उफान पर गंगा: यूपी में हाहाकार, वाराणसी में छतों पर हो रहा अंतिम संस्कार, तो गाजीपुर-कन्नौज में फसलें बर्बाद

1 of 5 यूपी में गंगा का रौद्र रूप - फोटो : अमर उजाला खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के कारण गंगा, यमुना समेत कई नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। राज्य के कई जिलों में बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। खेतों से लेकर आबादी वाले इलाकों और धार्मिक घाटों तक पानी भर गया है। 2 of 5 जलस्तर बढ़ने के कारण मणिकर्णिका घाट का बदला गया शवदाह स्थल - फोटो : अमर उजाला वाराणसी: 84 घाट डूबे, मणिकर्णिका की छत पर हो रहा शवदाह काशी में गंगा और वरुणा नदी दोनों उफान पर हैं। गंगा खतरे के निशान से मात्र 1.24 मीटर नीचे है। शहर के सभी 84 घाट पूरी तरह डूब चुके हैं। अस्सी घाट पर ‘सुबह-ए-बनारस’ का मंच और नमो घाट जलमग्न हो गए हैं और नौका संचालन ठप है। जलस्तर बढ़ने से शवदाह में भारी परेशानी आ रही है। महाश्मशान मणिकर्णिका घाट की छत और हरिश्चंद्र घाट की गलियों में अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। लकड़ियां गीली होने और जगह कम होने के कारण परिजनों को 2 से 3 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। 3 of 5 प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा है गंगा और यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला। प्रयागराज: खतरे की ओर बढ़ता जलस्तर, 180 लोग राहत शिविर में कानपुर, नरौरा और हरिद्वार से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण संगम नगरी में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। फाफामऊ, छतनाग और नैनी में गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यमुनापार के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk

मायावती बोलीं: अखिलेश ने कहा था नहीं करुंगा पिता जैसी गलती, चुनाव हारते ही आया अहंकार और स्वार्थ

बसपा प्रमुख मायावती ने सपा पर तीखा हमला बोलते हुए उसे गठबंधन की राजनीति में स्वार्थ साधने वाली पार्टी करार दिया है। उन्होंने कहा कि सपा गठबंधन के समय सहयोगियों को साथ लेकर अपना काम निकालती है और काम निकलते ही गिरगिट की तरह रंग बदल लेती है। मायावती ने सपा के एक प्रमुख नेता की ओर से राष्ट्रीय लोकदल और उसके नेता के खिलाफ दिए गए बयान को अपमानजनक बताते हुए पूरे जाट समाज से माफी मांगने की मांग की। मायावती ने कहा कि सपा का राजनीतिक चरित्र विरोधी दलों के साथ ही सहयोगियों के लिए भी संकीर्णता, जातिवादी द्वेष और अविश्वास से भरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की इसी राजनीति का फायदा अक्सर भाजपा को मिला और धर्मनिरपेक्ष ताकतें कमजोर हुईं। बसपा प्रमुख ने 1993 के सपा-बसपा गठबंधन से लेकर 1995 के लखनऊ राज्य अतिथि गृह कांड और फिर 2019 के सपा-बसपा गठबंधन तक का जिक्र कर अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने पिता मुलायम सिंह यादव की पुरानी गलतियां नहीं दोहराने का भरोसा दिया, लेकिन चुनावी नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं आने पर कुछ समय बाद बसपा के प्रति वही अहंकार और स्वार्थ सामने आ गया और गठबंधन टूट गया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 1 min · National Desk

ब्रिटिश PM बर्नहम का बड़ा एलान: अपनी सैलरी का 15% बेघर लोगों को देंगे, कहा- ऐसा काम नहीं कहूंगा जो खुद न करूं

