पश्चिम एशिया में युद्ध का भारत पर क्या असर: तेल-गैस के लिए क्या कदम उठाए गए, संघर्ष में अब तक क्या रही भूमिका?

पश्चिम एशिया में युद्ध का भारत पर क्या असर: तेल-गैस के लिए क्या कदम उठाए गए, संघर्ष में अब तक क्या रही भूमिका? और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं ऐसे में यह जानना अहम है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से भारत के कौन-कौन से क्षेत्र प्रभावित हुए हैं? भारत ने इन प्रभावों को देखते हुए अब तक समस्याओं से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं? अमेरिका-इस्राइल के ईरान से युद्ध में अब तक उसकी क्या भूमिका रही है? आइये जानते हैं… इस्राइल-अमेरिका की तरफ से ईरान पर हमला बोले जाने के बाद से ही पश्चिम एशिया में स्थितियां नाजुक बनी हुई हैं। इस पूरे घटनाक्रम में 4 मार्च (बुधवार) को एक बड़ा मोड़ तब आया, जब अमेरिकी सबमरीन ने हिंद महासागर में ईरान के एक युद्धपोत पर टॉरपीडो से हमला कर दिया और उसे डुबा दिया। इस घटना के चलते संघर्ष का दायरा दक्षिण एशिया तक पहुंच गया, जो कि आमतौर पर पश्चिम एशिया में हुए पिछले सभी संघर्षों से अछूता रहा था। इस घटना ने भारत को भी प्रभावित किया है और भारतीय नौसेना को मामले में बयान जारी करना पड़ा। पश्चिम एशिया में युद्ध से भारत पर असर क्यों? इस्राइल और अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद तेहरान की तरफ से भी पलटवार किया गया। ईरान ने इस्राइल के साथ-साथ पश्चिम एशिया में उन सभी देशों को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इनमें संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 8, 2026 · 2 min · National Desk

Nishant Kumar: जदयू में शामिल हुए निशांत कुमार, सदस्यता ग्रहण के बाद बिहार की जनता को क्या मैसेज दिया?

कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने क्या कहा? पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत कुमार ने जदयू के वरिष्ठ नेताओं के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया। इसके बाद कार्यकर्तओं का धन्यवाद किया। वहीं कार्यकारी अध्यक्ष निशांत कुमार ने कहा कि जनता दल यूनाइटेड परिवार में आज एक नया अध्याय जुड़ा है।निशांत कुमार का पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होना केवल एक सदस्यता नहीं, बल्कि एक समृद्ध राजनीतिक और सामाजिक विरासत के नए वाहक का आगमन है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्षों से सुशासन, विकास, सामाजिक न्याय और जनसेवा की जो मजबूत परंपरा स्थापित की है, वह आज पूरे देश के लिए एक उदाहरण है। उसी विरासत और मूल्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब नई पीढ़ी के कंधों पर भी है। मुझे विश्वास है कि निशांत जी हमारे नेता नीतीश जी के आदर्शों, जनसेवा की भावना और बिहार के विकास के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जनता के विश्वास को और मजबूत करेंगे तथा समाज और राज्य की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्हें इस नई राजनीतिक यात्रा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। जानिए जदयू कार्यकताओं ने क्या कहां? इधर, जदयू दफ्तर में सुबह से राज्य के सभी जिलों से वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। कई कार्यकर्ता घोड़ा और हाथी लेकर पहुंचे। सीएम नीतीश कुमार और निशांत के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। जदयू कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज हमलोगों के बहुत बड़ा दिन है। निशांत पार्टी में शामिल हुए इससे हमलोगों में काफी खुशी है। वह भी इंजीनियर हैं। नीतीश कुमार की तरह ही वह भी बिहार के विकास का काम करेंगे। इधर, जदयू कार्यकर्ताओं की भीड़ को देखते हुए जदयू कार्यालय में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। समर्थकों में उत्साह है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 8, 2026 · 2 min · National Desk

Nishant Kumar: जदयू में शामिल हुए निशांत कुमार, संजय झा ने दिलाई सदस्यता; समर्थन में नारे लगा रहे कार्यकर्ता

