भारत-पाकिस्तान के बीच प्रतिद्वंद्विता पर बोले वसीम अकरम: फैंस को क्यों सुनाई खरी-खरी? कहा- बदले की भावना भूलिए

भारत-पाकिस्तान के बीच प्रतिद्वंद्विता पर बोले वसीम अकरम: फैंस को क्यों सुनाई खरी-खरी? कहा- बदले की भावना भूलिए पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने क्रिकेट फैंस से कहा है कि भारत और पाकिस्तान के मुकाबलों को सिर्फ एक खेल की तरह देखें। उन्होंने कहा कि लोगों को इस प्रतिद्वंद्विता में पुरानी बातें, राजनीतिक मुद्दे या अधिक भावनाएं नहीं जोड़नी चाहिए। अकरम का मानना है कि भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा रोमांचक होते हैं, लेकिन खिलाड़ियों और फैंस को इसे खेल की भावना के साथ देखना चाहिए। क्या क्रिकेट को सिर्फ क्रिकेट की तरह देखा जा सकता है? अकरम ने ‘1 मिनट’ पॉडकास्ट पर बात करते हुए दोनों पड़ोसी देशों के बीच होने वाले मैचों को लेकर लोगों में बहुत ज्यादा उत्साह और जुनून पर बात की। उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट मैच के नतीजे को समर्थकों के बीच लंबे समय तक दुश्मनी की वजह नहीं बनना चाहिए। लोगों के पास बहुत समय है। वे क्यों नहीं समझते? यह बस एक खेल है। आखिरकार, यह सिर्फ एक मैच है। किसी को जीतना है, किसी को हारना है। फिर अगले मैच की ओर बढ़ना है। मगर नहीं, जो बहुत पहले हुआ था, वह अभी भी लोगों के मन में है। बदला लेने जैसी बातें 1970 के दशक की हैं। यह वही पुरानी कहावत है कि ‘खाली दिमाग शैतान का घर होता है’।’ इरफान पठान के साथ कैसा है अकरम का रिश्ता? क्रिकेट इतिहास के सबसे मशहूर तेज गेंदबाजों …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका से व्यापार समझौता: क्या भारत को टैरिफ में मिलेगी तरजीही दर? वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने किया यह दावा

भारत और अमेरिका के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट कर दिया है कि इस समझौते की घोषणा तभी की जाएगी, जब अमेरिका हमारे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले भारत को तरजीही दरें (Preferential Rates) प्रदान करेगा। नई दिल्ली में आयोजित ‘मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का लाभ उठाने’ पर राष्ट्रीय कार्यशाला में बोलते हुए गोयल ने वैश्विक स्तर पर व्यापार के लिए भारत के विजन को साझा किया। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अंतिम मुहर कब लगेगी? वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, जैसे ही अमेरिका हमारे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में भारत को तरजीही दरों की पेशकश करेगा, इस समझौते को अंतिम रूप देकर इसके विवरणों की घोषणा कर दी जाएगी। भारत और अमेरिका ने इस साल फरवरी में ही सौदे के पहले चरण की रूपरेखा तय कर ली थी, लेकिन बाद में अमेरिकी टैरिफ परिदृश्य में आए बदलावों के कारण दोनों पक्षों को दोबारा बातचीत की मेज पर लौटना पड़ा। अमेरिका ने इस साल 24 जुलाई से भारत सहित कई देशों पर 10% का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है। अब इस मुद्दे को सुलझाने के लिए गोयल सितंबर के अंत में अमेरिका के मिल्वौकी शहर जाएंगे, जहां वे 30 सितंबर से शुरू होने वाली 2-दिवसीय जी-20 व्यापार मंत्री स्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमिसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को क्या फायदा होगा? अमेरिका भारतीय उत्पादों के लिए एक बहुत बड़ा बाजार है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत ने अमेरिका को 87 बिलियन डॉलर ( करीब 8,21,715 करोड़ रुपये) मूल्य की वस्तुओं का निर्यात किया था। अमे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: मायावती ने आकाश आनंद पर गिराई गाज, राष्ट्रीय संयोजक का पद छीना, कहा- अभी अपरिपक्व

