पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 35वें दिन में प्रवेश कर रहा है और पूरे क्षेत्र में तनाव अब भी चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच अब एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने एक बार फिर ईरान को कड़ी और सीधी चेतावनी देते हुए साफ शब्दों में कहा कि ईरान बहुत देर होने से पहले अमेरिका के साथ समझौता कर ले, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं। ट्रंप ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें ईरान के करज इलाके में बीआई ब्रिज पर हुए कथित अमेरिका-इस्राइल हमले को दिखाया गया बताया जा रहा है। इस वीडियो के जरिए उन्होंने ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश की और संकेत दिया कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो ऐसे हमले आगे भी जारी रह सकते हैं।दूसरी ओर ट्रंप के इस चेतावनी और हमलों पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पतालों, दवा बनाने वाली कंपनियों और मेडिकल रिसर्च सेंटर जैसेईरान का पाश्चर संस्थान पर हमला करने का क्या मतलब है। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), रेड क्रॉस और डॉक्टरों की अंतरराष्ट्रीय संस्था डॉक्टर विदाउट बॉर्डर से इस पर प्रतिक्रिया देने की अपील की।इसके अलावा, ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी लड़ाकू विमानों को ड्रोन हमले से निशाना बनाया। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भविष्य में खाड़ी देशों के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें