1 of 12 je rambhavan - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स पेन ड्राइव, लैपटॉप, मोबाइल जैसे पुख्ता साक्ष्य बरामद करने के साथ उसे सलाखों के पीछे पहुंचाया और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुट गई थी। सीबीआई की कोशिशें रंग लाई और करीब 12 साल पहले के वीडियो फुटेज के आधार पर पीड़ितों की पहचान होने लगी। बांदा में सीबीआई ने सजा के लिए एम्स में कराए गए बच्चों के मेडिकल और इलेक्ट्रिनक साक्ष्य में गंदे वीडियो की पेन ड्राइव अदालत को सौंपी। अदालत ने गंदे वीडियो का अवलोकन करने पर उसे दोषी पाया। नाबालिगों के साथ यौन शोषण के इस बहुचर्चित मामले में सीबीआई ने लंबी कोशिशों के बाद मासूमों के यौन शोषण और अश्लील वीडियो व फोटो विदेशों तक बेचकर लाखों कमाने वाले निलंबित जेई रामभवन को दबोचा था। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 12 सीबीआई के दरोगा पुरुषोत्तम कुमार व सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह, दोषी रामभवन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी करीब 34 पीड़ितों की पहचान की गई जो हैवानियत का शिकार बने। उधर, पति रामभवन के ऊपर शिकंजा कसते देख उसकी पत्नी दुर्गावती ने बचाने की कोशिशें शुरू कर दी थीं। इसमें सबसे अहम कड़ी पीड़ित बच्चे और उनके अभिभावक रहे। 3 of 12 फैसले के बाद दोषी दुर्गावती को न्यायलय से ले जातीं महिला पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी रामभवन की पत्नी ने इन रुपयों को ही अपना हथियार बनाया सीबीआई सूत्र बताते हैं कि घिनौने कारनामे से लाखों कमाने वाले रामभवन की पत्नी ने इन रुपयों को ही अपना हथियार बनाया। सीबीआई गवाहों की सूची बना रही थी, उधर दुर्गावती ने ऐसे लोगों को तोड़ने की दिशा में हर तिकड़म अपनाना शुरू कर दिया था। 4 of 12 दोषी रामभवन - फोटो : संवाद न्यूज एजे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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