ब्रिटिश प्रधानमंत्री के तौर पर अपने पहले महीने में, एंडी बर्नहम ने देश की सड़कों पर बेघर लोगों के सोने की समस्या को खत्म करने के वादे के तहत, अपनी सैलरी का 15 प्रतिशत हिस्सा बेघर लोगों की मदद करने वाली संस्थाओं को दान करने का संकल्प लिया। बर्नहम, जिन्होंने 20 जुलाई को कीर स्टारमर से 10 डाउनिंग स्ट्रीट का कार्यभार संभाला। उन्होंने अपने सोशल मीडिया चैनलों का इस्तेमाल उन कामों को उजागर करने के लिए किया है, जो जीवन-यापन की लागत के संकट से निपटने पर उनके फोकस का हिस्सा हैं।बर्नहम ने बेघर लोगों के लिए फंड जुटाने के मकसद से बेची जाने वाली साप्ताहिक मैगजीन ‘बिग इश्यू’ को बताया, ‘लगभग 10 साल तक, मैंने ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के तौर पर अपनी सैलरी का 15 प्रतिशत हिस्सा ग्रेटर मैनचेस्टर में बेघर लोगों की समस्या से निपटने के लिए दान किया।‘बर्नहम ने कहा कि वह अपनी प्रधानमंत्री की सैलरी से उतनी ही रकम दान करने का वादा कर रहे हैं। मैं अपने संसदीय क्षेत्र के सांसद के तौर पर मिलने वाली सैलरी का कुछ हिस्सा स्थानीय संगठनों को दान कर रहा हूं, लेकिन प्रधानमंत्री होने के नाते जो अतिरिक्त रकम मिलती है, उसे भी दान करूंगा।’ बेघर लोगों को लेकर क्या कहा? उन्होंने कहा, ‘मैं किसी से भी ऐसा कुछ करने के लिए नहीं कहूंगा, जो मैं खुद करने के लिए तैयार न होऊं। मैं आगे बढ़कर नेतृत्व करना चाहता हूं। यह मुद्दा मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण है।’ बर्नहैम ने कहा कि वह ऐसे देश में नहीं रहना चाहते, जहां सड़कों के कोनों पर बेघर लोगों को सोते हुए देखना आम बात हो जाए। उन्होंने आगे कहा, ‘ऐसी कई चीजें हैं, जो हम कर सकते हैं। हमने महामारी के दौरान इसे साबित कर दिया। हमें अब भी ऐसा ही करना चाहिए औ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk

AIAPGET 2026: जयपुर केंद्र पर बिजली गुल होने से परीक्षा प्रभावित, इतने अभ्यर्थियों का दोबारा होगा एग्जाम

AIAPGET 2026 Exam: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने बताया कि जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर बिजली गुल होने के कारण 49 उम्मीदवार AIAPGET 2026 की परीक्षा पूरी नहीं कर सके। इन उम्मीदवारों के लिए अब 1 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे से दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। The AIAPGET examination was conducted for 36979 registered candidates in Shift-I on 22 August 2026, in which 35837 candidates appeared at 200 centres across the country. The examination was completed for 35788 candidates. However, at Shri Satya Sai PG College Centre, in Jaipur,… pic.twitter.com/1GBA5nhWlm — National Testing Agency (@NTA_Exams) August 22, 2026 जयपुर केंद्र पर बिजली गुल होने से आई परेशानी एआईएपीजीईटी 2026 परीक्षा 22 अगस्त को पहली शिफ्ट में आयोजित हुई। परीक्षा के लिए कुल 36,979 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 35,837 उम्मीदवार देशभर के 200 परीक्षा केंद्रों पर शामिल हुए। जयपुर के श्री सत्य साई पीजी कॉलेज केंद्र पर 192 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें से 49 उम्मीदवार बिजली गुल होने के कारण परीक्षा पूरी नहीं कर सके। NTA ने बिजली की समस्या के लिए परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी एडुक्विटी करियर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदार बताया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 1 min · National Desk

'दुनिया ने माना कि हमने अमेरिका को हराया': जंग के बीच ईरान का दावा; पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर एक रिपोर्ट

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दावा किया है कि दुनिया ने मान लिया है कि ईरान ने अमेरिका के खिलाफ युद्ध जीत लिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, पेजेशकियन ने कहा कि अब अमेरिका के साथ युद्ध खत्म होना चाहिए, क्योंकि पूरी दुनिया ईरान की जीत को स्वीकार कर चुकी है। क्या ईरान ने सच में युद्ध जीतने का दावा किया? यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन ईरान पर आर्थिक दबाव और प्रतिबंधों को और कड़ा करने की तैयारी में है। अमेरिका ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने और तेल एवं गैस टैंकरों के लिए रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने के लिए मजबूर करना चाहता है। ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, पेजेशकियन ने कहा कि पूरी दुनिया ने हमारी जीत को स्वीकार किया है और अमेरिका से नफरत की जाती है। ईरानी राष्ट्रपति का यह बयान अमेरिका की ओर से बढ़ाए जा रहे आर्थिक दबाव के बीच आया है। ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ अभूतपूर्व आर्थिक कार्रवाई की बात कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर अभूतपूर्व स्तर की आर्थिक जंग और अलगाव थोपने की घोषणा की है। अमेरिका का उद्देश्य ईरानी नेतृत्व पर दबाव बढ़ाकर उसकी परमाणु गतिविधियों को रोकना और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा पूरी तरह खोलना है। गोलान हाइट्स पर अमेरिका के रुख में क्यों दिखा विरोधाभास? इसी बीच अमेरिका के तुर्किये में राजदूत और सीरिया के विशेष दूत टॉम बैरक की टिप्पणी ने गोलान हाइट्स को लेकर अमेरिकी नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को एक इंटरव्यू में बैरक ने कहा कि इस्राइल अभी भी गोलान हाइट्स पर कब्जा किए हुए है और यह संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के खिलाफ है। उन्हों …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk

Khabaron Ke Khiladi: दिमागी नक्सल पर घमासान, विश्लेषकों ने बताया ये नया नैरेटिव या देश सुरक्षा का गंभीर मुद्दा

Khabaron Ke Khiladi: दिमागी नक्सल पर घमासान, विश्लेषकों ने बताया ये नया नैरेटिव या देश सुरक्षा का गंभीर मुद्दा पीयूष पंत: प्रधानमंत्री का ‘दिमागी नक्सल’ शब्द पुरानी बात को नए पैकेट में पेश करने जैसा है। जब भी सरकार की आलोचना होती है, उसे अति-वामपंथ के व्याकरण में रखकर निशाना बनाया जाता है। पहले इसे ‘अर्बन नक्सल’ कहते थे और अब ‘दिमागी नक्सल’ का रूप दे दिया गया है। जो लोग रिएक्ट करते हैं, जो क्रिटिकल एप्रेजल करते हैं, जो आपकी बातों को आलोचनात्मक रूप से एनलाइज करते हैं उसके खिलाफ दुनियाभर की दक्षिणपंथ की विचारधारा हमेशा से रही है। ये एक तरह से क्रिटिकल थॉट को टारगेट करने की कोशिश है। प्रधानमंत्री का ‘दिमागी नक्सल’ शब्द पुरानी बात को नए पैकेट में पेश करने जैसा है। जब भी सरकार की आलोचना होती है, उसे अति-वामपंथ के व्याकरण में रखकर निशाना बनाया जाता है। पहले इसे ‘अर्बन नक्सल’ कहते थे और अब ‘दिमागी नक्सल’ का रूप दे दिया गया है। जो लोग रिएक्ट करते हैं, जो क्रिटिकल एप्रेजल करते हैं, जो आपकी बातों को आलोचनात्मक रूप से एनलाइज करते हैं उसके खिलाफ दुनियाभर की दक्षिणपंथ की विचारधारा हमेशा से रही है। ये एक तरह से क्रिटिकल थॉट को टारगेट करने की कोशिश है। स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया। इसके बाद से इस शब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk

'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं': मां ने बनाया था वीडियो, ईटानगर की बेटी के जवाब ने जीता दिल