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जनता दल यूनाईटेड में शामिल हो चुके हैं। वीर चंद्र पटेल रोड स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय में हजारों कार्यकर्ताओं के बीच कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने निशांत को पार्टी की सदस्यता दिलाई। जदयू में शामिल होने के बाद निशांत ने कहा कि मैं जदयू के कार्यकर्ता, नेता और बिहार की जनता को नमन करता हूं। मैं आज से पार्टी का सदस्य बन चुका हूं। एक कार्यकर्ता के रूप में मैं सेवा करता रहूंगा। मेरे पिता ने राज्यसभा जाने की घोषणा की है। यह उनका निजी फैसला है। मैं इस फैसले का आदर करता हूं और इसे स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा कि बिहार और देश की जनता से अपील करता हूं कि पिताजी पर विश्वास बनाए रखें। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं निशांत कुमार ने कहा कि मेरे पिता ने बिहार की जनता के लिए जो काम किया है, उसे मैं आगे बढ़ाने का काम करूंगा। आप सब ने जो विश्वास किया, उस पर खड़ा उतरने की कोशिश करूंगा। जनता के हृदय में खड़ा उतरने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता ने जनता के लिए जो किया, वह सबको याद रहेगा। जनता को मेरे पिता पर गर्व है। वह अपना जीवन बिहार के लिए समर्पित कर दिया। आज से मैं राजनीतिक जीवन की शुरुआत कर रहा हूं। अभी मुझे बहुत कुछ सीखना है। इसके लिए मुझे जनता का आशीर्वाद चाहिए। मैं आप सभी को नमन करता हूं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 8, 2026 · 2 min · National Desk

'एक इंच जमीन भी नहीं लेने देंगे': अमेरिका को ईरान की दो टूक; पड़ोसी देशों पर हमले रोकने वाले बयान पर दी सफाई

पेजेशकियन ने कहा कि ईरान कई बार यह कह चुका है कि पड़ोसी देशों के साथ भाईचारे और अच्छे रिश्ते होने चाहिए। हालांकि अगर ईरान पर हमला होता है तो जवाब देना उसकी मजबूरी बन जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि जवाबी कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि ईरान का किसी पड़ोसी देश से विवाद है या वह वहां के लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहता है।अपने बयान में उन्होंने कहा कि बार-बार कहा गया है कि हम भाई हैं और हमें पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध रखने चाहिए। हालांकि, हमें हमलों का जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारा किसी (पड़ोसी) देश के साथ कोई विवाद है या हम उनके लोगों को नाराज करना चाहते हैं।इस बीच अमेरिकी की लगातार धमकियों के बीच पेजेशकियन ने करारा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान देश की एक इंच जमीन भी किसी को नहीं लेने देगा। यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिका और इस्राइल लगातार अलग-अलग दावे कर रहे हैं।इससे पहले पेजेशकियन ने अमेरिका की उस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद रखना सिर्फ एक सपना है, जो कभी पूरा नहीं होगा। राज्य टीवी पर प्रसारित अपने रिकॉर्डेड संदेश में उन्होंने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईरान किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।मसूद पेजेशकियन का ये बयान ऐसे समय में आए हैं, जब कुछ रिपोर्टों में यह समझा जा रहा था कि ईरान ने खाड़ी देशों पर हमलों को रोकने का फैसला किया है, हालांकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत बताई जा रही थी। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि ईरान पर जब हमले होते हैं, तो वह जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 8, 2026 · 2 min · National Desk

'हम प्रतिद्वंदी नहीं साझेदार': भारत से संबंधों पर बदले चीन के सुर, वांग यी बोले- टकराव से एशिया का नुकसान

चीनी संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के सत्र के दौरान आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वांग यी ने कहा कि दोनों देशों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा तय किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार संबंधों को आगे बढ़ाना चाहिए। चीनी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि दोनों देशों को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन में एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए। इस वर्ष भारत BRICS की मेजबानी करेगा, जबकि 2027 में चीन इस सम्मेलन की मेजबानी करेगा।वांग यी ने बताया कि पिछले साल तियानजिन में मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात सकारात्मक रही थी। उन्होंने कहा कि 2024 में रूस के कजान में हुई बैठक से दोनों देशों के रिश्तों में नई शुरुआत हुई, जिसके बाद तियानजिन में हुई बातचीत ने संबंधों को और बेहतर बनाने में मदद की। उन्होंने कहा कि हाल के समय में दोनों देशों के बीच राजनयिक संवाद, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क में तेजी आई है। द्विपक्षीय व्यापार ने नया रिकॉर्ड बनाया है और इससे दोनों देशों के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।भविष्य की दिशा पर बोलते हुए वांग यी ने कहा कि भारत और चीन को पड़ोसी देशों के रूप में मित्रता बनाए रखनी चाहिए और सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही दोनों देशों को विकास और सहयोग पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत और चीन ग्लोबल साउथ के महत्वपूर्ण देश हैं और दोनों के बीच गहरे ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंध हैं। वांग के अनुसार, आपसी विश्वास और सहयोग से दोनों देशों के विकास को गति मिल सकती है, जबकि टकराव और विभाजन एशिया के विकास के लिए नुकसानदायक होगा।गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख में सैन्य तनाव के कारण भारत-चीन संबंध लगभग पां …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 8, 2026 · 2 min · National Desk

President WB Visit Row: राष्ट्रपति के दौरे में प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर केंद्र सख्त, बंगाल सरकार से मांगा जवाब

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान प्रोटोकॉल नियमों के उल्लंघन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगा है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल, कार्यक्रम स्थल और मार्ग व्यवस्था से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन पर पश्चिम बंगाल सरकार से रविवार शाम 5 बजे तक जवाब तलब किया गया है। केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर “ब्लू बुक” में बताए गए नियमों के उल्लंघन पर जवाब मांगा है। “ब्लू बुक” राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल से संबंधित नियमों का एक गोपनीय दस्तावेज है।राष्ट्रपति मुर्मू ने शनिवार को बागडोगरा हवाई अड्डे के पास एक आदिवासी समुदाय के कार्यक्रम में लोगों की कम संख्या पर चिंता जताई थी। उन्होंने कार्यक्रम स्थल को बिधाननगर से बदलने के फैसले पर भी सवाल उठाए थे। राष्ट्रपति ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्री उनकी यात्रा के दौरान उपस्थित नहीं थे।सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने इस बात पर भी गौर किया है कि राज्य में राष्ट्रपति के आगमन पर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत के लिए उपस्थित न होना “ब्लू बुक” के नियमों का एक गंभीर उल्लंघन है। राष्ट्रपति के स्वागत के लिए केवल सिलीगुड़ी के महापौर का उपस्थित होना भी प्रोटोकॉल के विरुद्ध माना गया है।इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति के लिए बनाए गए वॉशरूम में पानी की व्यवस्था न होने और उनके गुजरने वाले रास्ते पर कचरा होने जैसे मामलों पर भी राज्य सरकार से स्पष् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 8, 2026 · 2 min · National Desk

China On Iran War: 'दुनिया जंगल के कानून पर वापस नहीं जा सकती', चीन ने US-इस्राइल के ईरान युद्ध की निंदा की

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पश्चिम एशिया में तुरंत शांति स्थापना की मांग करते हुए अमेरिकी कार्रवाइयों की आलोचना की और संकेत दिया कि क्षेत्रीय अशांति अमेरिका के साथ स्थिर संबंधों को प्रभावित नहीं करेगी। राष्ट्रीय जनसमूह कांग्रेस के सत्र के दौरान वार्षिक उच्चस्तरीय ब्रीफिंग में वांग ने कहा शक्ति का मतलब हमेशा सही नहीं होता और ईरान पर अमेरिकी हमलों की निंदा की। उन्होंने जोड़ा “यह युद्ध कभी नहीं होना चाहिए था और किसी के भी हित में नहीं है। रंगीन क्रांतियों या शासन परिवर्तन की साजिश को जनता का समर्थन नहीं मिलेगा।” बीजिंग में पत्रकारों से बात करते हुए वांग यी ने कहा दुनिया को जंगल के कानून पर लौटने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। सैन्य कार्रवाई तुरंत समाप्त होनी चाहिए। इन टिप्पणियों का वक्तव्य उस समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में शिखर बैठक की योजना है। पिछले साल एक वर्षीय व्यापार समझौते के बाद द्विपक्षीय संबंध स्थिर रहे हैं, लेकिन ट्रंप के टैरिफ नीतियों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनौती और मध्य पूर्व में युद्ध ने अनिश्चितता पैदा की है। फिर भी वांग ने आगामी शिखर बैठक के प्रति आशावाद व्यक्त किया।उन्होंने दोनों पक्षों से जोखिम प्रबंधन करने और अनावश्यक व्यवधानों को दूर करने का आह्वान किया। वांग के अनुसार, पारस्परिक ईमानदारी से, दोनों देशों को 2026 को चीन-अमेरिका संबंधों के लिए स्थिर और सतत विकास का मील का पत्थर बनाने में सफलता मिलेगी। शिखर बैठक की तैयारी में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर और चीन के उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग अगले सप्ताह पेरिस में मिलने की संभावना …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 8, 2026 · 2 min · National Desk

Tamil Nadu: विजय थलापति को एनडीए में क्यों शामिल करना चाहती है भाजपा? पार्टी ने खुद बताई वजह

तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता ए.एन.एस. प्रसाद ने एक बयान में कहा कि राज्य की राजनीतिक स्थिति तेजी से विकसित हो रही है और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार जनता के बढ़ते असंतोष का सामना कर रही है। प्रसाद के अनुसार, डीएमके नेतृत्व आगामी चुनावों में अपनी चुनावी संभावनाओं को मजबूत करने के प्रयास में कई छोटे दलों और संगठनों को अपने गठबंधन में शामिल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम सत्तारूढ़ दल की चुनावी प्रदर्शन और संभावनाओं के बारे में उसकी चिंताओं को दर्शाता है।भाजपा नेता ने डीएमके नेतृत्व वाले गठबंधन के भीतर हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया, खासतौर से डीएमडीके को राज्यसभा सीट आवंटित करने के फैसला का जिक्र रहा। उन्होंने कहा कि इस कदम से कथित तौर पर वीसीके और वामपंथी दलों समेत कुछ पुराने गठबंधन सहयोगियों में असंतोष पैदा हुआ है।प्रसाद ने आगे दावा किया कि तमिलनाडु में कानून व्यवस्था, महंगाई और भ्रष्टाचार के आरोपों जैसे मुद्दों पर जनता का असंतोष बढ़ रहा है। उनका तर्क है कि ये कारक आगामी विधानसभा चुनावों में मतदाता की भावना को प्रभावित कर सकते हैं।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि डीएमके का विरोध करने वाली सभी राजनीतिक शक्तियों को सत्ता विरोधी वोट को विभाजित करने से बचने के लिए मिलकर काम करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से अभिनेता-राजनेता विजय से अपील की, जिनकी पार्टी तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) चुनावी राजनीति में प्रवेश की तैयारी कर रही है, कि वे एआईएडीएमके-भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ गठबंधन करें।प्रसाद के अनुसार, अगर विजय का घोषित उद्देश्य डीएमके को सत्ता में लौटने से रोकना है, तो एक व्यापक विपक्षी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 8, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Crisis LIVE: कुवैत एयरपोर्ट पर तेल टैंकों पर हमले के बाद लगी आग; रियाद के पास तीन और ड्रोन को रोका

10:29 AM, 08-Mar-2026 अमेरिकी और इस्राइली हमलों के बाद ईरान की चेतावनी ईरान में तेल भंडारों और एक विलवणीकरण संयंत्र को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी औरइस्राइली हमलों के बाद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी जारी की। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने क़ेशम द्वीप पर स्थित मीठे पानी के विलवणीकरण संयंत्र पर हमला करके एक घोर और घृणित अपराध किया है। इससे 30 गांवों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। अब्बास अराघची ने एक्स पोस्ट में कहा कि ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला करना एक खतरनाक कदम है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यह मिसाल अमेरिका ने कायम की है, ईरान ने नहीं। ईरान में तेल भंडारों और एक विलवणीकरण संयंत्र को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी औरइस्राइली हमलों के बाद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी जारी की।ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने क़ेशम द्वीप पर स्थित मीठे पानी के विलवणीकरण संयंत्र पर हमला करके एक घोर और घृणित अपराध किया है। इससे 30 गांवों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। अब्बास अराघची ने एक्स पोस्ट में कहा कि ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला करना एक खतरनाक कदम है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यह मिसाल अमेरिका ने कायम की है, ईरान ने नहीं। 10:26 AM, 08-Mar-2026 ईरान में मरने वालों की संख्या 1,300 से अधिक अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार पिछले सप्ताह संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,300 हो गई है। लगभग 100,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं,जो युद्ध के कारण अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने सहायता के लिए तत्काल आने वाली अपीलों में वृद्धि की रिपोर्ट दी है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 8, 2026 · 2 min · National Desk

Russian Oil: भारत को रूसी तेल खरीदने की मोहलत देने पर क्या बोले ट्रंप? अमेरिकी वित्त मंत्री ने किया था ये दावा

ट्रंप ने आगे कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका वैश्विक तेल बाजार पर दबाव कम करने के लिए और भी कदम उठा सकता है। उन्होंने कहा, ‘दुनिया में तेल की कोई कमी नहीं है। अमेरिका के पास भी काफी मात्रा में तेल है और यह स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी। इससे पहले अमेरिकी वित्त मंत्री सचिव स्कॉट बेसेंट ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि यह निर्णय वैश्विक तेल आपूर्ति में आ रही अस्थायी कमी को दूर करने के उद्देश्य से लिया गया है।खाड़ी क्षेत्र में संकट के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले शिपिंग मार्गों में गंभीर बाधाएं आ रही हैं। यह क्षेत्र तेल परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत अपनी लगभग 40 प्रतिशत तेल आयात मध्य पूर्व से करता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है। इस स्थिति को देखते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिवसीय छूट प्रदान की है।अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने बताया कि भारत को रूसी तेल खरीदने की 30-दिवसीय छूट देना, मध्य पूर्व में तनाव के कारण वैश्विक तेल की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए उठाए गए ‘अल्पकालिक उपायों’ का हिस्सा है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है।भारतीय अधिकारियों के अनुसार देश अपनी ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहा है और वह इस मामले में काफी सहज स्थिति में है। भारत के पास वर्तमान में एलपीजी, एलएनजी और कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी आश्वासन दिया है कि ऊर्जा उपभोक्ताओं को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत को विभिन्न स्रोतों से पहले से कहीं अधिक ऊर्जा आपूर्ति मिल रही है, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 8, 2026 · 2 min · National Desk