अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (आईईईपीए) के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति के पास लगभग सभी अमेरिकी व्यापारिक साझेदारों से आने वाले सामानों पर व्यापक आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है।अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के इस फैसले से डोनाल्ड ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ को खत्म कर दिया है। इस फैसले से वैश्विक व्यापार, व्यवसायों, उपभोक्ताओं, मुद्रास्फीति के रुझानों और देश भर के घरेलू वित्त पर व्यापक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जॉन जी रॉबर्ट्स जूनियर ने बहुमत का फैसला लिखा और जस्टिस सोनिया सोतोमेयर, जस्टिस नील एम. गोरसच, जस्टिस एलेना कागन, जस्टिस एमी कोनी बैरेट और जस्टिस केतनजी ब्राउन जैक्सन ने उनका समर्थन किया। जस्टिस क्लेरेंस थॉमस ने असहमति का मत दाखिल किया और जस्टिस ब्रेट एम. कावानाघ और जस्टिस सैमुअल ए. एलिटो जूनियर ने उनका समर्थन किया।जजों के बहुमत ने पाया कि संविधान स्पष्ट रूप से सिर्फ कांग्रेस को कर लगाने का अधिकार देता है, जिसमें शुल्क भी शामिल हैं। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने फैसले में कहा, संविधान निर्माताओं ने कर लगाने की शक्ति का कोई भी हिस्सा कार्यपालिका को नहीं सौंपा। और यह तथ्य कि किसी भी राष्ट्रपति को आईईईपीए में ऐसी शक्ति नहीं मिली है, इस बात का पुख्ता सबूत है कि यह मौजूद ही नहीं है।हालांकि असहमति के फैसले में जस्टिस कावानाघ ने कहा, यहां जिन टैरिफ पर सवाल उठ रहे हैं, वे समझदारी भरी नीति हो भी सकते हैं और नहीं भी। लेकिन लिखित रूप से, इतिहास में और पूर्व उदाहरणों के आधार पर, वे स्पष्ट रूप से वैध हैं।जब मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जॉन जी रॉबर्ट्स जूनियर ने पीठ का बहुम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
US Tariff: 'ट्रंप का टैरिफ गैरकानूनी', अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से सुनाया बड़ा फैसला
अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (आईईईपीए) के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति के पास लगभग सभी अमेरिकी व्यापारिक साझेदारों से आने वाले सामानों पर व्यापक आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है।अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के इस फैसले से डोनाल्ड ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ को खत्म कर दिया है। इस फैसले से वैश्विक व्यापार, व्यवसायों, उपभोक्ताओं, मुद्रास्फीति के रुझानों और देश भर के घरेलू वित्त पर व्यापक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।मुख्य न्यायाधीश जस्ट