Itanagar, Arunachal Pradesh: Karga Tinkle Gongo, the young girl from Itanagar who went viral on social media after responding to comments calling her “Chinese,” says, “…Bhaiya called me Chinese, so I told him, ‘Don’t call me Chinese, call me Indian.’..” pic.twitter.com/lCmxafvqup — IANS (@ians_india) August 22, 2026 Cute Arunachali girl appeals not to call them Chinese, “we are also Indian”. pic.twitter.com/G6F3QbAOCY — Namami Bharatam 🚩 (@Namami_Bharatam) August 21, 2026 टिंकल की मां ने आईएएनएस को बताया कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनका वीडियो इतना वायरल हो जाएगा। टिंकल की मां ने कहा, “टिंकल को भी थोड़ा बुरा लगा था। उस दिन मैं अपनी बेटी का आइसक्रीम खरीदते हुए वीडियो बना रही थी। बेटी ने आइसक्रीम के लिए 10 रुपए मांगे। मैंने उसे पैसे दिए, उसके आइसक्रीम खरीदने का वीडियो बनाया और फिर पोस्ट कर दिया।“वीडियो पोस्ट करने के बाद किसी ने कमेंट किया, “ये चाइनीज बच्ची हिंदी क्यों बोल रही है? क्या चाइनीज बच्चा हिंदी बोलता है?” टिंकल की मां ने बताया, “मैंने टिंकल से कहा, टिंकल, कोई तुम्हें चाइनीज बच्ची कह रहा है। टिंकल बहुत उदास हो गई और बोली, हम चाइनीज नहीं हैं, हम इंडियन हैं।“इसके बाद टिंकल ने खुद कहा, “मम्मी मैं भी वीडियो बनाऊंगी।” और फिर टिंकल ने वीडियो में बोल दिया कि “मुझे चाइनीज मत बोलो हम इंडियन ही हैं। चाइनीज बोलने से मेरा मन दुखी होता है।” टिंकल की मां ने कहा, “हम लोग अरुणाचल में हैं, और अरुणाचल भी इंडिया का हिस्सा ही है ना।“करगा टिंकल गोंगो ईटानगर से हैं, जिसने नॉर्थ ईस्ट इंडिया के लोगों को ‘चाइनीज’ कहने पर एक भावुक वीडियो बनाकर पूरे देश का …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk

कनाडा पर फूटेगा ट्रंप का टैरिफ बम: US के साथ व्यापार वार्ता नाकामयाब, आज से कनाडाई उत्पादों पर लगेगा 50% शुल्क

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने शनिवार आधी रात से कुछ देर पहले पत्रकारों के साथ एक कॉल में पढ़े गए बयान में कहा, ‘‘आज रात कनाडा ने इस सप्ताह की शुरुआत में तय शर्तों के तहत व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से इनकार कर दिया। अमेरिका ने कनाडा को हमारे बाजार में किसी भी बड़े निर्यातक के मुकाबले सबसे बेहतर शर्तें देने की पेशकश की थी। इसके बावजूद कनाडा की नई मांगों और कुछ अन्य प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने के कारण पिछले कुछ दिनों में बनाई गई संतुलित व्यवस्था बिगड़ गई।‘‘कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने जवाब दिया, ‘‘अमेरिका की प्रस्तावित शर्तों में आखिरी समय में किए गए बदलाव अनुचित और आर्थिक रूप से नुकसानदेह थे। उन्होंने किसी भी समझौते की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए।‘‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए जाने वाले आयात शुल्क से कनाडा से अमेरिका भेजे जाने वाले कुल उत्पादों में से करीब पांच प्रतिशत प्रभावित होंगे। इनमें हॉकी स्टिक से लेकर जीभ की जांच में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी की छोटी छड़ियां तक शामिल हैं।हालांकि, इसका राजनीतिक असर आर्थिक नुकसान से भी बड़ा होने की संभावना है। पिछले साल दोनों देशों के बीच करीब 880 अरब डॉलर मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं का कारोबार हुआ था। इन शुल्कों को शुरुआत में बुधवार रात 12 बजकर 1 मिनट से लागू किया जाना था। लेकिन ट्रंप ने बातचीत जारी रखने के लिए समय सीमा तीन दिन बढ़ा दी थी। इसके बावजूद दोनों देश तय समय तक किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk

MP: पति भी है कड़क IPS, कौन है धाकड़ IPS अनु बेनीवाल; जिनकी जांच रिपोर्ट के बाद निलंबित हुईं नेहा पच्चीसिया?

ये भी पढ़ें-अनु बेनीवाल का जन्म 26 अप्रैल 1992 को दिल्ली के पीतमपुरा में हुआ। उनके पिता संजय कुमार का छोटा कारोबार था, लेकिन बीमारी के कारण उसे बंद करना पड़ा। परिवार की आर्थिक स्थिति आसान नहीं थी। उनकी मां ने घर पर सूट सिलकर परिवार और बच्चों की पढ़ाई में योगदान दिया। मुश्किल हालात के बावजूद अनु ने पढ़ाई जारी रखी। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की और कुछ समय नैनोसाइंस रिसर्च के क्षेत्र में भी काम किया।ये भी पढ़ें-अनु ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए भूगोल को अपना वैकल्पिक विषय चुना। पहले प्रयास में असफलता मिली। दूसरे प्रयास में मुख्य परीक्षा तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हुआ। तीसरे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 638 हासिल की। इसके बाद भी मनचाही सेवा नहीं मिली तो उन्होंने कोशिश जारी रखी। 2022 में चौथे प्रयास में 217वीं रैंक हासिल कर आईपीएस चुनी गईं। अब अनु बेनीवाल को नेहा पच्चीसिया से जुड़े मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच के बाद मामला आगे बढ़ा और अब नेहा पच्चीसिया निलंबित हो चुकी हैं। इस कार्रवाई के बाद अनु बेनीवाल एक बार फिर चर्चा में हैं।ये भी पढ़ें-अनु बेनीवाल के पति डॉ. आयुष जाखड़ भी 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे एमबीबीएस कर चुके हैं और मध्य प्रदेश कैडर में पुलिस सेवा में हैं। दोनों अधिकारियों की पहचान सख्त और कानून के मुताबिक कार्रवाई करने वाले अफसरों के तौर पर बनी है। आयुष जाखड़ उस समय चर्चा में आई थे, जब भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने उनको धमकी दी थी। दरअसल प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी की थार से राहगीरों का एक्सीडेंट हो गया था। इस मामले में शिवपुरी जिले करैरा में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: अचानक क्यों महंगी हो रही चीनी? 65 रुपये किलो तक पहुंचा भाव; आपकी जेब पर क्या होगा असर?

विशेषज्ञों की चेतावनी क्या है? विशेषज्ञों की चिंता मुख्य रूप से दो चीजों को लेकर है, मौसम और घरेलू आपूर्ति। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में चीनी की आपूर्ति पहले से दबाव में है। अगर बारिश कमजोर रहती है तो गन्ने की अगली फसल प्रभावित हो सकती है। इसका असर आने वाले चीनी मौसम में उत्पादन पर पड़ सकता है। इसके अलावा एथेनॉल नीति को लेकर भी संतुलन जरूरी है। सरकार के लिए एथेनॉल उत्पादन बढ़ाना ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, लेकिन खाद्य जरूरतों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार का क्या कहना है? दावा किया जा रहा था कि पेट्रोल में मिश्रण के लिए चीनी को इथेनॉल उत्पादन की ओर डाइवर्ट किए जाने से घरेलू बाजार में इसकी कीमतें बढ़ रही हैं। हालांकि, खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कीमतों में बढ़ोतरी का संबंध इथेनॉल से नहीं, बल्कि कम घरेलू उत्पादन, आगामी त्योहारी सीजन की मांग और जमाखोरी से है। साथ ही गन्ने की फसल को रेड रॉट और टॉप बोरर बीमारी से नुकसान हुआ। इस सीजन में चीनी का उत्पादन करीब 306 लाख मीट्रिक टन (LMT) रहने का अनुमान है, जबकि गन्ना उत्पादक राज्यों का शुरुआती अनुमान करीब 343 एलएमटी था। सरकार ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया है कि इथेनॉल कार्यक्रम पर महंगाई का दोष मढ़ना पूरी तरह गलत है। आंकड़ों के मुताबिक, इथेनॉल उत्पादन के लिए डाइवर्ट की जाने वाली चीनी की हिस्सेदारी 2022-23 सीजन के 12 प्रतिशत से घटकर 2025-26 सीजन में महज 9 प्रतिशत रह गई है। इसके अलावा, वर्तमान में भारत के कुल इथेनॉल उत्पादन का लगभग तीन-चौथाई (75%) हिस्सा गन्ने के बजाय अनाजों, विशेष रूप से मक्के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 22, 2026 · 2 min · National Desk