाम क्यों चर्चा में आया? काकोली घोष दस्तीदार ने कैसे किया पलटवार? क्या टीएमसी में सबसे बड़ी टूट की आशंका है? टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो सांसद भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के घर गए, उन्होंने साफ तौर पर भाजपा का साथ चुन लिया है। कल्याण बनर्जी ने कहा कि इन नेताओं ने ममता बनर्जी को छोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना नेता मान लिया है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने खुद यूसुफ पठान से बात की थी और पठान ने बताया कि अमित शाह ने उन्हें दिल्ली बुलाया है। कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा पश्चिम बंगाल में टीएमसी को तोड़ने की कोशिश कर रही है।पूर्व क्रिकेटर और बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान का नाम इस पूरे विवाद के बाद तेजी से चर्चा में आया है। हालांकि उन्होंने अभी तक सार्वजनिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन टीएमसी नेताओं के आरोपों के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। काकोली घोष दस्तीदार ने संकेत दिए हैं कि यूसुफ पठान बागी सांसदों के संपर्क में हैं। वहीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी पठान पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वह अमित शाह के फोन पर दिल्ली जा रहे हैं, तो उन्हें साहस दिखाना चाहिए और पार्टी के साथ खड़ा रहना चाहिए।टीएमसी की बागी नेता काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी नेतृत्व के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि सांसदों के भीतर लंबे समय से नाराजगी थी। उन्होंने दावा किया कि करीब 20 सांसद NDA को समर्थन देने के पक्ष में हैं। काकोली ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि बागी सांसद भाजपा में शाम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 9, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: भारत में गिरती प्रजनन दर पर मस्क क्यों चिंतित, इससे कितना नुकसान; खतरे से कैसे निपट रहीं सरकारें?

Explainer: भारत में गिरती प्रजनन दर पर मस्क क्यों चिंतित, इससे कितना नुकसान; खतरे से कैसे निपट रहीं सरकारें? ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर एलन मस्क का पूरा बयान क्या था और इसमें किस ओर इशारा किया गया? भारत में प्रजनन दर गिरने की वजह क्या है? इसका भारत पर क्या असर पड़ सकता है? अब देश में इस समस्या से निपटने के लिए क्या किया जा रहा है? इससे पहले गिरती प्रजनन दर की समस्या किन देशों के सामने खड़ी हुई और उन्होंने इससे निपटने के लिए क्या किया है? आइये जानते हैं… भारत में गिरती प्रजनन दर का मुद्दा इस वक्त चर्चा में है। इसकी वजह है भारत से करीब 14 हजार किलोमीटर अमेरिका में बैठे दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क का एक बयान। मस्क ने हाल ही में एक्स पर एक पोस्ट में चिंता जताते हुए कहा था कि भारत में जन्म दर अब रिप्लेसमेंट स्तर से नीचे गिर गई है। हालिया वर्षों की बात करें तो मस्क ने ऐसी ही कुछ चेतावनियां जापान और दक्षिण कोरिया को लेकर भी दी थीं। लेकिन अब उनका ध्यान दुनिया के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश- भारत की तरफ है। क्या है एलन मस्क का पूरा बयान? टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क ने एक्स पर अमेरिकी मैगजीन द इकोनॉमिस्ट की एक रिपोर्ट साझा करते हुए अपना बयान दिया था। उन्होंने जिस रिपोर्ट का ग्राफिक साझा किया उसका शीर्षक था- ‘भारत की आबादी जल्द ही कम ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 9, 2026 · 2 min · National Desk

Delhi: 'हम सब घुटकर मर जाएंगे', जिमखाना क्लब मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी, जज ने पूछे ये सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की दिल्ली जिमखाना क्लब, इंडियन पोलो क्लब और दिल्ली रेस क्लब की मूल्यवान जमीन से जुड़ी योजना पर कड़े सवाल पूछे हैं। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने साफ कहा, प्रदूषण से पहले ही घुट रही दिल्ली की सांसें अब और भी छोटी हो जाएंगी, क्योंकि नई दिल्ली नगर पालिका क्षेत्र की बची-खुची हरी-भरी जगहों को भी सरकार ले रही है। थोड़ी-बहुत सांस लेने की जगह बची है, वह भी चली जाएगी। हम सब घुटकर मर जाएंगे। जस्टिस कृष्णा ने इंडियन पोलो एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा, पोलो क्लब क्यों चाहिए आपको? जिमखाना जैसे हेरिटेज स्ट्रक्चर्स का क्या करेंगे? क्या 20 मंजिला इमारतें बनाएंगे? दिल्ली को क्या बनाना चाहते हैं? पिछले 200 साल में जमीन नहीं चाहिए थी, अब अचानक क्यों? केंद्र सरकार ने 20 मई को जयपुर पोलो ग्राउंड (रेस कोर्स) खाली करने का नोटिस जारी किया था। एसोसिएशन ने पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन स्टे नहीं मिलने पर हाईकोर्ट की शरण ली थी।हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए पटियाला हाउस कोर्ट को 10 जून तक खाली करने के नोटिस पर स्टे एप्लीकेशन का फैसला करने का निर्देश दिया। पोलो क्लब को बीस जून तक खाली किए जाने का नोटिस दिया गया है।केंद्र सरकार के स्थायी वकील अशीष दीक्षित ने दलील दी, यह जमीन सार्वजनिक व रक्षा प्रयोजनों के लिए जरूरी है। न्यायमूर्ति कृष्णा ने सरकार के तर्क को खारिज करते हुए पूछा-हाइराइज बनाना कैसे जनहित में है? हाइराइज इमारतों से भरी दिल्ली में अब सांस लेना भी मुश्किल हो जाएगा। भगवान सबको बचाए, अगर यही दिल्ली में रहने का तरीका है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 9, 2026 · 2 min · National Desk

Iran-Israel War: 'बीबी, संभल जाओ वरना...', क्या ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान पर इस्राइल ने टाला हमला?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू को ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य हमले से बचने की सलाह दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ट्रंप ने नेतन्याहू से फोन पर कहा, ‘बीबी, तुम्हें सावधान रहना चाहिए, नहीं तो जल्द ही तुम अकेले पड़ जाओगे’। यह बातचीत ऐसे समय हुई जब इस्राइल ईरान के कई संवेदनशील ठिकानों पर बड़े पैमाने पर जवाबी हमले की तैयारी कर रहा था। बताया गया कि ट्रंप की दखल के बाद नेतन्याहू ने बड़े हमले की योजना को फिलहाल रोकने पर सहमति जताई, बशर्ते ईरान आगे कोई नया हमला न करे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 9, 2026 · 1 min · National Desk

UNSC: 'दुनिया को गुमराह करने की कोशिश नाकाम होगी', संयुक्त राष्ट्र में भारत ने फिर पाकिस्तान को लगाई फटकार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को कड़े शब्दों में घेरा है। अफगानिस्तान की स्थिति पर आयोजित बैठक के दौरान भारत ने पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ शब्द को सरकारी स्तर पर फैलाया जा रहा दुष्प्रचार और गलत सूचना अभियान करार दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने ही देश के भीतर सक्रिय समूहों को ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ बताना तथ्यों से परे एक ऐसा नैरेटिव है, जिसे धार्मिक शब्दावली का सहारा देकर पेश किया जा रहा है। भारत ने कहा कि इस तरह की शब्दावली पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान से संचालित उस सोच का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अपने नागरिकों का ध्यान देश की वास्तविक राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से हटाना है। पर्वथानेनी ने कहा कि भारत के खिलाफ स्थायी शत्रुता का माहौल बनाकर सत्ता और संसाधनों पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे पाकिस्तान की संगठित नफरत की फैक्ट्री का परिणाम बताया।UNSC में भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए सैन्य हवाई हमलों की भी आलोचना की। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि किसी नरसंहार को सैन्य अभियान का नाम देने से जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या, उन्हें घायल करना और बच्चों को अनाथ बनाना आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई नहीं कहा जा सकता। भारत ने आरोप लगाया कि इन हमलों से अफगान नागरिकों को भारी नुकसान और पीड़ा झेलनी पड़ी है।भारत ने कहा कि एक ओर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकजुटता की बातें करता है, जबकि दूसरी ओर रमजान जैसे प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 9, 2026 · 2 min · National Desk

भारतीय पेशेवरों को राहत: H-1B वीजा पर ट्रंप की 1 लाख डॉलर फीस को अदालत ने किया रद्द; जज ने कहा- कानून के खिलाफ

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एच-1बी वीजा नीति को लेकर बड़ा झटका लगा है। एक संघीय अदालत ने नए H-1B वीजा आवेदनों पर लगाए गए 1 लाख डॉलर (करीब 83 लाख रुपये) के अतिरिक्त शुल्क को गैरकानूनी करार दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह शुल्क अमेरिकी कानून के अनुरूप नहीं है और इसे अमान्य घोषित किया जाना चाहिए। न्यायाधीश लियो सोरोकिन ने अपने फैसले में कहा कि संघीय सरकार के पास इस प्रकार का शुल्क लगाने का स्पष्ट कानूनी अधिकार नहीं था। इसलिए यह निर्णय कानून की सीमाओं से बाहर माना जाएगा। अदालत ने आदेश दिया कि इस शुल्क को निरस्त किया जाए।अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय इंजीनियर, सॉफ्टवेयर डेवलपर और अन्य तकनीकी विशेषज्ञ H-1B वीजा के जरिए काम करते हैं। अदालत के इस फैसले को भारतीय पेशेवरों और अमेरिकी कंपनियों दोनों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।एच-1बी वीजा अमेरिका का एक प्रमुख कार्य वीजा कार्यक्रम है, जिसके तहत विदेशी विशेषज्ञों को तकनीक, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य सेवा और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में काम करने की अनुमति दी जाती है। भारतीय आईटी पेशेवर इस वीजा श्रेणी के सबसे बड़े लाभार्थियों में शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इतनी बड़ी फीस लागू हो जाती, तो अमेरिका में विदेशी प्रतिभाओं की भर्ती प्रभावित हो सकती थी और कंपनियों के लिए कुशल कर्मचारियों को नियुक्त करना महंगा हो जाता।बोस्टन की संघीय अदालत के जिला न्यायाधीश लियो सोरोकिन ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। यह मामला 20 डेमोक्रेटिक राज्यों के अटॉर्नी जनरल द्वारा दायर मुकदमे से जुड़ा था। इन राज्यों ने ट्रंप प्रशासन के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें सितंबर में नए एच-1बी वीजा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 9, 2026 · 2 min · National Desk

संसद का समीकरण: TMC में दरार, DMK का अलग रास्ता, क्या मानसून सत्र में पास होगा परिसीमन बिल? समझिए पूरा गणित

अगर यह राजनीतिक उलटफेर हकीकत में बदलता है, तो इसका सबसे बड़ा असर आगामी मानसून सत्र पर पड़ेगा। केंद्र सरकार के लिए उस परिसीमन बिल को पास कराने की राह आसान हो जाएगी, जो हाल ही में संसद के भीतर संख्या बल के चक्रव्यूह में फंसकर गिर गया था। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि पिछली बार संसद में इस बिल को लेकर क्या हंगामा हुआ था, विपक्षी दलों को क्या आपत्ति थी, पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इस पर क्या स्टैंड लिया था और अब नए समीकरणों से आंकड़े कैसे बदलेंगे?सरकार जब लोकसभा में परिसीमन बिल, 2026 और उससे जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक लेकर आई थी, तो सदन में भारी गतिरोध पैदा हो गया था। विपक्ष ने इस बिल को एकतरफा और संघीय ढांचे के खिलाफ बताया था। विपक्षी सांसदों ने सदन के वेल में आकर नारेबाजी की थी। विपक्ष का मुख्य आरोप था कि सरकार बिना व्यापक सहमति के देश का राजनीतिक नक्शा बदलना चाहती है। संख्या बल के मामले में विपक्ष उस समय पूरी तरह एकजुट था। नतीजा यह हुआ कि सरकार विशेष बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े नहीं जुटा पाई और यह महत्वपूर्ण बिल लोकसभा में गिर गया। इसे सरकार के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा गया था।परिसीमन का मतलब होता है देश में आबादी के हिसाब से लोकसभा और विधानसभा सीटों की सीमाओं को दोबारा तय करना और सीटों की संख्या को बढ़ाना। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों, खासकर दक्षिण भारत के राज्यों की तीन बड़ी आपत्तियां थीं।डीएमके के नेता एमके स्टालिन और अन्य दक्षिण भारतीय नेताओं का सबसे बड़ा विरोध यह था कि उनके राज्यों ने पिछले पांच दशकों में जनसंख्या नियंत्रण पर बहुत शानदार काम किया है। इसके विपरीत, उत्तर भारत के राज्यों, जैसे उत्तर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 9, 2026 · 2 min · National Desk

UP: राममंदिर चंदा गबन के मामले में आमने-सामने आई सपा और भाजपा, डिप्टी सीएम बोले भुगतना होगा खामियाजा

अयोध्या में श्रीराम मंदिर के दानपात्र से कथित गबन का मुद्दा गर्मा गया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर अफवाह फैलाना का आरोप लगाया। उन्होंने कहा है कि उनकी सोच बाबरवादी है। वहीं, समूचे विपक्ष ने देश के सामने जांच कर रिपोर्ट रखने की मांग की है। सपा प्रमुख और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक बार फिर मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के बयान पर सवाल उठाए हैं। सपा को भुगतना पड़ेगा खामियाजा : डिप्टी सीएम डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक्स पर लिखा है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कभी सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान नहीं किया। उनकी सोच बाबरवादी है। श्रीराम मंदिर निर्माण से पूर्व भूमि पूजन पर भी आपके (अखिलेश यादव के) कोई शब्द नहीं निकले। जब अयोध्याधाम में भव्य वास्तुकला मूर्त रूप ले रही थी, तब भी आप शांत रहे। प्रभु श्रीराम का विग्रह स्थापित होने पर भी कोई स्वागत नहीं किया। ब्रजेश पाठक आगे लिखते हैं कि अखिलेश अब श्रीराम मंदिर को लेकर अफवाह फैला कर झूठ गढ़ने का असफल प्रयास कर रहे हैं। भारत दुनिया में सनातन संस्कृति का वाहक राष्ट्र है। अखिलेश यादव अपनी सोच को सनातन संस्कृति के विरुद्ध न करें। आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी को पुनः मुंह की खानी पड़ेगी। आपके झूठ का नेरेटिव कभी सफलता तक नहीं पहुंचेगा। प्रदेश के लोग सपा की कारगुजारियों को अच्छी तरह से समझ चुके हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक्स पर लिखा है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कभी सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान नहीं किया। उनकी सोच बाबरवादी है। श्रीराम मंदिर निर्माण से पूर्व भूमि पूजन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 8, 2026 · 2 min · National Desk

उज्ज्वला लाभार्थियों को झटका: सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलिंडर साल में अब सिर्फ चार मिलेंगे, जानिए सबकुछ

केंद्र सरकार ने प्रमुख उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलिंडरों की संख्या साल के 12 से घटाकर चार कर दी है। यह निर्णय औसत घरेलू खपत के स्तर को देखते हुए लिया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण माल खनूजा ने सोमवार (8 जून 2026) को इसकी जानकारी दी। क्यों घटाई गई सिलिंडरों की संख्या? प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना मई 2016 में गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को जमा-मुक्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। शुरुआत में लाभार्थियों को प्रति वर्ष 12 सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम सिलिंडर मिलते थे। पिछले साल सब्सिडी कोटा घटाकर नौ सिलिंडर कर दिया गया था, और अब इसे और कम करके चार कर दिया गया है। सरकार ने मई 2022 में 200 रुपये प्रति सिलिंडर की सब्सिडी शुरू की थी। अक्तूबर 2023 में यह सब्सिडी बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम सिलिंडर की खुदरा कीमत 942 रुपये है। सब्सिडी के बाद उज्ज्वला लाभार्थियों को अब सिलिंडर के लिए 642 रुपये चुकाने होंगे। खनूजा ने बताया कि संशोधित पात्रता उज्ज्वला लाभार्थियों की औसत वार्षिक खपत से मेल खाती है। अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों में तेज वृद्धि के कारण यह कदम उठाया गया है। पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ी हैं। इससे घरेलू एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति लागत 1,600 रुपये से अधिक हो गई है। भारत की एलपीजी आयात लागत सऊदी अनुबंध मूल्य से जुड़ी है, जो फरवरी से लगभग 46 फीसदी बढ़ी है। तेल कंपनियों को हो रहा कितना नुकसान? सरकार 2022 से अब तक 52,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे चुकी है। हालांकि, मूल्य वृद्धि के ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 8, 2026 · 2 min · National Desk

'सिर कटेगा लेकिन झुकेगा नहीं': काकोली घोष बोलीं- 40 साल से राजनीति में संघर्ष कर रही; बहुत सहन किया

काकोली घोष ने अपनी बात साफ रखी है। वे पश्चिम बंगाल का विकास चाहती हैं। इसके लिए वे केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेंगी। उन्होंने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। काकोली घोष ने कहा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था खराब है। वहां कुशासन और बेरोजगारी बहुत बढ़ गई है। वे इस बदहाली के खिलाफ लड़ रही हैं। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र दे दिया है। अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें आश्वासन दिया है। वे समय मिलते ही सांसदों को चर्चा के लिए बुलाएंगे।सांसद काकोली घोष ने अपनी लाचारी भी जताई। उन्होंने कहा कि सभी 20 सांसद लोकसभा में काम नहीं कर पा रहे थे। पूरे देश में केंद्र सरकार की योजनाएं चल रही हैं। लेकिन बंगाल में इन्हें लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जनता ने हमें चुनकर भेजा है। हमें मतदाताओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जनता के हक के लिए यह फैसला जरूरी था।काकोली घोष ने डर और दबाव की बात को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वे किसी से नहीं डरती हैं। वे यहां बिल्कुल अकेली बैठी हैं। सभी 20 सांसदों ने बैठकर पत्र पर दस्तखत किए हैं। उन्होंने आगे कहा मेरा सर कटेगा लेकिन झुकेगा नहीं। मैंने बहुत सहन किया है। उन्होंने बताया कि वे 2011 में ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद नहीं आईं। वे 40 साल से राजनीति में संघर्ष कर रही हैं। ऐसे लोगों की बातों का उन पर कोई असर नहीं होता। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 8, 2026 · 2 min · National Desk