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लखनऊ में पार्टी की ऑल-इंडिया स्तर की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन को मजबूत करने और ज्वलंत मुद्दों पर पार्टी का रुख साफ करने संबंधी निर्देश जारी किए। बैठक के दौरान उन्होंने पिछले कार्यों की समीक्षा की और सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों को कमियों को दूर कर पूरी ईमानदारी व निष्ठा से पार्टी के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सख्त हिदायत दी। कांशीराम जी के संघर्षों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि शोषित वर्ग को शासक वर्ग बनाना ही बहुजन मूवमेंट का मुख्य लक्ष्य है और इसके लिए सत्ता हासिल करना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे में दिए गए बयानों का संज्ञान लेते हुए मायावती ने संघ की कथनी और करनी में भारी अंतर का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समानता के लिए आजीवन संघर्ष किया, जबकि आरक्षण, मुस्लिम व अन्य अल्पसंख्यक वर्गों की सुरक्षा और महिला अधिकारों के मामलों में आरएसएस के दावों में सच्चाई की कमी दिखती है। उन्होंने संघ को सलाह दी कि वह खुद भी बाबा साहेब के मानवतावादी व समतामूलक संविधान का ईमानदारी से पालन करे और अपने लोगों से भी इसका पालन करवाए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 2 min · National Desk

बेल्जियम के पीएम का भारत दौरा: जानिए क्या रहेगा पूरा कार्यक्रम? द्विपक्षीय व्यापार के साथ रक्षा पर भी फोकस

बेल्जियम पीएम के कार्यक्रम के तहत वे 3 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस वार्ता में भारत-बेल्जियम के द्विपक्षीय संबंधों और पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। बेल्जियम के पीएम भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को लेकर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक व्यापारिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। नई दिल्ली के बाद वेवर 4 सितंबर को मुंबई का दौरा करेंगे, जहां वे हीरे, बंदरगाहों और लॉजिस्टिक सहित विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ बातचीत करेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बेल्जियम पीएम का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, ‘भारत में आपका स्वागत है। आधिकारिक दौरे पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर का नई दिल्ली में हार्दिक स्वागत है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उनका स्वागत किया। यह दौरा भारत-बेल्जियम की घनिष्ठ और बहुआयामी साझेदारी को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।’ बेल्जियम पीएम बार्ट डी वेवर ने साल 2025 में ही पदभार संभाला है और यह उनका पहला भारत दौरा है। साथ ही दो दशकों में यह बेल्जियम के किसी भी प्रधानमंत्री का पहला भारत दौरा है।भारत और बेल्जियम के विदेश मंत्रियों के बीच 15 जुलाई 2026 को रणनीतिक सहयोग पर बातचीत हुई थी। अब बार्ट डी वेवर के भारत दौरे पर रणनीतिक संवाद और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर बातचीत होने की उम्मीद है। यूरोप में बेल्जियम, भारत का प्रमुख आर्थिक साझेदार है। अप्रैल 2000 से दिसंबर 2025 के बीच बेल्जियम ने भारत में 4.2 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, प्रोद्यो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी के तीन लोगों की मौत: केएमपी पर मजदूरों से भरी ईको गाड़ी ट्रक से टकराई, तीन ने तोड़ा दम; नौ लोग घायल

यूपी के तीन लोगों की मौत: केएमपी पर मजदूरों से भरी ईको गाड़ी ट्रक से टकराई, तीन ने तोड़ा दम; नौ लोग घायल जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के गांव बड़ेपुरा निवासी करीब 11 मजदूर और ईको चालक समेत 12 लोग झज्जर की ओर बाजरा काटने के लिए जा रहे थे। सुबह करीब पांच बजे उनकी ईको गाड़ी गोपालपुर गांव की सीमा के पास केएमपी एक्सप्रेसवे पर पहुंची। सोनीपत के खरखौदा क्षेत्र में कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर वीरवार सुबह करीब पांच बजे भीषण सडक़ हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ लोग घायल हो गए। हादसा गोपालपुर गांव की सीमा के पास हुआ, जहां मजदूरों से भरी ईको गाड़ी की एक ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ईको बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। इसी दौरान कार की ट्रक से टक्कर हो गई। हादसे में ईको गाड़ी सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में रामनरेश पुत्र रामचंद्र निवासी गांव बड़ेपुरा शामिल है। दो अन्य मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। दो शवों को खरखौदा के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया गया है, जबकि एक शव क्षतिग्रस्त ईको कार में फंसा हुआ था उसे बाहर मशक्कत से बाहर निकाला गया है। नौ घायल, सभी की हालत गंभीर हादसे में घायल हुए लोगों की पहचान विवेक पुत्र प्रभुदयाल, छोटू पुत्र खुशहाली, हरिशंकर पुत्र नेतराम, ख …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 2 min · National Desk

नेपाल त्रासदी: तबाही के 38 मिनट बाद पहुंचा अलर्ट, क्या समय पर चेतावनी मिलती तो बच सकती थीं इतनी जिंदगियां?

इस हादसे ने सीमा पार आपदा निगरानी की कमी को भी उजागर किया है। ल्हेंदे खोला का उद्गम तिब्बत में होता है और इसके बाद यह नदी नेपाल में प्रवेश करती है। लेकिन नेपाल और चीन के बीच इस तरह की अचानक आने वाली आपदाओं के लिए समान रूप से संचालित प्रभावी अर्ली वार्निंग प्रोटोकॉल नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, हिमालयी इलाकों का दुर्गम भूगोल और सीमित संसाधन दूरदराज के क्षेत्रों में निगरानी को बेहद चुनौतीपूर्ण बनाते हैं।बचाव दल अब भी मलबे के बीच लोगों की तलाश में जुटे हैं। खासतौर पर हाइड्रोपावर सुरंगों के आसपास खुदाई, ड्रिलिंग और मलबा हटाने का काम जारी है, जहां लोगों के फंसे होने की आशंका है। काठमांडू में बड़ी संख्या में परिवारों ने बरामद शवों की पहचान में मदद के लिए डीएनए नमूने दिए हैं। शवगृहों में जगह कम पड़ने के कारण कुछ पीड़ितों का अंतिम संस्कार भी किया जा चुका है। भारत में भी नीचे की ओर बहने वाली नदियों से कम से कम 17 शव बरामद किए गए हैं। 07:39 AM, 03-Sep-2026 नेपाल त्रासदी: तबाही के 38 मिनट बाद पहुंचा अलर्ट, क्या समय पर चेतावनी मिलती तो बच सकती थीं इतनी जिंदगियां? नेपाल में चीन सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने देश के आपदा चेतावनी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 26 अगस्त को सुबह 8:37 बजे ल्हेंदे घाटी में बर्फ और चट्टानों का भारी मलबा नीचे आया, लेकिन प्रभावित इलाकों के लिए चेतावनी 38 मिनट बाद सुबह 9:15 बजे जारी की गई। कुछ लोगों तक यह संदेश इससे भी देर से पहुंचा।26 अगस्त की सुबह ल्हेंदे घाटी में ग्लेशियर के टूटने के साथ बर्फ, पानी, चट्टानों और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर बढ़ा। अचानक आई इस बाढ़ ने रास्ते में आने वाले इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नेपाल में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया संघर्ष: राष्ट्रपति ट्रंप बोले- जंग ज्यादा लंबी नहीं चलेगी; ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान पर ‘बहुत बड़ा हमला’ किया था। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हाल में लगाए गए सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया गया। इनमें रडार और मिसाइल से जुड़ी प्रणाली शामिल थे। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने हल्का जवाब दिया, लेकिन अमेरिका ने बहुत जोरदार हमला किया। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का ‘बहुत मजबूत नियंत्रण’ है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैनिकों ने इस अहम समुद्री मार्ग से बारूदी सुरंगें हटा दी हैं। अमेरिकी सेना ऐसे जहाजों को भी वहां से निकाल रही है, जो लाखों बैरल तेल लेकर जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरानी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में रडार और मिसाइल प्रणाली को फिर से तैयार करने की कोशिश कर रही थी। वह बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता भी दोबारा हासिल करने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका कई जहाजों को निशाना बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास रडार नहीं है, क्योंकि अमेरिका ने उसे नष्ट कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका जब चाहे तब और हमले करने के लिए तैयार है। जब ट्रंप से पूछा गया कि नए हमलों का अभियान कितने समय तक चलेगा, तो उन्होंने कहा कि यह जल्द खत्म हो जाएगा।उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि यह बहुत ज्यादा लंबा चलेगा। मुझे नहीं पता कि ईरान और कितना नुकसान सह सकता है। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 2 min · National Desk

नई राह: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दोनों ओर से शुरू, मगर रास्तों के भ्रम से परेशानी; गूगल भी नहीं दे रहा साथ

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को दिल्ली से जोड़ने वाले डीएनडी-केएमपी लिंक एक्सप्रेसवे के मीठापुर-महारानी बाग के नौ किलोमीटर लंबे स्ट्रेच पर मंगलवार रात से दोनों तरफ यातायात शुरू हो गया। इससे फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम और सोहना से दिल्ली व नोएडा आने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, बुधवार को नए मार्ग पर कई जगह साइन बोर्ड स्पष्ट नहीं होने और गूगल मैप पर रास्ता सक्रिय नहीं दिखने के कारण वाहन चालक भ्रमित नजर आए। कई चालक गलत दिशा में वाहन ले गए तो कुछ मोड़ों पर रुककर स्थानीय लोगों से रास्ता पूछते दिखे। कालिंदी कुंज की ओर एग्जिट लेते समय भी कई चालक रास्ता समझने के लिए रुकते दिखाई दिए। आसपास मौजूद लोगों से रास्ता पूछने के कारण कुछ देर के लिए वाहनों की गति भी प्रभावित हुई। एनएचएआई ने दिशा-सूचक बोर्ड लगाए हैं, लेकिन नए मार्ग से पहली बार गुजर रहे कई वाहन चालकों के लिए ये पर्याप्त साबित नहीं हुए। देश के 1,386 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से अब राजस्थान के दौसा तक दिल्ली से निर्बाध कनेक्टिविटी हो गई है। डीएनडी-केएमपी लिंक एक्सप्रेसवे की कुल 59 किलोमीटर लंबी सड़क में सोहना से मीठापुर तक करीब 50 किलोमीटर हिस्से पर दोनों तरफ यातायात वर्ष 2025 में ही शुरू हो गया था। मीठापुर से डीएनडी और रिंग रोड तक करीब नौ किलोमीटर हिस्से पर निर्माण कार्य चल रहा था। शुक्रवार को रिंग रोड से मीठापुर की ओर एक तरफ का मार्ग खोला गया था, जबकि दूसरी दिशा बंद थी। मंगलवार रात से मीठापुर से रिंग रोड और महारानी बाग की ओर जाने वाला मार्ग भी खोल दिया गया।अमर उजाला की टीम ने बुधवार को मीठापुर से महारानी बाग और रिंग रोड तक नए मार्ग का जायजा लिया। मीठापुर के एंट्री प्वाइंट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 2 min · National Desk

पीएम मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात पर क्यों अमेरिका की नजर?: रूबियो बोले- भारत-ईरान के बीच व्यापार समझौता नहीं

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तोता ब्रायन किल्मीड ने कहा कि पीएम मोदी और पेजेशकियन की मुलाकात में ऐसा लगा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की तैयारी हो रही है। इसके जवाब में रूबियो ने कहा, ‘‘खैर, मुझे नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई व्यापार समझौता है। जाहिर तौर पर, सभी देश अपनी-अपनी विदेश नीति तय करते हैं और दुनिया के कई देश ईरान की सरकार से बातचीत करते हैं।‘‘अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘मेरा मतलब है कि हम भी ईरान की सरकार के कुछ लोगों के साथ मिले हैं। कुछ चर्चाओं के संदर्भ में हमारी उनसे बातचीत और संपर्क हुआ है।’’ रूबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी देश को ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करनी चाहिए।उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी देश को ऐसे तंत्र बनाने में उनकी मदद नहीं करनी चाहिए, जिनके जरिए वे राजस्व जुटा सकें और फिर उसका इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने के साथ परमाणु हथियार बनाने की कोशिश में कर सकें। और अगर देश ऐसा करने का फैसला करते हैं, तो हमें उन पर भी प्रतिबंध लगाना पड़ेगा।‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बैठक की थी। ईरान की अर्द्ध सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी रिश्तों की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और दोनों देशों के लिए अहम क्षेत्रों में ईरान और भारत के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया गया।पश्चिम एशिया संकट के बीच दोनों शीर्ष नेताओं में संवाद कायम रहा है। जून में, पीएम मोदी और पेजेशकिय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 3, 2026 · 2 min · National Desk

'जल उत्सव को बनाएं जन-आंदोलन': पीएम मोदी बोले- हर बूंद बचाने के लिए अपनाएं आधुनिक टेक्नोलॉजी; और क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने देश में पानी बचाने वाली आधुनिक तकनीकों को बड़े पैमाने पर अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय निर्माताओं और हितधारकों को वैश्विक स्तर के बेहतरीन तरीकों से रूबरू कराने के लिए विशेष प्रदर्शनियां और कार्यशालाएं आयोजित की जानी चाहिए। इससे स्थानीय स्तर पर पानी बचाने के कुशल और सस्ते समाधान विकसित करने और उन्हें पूरे देश में लागू करने में मदद मिलेगी।पीएम मोदी ने जन-भागीदारी पर जोर देते हुए लोगों के बीच जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए ‘जल उत्सव’ जैसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की बात कही। इसके साथ ही, जलाशयों और नदियों से गाद निकालने के काम को एक नियमित कार्यक्रम बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डी-सिल्टिंग के लिए एक स्पष्ट मानदंड और मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जानी चाहिए ताकि जल भंडारण क्षमता को बरकरार रखा जा सके।बांधों की सुरक्षा पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने हर मानसून से पहले कड़े एहतियाती कदम उठाने और पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को शुरुआत से ही जल संरक्षण का महत्व समझाने के लिए इसे स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा, विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में जल प्रबंधन और शासन पर शोध व ज्ञान को मजबूत करने का भी सुझाव दिया।प्रधानमंत्री मोदी ने जल क्षेत्र के डेटा को एक समान प्रारूप में एकत्र, प्रबंधित और विश्लेषण करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करने की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि उपचारित पानी का उपयोग कृषि और उद्योगों में करने के लिए अग्रिम और एकीकृत योजना बनाई जानी चाहिए। अपने गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल का उदाहरण देते हुए पीएम मो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 2, 2026 · 2 min · National Desk