चुनावी साल में बढ़ेगी ट्रंप की मुश्किलें?: टैरिफ पर सुप्रीम झटके से बढ़ी सियासी हलचल; आर्थिक संकट की भी आहट

अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मोड़ आया है। डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब संवैधानिक संकट का रूप लेता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को संयुक्त राज्य अमेरिका का सर्वोच्च न्यायालय (एससीओटीयूएस) ने एक अहम फैसले में कहा कि राष्ट्रपति को आर्थिक आपातकाल घोषित कर व्यापक आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने का अधिकार नहीं है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ट्रंप ने टैरिफ को अपनी आर्थिक नीति का केंद्र बना रखा था और आगामी चुनावों में इसे मुख्य मुद्दा बनाने की तैयारी कर रहे थे।6-3 के बहुमत से दिए गए फैसले में शीर्ष अदालत ने साफ कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर कदम उठाया। अदालत के इस निर्णय को ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जब ट्रंप को फैसले की जानकारी दी गई तो उन्होंने इसे शर्मनाक करार दिया। उनका मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर उन्हें टैरिफ लगाने का पूरा अधिकार है।ट्रंप ने टैरिफ को अपनी आर्थिक उपलब्धि बताते हुए बार-बार कहा था कि इससे अमेरिकी उद्योगों को मजबूती मिली है। हाल ही में जॉर्जिया राज्य में एक स्टील कंपनी में भाषण देते हुए उन्होंने “टैरिफ” शब्द का 28 बार इस्तेमाल किया। उनका दावा था कि बिना टैरिफ के अमेरिका गहरी मंदी में चला जाता।हालांकि, विपक्षी दल डेमोक्रेट्स को अब सरकार को घेरने का बड़ा मौका मिल गया है। डेमोक्रेटिक नेता सुझ़ान डेलबेने ने कहा कि राष्ट्रपति कोई राजा नहीं हैं और उनकी टैरिफ नीति हमेशा से अवैध थी।जनवरी में हुए एक सर्वे के अनुसार, लगभग 60 प्रतिशत अमेरिकियों का मानना है कि ट्रंप ने दूसरे देशों पर नए टैरिफ लगाकर हद पार कर दी। वहीं, 76 प्रतिशत लोगों ने आशंका जत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

'दोनों को मरते दम तक लटकाओ': दंपती करते थे बच्चों का यौन शोषण, पेन ड्राइव ने दिलाई फांसी; ये है पूरी कहानी

क्या है पूरा मामला यह मामला नवंबर 2020 में तब प्रकाश में आया जब सीबीआई ने जेई रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को गिरफ्तार कर जेल भेजा। सीबीआई ने 31 अक्तूबर 2020 को नई दिल्ली में इसकी प्राथमिकी दर्ज की थी। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त सूचना के आधार पर यह खुलासा हुआ था कि उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के जवाहर नगर नारायणी कस्बा, नरैनी निवासी चुन्ना प्रसाद कुशवाहा के पुत्र जेई रामभवन, कई अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर बांदा, चित्रकूट और आसपास के इलाकों के बच्चों का यौन शोषण कर रहा है। सूत्रों ने यह भी बताया था कि रामभवन और उसके साथी इन घिनौने कृत्यों के दौरान बच्चों की तस्वीरें और वीडियो भी बनाते थे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 1 min · National Desk

US Tariffs: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले में क्यों आया भारत का जिक्र? जानें असहमति रखने वाले जज ने क्या कहा

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के नौ न्यायाधीशों ने शुक्रवार को 6-3 के मत से पाया कि अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (आईईईपीए) शुल्क लगाने का अधिकार नहीं देता है। न्यायमूर्ति क्लेरेंस थॉमस, सैमुअल ए. एलिटो जूनियर और कैवनॉ ने अदालत के फैसले से असहमति जताई।न्यायाधीश कैवनॉ ने कहा, ‘विदेशी आयात पर ऐतिहासिक रूप से लगाए गए शुल्कों की तरह, इस मामले में विवादित आईईईपीए के तहत विदेशी आयात पर लगाए गए शुल्क भी विदेश मामलों से जुड़े हैं। सरकार के अनुसार, राष्ट्रपति ने आईईईपीए के तहत लगाए गए शुल्कों का इस्तेमाल चीन, यूनाइटेड किंगडम और जापान सहित अन्य प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ व्यापार समझौतों में किया है।‘उन्होंने अपनी राय में लिखा, ‘सरकार का कहना है कि टैरिफ ने कुछ विदेशी बाजारों को अमेरिकी व्यवसायों के लिए अधिक सुलभ बनाने में मदद की है। विदेशी राष्ट्रों के साथ खरबों डॉलर के व्यापार सौदों में योगदान दिया है।‘उन्होंने लिखा, ‘इसके अलावा इतिहास और टैरिफ के पारंपरिक उपयोगों के अनुरूप, राष्ट्रपति रूसी संघ और यूक्रेन के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए चल रही अत्यंत संवेदनशील वार्ताओं के संबंध में अपने आईईईपीए अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।‘उन्होंने लिखा, ‘इसी उद्देश्य से 6 अगस्त, 2025 को राष्ट्रपति ने भारत पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूसी संघ के तेल का आयात करने के लिए शुल्क लगाया। वहीं, 6 फरवरी, 2026 को राष्ट्रपति ने भारत पर शुल्क कम कर दिया क्योंकि सरकार के अनुसार, भारत ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूसी संघ के तेल का आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई थी।’ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 21, 2026 · 2 min · National Desk

'दोनों को मरते दम तक लटकाओ': दंपती करते थे बच्चों का यौन शोषण, पेन ड्राइव ने दिलाई फांसी; ये है पूरी कहानी

क्या है पूरा मामला यह मामला नवंबर 2020 में तब प्रकाश में आया जब सीबीआई ने जेई रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को गिरफ्तार कर जेल भेजा। सीबीआई ने 31 अक्तूबर 2020 को नई दिल्ली में इसकी प्राथमिकी दर्ज की थी। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त सूचना के आधार पर यह खुलासा हुआ था कि उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के जवाहर नगर नारायणी कस्बा, नरैनी निवासी चुन्ना प्रसाद कुशवाहा के पुत्र जेई रामभवन, कई अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर बांदा, चित्रकूट और आसपास के इलाकों के बच्चों का यौन शोषण कर रहा है। सूत्रों ने यह भी बताया था कि रामभवन और उसके साथी इन घिनौने कृत्यों के दौरान बच्चों की तस्वीरें और वीडियो भी बनाते थे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 20, 2026 · 1 min · National Desk

UP: अखिलेश यादव बोले- ब्राह्णण समाज ईमानदार, पूछा- बटुकों का अपमान करने वालों को सजा क्यों नहीं

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने माघ मेले में बटुकों के अपमान और यादव जी की लव स्टोरी फिल्म के मामले में प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने डिप्टी सीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपमान करने वालों को सजा क्यों नहीं मिल रही है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि उस फिल्म का नाम भी नहीं लिया जा सकता, जिसमें एक ईमानदार समाज को गलत तरीके से दर्शाया गया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव शुक्रवार को लखनऊ से फतेहपुर के फतेहपुर घोष जाते समय शहर के मामा चौराहा पर रुके। इस दौरान उनका सपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम ने अपमान करने वालों को पाप मिलने की बात कही थी, लेकिन उन्हें सजा क्यों नहीं दिलवाई जा रही है।उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, अगर मुख्यमंत्री जापान चले जाएंगे, तो क्या हमारे डिप्टी सीएम वहां धरना देंगे। यादव जी की लव स्टोरी फिल्म पर अखिलेश यादव ने इसे भाजपा की लव स्टोरी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले ब्राह्मण समाज को अपमानित करने के लिए एक फिल्म बनाई गई थी।ऊंचाहार पहुंचने पर अखिलेश यादव ने कहा कि ऊंचाहार वालों जल्द ही आपको लखनऊ बुलाऊंगा। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने ऊंचाहार विधानसभा चुनाव को लेकर साथ में बैठक करने की मांग की। उनका काफिला जब ऊंचाहार के खोजनपुर गांव के पास लखनऊ प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग के ऊंचाहार बाइपास पर पहुंचा तो कार्यकर्ता सपा का झंडा लहराते सड़क पर खड़े हो गए। इस पर अखिलेश यादव कार से उतरे और कार्यकर्ताओं से हाथ मिलाया। इस मौके पर सपा के ब्लॉक अध्यक्ष बिंदेश्वरी पासी, मान सिंह पटेल, रेहान, नरेंद्र यादव, घनश्याम मौर्य, हरीश यादव, शुभम पाल, विकास, मंतोष पासी मौजूद रहे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 20, 2026 · 2 min · National Desk

Pax Silica Explainer: तेल-हथियारों का दौर खत्म, अब चिप तय करेगा दुनिया में किसकी चलेगी? जानें भारत की भूमिका

कौन-कौन से देश हैं पैक्स सिलिका का हिस्सा? इस महा-गठबंधन में ऑस्ट्रेलिया, इस्राइल, जापान, नीदरलैंड, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और ब्रिटेन शामिल हैं, जबकि ताइवान एक पर्यवेक्षक की भूमिका में है। हाल ही में यूएई और कतर जैसे देशों के जुड़ने से इस समूह को सस्ती ऊर्जा का भी लाभ मिला है। इस पारिस्थितिकी तंत्र में अमेरिका डिजाइन, सॉफ्टवेयर और बौद्धिक संपदा (आईपी) का नेतृत्व कर रहा है। ताइवान अपनी दिग्गज कंपनी टीएसएमसी (टीएसएमसी) के जरिए उन्नत चिप्स का निर्माण कर रहा है, जबकि जापान और नीदरलैंड लिथोग्राफी जैसे जटिल उपकरणों की आपूर्ति में अपना एकाधिकार रखते हैं। पैक्स सिलिका समूह में भारत के शामिल होने का क्या मतलब? अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के बाद कूटनीतिक संबंधों में आई गर्माहट के चलते भारत ने इस गठबंधन में अपनी जगह पक्की की है। भारत की यह एंट्री दुनिया को एक स्पष्ट संदेश है कि कोई भी ‘चाइना प्लस वन’ रणनीति नई दिल्ली के बिना पूरी नहीं हो सकती। भारत इस गठबंधन की मेज पर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा दुर्लभ पृथ्वी भंडार, 1.45 अरब नागरिकों का डेटा और एक विशाल जनसांख्यिकीय लाभांश लेकर आया है। इसके अलावा, दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत सेमीकंडक्टर डिजाइनर पहले से ही भारत में मौजूद हैं, जो इसे चिप डिजाइन का ग्लोबल पावरहाउस बनाते हैं। पैक्स सिलिका में शामिल होने से ‘सेमीकॉन इंडिया’ को जबर्दस्त रफ्तार मिलेगी, विदेशी निवेश (एफडीआई) आएगा और टाटा ग्रुप जैसी भारतीय कंपनियों को माइक्रोन जैसी ग्लोबल चिप कंपनियों के साथ काम करने का बड़ा मौका मिलेगा। भारत अब चिप्स का केवल उपभोग नहीं करेगा, बल्कि असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी) में भी अपना दबदबा बनाएगा। पैक्स सिलिका में शामिल ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 20, 2026 · 2 min · National Desk

UP: पॉक्सो एक्ट में दंपती को सुनाई फांसी की सजा, 33 बच्चों को बनाया था हवस का शिकार; 10-10 लाख की मदद का आदेश

