मन्नार की खाड़ी, श्रीलंका तट और दक्षिण अंडमान सागर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जिनकी झोंकों में गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।मौसम विभाग के अनुसार, अगले छह दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है।पर्वतीय राज्यों में हल्की मौसमीय गतिविधि बनी रह सकती है। हिमाचल प्रदेश में 23 फरवरी को कहीं-कहीं बारिश या हिमपात की संभावना जताई गई है। वहीं उत्तराखंड में 22 से 24 फरवरी के बीच कुछ स्थानों पर बारिश या बर्फबारी हो सकती है, जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बनी रह सकती है।आईएमडी ने तमिलनाडु और केरल के किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि जिन इलाकों में धान की फसल पक चुकी है, वहां कटाई कर फसल को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए। साथ ही खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखे। तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए केले, सब्जियों और बागवानी फसलों को सहारा दे। कुल मिलाकर, दक्षिण भारत में अगले कुछ दिन बारिश और तेज हवाओं के लिहाज से अहम रहने वाले हैं। जबकि उत्तर भारत में तापमान बढ़ने से मौसम शुष्क और अपेक्षाकृत गर्म होने की संभावना है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें