Tarrif: 'व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं', ट्रंप का बयान; ग्लोबल टैरिफ के बाद भारत पर कितना लगेगा शुल्क?

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ को अवैध ठहराने के बाद और उसके बाद ट्रंप द्वारा 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाने के बाद अब सवाल उठता है कि भारत पर कितना टैरिफ लगेगा? सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक अब भारत पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। कई देशों पर 10 प्रतिशत से ज्यादा टैरिफ था, जिनमें यूरोपीय संघ पर 15 प्रतिशत, जापान पर 15 प्रतिशत, ब्रिटेन पर 10 प्रतिशत और भारत पर 18 प्रतिशत। अब ग्लोबल टैरिफ के बाद इन सभी देशों पर टैरिफ घटकर 10 प्रतिशत हो जाएगा। इस तरह भारत पर भी अब 18 के बजाय 10 प्रतिशत टैरिफ ही लागू होना चाहिए। हालांकि अभी इसे लेकर आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ घोषित अंतरिम व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कुछ नहीं बदलेगा। भारत टैरिफ देगा और हम नहीं देंगे। उनके अनुसार यह पहले की स्थिति से उलट है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने संबंधों को बहुत अच्छा बताया। हाल ही में अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ हटाए थे और नए ढांचे के तहत इसे घटाकर 18 प्रतिशत करने की बात कही थी।प्रेस वार्ता में ट्रंप ने फिर दावा किया कि उन्होंने टैरिफ की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को 200 प्रतिशत टैरिफ की चेतावनी दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अनुरोध पर भारत ने रूस से तेल खरीद में कमी की। हालांकि इन दावों पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि टैरिफ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।नए कार्यकारी के आदेश के तहत अमेरिका में आने वाले सभी आयातित सामान पर 10 प्रतिशत नया शुल्क लगेगा। यह 150 दिनों के लिए प्रभावी रहेगा। ट्रंप प्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

Weather: दक्षिण में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तर में चढ़ेगा पारा; पढ़ें मौसम विभाग का अपडेट

मन्नार की खाड़ी, श्रीलंका तट और दक्षिण अंडमान सागर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जिनकी झोंकों में गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।मौसम विभाग के अनुसार, अगले छह दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है।पर्वतीय राज्यों में हल्की मौसमीय गतिविधि बनी रह सकती है। हिमाचल प्रदेश में 23 फरवरी को कहीं-कहीं बारिश या हिमपात की संभावना जताई गई है। वहीं उत्तराखंड में 22 से 24 फरवरी के बीच कुछ स्थानों पर बारिश या बर्फबारी हो सकती है, जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बनी रह सकती है।आईएमडी ने तमिलनाडु और केरल के किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि जिन इलाकों में धान की फसल पक चुकी है, वहां कटाई कर फसल को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए। साथ ही खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखे। तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए केले, सब्जियों और बागवानी फसलों को सहारा दे। कुल मिलाकर, दक्षिण भारत में अगले कुछ दिन बारिश और तेज हवाओं के लिहाज से अहम रहने वाले हैं। जबकि उत्तर भारत में तापमान बढ़ने से मौसम शुष्क और अपेक्षाकृत गर्म होने की संभावना है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

TOP News: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का समापन आज; ट्रंप ने किया 10% वैश्विक टैरिफ का एलान; पढ़ें सुर्खियां

नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 70 से अधिक देशों ने साझा घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए और आज सम्मेलन के औपचारिक समापन पर इसे सार्वजनिक किया जाएगा। वहीं, अमेरिका में 10% वैश्विक टैरिफ की घोषणा ने व्यापार जगत में हलचल मचा दी है; सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तिलमिलाए ट्रंप ने रद्द किए गए टैरिफ के स्थान पर सभी देशों पर नया शुल्क लागू करने की घोषणा की। मौसम विभाग ने दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि उत्तर भारत में तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत-इस्राइल संबंध भी चर्चा में रहे; पीएम मोदी के दौरे से उत्साहित इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भारत को बेहद शक्तिशाली और लोकप्रिय देश बताया। इसके अलावा, सोशल मीडिया को लेकर नया विवाद उठ खड़ा हुआ है, क्योंकि आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिए कि बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन पर सरकार विचार कर रही है। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर… …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 1 min · National Desk

