BJP Leader Murder Violence Live: विकासनगर में बवाल; रंजिश में भाजयुमो नेता का कत्ल, आरोपी के घर पर चला बुलडोजर

11:41 AM, 14-Jun-2026 शनिवार देर रात सहसपुर में पुरानी रंजिश के चलते पूर्व प्रधान इस्पाक के भतीजे और अन्य लोगों ने मिलकर विनोद उसके भाई अशोक व राजेश पर हथियारों से हमला कर दिया था। विनोद और उसके परिवार ने पूर्व प्रधान इस्पाक के कार्यकाल की सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत कई जानकारी मांगी थी। उन्होंने प्रधान के कार्यकाल में ग्राम समाज की भूमि और अन्य मामलों में शिकायत भी दर्ज करवाई थी।इससे दोनों पक्षों में रंजिश पैदा हो गई थी। दोनों परिवारों में अक्सर झगड़े होते रहते थे। शनिवार को विनोद और उनके भाई सरकारी ट्यूबवेल से अपने खेत में पानी डाल रहे थे। बगल का खेत पूर्व प्रधान इस्पाक के भतीजे इम्तियाज का था। इम्तियाज के आपत्ति जताने पर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। इस दौरान अमन, यूनुस, अनीस और रज्जाक आदि भी मौके पर आ गए। फिर दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई।आरोप है कि इम्तियाज और उसके साथियों ने विनोद, अशोक और राजेश पर भारी और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। रज्जाक ने विनोद के सिर पर हथौड़े से तीन वार किए। अन्य दोनों भाइयों को भी जमकर पीटा। घायल अवस्था में तीनों भाइयों को हरबर्टपुर स्थित लेहमन अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान विनोद की मौत हो गई। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 14, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: सरकार लाई नई सुविधा, क्या अब ऑनलाइन ठगी के बाद घर बैठे मिलेगा पैसा, कैसे काम करेगा ये सिस्टम?

इस मॉड्यूल की आखिर जरूरत क्यों पड़ी? 2022 में साइबर सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं की संख्या 10.29 लाख थी। 2024 में यह बढ़कर 22.68 लाख पहुंच गई। यानी केवल दो वर्षों में साइबर घटनाओं की संख्या दोगुने से भी ज्यादा हो गई। मोबाइल रेस्टोरेशन मॉड्यूल क्या है? पहले पीड़ित को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ता था? बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने पड़ते थे। पुलिस कार्यालय जाना पड़ता था। दस्तावेज जमा करने पड़ते थे। कई बार अदालत की प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ती थी। भारत दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन रहा है। यूपीआई, नेट बैंकिंग, ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया ने करोड़ों लोगों को ऑनलाइन दुनिया से जोड़ा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश के 86 प्रतिशत से अधिक घर इंटरनेट से जुड़े हुए हैं। लेकिन जितनी तेजी से डिजिटल सेवाएं बढ़ीं, उतनी ही तेजी से साइबर अपराध भी बढ़े।आज साइबर अपराध केवल OTP फ्रॉड तक सीमित नहीं हैं। अपराधी अब डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाएं, पार्ट-टाइम जॉब स्कैम, KYC अपडेट धोखाधड़ी, फेक कस्टमर केयर और सोशल मीडिया इम्पर्सोनेशन जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या यह थी कि अगर पीड़ित समय रहते शिकायत कर भी दे और पैसा बैंकिंग सिस्टम में फ्रीज हो जाए, तब भी उसकी वापसी की प्रक्रिया बेहद जटिल रहती थी। MRM इसी समस्या का समाधान बनने का दावा करता है।मोबाइल रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) एक ऑनलाइन रिफंड सिस्टम है, जिसे I4C ने विकसित किया है। इसका मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि साइबर ठगी की रकम अपराधी के खाते में फ्रीज कर दी गई है, तो पीड़ित घर बैठे उसे वापस पाने की प्रक्रिया शुरू कर सके।अब इस पूरी प्रक्रिया का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन किया जा रहा है …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 14, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi France Visit LIVE: पीएम मोदी आज भारत इनोवेट्स 2026 का करेंगे उद्घाटन, मैक्रों से भी होगी मुलाकात

08:48 AM, 14-Jun-2026 भारत इनोवेट्स 2026 खास क्यों? नीस में आयोजित होने वाला भारत इनोवेट्स 2026 कार्यक्रम भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों और केंद्र पोषित तकनीकी संस्थानों से निकल रहे नवाचारों को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल है। इस मंच के जरिए देश के उभरते तकनीकी उद्यमों की पहचान की जाएगी और उन्हें मार्गदर्शन, निवेश तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। कार्यक्रम में शोध से बाजार तक की यात्रा को तेज करने और वैश्विक साझेदारी को मजबूत बनाने पर विशेष जोर रहेगा। नीस में आयोजित होने वाला भारत इनोवेट्स 2026 कार्यक्रम भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों और केंद्र पोषित तकनीकी संस्थानों से निकल रहे नवाचारों को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल है। इस मंच के जरिए देश के उभरते तकनीकी उद्यमों की पहचान की जाएगी और उन्हें मार्गदर्शन, निवेश तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। कार्यक्रम में शोध से बाजार तक की यात्रा को तेज करने और वैश्विक साझेदारी को मजबूत बनाने पर विशेष जोर रहेगा। 08:44 AM, 14-Jun-2026 नवाचार और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज फ्रांस के नीस शहर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान 14 जून को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें दोनों देशों के रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी संबंधों को और मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। दोनों नेता संयुक्त रूप से भारत इनोवेट्स कार्यक्रम का शुभारंभ भी करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज फ्रांस के नीस शहर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 14, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर संशय के बादल: ट्रंप का दावा- आज होगी डील; तेहरान बोला- अभी इंतजार करना होगा

कई सूत्रों द्वारा रॉयटर्स को बताई गई मसौदा शर्तों के अनुसार, अमेरिका ईरान की जमी हुई अरबों डॉलर की संपत्तियों को जारी करना शुरू करेगा और उसके तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील देगा। इसके बदले ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलेगा। ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने बघाई के हवाले से कहा कि ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को वापस करना समझौते का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए शुल्क लेना होगा। फार्स ने यह भी कहा कि बघाई के अनुसार क्षेत्र में विदेशी सैन्य अड्डों का अस्तित्व समाप्त होना चाहिए, हालांकि उन्होंने इस बारे में अधिक विवरण नहीं दिया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि दोनों पक्ष शांति समझौते के एक प्रारूप पर सहमत हो गए हैं और इस्लामाबाद रविवार को हस्ताक्षर की तैयारी कर रहा है। इसके बाद अगले सप्ताह तकनीकी स्तर की वार्ता होगी।डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान के साथ समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि समझौते के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य तत्काल सभी के लिए खुल जाएगा।हालांकि शनिवार को इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने हस्ताक्षर की समय-सीमा को लेकर सावधानी बरतने की बात कही। सरकारी मीडिया के अनुसार, बघाई ने कहा, “समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर की सटीक तारीख के बारे में हमें इंतजार करना होगा, हालांकि यह कल नहीं होगा।“उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में ऐसा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन दूसरे पक्ष की हिचकिचाहट को देखते हुए इस प्रक्रिया पर टिप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 14, 2026 · 2 min · National Desk

Save Yamuna: यमुना की सफाई के लिए आज 28 घाटों पर बड़ा अभियान, गीता कॉलोनी से सीएम रेखा गुप्ता संभालेंगी मोर्चा

राजधानी में यमुना की सफाई और संरक्षण को लेकर रविवार को बड़ा स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सुबह छह बजे से दस बजे तक यमुना के 28 प्रमुख घाटों पर एक साथ सफाई अभियान आयोजित किया जाएगा। इस अभियान में दिल्ली सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, सामाजिक संगठन और हजारों स्वयंसेवक हिस्सा लेंगे। सरकार के अनुसार, अभियान का उद्देश्य यमुना तटों की सफाई के साथ लोगों को नदी संरक्षण के प्रति जागरूक करना और इसे जन-आंदोलन का स्वरूप देना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गीता कॉलोनी घाट (ठोकर नंबर-14) से अभियान का नेतृत्व करेंगी। केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा यमुना बैंक, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता पुराने लोहे के पुल और जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह आईटीओ स्थित हाथी घाट पर मौजूद रहेंगे। सांसद मनोज तिवारी सूरघाट तथा राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल कालिंदी कुंज में सफाई अभियान में भाग लेंगी।यमुना की सफाई का मुद्दा पिछले कई वर्षों से राजनीतिक और पर्यावरणीय बहस का केंद्र रहा है। केंद्र सरकार लगातार यमुना की स्थिति को लेकर चिंता जता चुकी है। ऐसे में दिल्ली सरकार के लिए यह अभियान अपनी प्रतिबद्धता और सक्रियता प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि यमुना का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही संभव है। इसी सोच के तहत अभियान में आम लोगों को भी जोड़ने पर जोर दिया गया है।अभियान में दिल्ली के करीब 500 सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक संगठनों को शामिल किया गया है। वजीराबाद, निगम बोध घाट, सिग्नेचर ब्रिज, सराय काले खां समेत 28 घाटों पर हजारों स्वयंसेवक श्रमदान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 14, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi France Visit LIVE: पीएम पहुंचे फ्रांस, भारतीय समुदाय से मिले; G7 देशों के सम्मेलन समेत कई अहम बैठकें

