ऑपरेशन सिंदूर का एक साल: भारत के किन हथियारों से घुटनों पर आया पाकिस्तान? जानें चीनी हथियार कैसे हुए नाकाम

ऑपरेशन सिंदूर का एक साल: भारत के किन हथियारों से घुटनों पर आया पाकिस्तान? जानें चीनी हथियार कैसे हुए नाकाम और पढ़ें इसकी एक बड़ी वजह यह रही थी कि जब पाकिस्तान ने अपने आतंकी ठिकानों को बचाने के लिए भारत के खिलाफ सैन्य हमले किए तो भारत ने उसकी परमाणु हमले की गीदड़भभकी को पहचानते हुए उस पर निर्णायक हमले किए। इसके लिए भारतीय थल सेना और वायुसेना की तरफ से अत्याधुनिक और खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिन्होंने पाकिस्तान में कई किलोमीटर अंदर एक दम सटीक वार किए और पाकिस्तान को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया। इन हथियारों की चर्चा बाद में विदेशी विशेषज्ञों से लेकर अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक और मीडिया में भी हुई। भारत की तरफ से पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए 7 मई 2025 को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर को आज एक साल पूरा हो गया है। पहलगाम आतंकी हमले के का बदला लेने के लिए शुरू किया गए भारत के इस सैन्य अभियान में जब पाकिस्तान की सेना की एंट्री हुई तो ऑपरेशन सिंदूर लंबा खिंच गया। हालांकि, महज कुछ घंटों में ही पड़ोसी मुल्क को समझ में आ गया कि भारत के सामने उसकी ताकत बेहद कमजोर है और अगर यह संघर्ष कुछ और दिन चला तो उसकी तबाही स्थायी और बड़े स्तर पर हो सकती है। ऐसे में यह जानना अहम है कि भारत की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कौन-कौन से हथियारों का इस्तेमाल किया ग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk

कौन थे चंद्रनाथ रथ?: पूर्व वायुसेना कर्मी से शुभेंदु अधिकारी के भरोसेमंद सहयोगी बनने तक की पूरी कहानी

चंद्रनाथ रथ भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद राजनीतिक सहयोगियों में से एक बन गए थे। आइए जानते हैं कि कौन थे चंद्रनाथ रथ और कैसे उन्होंने वायुसेना के पूर्व कर्मी से शुभेंदु के करीबी बनने का सफर पूरा किया।41 वर्षीय रथ मूल रूप से पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदपुर के रहने वाले थे। यह वह राजनीतिक क्षेत्र था, जिसने बंगाल की राजनीति में शुभेंदु अधिकारी के उदय को आकार दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, शांत स्वभाव और चर्चाओं से दूर रहने वाले रथ, वर्षों से अधिकारी के करीबी समूह का हिस्सा होने के बावजूद बड़े पैमाने पर जमीन पर काम करते रहे।सक्रिय राजनीतिक संगठनात्मक ढांचे में आने से पहले रथ ने रहरा राम कृष्ण मिशन से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय वायुसेना में लगभग दो दशक बिताए थे। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि उन्होंने एक बार आध्यात्मिक जीवन पर विचार किया था और छात्र जीवन के दौरान रामकृष्ण मिशन के सिद्धांतों से वे काफी प्रभावित थे।वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र में थोड़े समय के लिए काम किया। इसके बाद वे धीरे-धीरे राजनीतिक समन्वय और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में आगे बढ़े। शुभेंदु अधिकारी के परिवार की तरह ही उनका परिवार भी पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा था। उनकी मां हसी रथ ने टीएमसी के कार्यकाल के दौरान पूर्वी मेदिनीपुर में एक स्थानीय पंचायत निकाय में पद संभाला था। बाद में वह 2020 में शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा में शामिल हो गईं।पारिवारिक परिचितों का कहना है कि रथ परिवार और शुभेंदु के बीच संबंध दो दशक से अधिक पुराना था, जो पूर्वी मेदिनीपुर में टीएमसी के बढ़ने के शुरुआती वर्षों से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk

अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति: सफल छात्रों से बोले राज्यसभा के उपसभापति- जो बदलाव के लिए तैयार नहीं वे अनपढ़!

