राज्यों में बारिश-आंधी के अलर्ट: तमिलनाडु-हिमाचल तक असर, 22 सितंबर तक मौसम के मिजाज पर आईएमडी का अनुमान क्या?

देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। वहीं, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में भी अलग-अलग मौसम प्रणालियों के प्रभाव से 22 सितंबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट भी जारी किया गया है। इस बीच, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती दिख रही हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 17, 2026 · 1 min · National Desk

यूपीआई शुल्क: 0.4% एमडीआर पर लगेगा 18 फीसदी जीएसटी भी; केंद्र ने कहा- वापस नहीं लेंगे फैसला

वहीं, बुधवार को टैक्स विशेषज्ञों ने यह खुलासा भी किया कि व्यापारियों को 0.4 फीसदी एमडीआर पर 18 फीसदी जीएसटी भी देना होगा। हालांकि, इसके बदले वे इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर पाएंगे जिससे उनका कुल टैक्स बोझ कम हो जाएगा। एनपीसीआई ने मंगलवार को यूपीआई भुगतान पर एमडीआर शुल्क की घोषणा की थी जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये है। यह 15 अक्तूबर से लागू होगा।सरकारी सूत्रों ने कहा, एमडीआर को वापस नहीं लिया जाएगा। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी से जब पूछा गया कि क्या सरकार एमडीआर को वापस लेने पर विचार कर रही है, तो उन्होंने कहा, फैसला लिया जा चुका है और इसे पलटने का सवाल नहीं है। अधिकारी ने कहा, संसद की वित्त मामलों की स्थायी समिति ने 32वीं रिपोर्ट में चेतावनी दी कि शून्य एमडीआर व्यवस्था सरकारी खजाने पर दबाव डालती है और इन्फ्रा में निवेश की क्षमता को सीमित करती है। इसलिए एक टिकाऊ राजस्व व्यवस्था बनाना जरूरी है।रेलवे, टेलीकॉम सर्विस, इंश्योरेंस व फ्यूल जैसी खास श्रेणियों के कारोबारियों के लिए 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर भी सिर्फ 5 रुपये का रियायती एमडीआर रेट लागू होगा। स्कूल फीस भुगतान भी 2000 से ज्यादा होने पर सिर्फ 5 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन एमडीआर लागू होगा।यूपीआई से 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर एमडीआर लगाने के केंद्र के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका अधिवक्ता अंजन दत्ता ने दाखिल की है। उन्होंने कोर्ट से कहा कि नई व्यवस्था मनमानी व भेदभावपूर्ण है और इससे देश में कारोबारियों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।एमडीआर के खिलाफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने वित्त मंत्री को पत्र लिखकर इस फैसले से पेट्रो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 17, 2026 · 2 min · National Desk

रूस पर शिकंजा कसने वाला बिल अमेरिकी संसद से पास: भारत-चीन पर 100% तक टैरिफ का खतरा; क्या है मामला?

राष्ट्रपति को रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदने वाले तीसरे देशों पर 100 फीसदी तक शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुसार, यह प्रावधान 2025 के विधेयक में प्रस्तावित 500 फीसदी शुल्क के मुकाबले अधिक सीमित है। रूस के प्राकृतिक गैस निर्यात का 15 फीसदी से कम आयात करने वाले और रूसी ऊर्जा पर निर्भरता घटाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने वाले देशों के लिए छूट का प्रावधान है। अटलांटिक काउंसिल के अनुसार, चीन अगर रूसी तेल खरीदना जारी रखता है तो उसके सामान पर राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर 100 फीसदी तक शुल्क लगाया जा सकता है। विधेयक में रूसी सरकारी अधिकारियों, अरबपतियों, उनके परिवार के कुछ सदस्यों और रूसी वित्तीय संस्थानों को भी निशाना बनाने का प्रावधान है। ट्रंप के अनुरोध पर विधेयक में ईरान के हथियार और ऊर्जा क्षेत्रों की फंडिंग कम करने के उद्देश्य से प्रतिबंध लगाने के अधिकार को भी बढ़ाया गया है। भारत पर अभी 100 फीसदी शुल्क नहीं लगाया गया है। विधेयक राष्ट्रपति को परिस्थितियों के अनुसार ऐसा शुल्क लगाने का अधिकार देता है। विधेयक का सबसे अहम निशाना रूस का ऊर्जा क्षेत्र है। इसका मकसद रूस से तेल और गैस खरीदने वाले बड़े देशों पर आर्थिक दबाव बनाकर उसकी ऊर्जा से होने वाली कमाई घटाना है। इस कानून के तहत राष्ट्रपति को रूस से बड़ी मात्रा में तेल और गैस खरीदने वाले तीसरे देशों के सामान पर शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है। इनमें चीन और भारत जैसे देश भी प्रभावित हो सकते हैं। अमेरिकी प्रतिबंधों का घोषित उद्देश्य रूस की उन आय के स्रोतों को कम करना है, जिनसे यूक्रेन के खिलाफ 2022 से जारी युद्ध को फंड किया जा रहा है।भारत और च …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 17, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका: अफीम पर अंकुश लगाने के लिए ट्रंप ने की पीएम मोदी की तारीफ, फिर भी ड्रग सूची में भारत का नाम क्यों?

अमेरिका ने वित्त वर्ष 2027 के लिए उन देशों की सूची जारी की है, जिन्हें प्रमुख ड्रग ट्रांजिट या अवैध ड्रग उत्पादन वाले देशों के तौर पर चिन्हित किया गया है। इस सूची में भारत समेत 23 देश शामिल हैं। अमेरिकी निर्धारण को 15 सितंबर को कांग्रेस के सामने पेश किया गया। खास बात यह है कि भारत का नाम इस सूची में होने के साथ अमेरिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की अवैध अफीम की खेती रोकने तथा सप्लाई चेन की सुरक्षा मजबूत करने की कोशिशों की सराहना भी की है। भारत को लेकर अमेरिका ने क्या कहा? अमेरिकी निर्धारण में साफ किया गया है कि इस सूची में किसी देश का नाम होने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि वहां की सरकार ड्रग तस्करी रोकने में नाकाम रही है। किसी देश को भौगोलिक, कारोबारी और आर्थिक परिस्थितियों के कारण भी इस सूची में शामिल किया जा सकता है, अगर वहां से ड्रग्स या उन्हें बनाने वाले रसायनों की आवाजाही या उत्पादन की स्थिति बनती हो। इसलिए भारत का इस सूची में शामिल होना अपने आप में यह निष्कर्ष नहीं देता कि अमेरिका भारत को ड्रग नियंत्रण में विफल मानता है। अमेरिकी दस्तावेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की अवैध अफीम की खेती से निपटने और सप्लाई चेन की विश्वसनीयता मजबूत करने की कोशिशों का स्वागत किया गया है। अमेरिका ने भारत के साथ ड्रग नीति के क्षेत्र में आगे भी सहयोग जारी रखने की बात कही है। यानी सूची में भारत का नाम होने के साथ दोनों देशों के बीच नशीली दवाओं के खिलाफ सहयोग का उल्लेख भी किया गया है। अमेरिका-भारत ड्रग पॉलिसी फ्रेमवर्क के जरिए आगे सहयोग जारी रखने की बात कही गई है। चीन और पाकिस्तान का नाम भी सूची में क्यों आया? चीन और पाकिस्तान भी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 17, 2026 · 2 min · National Desk

अनंत नाग: पद्मभूषण के बाद दिग्गज अभिनेता को दादा साहब फाल्के सम्मान, 300 से ज्यादा फिल्में की; पीएम ने दी बधाई

करियर में शानदार योगदान के लिए मिलेगा सम्मान 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में अभिनेता अनंत नाग को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस समारोह का आयोजन 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में होगा। दादासाहेब फाल्के पुरस्कार चयन समिति की सिफारिश के बाद भारत सरकार ने अनंत नाग के नाम की घोषणा की है। अनंत नाग ने अपने लंबे करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं और खास तौर पर कन्नड़ सिनेमा में उनका योगदान काफी अहम रहा है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में अभिनेता अनंत नाग को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस समारोह का आयोजन 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में होगा।दादासाहेब फाल्के पुरस्कार चयन समिति की सिफारिश के बाद भारत सरकार ने अनंत नाग के नाम की घोषणा की है। अनंत नाग ने अपने लंबे करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं और खास तौर पर कन्नड़ सिनेमा में उनका योगदान काफी अहम रहा है। साल 2024 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार वरिष्ठ भारतीय कलाकार अनंत नाग को दिया जाएगा। यह सम्मान भारतीय सिनेमा में उनके शानदार योगदान और लंबे सिनेमाई सफर के लिए दिया जा रहा है। इस सम्मान को पाने के बाद पीएम मोदी ने भी उन्हें बधाई दी है। इससे पहले साल 2025 में उन्हें पद्मभूषण से भी सम्मानित किया गया था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

पीएम मोदी का 76वां जन्मदिन: शत्रुघ्न सिन्हा ने एक दिन पहले क्यों दी बधाई? बताई इसके पीछे की दिलचस्प वजह

जाने-माने अभिनेता और नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन से एक दिन पहले ही अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को अपना 76वां जन्मदिन मनाएंगे। बुधवार को शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पीएम मोदी के साथ अपनी दो पुरानी तस्वीरें साझा कीं और एक दिन पहले बधाई संदेश भेजने का कारण भी स्पष्ट किया। Wishing you in advance before it gets lost in the flood of good well wishes tomorrow. How do you like the idea Sirji? Many happy returns of the day for our friend, friend of society, hon’ble PM @narendramodi. May you be blessed with great well-being,love, happiness, peace & a… pic.twitter.com/oL57QKRQnv — Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) September 16, 2026 शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘कल मिलने वाली ढेरों शुभकामनाओं की बाढ़ में मेरी बधाई कहीं खो न जाए, इसलिए आपको समय से पहले ही बधाई दे रहा हूं। सरजी, आपको यह विचार कैसा लगा? हमारे मित्र, समाज के मित्र और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, अपार स्नेह, खुशियां, शांति और एक बहुत लंबी उम्र प्रदान करे। गॉड ब्लेस!“बता दें कि नरेंद्र मोदी मई 2014 से लगातार देश के प्रधानमंत्री पद पर कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान और बुनियादी ढांचे के विकास जैसी कई बड़ी पहलों पर खास जोर दिया गया है। हर साल उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके समर्थक और विभिन्न संगठन सार्वजनिक कार्यक्रम, जनसेवा और कल्याणकारी गतिविधियां आयोजित करते हैं।वहीं, फिल् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

यूपीआई शुल्क मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: एमडीआर के खिलाफ अदालत में याचिका दाखिल, क्या है विवाद की वजह?

यूपीआई पर एमडीआर की नई व्यवस्था क्या है? याचिका अधिवक्ता अंजन दत्ता ने अधिवक्ता आशुतोष दुबे के माध्यम से दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यक्ति से कारोबारी यानी पी2एम यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाया जाएगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा। कुछ क्षेत्रों के लिए अलग दरों का भी प्रावधान है। याचिका में भुगतान व्यवस्था की सुरक्षा और मजबूती के उद्देश्य पर सवाल नहीं उठाया गया है, बल्कि आरोप लगाया गया है कि शुल्क लगाने की पूरी प्रक्रिया और उसके आधार को पर्याप्त रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया। याचिका में 2,000 रुपये की सीमा पर क्या सवाल उठाया गया? याचिकाकर्ता ने कहा है कि नई व्यवस्था में अलग-अलग सीमा और श्रेणियां तय की गई हैं, लेकिन उनके पीछे का आंकड़ा और आधार सार्वजनिक नहीं किया गया। याचिका में 2,000 रुपये की सीमा, हर महीने 1 लाख रुपये की यूपीआई प्राप्ति वाली श्रेणी, अलग-अलग क्षेत्रों की शुल्क दर और 75,000 रुपये की अधिकतम सीमा पर सवाल उठाया गया है। याचिका के मुताबिक 2,001 रुपये के लेनदेन पर प्रतिशत के हिसाब से शुल्क लग सकता है, जबकि 2,000 रुपये के लेनदेन पर ऐसा शुल्क नहीं होगा। याचिकाकर्ता ने ऐसी अचानक बदलने वाली सीमाओं को समान स्थिति वाले कारोबारियों के साथ अलग व्यवहार का आधार बताया है। एमडीआर तय करने की प्रक्रिया पर क्या आपत्ति है? याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से क्या मांग की है? केंद्र ने एमडीआर लगाने की क्या वजह बताई? छोटे कारोबारियों और आम लोगों के लिए क्या व्यवस्था बताई गई? याचिका में आरोप लगाया गया है कि देशभर में लागू होने वाला आर्थिक बोझ पैदा करने से पहल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

मेरठ सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण LIVE: बुलडोजर कार्रवाई देख छलके आंसू, पोकलेन मशीन का विरोध, पुलिस फोर्स तैनात

02:18 PM, 16-Sep-2026 पूरी हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सौंपेगी रिपोर्ट सेंट्रल मार्केट में छह भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुबह करीब सात बजे शुरू हुई, जो दोपहर करीब 1:45 बजे तक चली। इस दौरान छहों भवनों पर अलग-अलग बुलडोजर से कार्रवाई की गई। अब आवास विकास परिषद 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान छह भवनों के ध्वस्तीकरण की रिपोर्ट सौंपेगा। आवास विकास परिषद के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह के अनुसार, ये छह भवन पूरी तरह अवैध बने हुए थे और इनका नक्शा पास नहीं था, इसलिए इन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। 02:18 PM, 16-Sep-2026 जेसीबी पड़ी छोटी तो पोर्कलेन मशीन से तोड़ा गया बिल्डिंग का हिस्सा सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छह भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। सभी भवनों पर शुरुआत में जेसीबी से कार्रवाई की गई, लेकिन जी प्लस-3 भवन का एक हिस्सा तोड़ने के लिए जेसीबी छोटी पड़ गई। इसके बाद पोर्कलेन मशीन बुलाई गई। मशक्कत के बाद मशीन के पंजे से भवन का हिस्सा तोड़ा गया। सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छह भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। सभी भवनों पर शुरुआत में जेसीबी से कार्रवाई की गई, लेकिन जी प्लस-3 भवन का एक हिस्सा तोड़ने के लिए जेसीबी छोटी पड़ गई। इसके बाद पोर्कलेन मशीन बुलाई गई। मशक्कत के बाद मशीन के पंजे से भवन का हिस्सा तोड़ा गया। 02:17 PM, 16-Sep-2026 एकटक निहारती रहीं निगाहें… बुलडोजर की कार्रवाई देख खामोश खड़ा रहा शिवम मेरठ के सेंट्रल मार्केट में छह भवनों पर प्रशासन का बुलडोजर चला। कार्रवाई के दौरान पोर्कलेन मशीन से बिल्डिंग का हिस्सा तोड़े जाने को शिवम एकटक निहारता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

गुरुग्राम हिट एंड रन केस: आरोपी कल्याण बैंसला को दो दिन की पुलिस रिमांड, राइडर सिया को मारी थी टक्कर

चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए सिया ने कहा कि उन्हें आरोपियों की गिरफ्तारी से कोई खास संतुष्टि नहीं मिली है। उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया का सिर्फ पहला हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल गिरफ्तारी से मामला पूरी तरह सुलझ नहीं जाएगा। सिया ने मांग की कि चारों लड़कों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। साथ ही उन्हें कड़ी-से-कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आगे कहा कि ऐसी सजा से एक मिसाल कायम होगी। इससे भविष्य में कोई भी लड़का किसी लड़की को परेशान करने से पहले दस बार सोचेगा। चाहे वह कार में हो या बाइक पर, उसे डर होना चाहिए। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। VIDEO | Gurugram woman biker hit and run case: Victim biker Sia says, “Look, the mistake they made was trying to stop and harass a girl in broad daylight on the road and hitting her so hard that she could have even died. I also want to say that their arrest is not something that… pic.twitter.com/zhBgvPOyBR — Press Trust of India (@PTI_News) September 16, 2026 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 1 min · National Desk

द बोनस मार्केट अपडेट: शेयर बाजार में बढ़त; शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 215 अंक चढ़ा, निफ्टी 23200 के नीचे

16 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। सुबह के कारोबार में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। बाजार खुलने के साथ ही निवेशकों में उत्साह का माहौल दिखा। सुबह 9:35 बजे सेंसेक्स 215.25 अंक (0.29 फीसदी) की बढ़त के साथ 74,219.07 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 66.91 अंक (0.29 फीसदी) चढ़कर 23,185.50 पर कारोबार कर रहा था। इस शुरुआती तेजी ने बाजार को सकारात्मक दिशा दी।कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में विशेष रूप से मजबूत रुझान देखा गया। बाजार विश्लेषकों ने इसे वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों का असर बताया। निवेशकों ने प्रमुख बड़ी कंपनियों के शेयरों में रुचि दिखाई। यह वृद्धि बाजार की मजबूत नींव को दर्शाती है।आज के शुरुआती कारोबार में कोटक बैंक और टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) शीर्ष लाभ वाले शेयरों में शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। निवेशकों ने इन शेयरों पर भरोसा जताया। यह उछाल बाजार की समग्र सकारात्मक धारणा को दर्शाता है।बाजार में इस शुरुआती तेजी के पीछे कई कारक हो सकते हैं। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर दिखा। इसके अलावा, घरेलू मोर्चे पर कुछ अनुकूल आर्थिक आंकड़े भी इस वृद्धि में सहायक रहे। निवेशकों का भरोसा बढ़ने से बाजार को मजबूती मिली। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk