अमेरिका ने वित्त वर्ष 2027 के लिए उन देशों की सूची जारी की है, जिन्हें प्रमुख ड्रग ट्रांजिट या अवैध ड्रग उत्पादन वाले देशों के तौर पर चिन्हित किया गया है। इस सूची में भारत समेत 23 देश शामिल हैं। अमेरिकी निर्धारण को 15 सितंबर को कांग्रेस के सामने पेश किया गया। खास बात यह है कि भारत का नाम इस सूची में होने के साथ अमेरिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की अवैध अफीम की खेती रोकने तथा सप्लाई चेन की सुरक्षा मजबूत करने की कोशिशों की सराहना भी की है। भारत को लेकर अमेरिका ने क्या कहा? अमेरिकी निर्धारण में साफ किया गया है कि इस सूची में किसी देश का नाम होने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि वहां की सरकार ड्रग तस्करी रोकने में नाकाम रही है। किसी देश को भौगोलिक, कारोबारी और आर्थिक परिस्थितियों के कारण भी इस सूची में शामिल किया जा सकता है, अगर वहां से ड्रग्स या उन्हें बनाने वाले रसायनों की आवाजाही या उत्पादन की स्थिति बनती हो। इसलिए भारत का इस सूची में शामिल होना अपने आप में यह निष्कर्ष नहीं देता कि अमेरिका भारत को ड्रग नियंत्रण में विफल मानता है। अमेरिकी दस्तावेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की अवैध अफीम की खेती से निपटने और सप्लाई चेन की विश्वसनीयता मजबूत करने की कोशिशों का स्वागत किया गया है। अमेरिका ने भारत के साथ ड्रग नीति के क्षेत्र में आगे भी सहयोग जारी रखने की बात कही है। यानी सूची में भारत का नाम होने के साथ दोनों देशों के बीच नशीली दवाओं के खिलाफ सहयोग का उल्लेख भी किया गया है। अमेरिका-भारत ड्रग पॉलिसी फ्रेमवर्क के जरिए आगे सहयोग जारी रखने की बात कही गई है। चीन और पाकिस्तान का नाम भी सूची में क्यों आया? चीन और पाकिस्तान भी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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