भारत पर लगेगा 10% वैश्विक शुल्क?: ट्रंप बोले- डील बरकरार, टैरिफ नीति में बदलाव नहीं; PM मोदी की तारीफ भी की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के व्यापक टैरिफ फैसले के बावजूद भारत के साथ व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा ‘इंडिया डील इज ऑन’ और इस पर अब भी पूरी तरह अमल किया जा रहा है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उनका भारत के साथ रिश्ता शानदार है और दोनों देश व्यापार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने रूस से तेल का आयात रोक दिया और अमेरिकी अनुरोध पर इसे वापस लिया, ताकि उस भयंकर युद्ध को रोका जा सके जिसमें हर महीने 25,000 लोग मर रहे थे। ट्रंप ने फैसले के बाद एलान किया, आपात शक्तियों के तहत लगाए टैरिफ के स्थान पर अगले 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10 फीसदी का वैश्विक शुल्क लगेगा। ट्रंप ने कहा, यह आदेश व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत जारी होगा और इसी कानून के तहत लागू मौजूदा शुल्कों के अतिरिक्त होंगे। उन्होंने कहा कि यह टैरिफ पहले से लगाए जा रहे बेसलाइन टैरिफ के ऊपर होगा। यानी जो टैरिफ अभी लिया जा रहा है, उसके अलावा यह नया 10% एक्स्ट्रा टैरिफ होगा।ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने टैरिफ का इस्तेमाल कर भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रोका। उन्होंने कहा मैंने अब तक आठ युद्धों को टैरिफ के जरिए खत्म किया है, जिनमें भारत और पाकिस्तान जैसी गंभीर, न्यूक्लियर स्थिति वाली लड़ाइयां भी शामिल हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि ट्रंप ने 3.5 करोड़ जीवन बचाए। ये टैरिफ अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में भी मददगार रहे। अंतरिम व्यापार समझौता और टैरिफ इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और भारत ने अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा तय किया। ट्रंप ने कार्यकारी आदेश जारी क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

'ऐसे फैसले की नहीं थी उम्मीद': सुप्रीम कोर्ट पर जमकर बरसे ट्रंप, कहा- आठ युद्ध में से पांच टैरिफ से खत्म किए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर आए अदालत के ताजा फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि सुप्रीम कोर्ट में उनकी सरकार की बातों को सही तरीके से नहीं सुना गया। ट्रंप ने फैसले को निराशाजनक बताते हुए कहा कि उन्हें ऐसे निर्णय की उम्मीद नहीं थी। उनके मुताबिक, यह फैसला हतोत्साहित करने वाला है और इससे अमेरिका के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंच सकता है। राष्ट्रपति ने निर्णय सुनाने वाले जजों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने संकेत दिया कि अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिकी उद्योगों के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया। ट्रंप ने दोहराया कि उनका लक्ष्य अमेरिका को फिर से महान बनाना है और इसके लिए सख्त व्यापारिक नीतियां जरूरी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि टैरिफ को लेकर सरकार के पास अभी भी कई अन्य कानूनी और नीतिगत विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उनकी प्रशासनिक टीम सभी संभावनाओं पर विचार कर रही है और अमेरिकी उद्योगों तथा श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने के लिए किया टैरिफ का इस्तेमाल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने वैश्विक टैरिफ का इस्तेमाल भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोकने के लिए किया। ट्रंप ने दावा किया मैंने अब तक आठ युद्धों को टैरिफ के माध्यम से समाप्त किया है, जिनमें भारत और पाकिस्तान जैसी गंभीर, न्यूक्लियर स्थिति वाली लड़ाइयां भी शामिल हैं। इन टैरिफ की वजह से हम बड़े नुकसान से बचे। ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के हवाले से कहा कि उनके प्रयासों से लगभग 3.5 करोड़ जीवन बचाए गए और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत हुई। हालांकि भारत ने पाकिस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

India-US Trade Deal: ट्रंप बोले- भारत के साथ ट्रेड डील जारी, टैरिफ नीति में बदलाव नहीं; PM मोदी की तारीफ भी की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के व्यापक टैरिफ फैसले के बावजूद भारत के साथ व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा ‘इंडिया डील इज ऑन’ और इस पर अब भी पूरी तरह अमल किया जा रहा है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उनका भारत के साथ रिश्ता शानदार है और दोनों देश व्यापार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने रूस से तेल का आयात रोक दिया और अमेरिकी अनुरोध पर इसे वापस लिया, ताकि उस भयंकर युद्ध को रोका जा सके जिसमें हर महीने 25,000 लोग मर रहे थे। और पढ़ें …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 1 min · National Desk

US Tariff: 'सुप्रीम' फैसले पर तिलमिलाए ट्रंप, रद्द किए टैरिफ के बदले सभी देशों पर 10% वैश्विक शुल्क का एलान

अमेरिकी राजनीति में टैरिफ को लेकर घमासान और तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद कड़े तेवर दिखाते हुए सभी देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त वैश्विक टैरिफ लगाने का एलान कर दिया है। ट्रंप ने साफ कहा कि वह आज ही एक नया कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा आज मैं धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश साइन करूंगा। यह पहले से वसूले जा रहे सामान्य शुल्कों के अतिरिक्त होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रशासन धारा 301 समेत अन्य प्रावधानों के तहत कई जांच प्रक्रियाएं शुरू कर रहा है, ताकि अमेरिका को अन्य देशों और कंपनियों की कथित अनुचित व्यापारिक नीतियों से बचाया जा सके।राष्ट्रपति ने दोहराया कि उनका लक्ष्य अमेरिका को फिर से महान बनाना है और इसके लिए सख्त व्यापारिक नीति जरूरी है। उन्होंने कहा कि टैरिफ अमेरिकी उद्योगों और श्रमिकों की रक्षा का मजबूत हथियार है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि एक रास्ता बंद होता है तो उनके पास अन्य विकल्प मौजूद हैं। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का फैसला अमेरिका के हित में नहीं है और सरकार आगे की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। इससे पहले 20 फरवरी 2026 को अदालत ने ट्रंप के व्यापक वैश्विक टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया, जिससे उनकी आर्थिक नीतियों को बड़ा झटका लगा। इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में उनकी दलीलों को सही तरह से नहीं सुना गया। उन्होंने फैसले को निराशाजनक और हतोत्साहित करने वाला बताया। ट्रंप ने यहां तक कहा कि उन्हें ऐसे निर्णय की उम्मीद नहीं थी और फैसला सुनाने वाले कुछ जजों के रवैये पर भी सवाल उठाए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

Trump: 'हमारी बात नहीं सुनी, ऐसे फैसले की नहीं थी उम्मीद', सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ट्रंप की प्रेसवार्ता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर आए अदालत के ताजा फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि सुप्रीम कोर्ट में उनकी सरकार की बातों को सही तरीके से नहीं सुना गया। ट्रंप ने फैसले को निराशाजनक बताते हुए कहा कि उन्हें ऐसे निर्णय की उम्मीद नहीं थी। उनके मुताबिक, यह फैसला हतोत्साहित करने वाला है और इससे अमेरिका के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंच सकता है। राष्ट्रपति ने निर्णय सुनाने वाले जजों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने संकेत दिया कि अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिकी उद्योगों के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया। ट्रंप ने दोहराया कि उनका लक्ष्य अमेरिका को फिर से महान बनाना है और इसके लिए सख्त व्यापारिक नीतियां जरूरी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि टैरिफ को लेकर सरकार के पास अभी भी कई अन्य कानूनी और नीतिगत विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उनकी प्रशासनिक टीम सभी संभावनाओं पर विचार कर रही है और अमेरिकी उद्योगों तथा श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। टैरिफ नीति पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर अपने फैसले में कहा कि राष्ट्रपति को IEEPA के तहत इस तरह व्यापक आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं था। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के इस फैसले से डोनाल्ड ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ को खत्म कर दिया है। इस फैसले से वैश्विक व्यापार, व्यवसायों, उपभोक्ताओं, मुद्रास्फीति के रुझानों और देश भर के घरेलू वित्त पर व्यापक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति नहीं, कांग्रेस को अमेरिकी संविधान के अनुसार, कर और शुल्क लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

US Tariff: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर डोनाल्ड ट्रंप के तेवर सख्त, बोले- सभी देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाएंगे

अमेरिकी राजनीति में टैरिफ को लेकर घमासान और तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद कड़े तेवर दिखाते हुए सभी देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त वैश्विक टैरिफ लगाने का एलान कर दिया है। ट्रंप ने साफ कहा कि वह आज ही एक नया कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा आज मैं धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश साइन करूंगा। यह पहले से वसूले जा रहे सामान्य शुल्कों के अतिरिक्त होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रशासन धारा 301 समेत अन्य प्रावधानों के तहत कई जांच प्रक्रियाएं शुरू कर रहा है, ताकि अमेरिका को अन्य देशों और कंपनियों की कथित अनुचित व्यापारिक नीतियों से बचाया जा सके।राष्ट्रपति ने दोहराया कि उनका लक्ष्य अमेरिका को फिर से महान बनाना है और इसके लिए सख्त व्यापारिक नीति जरूरी है। उन्होंने कहा कि टैरिफ अमेरिकी उद्योगों और श्रमिकों की रक्षा का मजबूत हथियार है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि एक रास्ता बंद होता है तो उनके पास अन्य विकल्प मौजूद हैं। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का फैसला अमेरिका के हित में नहीं है और सरकार आगे की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। इससे पहले 20 फरवरी 2026 को अदालत ने ट्रंप के व्यापक वैश्विक टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया, जिससे उनकी आर्थिक नीतियों को बड़ा झटका लगा। इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में उनकी दलीलों को सही तरह से नहीं सुना गया। उन्होंने फैसले को निराशाजनक और हतोत्साहित करने वाला बताया। ट्रंप ने यहां तक कहा कि उन्हें ऐसे निर्णय की उम्मीद नहीं थी और फैसला सुनाने वाले कुछ जजों के रवैये पर भी सवाल उठाए। भारत के साथ टै …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

US Tariff: 'ट्रंप का टैरिफ गैरकानूनी', अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से सुनाया बड़ा फैसला

अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (आईईईपीए) के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति के पास लगभग सभी अमेरिकी व्यापारिक साझेदारों से आने वाले सामानों पर व्यापक आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है।अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के इस फैसले से डोनाल्ड ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ को खत्म कर दिया है। इस फैसले से वैश्विक व्यापार, व्यवसायों, उपभोक्ताओं, मुद्रास्फीति के रुझानों और देश भर के घरेलू वित्त पर व्यापक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जॉन जी रॉबर्ट्स जूनियर ने बहुमत का फैसला लिखा और जस्टिस सोनिया सोतोमेयर, जस्टिस नील एम. गोरसच, जस्टिस एलेना कागन, जस्टिस एमी कोनी बैरेट और जस्टिस केतनजी ब्राउन जैक्सन ने उनका समर्थन किया। जस्टिस क्लेरेंस थॉमस ने असहमति का मत दाखिल किया और जस्टिस ब्रेट एम. कावानाघ और जस्टिस सैमुअल ए. एलिटो जूनियर ने उनका समर्थन किया।जजों के बहुमत ने पाया कि संविधान स्पष्ट रूप से सिर्फ कांग्रेस को कर लगाने का अधिकार देता है, जिसमें शुल्क भी शामिल हैं। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने फैसले में कहा, संविधान निर्माताओं ने कर लगाने की शक्ति का कोई भी हिस्सा कार्यपालिका को नहीं सौंपा। और यह तथ्य कि किसी भी राष्ट्रपति को आईईईपीए में ऐसी शक्ति नहीं मिली है, इस बात का पुख्ता सबूत है कि यह मौजूद ही नहीं है।हालांकि असहमति के फैसले में जस्टिस कावानाघ ने कहा, यहां जिन टैरिफ पर सवाल उठ रहे हैं, वे समझदारी भरी नीति हो भी सकते हैं और नहीं भी। लेकिन लिखित रूप से, इतिहास में और पूर्व उदाहरणों के आधार पर, वे स्पष्ट रूप से वैध हैं।जब मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जॉन जी रॉबर्ट्स जूनियर ने पीठ का बहुम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk