चीन का यह औपचारिक विरोध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के जवाब में आया है। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त लहजे का इस्तेमाल किया था। चाइना डेली के अनुसार, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने इस स्थिति पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि सैन्य तरीके बुनियादी तौर पर किसी भी मुद्दे को हल नहीं कर सकते। माओ निंग ने जोर देकर कहा कि संघर्ष को और बढ़ाना किसी भी पक्ष के हित में नहीं है।अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर ईरान पर बहुत जोरदार हमला करने जा रहा है। इस बयान ने पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ा दिया है। ट्रंप का कहना है कि वाशिंगटन का यह सैन्य अभियान ईरान के खतरे को खत्म करने के करीब है।अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि वे ईरान को वापस वापस भेज देंगे, क्योंकि वह वहीं रहने के लायक है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इस सैन्य तनाव के बीच कूटनीतिक बातचीत भी चल रही है। ट्रंप ने साफ किया कि उनका लक्ष्य ईरान में सत्ता परिवर्तन करना नहीं था। हालांकि उन्होंने दावा किया कि ईरान के पुराने नेताओं की मौत के कारण वहां का नेतृत्व ढांचा बदल गया है और एक तरह से सत्ता परिवर्तन हो चुका है।अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका के विशिष्ट लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक सैन्य अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि अमेरिका बहुत जल्द अपने सभी उद्देश्यों को पूरा करने की राह पर है। चीन ने इन धमकियों पर चिंता जताते हुए शांति और बातचीत का रास्ता अपनाने की सलाह दी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
West Asia Crisis: UN में ड्रैगन का कड़ा विरोध, अमेरिका से कहा- हमले की धमकी के बदले शांति-कूटनीति की राह चुनें
चीन का यह औपचारिक विरोध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के जवाब में आया है। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त लहजे का इस्तेमाल किया था। चाइना डेली के अनुसार, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने इस स्थिति पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि सैन्य तरीके बुनियादी तौर पर किसी भी मुद्दे को हल नहीं कर सकते। माओ निंग ने जोर देकर कहा कि संघर्ष को और बढ़ाना किसी भी पक्ष के हित में नहीं है।अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर ईरान पर बहुत