TOP News: आज साल पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण; अमेरिकी हमलों के बीच ईरान का पलटवार जारी; देश में 90 दिन के लिए अलर्ट

इस्राइल और अमेरिका की ईरान पर संयुक्त कार्रवाई और उसके जवाब में ईरान के हमलों ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के चलते उड़ान सेवाएं ठप हो गईं, लाखों यात्री फंसे रहे। इसी बीच अब यूएई में फंसे भारतीयों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। जहां सोमवार रात से दुबई और अबू धाबी से भारत के लिए उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं, जिससे घर लौटने की राह आसान हुई है, जिसके बाद दिल्ली, मुंबई और बेंगलूरू के लिए उड़ानें कई दिनों की रुकावट के बाद अब उड़ान भर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर… …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 1 min · National Desk

पश्चिम एशिया में तनाव: खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के लिए राहत, दुबई-अबू धाबी और जेद्दा से उड़ानें फिर शुरू

इस्राइल और अमेरिका की ईरान पर संयुक्त कार्रवाई और उसके जवाब में ईरान के हमलों ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के चलते उड़ान सेवाएं ठप हो गईं, लाखों यात्री फंसे रहे। इसी बीच अब यूएई में फंसे भारतीयों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। जहां सोमवार रात से दुबई और अबू धाबी से भारत के लिए उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं, जिससे घर लौटने की राह आसान हुई है, जिसके बाद दिल्ली, मुंबई और बेंगलूरू के लिए उड़ानें कई दिनों की रुकावट के बाद अब उड़ान भर रही हैं। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार एमिरेट्स एयरलाइन की ड्यूटी पर मौजूद एयर होस्टेस ने दुबई से बंगलूरु जाने वाली फ्लाइट EK568 में सवार यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि बंगलूरू के लिए इस फ्लाइट में आपका स्वागत है। हां, यह पहली उड़ान है। यह पल यात्रियों के लिए भावुक और खुशी भरा था। दूसरी ओर सऊदी अरह में भारतीय दूतावास ने जानकारी दी कि इंडिगो एयरलाइन जेद्दा से भारत के लिए विशेष उड़ानें चला रही है। इस कदम से यूएई और सऊदी अरब में फंसे भारतीय यात्रियों को अपने घर लौटने में मदद मिलेगी।दुबई-बंगलूरू की फ्लाइट में सवार संजीव मेहता ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि यूएई अधिकारियों का धन्यवाद कि उन्होंने उड़ानें शुरू कीं। हमने टिकट जल्दी बुक की और एयरपोर्ट पहुंचे। अब मैं अपने घर वापस जा रहा हूं, इसके लिए बहुत उत्साहित हूं। उन्होंने बताया कि टिकट बुक करने का समय बहुत कम था, लेकिन वे जल्दी तैयार होकर निकल सके। बता दें कि इससे पहले दुबई एयरपोर्ट्स ने उड़ानों के आंशिक फिर से शुरू होने की आधिकारिक पुष्टि की थी। सीमित उड़ानों के साथ 2 मार्च की शा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

Iran Crisis: 'ईरान में फंसे भारतीय छात्रों की वापसी के लिए नहीं चाहिए विशेष अनुमति', ईरानी कॉन्सुलेट जनरल

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं अमेरिका और इस्राइल के लगातार हमलों और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के मौजूदा हालात गंभीर बने हुए हैं। ऐसे में वहां फंसे भारतीय छात्रों के लिए संकट की स्थिति बन गई है। छात्रों की वतन वापसी के लिए भारत सरकार प्रयास में लगी हुई है। ईरान-भारत के बीच समन्वय के तहत वहां फंसे छात्रों को बिना किसी विशेष अनुमति के बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 1 min · National Desk

UP: शिया धर्मगुरु से मिले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, बोले- मोदी सरकार की चुप्पी बहुत शर्मनाक है

ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु अयातुल्लाह अली खामेनेई की शहादत पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय पुराने लखनऊ के शिया बहुल इलाके में पहुंचे। खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की और वरिष्ठ शिया धर्मगुरु मौलाना कब्ले जव्वाद से मुलाकात की। कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई ने आत्मसमर्पण करने के बजाए बहादुरी को चुना। हम सब उनकी शहादत को नमन करते हैं। उन्होंने कहा लेकिन उनकी शहादत पर मोदी सरकार की चुप्पी बहुत शर्मनाक है, जो ना सिर्फ इस सरकार के नैतिक पतन की तरफ इशारा करती है बल्कि हमारी सभ्यता जिसने हमेशा पूरी दुनिया में रोशनी फैलाने का काम किया है उस पर भी प्रश्न चिन्ह लगाया है।अजय राय ने कहा कि भारत और ईरान के बहुत पुराने संबध रहे हैं, जिसको वर्तमान भाजपा सरकार ने अपने कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए तोड़ दिया है। इस दौरान मौलाना शफ़ीक़ शफ़क़, शिया नेता शामिल शम्सी, फ़ैज़ी ज़ैदी अब्दुल्ला शेर ख़ान आदि मौजूद रहे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 1 min · National Desk

इस्राइल-अमेरिका के ईरान से संघर्ष का कहां-कितना असर: पश्चिम एशिया में था अलर्ट, फिर क्यों नहीं लौट पाए भारतीय?

इस्राइल-अमेरिका के ईरान से संघर्ष का कहां-कितना असर: पश्चिम एशिया में था अलर्ट, फिर क्यों नहीं लौट पाए भारतीय? और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं पश्चिम एशिया में मौजूदा समय में जैसी स्थितियां पैदा हुई हैं, उनसे क्षेत्र में बसे भारतीय नागरिकों का एक वर्ग भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दरअसल, पश्चिम एशिया के अलग-अलग देशों में लाखों की संख्या में भारतीय रह रहे हैं और अलग-अलग नौकरियों या काम में जुटे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग भारत से इस क्षेत्र में शिक्षा, व्यापार, पर्यटन आदि गतिविधियों के लिए भी पहुंचते रहते हैं। अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान पर हमला बोले जाने के बाद पश्चिम एशिया में हालात लगातार बिगड़े हैं। ईरान ने भी इस्राइल और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार किया है। हालिया समय में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से लेकर कतर और कुवैत तक स्थित अमेरिकी बेसों को निशाना बनाया। ईरान के यह हमले इतने घातक रहे कि यूएई के एक होटल में ड्रोन गिरने से आग लग गई। इसके अलावा क्षेत्र में कई नागरिक जुटाव वाले इलाकों में भी लगातार अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। आइये जानते हैं… पश्चिम एशिया के किस देश में कितने भारतीय बसे? पश्चिम एशिया के अधिकतर देशों में भारतीय या तो पढ़ाई, रोजगार, व्यापार या फिर पर्यटन के मकसद से ही जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, इस पूरे क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 3, 2026 · 2 min · National Desk

S400 Deal: ड्रैगन के सिस्टम फेल, भारत का सुदर्शन पास, वायु सेना खरीदेगी पांच नए एस-400 स्क्वाड्रन

वैश्विक स्तर पर चीनी वायु रक्षा प्रणालियों के बुरी तरह विफल साबित होने के बीच, भारत अपनी हवाई सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने जा रहा है। भारतीय वायु सेना जल्द ही रूस से ‘एस-400 सुदर्शन’ वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली के पांच नए स्क्वाड्रन खरीदेगी। आइए इस बड़े रक्षा सौदे, इसके पीछे के रणनीतिक कारणों और ‘प्रोजेक्ट कुशा’ को आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं। भारत ने यह बड़ा फैसला पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ मिली शानदार सफलता के बाद लिया है। चार दिनों तक चले इस संघर्ष में भारतीय वायु सेना की एस-400 प्रणाली ने पाकिस्तान के अंदर 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर पांच से छह पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और एक जासूसी विमान को मार गिराया था। एक उच्च-मूल्य वाले जासूसी विमान को मार गिराकर भारत ने अब तक की सबसे लंबी हवाई मारक क्षमता का रिकॉर्ड भी स्थापित किया है। इसके अलावा, इस प्रणाली ने पाकिस्तान की ओर से दागी गई क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों को भी सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया था।हां, चीनी मूल की रक्षा प्रणालियां हालिया वैश्विक संघर्षों में पूरी तरह बेबस नजर आई हैं। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने चीनी ‘एचक्यू9’ वायु रक्षा प्रणालियां तैनात की थीं, जो आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने वाले भारतीय विमानों और मिसाइलों को रोकने में विफल रहीं। इसके अलावा, पिछले महीने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के दौरान और ईरान के खिलाफ अमेरिकी व इस्राइली वायु सेना के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में भी चीनी ‘एचक्यू9’ प्रणालियां बेकार साबित हुई हैं।भारत और रूस ने साल 2018 में एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली के पांच स्क्वाड्रन खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इनमें से तीन स्क्वा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 2, 2026 · 2 min · National Desk

इस्राइल-अमेरिका के ईरान से संघर्ष का कहां-कितना असर: पश्चिम एशिया में था अलर्ट, फिर क्यों नहीं लौट पाए भारतीय?

इस्राइल-अमेरिका के ईरान से संघर्ष का कहां-कितना असर: पश्चिम एशिया में था अलर्ट, फिर क्यों नहीं लौट पाए भारतीय? और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं पश्चिम एशिया में मौजूदा समय में जैसी स्थितियां पैदा हुई हैं, उनसे क्षेत्र में बसे भारतीय नागरिकों का एक वर्ग भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दरअसल, पश्चिम एशिया के अलग-अलग देशों में लाखों की संख्या में भारतीय रह रहे हैं और अलग-अलग नौकरियों या काम में जुटे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग भारत से इस क्षेत्र में शिक्षा, व्यापार, पर्यटन आदि गतिविधियों के लिए भी पहुंचते रहते हैं। अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान पर हमला बोले जाने के बाद पश्चिम एशिया में हालात लगातार बिगड़े हैं। ईरान ने भी इस्राइल और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार किया है। हालिया समय में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से लेकर कतर और कुवैत तक स्थित अमेरिकी बेसों को निशाना बनाया। ईरान के यह हमले इतने घातक रहे कि यूएई के एक होटल में ड्रोन गिरने से आग लग गई। इसके अलावा क्षेत्र में कई नागरिक जुटाव वाले इलाकों में भी लगातार अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। आइये जानते हैं… पश्चिम एशिया के किस देश में कितने भारतीय बसे? पश्चिम एशिया के अधिकतर देशों में भारतीय या तो पढ़ाई, रोजगार, व्यापार या फिर पर्यटन के मकसद से ही जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, इस पूरे क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 2, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया में टकराव: फ्रांस का बड़ा फैसला- 28 साल के बाद परमाणु जखीरा बढ़ाने का एलान, मैक्रों ने कही ये बात

मैक्रों ने उत्तर-पश्चिम फ्रांस के एल-इल लॉन्ग सैन्य अड्डे पर यह घोषणा की, जहां फ्रांस की बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां तैनात हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फ्रांस के पास 300 से कम परमाणु वारहेड हैं और अब उनकी संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कुल संख्या कितनी बढ़ाई जाएगी। राष्ट्रपति ने कहा कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फ्रांस की परमाणु शक्ति भविष्य में भी मजबूत और प्रभावी बनी रहे।मैक्रों का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूरोप में सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। यूरोपीय देशों में यह चिंता बढ़ रही है कि भविष्य में अमेरिका की सुरक्षा गारंटी कितनी मजबूत रहेगी। मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के साथ समय-समय पर पैदा हुए तनावों ने यूरोप को अपनी रक्षा नीति पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर किया है। इसी पृष्ठभूमि में फ्रांस ने अपनी परमाणु क्षमता मजबूत करने का संकेत दिया है।फ्रांस यूरोपीय संघ का इकलौता देश है जिसके पास परमाणु हथियार हैं। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस की परमाणु क्षमता पूरे यूरोप की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर फ्रांस को अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना पड़ा तो कोई भी देश इससे पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह पाएगा। उनका कहना था कि परमाणु प्रतिरोध ही बड़े युद्ध को रोकने का सबसे मजबूत साधन है।फ्रांस पहले ही यूरोपीय साझेदार देशों के साथ परमाणु सुरक्षा सहयोग पर चर्चा शुरू कर चुका है। जर्मनी सहित कुछ देशों ने फ्रांस के साथ परमाणु अभ्यास और सुरक्षा रणनीति पर बातचीत में रुचि दिखाई है। चर्चा यह भी हुई है कि भविष्य में यूरोपीय देशों की सैन्य भागीदारी बढ़ाई जा सकती है, हालांकि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 2, 2026 · 2 min · National Desk

Indian Students: 'हमें सुरक्षित निकालकर भारत वापस लाएं', ईरान संकट के बीच भारतीय छात्रों की सरकार से गुहार

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब ईरान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईरान के इस्फहान शहर में फंसे भारतीय छात्रों ने भारत सरकार से सुरक्षित निकासी की अपील की है। छात्रों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार तनाव और असुरक्षा के माहौल के कारण डर का माहौल बना हुआ है। उन्होंने मांग की है कि हालात सामान्य होने तक उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए या भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाए। इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में पढ़ रही भारतीय छात्रा फातिमा ने वीडियो संदेश जारी कर बताया कि इलाके में करीब 25 से 30 भारतीय छात्र मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि छात्र लगातार चिंता और अनिश्चितता के बीच रह रहे हैं। छात्रों ने सरकार से अनुरोध किया है कि उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। फातिमा ने बताया कि छात्र पहले लौटना चाहते थे, लेकिन पढ़ाई, परीक्षाओं और अस्पताल की ट्रेनिंग के कारण वहां रुकना पड़ा।छात्रा के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए अगला सेमेस्टर ऑनलाइन करने की जानकारी दी है, जिससे उन्हें घर लौटने का विकल्प मिल सकता है। हालांकि अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए अस्पताल में रोजाना ड्यूटी करना अनिवार्य बताया गया है। इसी वजह से कई छात्र अभी भी ईरान में फंसे हुए हैं और तुरंत वापस नहीं आ पा रहे हैं।छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें छात्रावास से बाहर न निकलने की सलाह दी है और दूसरे छात्रावास में शिफ्ट होने का दबाव भी बनाया जा रहा है। कई छात्र परिसर के बाहर किराए के मकानों में रह रहे हैं और सीमित संसाधनों के सहारे गुजर-बसर कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि कई दुकानों के बंद होने और ऑनलाइन सेवाए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 2, 2026 · 2 min · National Desk

UP: अमेरिका ने पहले ही खंगाल ली थी अयातुल्लाह खामेनेई की वंशावली, बीते साल किंतूर गांव आई थी अमेरिकी रिसर्चर

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में मौत के बाद यहां लोगों में अब अमेरिकी रिसर्चर कैथरीन (महिला) की यात्रा को लेकर तरह-तरह की चर्चा है। लोगों का कहना है कि अमेरिका ने पहले ही खामेनेई की वंशावली खंगाल ली थी। अयातुल्ला अली खामेनेई के दादा अयातुल्ला अल-उज्मा सैयद रुहोल्ला मूसवी खोमेनी ईरान के पहले सर्वोच्च नेता थे। खोमेनी के बाद खामेनेई ईरान के दूसरे सर्वोच्च नेता बने। खामेनेई की मौत के बाद अब यह कहा जा रहा है कि अमेरिकी रिसर्चर शायद वह समझना चाहती थीं कि खामेनेई को नुकसान पहुंचने पर भारत में क्या असर होगा? यहां की आवाम ईरान के हुक्मरान के प्रति कितनी संजीदा है?15 अप्रैल 2025 को अमेरिकी रिसर्चर कैथरीन यहां जिले की सिरौलीगौसपुर तहसील के किंतूर गांव आईं थीं। कैथरीन के साथ केरल की एक यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर व फ्रीलांसर गायत्री त्यागी भी थी। उन्होंने इमाम खुमैनी के खानदान से जुड़े आदिल काजमी से मुलाकात कर और इमाम खुमैनी और हिंदुस्तान के रिश्तों की गहराई को समझने के लिए शोध कार्य करने की बात कही थी। इमाम खुमैनी और भारत के आध्यात्मिक संबंधों का अध्ययन किया था। लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह शोध वास्तव में इतना सरल था, या इसके पीछे कोई गहरा उद्देश्य था?इस घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के पीछे कोई गहरा कारण था। आदिल काजमी का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि अमेरिकी रिसर्चर की मंशा यहां आने की क्या रही होगी पर जो हुआ है वह निंदनीय औ दुखद है।वहीं किंतूर गांव की विरासत अब वैश्विक जिज्ञासा का केंद्र बन चुकी है। वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में इस गांव का सैय्यदबाड़ा अ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 2, 2026 · 2 min · National Desk