11:59 PM, 13-Jun-2026 फ्रांस पहुंचे पीएम मोदी का भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस के नीस शहर पहुंचने पर वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। होटल पहुंचते ही बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग उनके स्वागत के लिए एकत्रित हुए और देशभक्ति के माहौल के बीच तिरंगा लहराते हुए उनका अभिनंदन किया। प्रधानमंत्री के स्वागत के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। भारतीय समुदाय के सदस्यों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ जैसे नारों के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान होटल परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। #WATCH | Nice, France: Prime Minister Narendra Modi receives a warm welcome from members of the Indian diaspora upon his arrival at the hotel. Members of the Indian community gathered in large numbers, waving the tricolour and raising slogans to greet the Prime Minister.… pic.twitter.com/0EvJrjAuVQ — ANI (@ANI) June 13, 2026 प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की दो देशों की आधिकारिक यात्रा पर हैं। अपनी यात्रा के तहत वह विभिन्न कार्यक्रमों और उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। फ्रांस पहुंचने के बाद भारतीय समुदाय द्वारा मिले इस आत्मीय स्वागत ने दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों की झलक भी पेश की। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 14, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका-ईरान के बीच डील कब: डोनाल्ड ट्रंप ने शांति समझौते को लेकर क्या कहा? 106 दिनों बाद खत्म होगा गतिरोध

ट्रंप ने अपने बयान में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुए साल 2015 के परमाणु समझौते (जेसीपीओए) पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि ओबामा की वह डील ईरान के लिए परमाणु हथियार हासिल करने का एक बेहद आसान, खूबसूरत और सुगम रास्ता थी।उनका कहना है कि अगर वह समझौता लागू रहता, तो ईरान के पास छह साल पहले ही परमाणु बम आ गया होता। ईरान अब तक उसका इस्तेमाल भी कर चुका होता। ट्रंप ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने ईरान को सैकड़ों अरब डॉलर का भुगतान किया। इसमें 1.7 अरब डॉलर यानी 16,202.32 करोड़ रुपये की नकद राशि भी शामिल थी, जो सीधे कैश के रूप में दी गई।डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका नया समझौता ओबामा की डील के बिल्कुल विपरीत है। यह ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए एक अभेद्य दीवार की तरह काम करेगा। उनका दावा है कि अब ईरान परमाणु हथियार नहीं चाहता है। इस समझौते के बाद वे किसी भी कीमत पर, चाहे खरीद के जरिए हो, विकास के जरिए या किसी अन्य माध्यम से, परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरी डील में पिछली सरकार की तरह किसी भी तरह के धन का लेनदेन नहीं होगा।भविष्य की रणनीति साझा करते हुए ट्रंप ने कहा कि जब स्थितियां पूरी तरह शांत हो जाएंगी, तब अमेरिकी सेना अपने खूबसूरत बी-2 बॉम्बर्स और शानदार पायलटों की मदद से ईरान के मजबूत ग्रेनाइट पहाड़ों के नीचे गहराई में दबे ‘न्यूक्लियर डस्ट’ को बाहर निकालेगी।इस परमाणु सामग्री को डाउनब्लेंड करके पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया ईरान या अमेरिका, कहीं भी पूरी की जा सकती है। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि यह पूरी प्रक्रिया बेहद तेजी से, आसानी से और सुगमता से पूरी होगी। हालांकि, उन्हो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 14, 2026 · 2 min · National Desk

केंद्रीय मंत्री के संपर्क में असंतुष्ट गुट: ममता खेमे का अगला कदम क्या, कल्याण बनर्जी और सौगत रॉय क्या बोले?

कल्याण बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि जब हमें 2024 में पांच साल के कार्यकाल का जनादेश मिला था, तो कम से कम पांच साल तक हमें सिर्फ पार्टी के काम पर ध्यान देना चाहिए था। चुनाव तो अपने समय पर होने ही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि अगर हम 2029 में और अधिक सीटें जीतकर वापस आते हैं, तो क्या भाजपा के सभी सदस्य इस्तीफा दे देंगे? कल्याण बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस तरह का बिखराव पहली बार हो रहा है। इसे राज्य के राजनीतिक इतिहास में हमेशा एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।पार्टी में मची इस टूट से आहत कल्याण बनर्जी ने अतीत का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के राजनेता चाहे कांग्रेस काल के हों, सीपीएम काल के हों या वाम मोर्चा के दौर के, वे कभी भी इस तरह से बिखरे हुए नहीं थे। राज्य में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ और सिर्फ निजी लालच की वजह से आज यह स्थिति पैदा हुई है। इन स्वार्थी लोगों ने ही मिलकर इस काले अध्याय को लिखा है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि बंगाल की जनता बेहद समझदार है और वह अंततः इन लोगों को करारा जवाब देगी।टीएमसी के भीतर मचे आंतरिक गतिरोध और वरिष्ठ नेता सुदीप बंदोपाध्याय के पार्टी का साथ छोड़ने पर कल्याण बनर्जी ने बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर सुदीप-दा चले गए हैं, तो चले जाएं। बहुत से लोग पार्टी छोड़कर गए हैं और सुदीप-दा भी चले गए हैं। इससे क्या फर्क पड़ता है? इससे कोई अंतर नहीं आने वाला। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग छोड़कर गए हैं, उन्हें कभी न कभी तो चुनाव का सामना करना ही पड़ेगा। जब वे जनता के बीच जाएंगे, तो आम लोग उन्हें अच्छी तरह सबक सिखाएंगे।कल्याण बनर्जी ने कें …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 13, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi France Visit LIVE: पीएम मोदी फ्रांस दौरे पर पहुंचे, नीस में G7 देशों के सम्मलेन समेत कई अहम बैठकें

10:29 PM, 13-Jun-2026 PM Modi France Visit LIVE: पीएम मोदी फ्रांस दौरे पर पहुंचे, नीस में G7 देशों के सम्मेलन समेत कई अहम बैठकें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के नीस पहुंच गए हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 13 से 14 जून तक नीस और इसके बाद 16 से 18 जून तक एवियन और पेरिस की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। नीस में 14 जून को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। दोनों नेता यहां ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का मिलकर शुभारंभ भी करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल फंड शामिल होंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 13, 2026 · 1 min · National Desk

UP: साढ़े तीन लाख शिक्षक और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज देने की प्रक्रिया शुरू, कर्मचारियों को देनी होगी डिटेल

स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज़) की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि योजना के औपचारिक शुभारंभ से पहले विभाग पात्र कर्मचारियों का डेटा एकत्र करने और उसे त्रुटिरहित बनाने में जुटी है। पूर्व में कई मामलों में उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड में नाम, जन्मतिथि, आधार अथवा पारिवारिक विवरण में अंतर होने के कारण कार्ड जारी होने की प्रक्रिया प्रभावित होती थी। ऐसे मामलों में आवेदन लंबित रह जाते थे। इसी समस्या को दूर करने के लिए इस बार डेटा सैनेटाइजेशन पर विशेष जोर दिया गया है।साचीज़ द्वारा विकसित डेटा कलेक्शन पोर्टल के माध्यम से कर्मचारियों और उनके आश्रितों का विवरण एकरूप प्रारूप में जुटाया जा रहा है। अब तक 3.5 लाख से अधिक पात्र कर्मचारियों का डेटा संकलित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि डेटा शुद्ध होने से कार्ड निर्गत करने की प्रक्रिया तेज होगी और अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल सकेगा। योजना के तहत जारी होने वाले मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड के माध्यम से लाभार्थी सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार करा सकेंगे। इलाज का खर्च निर्धारित सीमा तक सीधे योजना के माध्यम से वहन किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को गंभीर बीमारी या आकस्मिक चिकित्सा खर्च के समय आर्थिक दबाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 13, 2026 · 1 min · National Desk