बांदा की एक विशेष अदालत ने प्रारंभिक यौन शोषण के आरोप में दंपती को फांसी की सजा सुनाई है। इस दंपती पर 33 मासूम बच्चों के साथ घिनौनी हरकतें करने और उनकी अश्लील वीडियो व तस्वीरें विदेशों में बेचकर लाखों रुपये कमाने का गंभीर आरोप था। अदालत ने पीड़ित बच्चों के परिवारों को राज्य और केंद्र सरकार की ओर से 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने का भी आदेश दिया है। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं यह मामला तब प्रकाश में आया जब केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अपनी गहन जांच और पुख्ता सबूतों के आधार पर सिंचाई विभाग के निलंबित अवर अभियंता रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को लगभग पांच साल पहले गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय उनके घर से पेन ड्राइव, लैपटॉप और मोबाइल जैसे कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए थे। इनमें इस जघन्य अपराध से जुड़े अहम सुराग मिले थे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 20, 2026 · 1 min · National Desk

UP Assembly Session 2026 Live: सीएम योगी की बड़ी घोषणा, शिक्षामित्रों को 18000 तो अनुदेशकों को 17000 मानदेय

07:34 AM, 20-Feb-2026 हर जिले में बनेगा इंप्लायमेंट जोन सीएम योगी ने कहा कि हमने हर एक जनपद में सरदार पटेल के नाम पर एक इंप्लायमेंट जोन स्थापित करने की बात बजट में कही है। इस योजना के तहत एक छत के नीचे सारे कार्य होंगे। यहां पर युवाओं का कौशल विकास होगा और उन्हें जॉब देने तक का काम एक जोन में होगा। इसी तरह हमने एक जिला एक व्यंजन योजना के लिए बजट का प्रावधान किया है। अगले पांच साल में 100 नई टाउनशिप बनाएंगे सीएम योगी ने कहा कि हमने तय किया है कि अगले पांच साल में 100 नई टाउनशिप बनाएंगे। इसके लिए हर जिले में एक लैंड बैंक बनाएंगे। ये प्रदेश के 25 करोड़ लोगों की जरूरत को पूरा करने के लिए जरूरी है। 07:26 AM, 20-Feb-2026 सीएम योगी बोले, सपा का स्टार्टअप कल्चर कट्टा-बम बनाना था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्टार्टअप में यूपी परफॉर्मर स्टेट के रूप में सामने आया है। प्रदेश में इस समय 20,000 से ज्यादा स्टार्टअप हैं। सपा को इससे कुछ लेना देना नहीं था क्योंकि सपा का स्टार्टअप कल्चर तो कट्टा और बम बनाना था। आज प्रदेश में जो भी स्टार्टअप हैं उसमें से आधे महिलाओं की ओर से लीड किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्टार्टअप में यूपी परफॉर्मर स्टेट के रूप में सामने आया है। प्रदेश में इस समय 20,000 से ज्यादा स्टार्टअप हैं। सपा को इससे कुछ लेना देना नहीं था क्योंकि सपा का स्टार्टअप कल्चर तो कट्टा और बम बनाना था। आज प्रदेश में जो भी स्टार्टअप हैं उसमें से आधे महिलाओं की ओर से लीड किए जा रहे हैं। 07:15 AM, 20-Feb-2026 यूपी के विश्वविद्यालयों की ओर से 5000 से ज्यादा पेटेंट की फाइलिंग सीएम योगी ने बताया कि विश्वविद्यालयों की ओर से 5000 से ज्यादा पेटेंट की फाइलिंग हुई है …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 20, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal Elections: टीएमसी में बड़े बदलाव की तैयारी, अनुभवी चेहरों की सीटें बदल सकती हैं ममता बनर्जी

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता के कालीघाट स्थित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर बुधवार और गुरुवार को दो दौर की अहम बैठकें हुईं। इन बैठकों में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया। जिनमें इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए संभावित उम्मीदवारों के चयन पर प्रारंभिक चर्चा हुई।बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि मौजूदा मंत्रियों और अनुभवी विधायकों को इस बार नई सीटों से चुनाव लड़ाया जाए। इसके साथ ही, कुछ मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट न देने पर भी बात हुई। ऐसे विधायकों को चुनाव लड़ाने के बजाय संगठन के काम में लगाया जाएगा ताकि पार्टी को मजबूती मिल सके।नेतृत्व का पूरा जोर इस बात पर है कि उम्मीदवारों की सूची में पुराने दिग्गजों और नए चेहरों के बीच एक सही संतुलन बनाया जाए। चर्चा का एक अहम हिस्सा यह भी था कि सेलिब्रिटी जगत, मीडिया और अन्य क्षेत्रों से जुड़े नए लोगों को मौका दिया जाए। सूत्रों का कहना है कि इस बार टीएमसी की उम्मीदवार सूची में बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।इसी बीच, पश्चिम बंगाल से 16 मार्च को होने वाले पांच राज्यसभा सीटों के चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन पर भी चर्चा शुरू हो गई है। पांच राज्यसभा सीटों में से तृणमूल कांग्रेस कम से कम चार सीटें जीतने की तैयारी में है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राज्य विधानसभा में दोनों पार्टियों की संख्या के अनुसार एक सीट से ही संतोष करना पड़ेगा।पार्टी सूत्रों ने बताया कि संसद के ऊपरी सदन की चार सीटों में से, जहां तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित है, तीन सीटें पार्टी के नेताओं की होंगी, जबकि एक गैर-राजनीतिक चेहरा होगा, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी के राजनीतिक हलकों में उसका …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 20, 2026 · 2 min · National Desk

एलजी मनोज सिन्हा बोले: देश से जो गद्दारी करेगा उसको बख्शा नहीं जाएगा, आतंकियों की सात पीढ़ियां भी याद रखेंगी

कश्मीरी पंडितों की सम्मान और सुरक्षा के साथ वापसी पीएम मोदी का वादा : एलजी उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को कश्मीरी पंडितों की सम्मान के साथ घर वापसी को लेकर केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराई। कहा कि कश्मीर पंडितों की पूरी इज्जत और सुरक्षा के साथ वापसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वादा है। एलजी प्रो. अशोक कौल की किताब कश्मीर-नेटिविटी रीगेंड के विमोचन समारोह में बोल रहे थे। जम्मू विश्वविद्यालय के राजेंद्र सिंह सभागार में हुए कार्यक्रम में सिन्हा ने कहा कि अपनी धरती पर अजनबी बन जाना दुनिया के सबसे बड़े दुखों में से एक है। अपनी जड़ों से उजड़ जाने का दर्द आज भी बेघर हुए परिवारों की रगों में कांटों की तरह चुभता है। समय का मरहम भी कश्मीरी पंडितोंं के नरसंहार का गहरा दर्द नहीं भर सका। युवा याद रखें कि आतंकियों ने हजारों कश्मीरी मुसलमानों का खून बहाया: एलजी ने कहा कि युवा पीढ़ी को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने हजारों निर्दोष कश्मीरी मुसलमानों का भी खून बहाया है। कई मामले इतने हृदयविदारक होते हैं कि उन्हें दोहराते समय शब्द लड़खड़ा जाते हैं। पिछले साल से उन परिवारों को न्याय मिलना शुरू हो गया है और अन्य आवश्यक चीजों के साथ-साथ उनकी रोजगार की जरूरतों को पूरा करने के प्रयास चल रहे हैं। अनुच्छेद 370 हटने से जड़ों की ओर लौटने का भरोसा जगा: उपराज्यपाल ने कहा कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह भरोसा पैदा हुआ कि कश्मीरी पंडित समुदाय की युवा पीढ़ी बिना किसी डर के अपनी जड़ों की ओर फिर से लौट सकती है। समारोह में डीन रिसर्च स्टडीज जम्मू यूनिवर्सिटी डाॅ. नीरज शर्मा, मंडलायुक्त रमेश कुमार, आईजीपी जम्मू भीमसेन टूटी सहित कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्य मौजूद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 20, 2026 · 2 min · National Desk