अनपढ़ वे नहीं होंगे जिन्हें पढ़ना-लिखना नहीं आता, बल्कि वे होंगे जो बदलते समय में नई चीजों को नहीं सीखेंगे। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने यह बात अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति-25 के सफल विद्यार्थियों से कहीं। उन्होंने यह कहा कि जीवन में कोई शॉर्टकट नहीं होता है। इसलिए सफलता पाने के लिए मेहनत पर ही ध्यान दें। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति 2025 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हरिवंश ने अपने सरकारी आवास पर 41 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की हर जिज्ञासा को शांत किया।उपसभापति ने संबोधन की शुरुआत में बच्चों को सहज करते हुए कहा कि यह आवास मेरा नहीं सरकार का आवास है जिसका एक हिस्सा देश का नागरिक होते हुए आपका भी है। उन्होंने अमर उजाला के संस्थापक अतुल माहेश्वरी की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि अखबार के व्यवसाय में बहुत कम लोग दूरदर्शी होते हैं और उन चुनिंदा लोगों में अतुल माहेश्वरी शामिल थे।अमर उजाला अखबार सिर्फ खबरें ही नहीं देता, बल्कि समाज के लिए कई महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य भी करता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प उनकी पीढ़ी को लेना होगा। बदलते समय के साथ खुद को भी बदलना जरूरी है, तभी नई दुनिया को समझा और देखा जा सकता है। इससे पहले छात्र-छात्राओं ने दिल्ली के प्रसिद्ध स्थलों का भ्रमण भी किया, जिसमें इंडिया गेट और प्रधानमंत्री संग्रहालय शामिल रहे।हरिवंश ने अपने गांव की कहानी साझा की, मैं एक ऐसे गांव से निकला जो गंगा और घाघरा के बीच बसा था, जहां रास्ते नहीं थे। उन्होंने महिलाओं की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। उन्हो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk

Indian Railways: देश के 76 रेलवे स्टेशनों का होगा कायाकल्प, पुख्ता इंतजाम और AI तकनीक से नियंत्रित होगी भीड़

भारतीय रेलवे त्योहरों और भारी भीड़ के दौरान स्टेशनों पर होने वाली अफरा-तफरी और हादसों से बचने के लिए करेगा पुख्ता सुरक्षा प्रबंध। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने देश भर के 76 प्रमुख रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प के लिए नेक्स्ट जनरेशन सुरक्षा मॉडल अपनाने जा रहा है। इसके लिए होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के लिए विशेष एक्सपर्ट एजेंसियों की नियुक्ति की जा रही है। ये एजेंसियां एआई तकनीक और आधुनिक कंट्रोल रूम के जरिये भीड़ को नियंत्रित करेंगी। आरएलडीए ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरे देश में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए चार भौगोलिक पैकेजों में विभाजित किया है। सबसे अधिक बजट उत्तरी जाेन के लिए आवंटित किया गया है, जहां उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली जैसे राज्यों के स्टेशनों पर भारी दबाव रहता है। उत्तरी जोन पर 10.31 करोड़, पूर्वी क्षेत्र 8.12 करोड़, पश्चिमी क्षेत्र 8.91 करोड़ और दक्षिणी क्षेत्र के लिए 6.93 करोड़ खर्च होंगे। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (पीएमसी) मॉडल है। रेलवे केवल सीमेंट और कंक्रीट के ढांचे नहीं बना रहा, बल्कि विशेषज्ञ एजेंसियां नियुक्त कर रहा है जो आधुनिक तकनीक का समन्वय करेंगी।76 स्टेशनों पर एआई-आधारित सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा, जो प्रति वर्ग मीटर यात्रियों की संख्या गिनकर सीधे कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे। यदि किसी प्लेटफॉर्म पर क्षमता से अधिक भीड़ होती है तो यात्रियों को स्टेशन के बाहर बने होल्डिंग एरिया में रोक लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, पीएमसी एजेंसियां ऐसे सेंसर और वीडियो एनालिटिक्स सिस्टम का प्रस्ताव देंगी जो भीड़ के दबाव का रियल-टाइम डेटा देंगे। जैसे ही भीड़ का ग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk

वंदे मातरम के अपमान पर होगी जेल: मोदी कैबिनेट ने दी प्रस्ताव को मंजूरी, राष्ट्रगान के बराबर मिला दर्जा

मौजूदा कानून के तहत अभी तक केवल राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान के अपमान पर ही सजा का प्रावधान था। झंडे को जलाने, विकृत करने या राष्ट्रगान में जानबूझकर बाधा डालने पर तीन साल तक की जेल या जुर्माना लगाया जा सकता है। अब नए संशोधन के बाद, वंदे मातरम के साथ भी ऐसी ही हरकत करने पर समान सजा का सामना करना पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, संसद की मुहर लगते ही यह नया कानून प्रभावी हो जाएगा।पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए इसे करोड़ों भारतीयों के लिए गर्व का क्षण बताया। ठाकुर ने कहा कि वह लंबे समय से वंदे मातरम को कानूनी सुरक्षा देने की मांग कर रहे थे। उन्होंने बजट सत्र के दौरान लोकसभा में नियम 377 के तहत यह मुद्दा उठाया था। उनका मानना है कि इस कदम से हमारी सांस्कृतिक विरासत पर होने वाले जानबूझकर हमलों को रोका जा सकेगा।इसी साल जनवरी में गृह मंत्रालय ने वंदे मातरम के लिए एक विस्तृत प्रोटोकॉल भी जारी किया था। इसके अनुसार, आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम की छह पंक्तियां गाई जाएंगी, जिनकी अवधि तीन मिनट 10 सेकंड होगी। महत्वपूर्ण यह है कि किसी भी समारोह में जहां राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों होने हों, वहां वंदे मातरम पहले गाया जाएगा। राष्ट्रपति के आगमन और ध्वजारोहण जैसे मौकों पर वंदे मातरम के समय सभी को सावधान की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk

Bengal Violence: शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या, भाजपा ने टीएमसी पर लगाया आरोप

VIDEO | BJP leader Suvendu Adhikari’s personal assistant Chandranath Rath was shot at from close range by unidentified assailants in West Bengal’s North 24 Parganas district on Wednesday night, sources said. (Source: Third Party) (Full video available on… pic.twitter.com/L1QAKFI60N — Press Trust of India (@PTI_News) May 6, 2026 गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं।भाजपा ने चंद्रनाथ रथ की हत्या का आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगाया है। बताया जा रहा है कि हमले में एक अन्य शख्स भी घायल हुआ है। उसका इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक हमलावरों ने चंद्रनाथ का काफी देर तक पीछा किया। जैसे ही उनकी गाड़ी धीमी हुई, हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कार में सामने और बगल का शीशा गोलियों से चकनाचूर हो गया है। वहीं, हत्याकांड के बाद पुलिस और केंद्रीय बलों ने इलाके को घेर लिया है। हत्या की खबर फैलने के बाद भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक चिकित्सा केंद्र के बाहर जमा हो गए और अपना गुस्सा जाहिर किया।बताया जा रहा है कि चंद्रनाथ रथ मूल रूप से पूर्व मेदिनीपुर के चंडीपुर के निवासी थे, लेकिन पिछले कुछ समय से मध्यग्राम में रह रहे थे। सूत्रों के मुताबिक वे लंबे समय से शुभेंदु अधिकारी के कई अहम कामकाज की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।भाजपा सूत्रों के मुताबिक, भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव के दौरान शुभेंदु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 7, 2026 · 2 min · National Desk

वंदे मातरम के अपमान पर होगी जेल: मोदी कैबिनेट ने दी प्रस्ताव को मंजूरी, राष्ट्रगान के बराबर मिला दर्जा

मौजूदा कानून के तहत अभी तक केवल राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान के अपमान पर ही सजा का प्रावधान था। झंडे को जलाने, विकृत करने या राष्ट्रगान में जानबूझकर बाधा डालने पर तीन साल तक की जेल या जुर्माना लगाया जा सकता है। अब नए संशोधन के बाद, वंदे मातरम के साथ भी ऐसी ही हरकत करने पर समान सजा का सामना करना पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, संसद की मुहर लगते ही यह नया कानून प्रभावी हो जाएगा।पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए इसे करोड़ों भारतीयों के लिए गर्व का क्षण बताया। ठाकुर ने कहा कि वह लंबे समय से वंदे मातरम को कानूनी सुरक्षा देने की मांग कर रहे थे। उन्होंने बजट सत्र के दौरान लोकसभा में नियम 377 के तहत यह मुद्दा उठाया था। उनका मानना है कि इस कदम से हमारी सांस्कृतिक विरासत पर होने वाले जानबूझकर हमलों को रोका जा सकेगा।इसी साल जनवरी में गृह मंत्रालय ने वंदे मातरम के लिए एक विस्तृत प्रोटोकॉल भी जारी किया था। इसके अनुसार, आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम की छह पंक्तियां गाई जाएंगी, जिनकी अवधि तीन मिनट 10 सेकंड होगी। महत्वपूर्ण यह है कि किसी भी समारोह में जहां राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों होने हों, वहां वंदे मातरम पहले गाया जाएगा। राष्ट्रपति के आगमन और ध्वजारोहण जैसे मौकों पर वंदे मातरम के समय सभी को सावधान की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 6, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal Violence: शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या, भाजपा ने टीएमसी पर लगाया आरोप

भाजपा ने चंद्रनाथ रथ की हत्या का आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रथ को निशाना बनाकर कई गोलियां चलाई गईं। हमलावर मोटरसाइकिल पर आए। जब चंद्रनाथ अपनी कार में बैठे थे, तब उन पर गोलियां चलाई गईं।पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद भड़की हिंसा में और दो लोगों की हत्या कर दी गई। पुलिस ने हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ और मारपीट से जुड़े मामलों में करीब 200 केस दर्ज किए हैं, जबकि 433 लोगों को गिरफ्तार किया है। 1,100 से अधिक लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने हिंसा भड़काने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।हिंसा करने वालों की हो तुरंत गिरफ्तारी : सीईसी ज्ञानेश कुमार ने हिंसा एवं तोड़फोड़ करने वालों को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं। सीईसी ने राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, कोलकाता पुलिस आयुक्त और केंद्रीय सुरक्षा बलों के डीजी, सभी जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों को निरंतर गश्त पर रहने के आदेश दिए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 6, 2026 · 1 min · National Desk

हार के बाद भी अडिग ममता: इस्तीफे से फिर किया इनकार, बोलीं- हटाना है तो हटा दें; बंगाल में बढ़ा सियासी पारा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी, अगर किसी को हटाना है तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाए। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव निष्पक्ष नहीं था और उनके कई उम्मीदवारों को जबरन हराया गया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि 1500 से अधिक टीएमसी कार्यालयों पर कब्जा कर लिया गया। ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे चुनाव नहीं, बल्कि अत्याचार बताया। उन्होंने राज्य पुलिस, केंद्रीय बलों और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि इन संस्थाओं ने निष्पक्ष तरीके से काम नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल चुनाव के बाद INDIA गठबंधन में एकजुटता और मजबूत हुई है। ममता ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे संघर्ष जारी रखें और विधानसभा के पहले दिन काले कपड़े पहनकर विरोध दर्ज कराएं। विश्वासघात करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी ममता बनर्जी ने अपने भाषण में कहा कि वह इस हार को अंतिम नहीं मानतीं और आगे भी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी के भीतर जो लोग विश्वासघात करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ और उन्हें धक्का दिया गया, जिससे उनकी तबीयत भी खराब हो गई। भाजपा की ऐतिहासिक जीत, 207 सीटों पर कब्जा वहीं दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 6, 2026 · 2 min · National Desk

'बात मानो, नहीं तो बरसेंगे बम': संघर्ष विराम के बीच ट्रंप की ईरान को धमकी, होर्मुज खोलने के लिए रखी नई शर्त

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा संकेत देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अगर ईरान तय शर्तों को मान लेता है, तो अमेरिका का सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ खत्म किया जा सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य में लगा सैन्य प्रतिबंध भी हटाया जा सकता है। ट्रंप ने यह बयान अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दिया। उन्होंने कहा कि यदि तेहरान पहले से तय शर्तों को स्वीकार करता है, तो संघर्ष समाप्त हो सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खोल दिया जाएगा, जिसमें ईरान भी शामिल होगा।हालांकि ट्रंप ने साथ ही ईरान को कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझौते पर सहमत नहीं होता है, तो अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई और तेज और अधिक गंभीर स्तर पर की जाएगी। ट्रंप ने साफ कहा ‘अगर वे सहमत नहीं होते, तो बमबारी शुरू होगी और यह पहले से कहीं ज्यादा तीव्र और बड़े स्तर पर होगी।‘यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार व्हाइट हाउस ईरान के साथ एक संभावित समझौते के बेहद करीब है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रस्ताव 14 बिंदुओं पर आधारित है और अगले 48 घंटे में ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रस्ताव में 30 दिन की वार्ता अवधि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक और अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्दे शामिल हैं। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर भी सहमति बनाने की कोशिश चल रही है। प्रस्ताव में ईरान के यूरेनियम संवर्धन को लंबे समय तक रोकने की बात कही गई है, जबकि ईरान सीमित अवधि के लिए इसे रोकने पर सहमत बताया जा रहा है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र निरीक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 6, 2026 · 2 min · National Desk