भारतवंशी नील कात्याल कौन?: जिन्होंने पलट दिया ट्रंप टैरिफ का पूरा खेल, बने ऐतिहासिक फैसले का चेहरा

सुप्रीम कोर्ट ने कानून के शासन और आम अमेरिकियों के अधिकारों की रक्षा की है। राष्ट्रपति शक्तिशाली होते हैं, लेकिन संविधान उनसे भी अधिक शक्तिशाली है। अमेरिका में टैक्स लगाने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं। अदालत ने हमारी कानूनी दलीलों को पूरी तरह स्वीकार किया। अदालत ने वही फैसला दिया जिसकी मांग की गई थी। यह मामला किसी एक राष्ट्रपति के खिलाफ नहीं है। ये मामला शक्तियों के संतुलन और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा से जुड़ा था। नील कात्याल ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि राष्ट्रपति ने आपात आर्थिक शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि टैरिफ दरअसल टैक्स होते हैं और टैक्स लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस को है, न कि राष्ट्रपति को। कात्याल ने इन टैरिफ को अन्यायपूर्ण और असंवैधानिक टैक्स बताया। सुप्रीम कोर्ट ने छह-तीन के बहुमत से कहा कि संविधान के तहत टैक्स लगाने की शक्ति कांग्रेस के पास है।यह मामला छोटे अमेरिकी कारोबारियों द्वारा दायर किया गया था, जिन्हें लगा कि टैरिफ से उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ को राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक दबाव का जरूरी कदम बताया था। लेकिन अदालत ने साफ कहा कि आपात शक्तियों के नाम पर राष्ट्रपति व्यापक टैक्स नहीं लगा सकते।नील कात्याल का जन्म शिकागो में भारतीय प्रवासी माता-पिता के घर हुआ। उनके पिता इंजीनियर और माता डॉक्टर थीं। उन्होंने डार्टमाउथ कॉलेज और येल लॉ स्कूल से पढ़ाई की। वह अमेरिका के कार्यवाहक सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं और सुप्रीम कोर्ट में 50 से अधिक मामलों में पैरवी कर चुके हैं। वह कई बड़े संवैधानिक मामलों में अहम भूमिका निभा चुके हैं।कात्याल वर्तमान में मिलबैंक एलए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

AI Future: 'एआई आने से इंसानों की जगह नहीं लेगी मशीन', सिस्को के अधिकारी ने बताया कैसे बदलेंगे रोजगार के मौके

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते उपयोग के बीच कॉरपोरेट जगत और आम लोगों में यह डर सता रहा है कि क्या मशीनें इंसानों की जगह ले लेंगी? सिस्को के प्रेसिडेंट और चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर जीतू पटेल ने इन चिंताओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका मानना है कि एआई इंसानों को बेमानी नहीं बनाएगा, बल्कि यह मानवीय क्षमता और मूल्य को और बढ़ाएगा। मशीनें सहानुभूति, रचनात्मकता और समाज में योगदान देने की इंसानी फितरत की नकल नहीं कर सकती हैं। कार्यस्थलों पर एआई ‘डिजिटल सहकर्मियों’ के रूप में काम करेगा। इंसान अब उच्च-स्तरीय निर्णय लेने, रचनात्मकता और समस्याओं को सुलझाने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। जीवन को केवल ‘समुद्र तट को घूरने’ तक सीमित कर देना जीवन के उद्देश्य को ही चुनौती देगा, क्योंकि इंसानों में स्वभाव से ही कुछ नया बनाने और समाज में मूल्य जोड़ने की जन्मजात इच्छा होती है। पटेल के अनुसार, असली कामयाबी तब मिलती है जब इंसानी समझ और निर्णय लेने की क्षमता को एआई के ऑटोमेशन के साथ मिलाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चैटबॉट से लेकर ऑटोनॉमस एजेंट तक, एआई सिस्टम तेजी से उन्नत हो रहे हैं, लेकिन इन्हें इंसानी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, न कि उन्हें बदलने के लिए। पटेल ने अपनी मां के अस्पताल में भर्ती होने का उदाहरण देते हुए कहा कि कोई भी एआई किसी नर्स की जगह नहीं ले सकता। इंसानों में प्यार, समझ और देखभाल की बुनियादी जरूरत होती है, जिसे कोई मशीन पूरा नहीं कर सकती है।ऑटोमेशन के कारण नौकरियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर पटेल ने माना कि काम का तरीका बदलेगा और कुछ पुरानी नौकरियां खत्म हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि हर नौकरी का स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

UP: 'बंधुत्व की भावना से मिटेगा भेदभाव', यूजीसी के मुद्दे पर भागवत मौन; संघ से जुड़ने के दिए ये पांच मंत्र

UP: ‘बंधुत्व की भावना से मिटेगा भेदभाव’, यूजीसी के मुद्दे पर भागवत मौन; संघ से जुड़ने के दिए ये पांच मंत्र और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं अपना नहीं, देश का नाम बड़ा करना है खिलाड़ियों से संवाद में डॉ. मोहन राव भागवत ने साफ कहा कि संघ का काम केवल अपना नाम नहीं करना, बल्कि देश का नाम बड़ा करना है। हिंदू समाज में आ रहे विघटन व अलगाव को दूर करने के लिए उन्होंने कहा कि बंधुत्व की भावना से भेदभाव, असमानता, जातिवाद का अलगाव दूर किया जा सकता है। संघ के 100 वर्षों की यात्रा हिंदू समाज को संगठित करने पर केंद्रित रही है। खिलाड़ियों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए उन्होंने साफ कहा कि संबंधित लोग स्थानीय स्तर पर खेल जगत के लोगों के साथ सहयोग करके चिंतन करें। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि केवल खेल और राजनीति से संघ को नहीं समझा जा सकता। अपना नहीं, देश का नाम बड़ा करना हैखिलाड़ियों से संवाद में डॉ. मोहन राव भागवत ने साफ कहा कि संघ का काम केवल अपना नाम नहीं करना, बल्कि देश का नाम बड़ा करना है। हिंदू समाज में आ रहे विघटन व अलगाव को दूर करने के लिए उन्होंने कहा कि बंधुत्व की भावना से भेदभाव, असमानता, जातिवाद का अलगाव दूर किया जा सकता है।संघ के 100 वर्षों की यात्रा हिंदू समाज को संगठित करने पर केंद्रित रही है। खिलाड़ियों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए उन्होंने साफ कहा कि संबंधित लोग स्थान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

दरिंदों को फांसी: गंदी सामग्री कई जगह भेजता था JE, मदद करती थी बीवी; पेन ड्राइव, लैपटॉप और ये सबूत बने मददगार

1 of 12 je rambhavan - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स पेन ड्राइव, लैपटॉप, मोबाइल जैसे पुख्ता साक्ष्य बरामद करने के साथ उसे सलाखों के पीछे पहुंचाया और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुट गई थी। सीबीआई की कोशिशें रंग लाई और करीब 12 साल पहले के वीडियो फुटेज के आधार पर पीड़ितों की पहचान होने लगी। बांदा में सीबीआई ने सजा के लिए एम्स में कराए गए बच्चों के मेडिकल और इलेक्ट्रिनक साक्ष्य में गंदे वीडियो की पेन ड्राइव अदालत को सौंपी। अदालत ने गंदे वीडियो का अवलोकन करने पर उसे दोषी पाया। नाबालिगों के साथ यौन शोषण के इस बहुचर्चित मामले में सीबीआई ने लंबी कोशिशों के बाद मासूमों के यौन शोषण और अश्लील वीडियो व फोटो विदेशों तक बेचकर लाखों कमाने वाले निलंबित जेई रामभवन को दबोचा था। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 12 सीबीआई के दरोगा पुरुषोत्तम कुमार व सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह, दोषी रामभवन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी करीब 34 पीड़ितों की पहचान की गई जो हैवानियत का शिकार बने। उधर, पति रामभवन के ऊपर शिकंजा कसते देख उसकी पत्नी दुर्गावती ने बचाने की कोशिशें शुरू कर दी थीं। इसमें सबसे अहम कड़ी पीड़ित बच्चे और उनके अभिभावक रहे। 3 of 12 फैसले के बाद दोषी दुर्गावती को न्यायलय से ले जातीं महिला पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी रामभवन की पत्नी ने इन रुपयों को ही अपना हथियार बनाया सीबीआई सूत्र बताते हैं कि घिनौने कारनामे से लाखों कमाने वाले रामभवन की पत्नी ने इन रुपयों को ही अपना हथियार बनाया। सीबीआई गवाहों की सूची बना रही थी, उधर दुर्गावती ने ऐसे लोगों को तोड़ने की दिशा में हर तिकड़म अपनाना शुरू कर दिया था। 4 of 12 दोषी रामभवन - फोटो : संवाद न्यूज एजे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

India-US Trade Deal: ट्रंप ने PM मोदी को बताया स्मार्ट प्रधानमंत्री, ट्रेड डील पर बोले- हमारा फायदा उठाया गया

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं अमेरिकी राष्ट्रपति के नए फैसले के बाद भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब भारत से अमेरिका जाने वाले सामान पर लगने वाला टैरिफ घटाकर 10% कर दिया गया है, जो पहले 18% तय किया गया था। यह नया अस्थायी टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा और फिलहाल 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा। ट्रंप ने इसे ‘अस्थायी आयात शुल्क’ बताया है, जिसका मकसद अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय भुगतान संतुलन से जुड़ी समस्याओं को ठीक करना है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 1 min · National Desk

UPSC CAPF AC 2026: यूपीएससी में सहायक कमांडेंट के 349 पदों पर भर्ती, स्नातक की डिग्री वाले करें आवेदन

UPSC CAPF 2026: कौन कर सकता है आवेदन? किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री अनिवार्य है। उम्मीदवार की आयु 20 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए (आरक्षित श्रेणियों के लिए नियमानुसार छूट लागू)। अभ्यर्थी का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। उम्मीदवार को CAPF पदों के लिए UPSC द्वारा निर्धारित शारीरिक और चिकित्सा मानकों को पूरा करना होगा। देखें अहम तिथियां आयोजन तारीख / समय अधिसूचना जारी होने की तिथि 20 फरवरी 2026 ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि 20 फरवरी 2026 ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 12 मार्च 2026 (शाम 6:00 बजे तक) पात्रता के लिए कट-ऑफ तिथि (आयु) 1 अगस्त 2026 लिखित परीक्षा की तिथि 19 जुलाई 2026 पेपर I का समय सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक पेपर II का समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक प्रश्न पत्र प्रस्तुतियों के लिए विंडो परीक्षा के बाद तीसरे दिन से सातवें दिन तक (शाम 6:00 बजे तक) क्या है जरूरी दस्तावेज और अंतिम तिथि? ऑनलाइन आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों को वैध ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, स्कैन की गई फोटो और हस्ताक्षर, तथा फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड/वोटर आईडी/पैन कार्ड/पासपोर्ट/ड्राइविंग लाइसेंस) का विवरण देना होगा। आवेदन की सुविधा केवल 12 मार्च 2026 शाम 6:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी और किसी अन्य माध्यम से आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। UPSC CAPF 2026: कितना लगेगा आवेदन शुल्क? ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जनरल और ओबीसी श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क ₹200 तय किया गया है, जबकि एससी/एसटी और महिला उम्मीदवारों के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं रखा गया है। यूपीएससी CAPF परीक्षा 19 जुलाई को आयोजित की जाएगी, जिसमें पेपर 1 और पेपर 2 शामिल होंगे। लिखि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

AI Summit Controversy: एआई समिट में बवाल के खिलाफ सड़क पर उतरी BJP, दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन

इंडियन यूथ कांग्रेस के एआई समिट में हंगामा करने के विरोध में भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा आज सड़क पर उतर आई। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं। इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में शुक्रवार यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया है। उधर, कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, ‘इस घटना से स्पष्ट है कि राहुल गांधी इस स्तर तक गिर गए हैं कि वे प्रधानमंत्री का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगे हैं। यह एआई समिट किसी पार्टी का कार्यक्रम नहीं राष्ट्र का कार्यक्रम था, इसमें पूरे विश्व के प्रतिनिधि आए थे। इसमें आप क्या दिखाना चाह रहे थे? यह राष्ट्र की साख को भट्टा लगाना था, हम इसका विरोध करते हैं।‘वहीं, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, ‘कांग्रेस ने ऐसा देश विरोधी कृत्य किया है, जिसकी भारत की जनता के मन में कोई माफी नहीं होगी। यह किराए के गुंडों से एआई इंपैक्ट समिट जो आज भारत का गौरव बना हुआ है, उसे बदनाम करने की कोशिश एक गद्दारी, देशद्रोह है और देश की जनता इसका जवाब देगी।‘भारत मंडपम में चल रही इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में शुक्रवार यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इससे आयोजन स्थल पर अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। हंगामा जिस वक्त खड़ा हुआ, उस वक्त भारत मंडपम में विदेशी प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता अपने अपने कपड़े उतारकर पीएम इज कंप्रोमाइज के नारे लगा रहे थे। आनन-फानन में पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया। बे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

दिल्ली को दहलाने की फिराक में लश्कर-ए-तैयबा: आईईडी हमले की साजिश, लाल किला और चांदनी चौक का मंदिर निशाने पर

न्यूज एजेंसी एएनआई खुफिया सूत्रों बताया कि लश्कर-ए-तैयबा संगठन आईईडी के जरिए हमला करने की साजिश रच रहा है। विशेष रूप से, चांदनी चौक इलाके में स्थित एक मंदिर को संभावित लक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है। यह भी जानकारी सामने आई है कि यह आतंकी संगठन कथित तौर पर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 6 फरवरी को हुए एक मस्जिद विस्फोट के बाद भारत में बड़ा आतंकी हमला करने की फिराक में है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 1 min · National Desk

Global Tariff: 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ की पुष्टि, एलान के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर किए हस्ताक्षर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए सभी देशों पर नया 10 प्रतिशत का वैश्विक टैरिफ लगाने का एलान कर दिया है। उन्होंने ओवल ऑफिस से इस संबंध में कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने की जानकारी दी और कहा कि यह टैरिफ लगभग तुरंत प्रभाव से लागू होगा। यह फैसला उस समय आया है जब 20 फरवरी 2026 को अदालत ने ट्रंप के व्यापक वैश्विक टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया था। जानकारी के मुताबिक यह ग्लोबल टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा। US President Donald Trump posts, “It is my Great Honor to have just signed, from the Oval Office, a Global 10% Tariff on all Countries, which will be effective almost immediately. Thank you for your attention to this matter!” pic.twitter.com/NQqmUkdCas — ANI (@ANI) February 21, 2026 सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज ट्रंप ने कहा कि उनकी दलीलों को सही तरह से नहीं सुना गया। उन्होंने फैसले को निराशाजनक बताया और संकेत दिया कि सरकार अन्य कानूनी रास्तों का इस्तेमाल करेगी। इसी कड़ी में उन्होंने व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश साइन करने की घोषणा की।राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि प्रशासन धारा 301 समेत अन्य प्रावधानों के तहत जांच शुरू कर रहा है। उनका दावा है कि कई देश और कंपनियां अमेरिका के साथ अनुचित व्यापारिक नीतियां अपनाती रही हैं। ऐसे में सख्त कदम जरूरी हैं। उन्होंने दोहराया कि यदि एक कानूनी रास्ता बंद होता है तो उनके पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत सहित सभी देशों पर यह 10 प्रतिशत नया टैरिफ लागू होगा। ट्रंप ने कहा कि यह टैरिफ अगले 150 दिनों तक लाग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

दरिंदों को फांसी: 34 मासूम, 74 गवाह और 47 देश, इंटरपोल की शिकायत से खुला राज; जेई और उसकी बीवी को करतूत की सजा

1 of 13 दरिंदगी पर मौत की सजा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स विशेष पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने 163 पेज के विस्तृत फैसले में इस घिनौने अपराध को जघन्यतम करार दिया। कोर्ट ने कहा, कई जिलों में बड़े पैमाने पर अपराध को अंजाम दिया गया। दोषियों का नैतिक स्तर पर हद दर्ज तक नीचे गिरना इसे असाधारण और घिनौना अपराध बनाता है। इनमें सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है, इसलिए कड़ी से कड़ी सजा की जरूरत है। कोर्ट ने यूपी सरकार को पीड़ित बच्चों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया। यूपी के बांदा जिले की विशेष अदालत ने 34 बच्चों के यौन शोषण और उनकी अस्लील तस्वीरें व वीडियो वायरल करने के घूणित मामले में सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने तीसरे आरोपी की फाइल अलग कर दी। उस पर ई-मेल के माध्यम से जानकारी साझा करने का आरोप है। जमानत मिलने के बाद यह जेल से बाहर है। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 13 सीबीआई के दरोगा पुरुषोत्तम कुमार व सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह, दोषी दुर्गावती - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी साथ ही, आरोपियों के घर से बरामद राशि को भी पीड़ित बच्चों में समान रूप से वितरित करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने रामभवन को अलग-अलग धाराओं में दोषी पाते हुए 6.45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जबकि उसकी पत्नी दुर्गाचती पर 5.40 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। 3 of 13 सीबीआई के दरोगा पुरुषोत्तम कुमार व सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह, दोषी रामभवन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी इंटरपोल की शिकायत से खुला राज: सीबीआई की कार्रवाई इस पूरे मामले की नींव तब पड़ी जब इंटरपोल ने दिल्ली स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk